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19-09-2020
कोरोना के मरीजों की सेवा में दिन रात लगे स्वास्थ्यकर्मी हर पल उनका हौसला बढ़ाते हैं

रायपुर। अस्पतालों में परिवार से दूर रह रहे कोरोना मरीजों का पूरा ध्यान अस्पताल कर्मचारी रख रहे है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में ऐसे बहुत से लोग हैं,जो अस्पताल प्रशासन की ओर से सौंपे गए दायित्वों को पूर्ण करने के साथ ही वहां इलाज करा रहे मरीजों की हौसला अफजाई और मनोबल बढ़ाने का भी काम कर रहे हैं। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को कोरोना मुक्त करने में डॉक्टरों और नर्सों के साथ वहां का पूरा अमला लगा हुआ है। अपने कार्यालयीन दायित्वों के साथ ही वे हर स्तर पर मरीजों की सहायता कर रहे हैं। चाहे उनकी जरूरत का समान उन तक पहुंचाना हो, उनकी सेहत का हाल-चाल जानना हो, वक्त पर उनके खाने-पीने की व्यवस्था को अंजाम देना हो या कोरोना से परेशान होकर हौसला खो रहे मरीजों का मनोबल बढ़ाना हो, वे हर जरूरत पर वहां मौजूद हैं।

पिछले कुछ महीनों से माना कोविड अस्पताल में काम कर रहे चंद्रशेखर कहते हैं कि यहां मरीजों की मदद कर संतोष महसूस होता है। अस्पताल से दिए गए काम को पूरा करने के साथ ही वे जब किसी मरीज को निराश, हताश या हौसला खोते हुए देखते हैं, तो वे अपनी बातों से उनका मनोबल बढ़ाते हैं। वे कहते हैं, “पहले मुझे भी यहां डर लगता था। लेकिन अब नहीं लगता है। बीमारी और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है। हमारी बातों से किसी का मनोबल बढ़ता है, चिंता दूर होती है या मरीज के मन में सब कुछ ठीक हो जाने का भरोसा जगता है, तो इससे संतुष्टि मिलती है।

19-09-2020
संपत्ति विवाद में दो भाई आपस में भिड़े, बड़े भाई ने छोटे पर चढ़ाई कार...

रायपुर। संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों में आपस में विवाद हो गया। गुस्से में बड़े भाई ने छोटे भाई को कार से कुचल दिया। इस घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस ने आरोपी बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सरोरा थाना क्षेत्र का है। सरोरा में टाइल्स की फैक्ट्री का संचालन करने वाले योगेश अग्रवाल और उनके भाई के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि योगेश अग्रवाल ने अपने छोटे भाई पर कार चढ़ा दी। इस घटना में योगेश अग्रवाल का छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है।

17-09-2020
जानकारी छुपाने के मामले में दो कोरोना संक्रमितों पर एफआईआर दर्ज

रायपुर। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भी लापरवाही पूर्वक सड़कों में घुम रहे दो लोगों के खिलाफ नगर निगम की ओर से डीडी नगर थाने में की गई शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज किया गया है। दोनों की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार डीडी नगर थाना क्षेत्र का है जहां नगर निगम जोन पांच के कर्मचारी संजय कुमार बघेल ने क्षेत्र के ही रहने वालेे आशीष शर्मा और ओंकार देवांगन नामक लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन को गलत जानकारी देकर दोनों ही अस्पताल जाने से बच रहे हैं। इन दोनों लोगों पर आरोप है कि इन्होंने प्रशासन को गुमराह किया और छुपते रहे।

इससे दूसरों को भी संक्रमण फैलने का खतरा है। दोनों को नगर निगम की तरफ से कहा गया कि निरंतर संक्रमितों से संपर्क कर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होने कहा गया लेकिन इन्होंने अपना पता छिपाकर मोबाइल फोन पर झूठी जानकारी देकर गुमराह किया। इनमें से एक आशीष तो दुर्ग तक घुम कर आ गया। ओंकार देवांगन को भी जब टीम लेने पहुंची तो वह घर पर नहीं मिला। अब इनकी तलाश और परिवार के लोगों से संपर्क किया जा रहा है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। लेकिन दोनों का ही अभी तक कुछ पता नहीं चला है। ऐसे में डर है कि दोनों ही पॉजिटिव मरीजों ने कितने लोगों को संक्रमित कर दिया होगा। फिलहाल पुलिस के साथ नगर निगम की टीम भी दोनों की तलाश में लगी है।

16-09-2020
दोस्त का इलाज कराने गए युवकों ने डॉक्टर से किया मारपीट, मामला दर्ज 

रायपुर। अस्पताल में दोस्त का इलाज कराने गए युवकों को डॉक्टर ने मास्क लगाने की बात कहने पर विवाद कर मारपीट करने की रिपोर्ट डीडीनगर थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विनोभावेनगर कुशालपुर पुरानी बस्ती निवासी अभिनय उपाध्याय ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि प्रