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04-03-2021
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बुजुर्ग लोगों को भर्ती करने और उपचार में निजी अस्पताल दे प्राथमिकता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान सरकारी चिकित्सा संस्थानों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बुजुर्ग लोगों को भर्ती करने और उपचार में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जस्टिस अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी की पीठ ने अपने 4 अगस्त 2020 के आदेश में परिवर्तन करते हुए यह कहा। उस आदेश में शीर्ष न्यायालय ने कोरोना वायरस के जोखिम को देखते हुए बुजुर्ग लोगों को भर्ती एवं उपचार में प्राथमिकता देने का निर्देश केवल सरकारी अस्पतालों को दिया था। पीठ ने याचिकाकर्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार की इस दलील पर गौर किया कि ओडिशा और पंजाब के अलावा किसी भी अन्य राज्य ने शीर्ष अदालत के पहले जारी निर्देशों के अनुपालन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी नहीं दी है।


न्यायालय ने बुजुर्ग लोगों को राहत प्रदान करने से संबंधित कुमार के नए सुझावों पर जवाब देने के लिए सभी राज्यों को तीन हफ्ते का समय दिया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के लिए राज्यों को नई मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने की जरूरत है।

कुमार ने याचिका दायर कर न्यायालय से अनुरोध किया था कि महामारी काल में बुजुर्ग लोगों को अधिक देखभाल एवं सुरक्षा की जरूरत है अत: इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने पिछले साल ये निर्देश दिए थे कि सभी उपयुक्त पात्रता वाले बुजुर्गों को समय पर पेशन दिया जाना चाहिए और राज्य को इनके लिए जरूरी दवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क, सैनेटाइजर और अन्य जरूरी चीजें भी मुहैया कराई जानी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा था कि महामारी को देखते हुए बुजुर्ग लोगों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के मामले में प्राथमिकता देनी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई शिकायत बुजुर्गों की ओर से आती है तो अस्पतालों को तत्काल इन्हें दूर करने की जरूरत है।

 

01-03-2021
कोविड टीके के लिए 5 निजी अस्पताल भी चिन्हांकित

दुर्ग। जिले में वरिष्ठ (60 वर्ष के व्यक्तियों) नागरिकों व चिन्हांकित (20 मरीज बीमारियों से ग्रसित 45 से 59  के मध्य को को मॉर्बिड) व्यक्तियों का कोविड-19 टीकाकरण प्रारंभ किया जा रहा है। इन लाभार्थियों को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाएं (मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वैलनेस केंद्र तथा उप स्वास्थ्य केंद्र) अथवा पीएमजेएवाय/सीजीएचएस निजी अस्पताल में सेवा प्रदाय किया जाएगा। ऐसे निजी संस्था संस्था है,जो कोविड-19 टीकाकरण सेंटर के रूप में कार्य करेंगे, उन्हें कोविड-19 टीकाकरण के समस्त दिशा निर्देशों का पालन करना होगा तथा टीकाकरण के दौरान गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित कोविड-19 टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को (कोविन 2.0) का उपयोग करते हुए कोविड-19 टीकाकरण किया जाना होगा। निजी अस्पतालों में टीकाकरण सत्र आयोजन के लिए कोविड-19 टीकाकरण स्थल में दिशा निर्देश के अनुसार निजी अस्पताल में पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो, कोविड-19 के संधारण के लिए आवश्यक कोल्ड चेन उपकरण उपलब्ध हो, अस्पताल में वाक्सिनतेर तथा वैक्सीनेशन टीम उपलब्ध हो,  टीकाकरण पश्चात ए.ई.एफ.आई के प्रकरणों के आवश्यक उपचार के लिए सुविधा उपलब्ध हो।

निजी अस्पतालों में उक्त सुविधाओं का वेरिफिकेशन जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा तथा निकटतम कोल्ड पॉइंट सुनिश्चित किया जाएगा। जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा निजी संस्थाएं को  कोविड वैक्सीनशन सेन्टर प्रबंधक के लिए आईडी व पासवर्ड क्रिएट किया जाएगा।  इसी प्रकार कोविड वैक्सीनशन सेन्टर प्रबंधक द्वारा वैक्सीनेटर व वेरिफायर के लिए आईडी व पासवर्ड क्रिएट किया जाएगा। लाभार्थियों को टीकाकरण स्थल पर निम्न में से कोई एक पहचान पत्र लाना आवश्यक होगा,जिसमें आधार कार्ड, इलेक्ट्रोल फोटो आईडेंटिटी कार्ड(एपिक), पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड एनपीआर कार्ड, पेंशन दस्तावेज फोटो सहित होना आवश्यक है। 45 से 59 वर्ष के मध्य वाले को मॉर्बिड लाभार्थियों को एमसीआई रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी प्रमाण पत्र को कोविन 2 में अद्यतन करना होगा अथवा प्रमाण पत्र की हार्ड कॉपी टीकाकरण स्थल  पर उपलब्ध कराना होगा। लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए 3 प्रक्रियाएं हैं जिसमें


1. स्व-पंजीकरण- लाभार्थियों द्वारा 1 मार्च से कोविन 2  अथवा आरोग्य सेतु एप के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के लिए स्व पंजीकरण कराया जा सकता है। पोर्टल या  ऐप में सरकारी तथा निजी अस्पताल कोविड वैक्सीनशन सेन्टर प्रदर्शित होंगे साथ ही टीकाकरण के लिए उपलब्ध प्लॉट (तिथि व समय)भी प्रदर्शित होंगे। लाभार्थी अपनी सुविधानुसार कोविड-19 टीकाकरण के लिए कोविड-19 सेंटर तिथि व समय का चयन कर सकते हैं।
2. सत्र स्थल पर पंजीयन- लाभार्थी कोविड-19 टीकाकरण स्थल पर जाकर वॉक इन रजिस्ट्रेशन कर कोविड-19 टीकाकरण करा सकते हैं।
3. फैसिलिटेट कोहर्ट पंजीयन- जिलों द्वारा लक्षित लाभार्थियों को मितानिन, नगरी निकाय, पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधि व महिला स्व सहायता समूह द्वारा सत्र स्थल पर मोबिलाइज किया जाएगा।
कोविड-19 टीकाकरण पश्चात समस्त लाभार्थियों को कोविन 2 पर डिजिटल क्यूआर कोड आधारित प्रोविजनल फाइनल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाण पत्र एसएसएम एस द्वारा प्राप्त लिंग से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

शासकीय अस्पतालों में कोविड-19 टीकाकरण बिना किसी शुल्क से किया जाएगा परंतु निजी अस्पतालों में अधिकतम 100 रुपये सर्विस शुल्क तथा राशि 150 रुपये वैक्सीनेशन के लिए। इस प्रकार कुल 250 रुपए प्रति लाभार्थी प्रति डोज लिया जाएगा । यह लाभार्थी द्वारा देय होगा। निजी अस्पतालों को 150 रुपए राशि प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी कोविड-19 के खाते में प्रदाय करना होगा जिसके पश्चात ही निजी अस्पतालों को वैक्सीन प्रदाय किया जाएगा। जिले के कुल 5 हॉस्पिटल स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई, सनशाइन हॉस्पिटल भिलाई, चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल नेहरू नगर भिलाई , एसआर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर चीखली दुर्ग, मित्तल भिलाई हॉस्पिटल, पीएमजेए वाय इंपैनल्ड निजी अस्पताल में उक्त लाभार्थियों हेतु कोविड-19 टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जाएगा। समस्त मेडिकल कॉलेज/ जिला चिकित्सालय में लाभार्थियों के लिए पृथक कोविड-19 टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जाएगा। जिले के 01 ऐसे स्वास्थ्य संस्था जहां पूर्व में कोविड-19 सत्र का आयोजन नहीं किया गया हो।

उक्त लाभार्थियों के लिए कोविड-19 वैक्सीनेशन सत्र का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोहका में किया जाएगा। समस्त जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में जहां वर्तमान में कोविड-19 टीकाकरण किया जा रहा है। वहां स्वास्थ्य तथा अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता के टीकाकरण के पश्चात में वरिष्ठ नागरिकों को तथा 45 से 59  वर्ष के मध्य को मॉर्बिड को कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। जिले में वृद्धा आश्रम पुलगांव एवं भिलाई  एवम दुर्ग नगर निगम में सदन में मोबिलाइज किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में केवल ऑनलाइन पंजीकरण ( सौ प्रतिशत ओपन स्लॉट) व शासकीय अस्पतालों में केवल सत्र स्थल पंजीकरणध् फैसिलिटेट कोहॉट पंजीकरण (100 प्रतिशत स्लॉट) में किया जाएगा।

01-03-2021
प्यार को परखने यह कपल आपस में हथकड़ी लगाकर बिता रहे थे जिंदगी, महिला हुई अस्पताल में भर्ती

रायपुर। यूक्रेन के एक कपल एलेक्जेंडर और विक्टोरिया ने अपने आपसी प्यार को परखने के वेलेंटाइंस डे के दिन से एक अनोखा प्रयोग शुरू किया था। इस प्रयोग के लिए वे एक-दूसरे के साथ हथकड़ी से बंध चुके थे। जानकारी के अनुसार, अब इस प्रयोग के साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। दरअसल, चौबीसों घंटे हथकड़ी से बंधे रहने के कारण विक्टोरिया के हाथ में जख्म हो चुके हैं। इस परेशानी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये कपल अपने प्रयोग को जारी रखेंगे की नहीं।

 

01-03-2021
मॉर्निंग वाक पर निकले अधेड़ को तेज रफ्तार बाइक ने मारी ठक्कर, मौके पर मौत

कुरूद। मॉर्निंग वाक पर निकले एक अधेड़ को तेज रफ्तार बाइक ने ठक्कर मार दी। इससे अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार भी घायल हो गया है। दुर्घटना भखारा थाना क्षेत्र के भेंडरवानी रोड में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार भेंडरवानी-चिरपोटी रोड में भेंडरवानी के रहने वाले 55 वर्षीय चोवाराम पटेल मॉर्निंग वाक पर निकले थे। तभी पीछे से चोवाराम को एक बाइक सवार ने ठोकर मार दी। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बाइक सवार भी घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए गुजरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार धनीराम ध्रुव हंकारा से सामाजिक बैठक से सुबह 5 बजे अपने घर खम्हरिया वापस जा रहा था। सूचना मिलते ही भखारा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कुरूद अस्पताल भेज दिया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

दीपक साहू की रिपोर्ट

28-02-2021
सरकारी अस्पतालों में कोरोना का टीका मुफ्त, प्राइवेट में चुकानी पड़ेगी इतनी कीमत

नई दिल्ली/रायपुर। केंद्र सरकार के निदेश के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में कोरोना का टीका मुफ्त में लगाया जाएगा। वहीं निजी केंद्रों पर इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। 1 मार्च से निजी अस्पताल कोरोना के टीके की एक डोज के लिए अधिकतम 250 रुपए देने होंगे। 28 दिनों के अंतराल में लगने वालीं कुल दो डोज की कीमत 500 रुपए होगी। इसमें सभी तरह के टैक्स भी शामिल होंगे। कोरोनाे के टीकाकरण के लिए 250 रुपए की अधिकतम सीमा तय की गई है। इसमें 150 रुपया टीके की कीमत है और 100 रुपए सर्विस चार्ज के तौर पर वसूलने की अनुमति होगी। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। देश में इस समय 10,000 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत पैनल में हैं। वहीं 687 प्राइवेट अस्पताल सीजीएचएस के पैनल में हैं।

27-02-2021
जवाहरलाल नेहरु अस्पताल व अनुसंधान केन्द्र तथा बीएसपी के अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों के ओपीडी में समय रहेगा पूर्ववत

भिलाई। सेल-भिलाई संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय जवाहर लाल नेहरू अस्पताल व अनुसंधान  केन्द्र तथा बीएसपी के अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों के ओपीडी खुलने के समय को पुन: बहाल कर दिया गया है। विदित हो कि कोविड-19 महामारी के चलते बीएसपी अपस्तालों के समय में परिवर्तन किया गया था। इसे आज चीफ मेडिकल आफिसर डॉ.प्रमोद बिनायके द्वारा जारी प्रपत्र के अनुसार मुख्य चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों के ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के समय को 1 मार्च 2021 से पूर्ववत् कर दिया गया है। इस निर्णय से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में मदद मिलेगी। जेएलएन अस्पताल की ओपीडी टाइमिंग्स जवाहर लाल नेहरू अस्पताल  व अनुसंधान केन्द्र में 1 मार्च 2021 से सोमवार से शुक्रवार (बुधवार को छोड़कर) ओपीडी प्रतिदिन प्रात: 8 से दोपहर 1.30 बजे तक तथा शाम को 4 से शाम 6.30 तक खुली रहेगी।

इसी प्रकार बुधवार एवं शनिवार को ओपीडी प्रात: 8 से दोपहर 1.30 बजे तक खुली रहेगी। अन्य स्वास्थ्य केन्द्र व एनओएचएस केन्द्र भी पूर्ववत् खुलेंगे। बीएसपी के सभी स्वास्थ्य केन्द्र तथा नेशनल आक्यूपेशनल हेल्थ सर्विस सेंटर (एनओएचएससी) के समय को पुन: बहाल किया गया है। अब ये सभी स्वास्थ्य केन्द्र प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5.30 बजे तक खुली रहेगी। इसी प्रकार बुधवार को ओपीडी सुबह 9 से शाम 4 बजे तक खुली रहेगी। सेल-बीएसपी  के मुख्य चिकित्सालय में दिखाने के लिए आनलाइन एपॉइंटमेंटस को भी पूर्व की तरह सामान्य कर दिया गया है। अब मरीज व उनके परिजन पूर्व की तरह आनलाइन एपॉइंटमेंट ले सकेंगे। 

27-02-2021
धमतरी जिले में शुक्रवार को मिले 10 संक्रमित, 7 हुए स्वस्थ

धमतरी। जिले में शुक्रवार को 10 कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान हुई है। शुक्रवार को मिले संक्रमितों में से नगरी से 7, धमतरी शहर से 2 और मगरलोड से 1 संक्रमित मरीज मिले हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि शुक्रवार को धमतरी जिले से 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान हुई है। जिले में अब तक कोरोना मृतकों की संख्या 132 हो चुकी है। जिले में आज धमतरी शहर के हटकेशर से 1, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से 1, नगरी ब्लॉक के सांकरा से 3, नरहरपुर से 1, नगरी से 1, दुगली से 1 और मगरलोड से 1 संक्रमित मरीज की पहचान हुई है।

जिले में अब तक मिले कुल संक्रमितों की संख्या 8089 हो चुकी है, जिसमें से एक्टिव केस की संख्या 74 है। धमतरी कोविड-19 अस्पताल में 0, कोविड-19 केयर सेंटर कुरूद में 0 और कोविड-19 केयर सेंटर नगरी में 0 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वही 7 लोगों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। कुल 8083 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

26-02-2021
अस्पताल पहुंचने में अब नहीं होगी देर,सांसद सुनील सोनी ने एम्स-सरोना स्टेशन के बीच सड़क का किया लोकार्पण

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और सरोना स्टेशन के बीच सड़क और एम्स के गेट नंबर छह का लोकार्पण रायपुर के सांसद सुनील सोनी ने गुरुवार को किया। सड़क और गेट के बन जाने से अब रोगियों और परिजनों को एम्स पहुंचने के लिए टाटीबंध से घूमकर तीन किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। लगभग 250 मीटर की दूरी तय कर वे एम्स पहुंच सकेंगे। सांसद सोनी ने ई-रिक्शा के माध्यम से रोगियों को राहत प्रदान करने और 1.5 करोड़ रुपए से स्टेशन का पुनरुद्धार करने की भी घोषणा की। स्टेशन का नाम एम्स-सरोना करने का प्रस्ताव भी है।

सांसद सोनी ने एम्स के गेट नंबर छह का लोकार्पण करने के बाद कहा कि अभी तक रोगियों को टाटीबंध से आने में अधिक दूरी, समय और खर्चा करना पड़ रहा था। अब लगभग 22 लोकल ट्रेन के माध्यम से रोगी और उनके परिजन सरोना स्टेशन पर उतरकर मात्र 250 मीटर की दूरी तय कर एम्स पहुंच सकेंगे। एम्स के गेट नंबर छह के बन जाने से भी सभी को राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपए की योजना है। इसके लिए उन्होंने रेलवे अधिकारियों से बात कर ली है। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से स्टेशन से एम्स के बीच ई-रिक्शा चलाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। इससे रोगियों और उनके परिजनों को आने में दिक्कत न हो। उन्होंने राज्य सरकार को स्टेशन का नाम एम्स-सरोना स्टेशन करने के लिए भी प्रस्ताव दिया है। इससे बाहर के रोगियों को स्टेशन के बारे में जानकारी मिल सके। सांसद सोनी ने सड़क और गेट के निर्माण के लिए एम्स, रायपुर नगर पालिक निगम और रेलवे को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कोविड के उपचार में एम्स के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह निरंतर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन के संपर्क में हैं। शीघ्र ही एम्स को अत्याधुनिक तकनीक की और अधिक मशीनें मिल सकती हैं। एम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने सांसद सोनी को गेट नंबर छह का निर्माण करने का सुझाव देने और इसे मूर्त रूप देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ओपीडी और आईपीडी के लिए प्रतिदिन औसतन 1500 रोगी एम्स पहुंचते हैं जिनमें बड़ी संख्या बाहर के रोगियों की होती है। स्टेशन से लिंक रोड खुल जाने के बाद अब इन रोगियों को कम खर्च और कम समय में एम्स पहुंचने में आसानी हो जाएगी। सभा को विधायक विकास उपाध्याय ने मोबाइल के माध्यम से संबोधित करते हुए इस सुविधा को रोगियों और उनके परिजनों के लिए लाभदायक बताया।

25-02-2021
धमतरी जिले में आज मिले 6 संक्रमित, 2 हुए स्वस्थ

धमतरी। जिले में आज 6 कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान हुई है। आज मिले संक्रमितों में से धमतरी ग्रामीण से 0, कुरूद ब्लाक से 3 , नगरी से 1, धमतरी शहर से 1 और मगरलोड से 1 संक्रमित मरीज मिले हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डीके तुर्रे ने बताया कि गुरुवार को धमतरी जिले से 6 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान हुई हैं। जिले में अब तक कोरोना मृतकों की संख्या 132 हो चुकी है। 
जिले में आज धमतरी शहर के आमातालाब रोड से 1, कुरुद ब्लॉक के चरोटा से 2 , गड़ाडीह से 1 , नगरी ब्लॉक से 1 और मगरलोड ब्लॉक के खैरझिटी से 1 संक्रमित मरीज की पहचान हुई है। जिले में अब तक मिले कुल संक्रमितों की संख्या 8079 हो चुकी है,जिसमें से एक्टिव केस की संख्या 71 है। धमतरी कोविड-19 अस्पताल में 0, कोविड-19 केयर सेंटर कुरूद में 0 और कोविड-19 केयर सेंटर नगरी में 0 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वही आज 2 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है,कुल 8076 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

24-02-2021
उन्नाव केस में तीसरी लड़की ने मजिस्ट्रेट और पुलिस को दिया बयान, जानिए क्या कहा...

उन्नाव/रायपुर। यूपी के उन्नाव जिले के असोहा क्षेत्र में पिछले दिनों हुई दर्दनाक घटना में बची लड़की ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया कि कानपुर के एक अस्पताल में इलाज करा रही लड़की ने सुबह पुलिस और शाम को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराई है। लड़की ने बयान में कहा है कि मामले में गिरफ्तार किया गया विनय और उसका साथी घटना वाले दिन खेत पर आए थे। उस वक्त वह और बाकी दोनों लड़कियां चारा काट रही थीं। इसी दौरान विनय ने उन्हें नमकीन खाने को दिया था, लेकिन लड़कियों ने मना कर दिया था। इसके बाद विनय ने उन्हें पानी की बोतल दी। पानी पीने के बाद वे बेहोश हो गईं। कुलकर्णी के मुताबिक बयान में लड़की ने यह भी बताया है कि अभियुक्तों ने किसी भी तरह की छेड़खानी या यौन उत्पीड़न नहीं किया। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया कि कानपुर के एक अस्पताल में इलाज करा रही लड़की ने सुबह पुलिस और शाम को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए।

23-02-2021
जिला अस्पताल में नए मेजर ओटी का शुभारंभ, हुए 4 आपरेशन

दुर्ग । जिला अस्पताल में नए मेजर ओटी का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। शुभारंभ के तुरंत बाद  4 आपरेशन भी इस ओटी में हुए। पहली सर्जरी 19 वर्षीय युवती की हुई, इसके बाद 3 केस सफलतापूर्वक किए गए। यह सर्जरी डाॅ.सरिता मिंज ने की। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह कलेक्टर डाॅ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिला अस्पताल में नए मेजर ओटी को आरंभ किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे,जिसके परिपालन में आज इसका शुभारंभ किया गया। ओटी सर्जरी की सभी जरूरतों के मुताबिक तैयार की गई है तथा सर्जरी के प्रोटोकाल के मुताबिक सभी सुविधाएं इस मेजर ओटी में उपलब्ध है। ओटी का उद्घाटन सिविल सर्जन डाॅ.पी.बालकिशोर ने किया। इस मेजर ओटी में जनरल सर्जरी के साथ ही आर्थोपैडिक से जुड़ी सर्जरी भी होगी। इस अवसर पर डाॅ. अखिलेश यादव आरएमओ, डाॅ.संजय बालवान्द्रे निश्चेतना विशेषज्ञ, डाॅ.बीआर साहू, डाॅ.ममता पाण्डेय स्त्री रोग विशेषज्ञ, डाॅ.आरके नायक, डाॅ.स्वामीदेव भूपेन्द्र अस्थि रोग विशेषज्ञ,दिलीप ठाकुर जेडीएस सदस्य, अरूण पवार हाॅस्पिटल कंसलटेंट,जीपी उपाध्याय, मेट्रन एल.खान,शोभना कुमार ओटी इंचार्ज, सिस्टर शाइनी चेरियन स्टाफ नर्स, प्रहलाद नायक एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

 

19-02-2021
अस्पताल के स्टाफ ने दर्द महसूस नहीं किया गर्भवती महिला का,मजबूर महिला ने वही पार्क में दिया दो बच्चों को जन्म

रायपुर/लुधियाना। पंजाब के लुधियाना स्थित सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के लेबर रूम स्टाफ ने संवेदनहीनता की हद पार कर दी। गुरुवार को प्रसव पीड़ा से तड़पती हुई एक गर्भवती महिला अस्पताल पहुंची, लेकिन स्टाफ को उसका दर्द महसूस नहीं हुआ और महिला ने अस्पताल परिसर के पार्क में ही दो शिशुओं को जन्म दे दिया। बच्चों को जन्म देने के बाद महिला ने बताया कि वो नियमित जांच के लिए अस्पताल आई थी। जांच के बाद अस्पताल ने एम्बुलेंस बुलाई। मैं अपने पति की तलाश में पार्क में बैठने गई, जहां दर्द हुआ और मैंने बच्चों को जन्म दे दिया। महिला का कहना है कि उसको अस्पताल की ओर से दवाइयां तो दी गईं, लेकिन प्रसव में मदद करने के लिए कोई भी डॉक्टर नहीं आया।

 

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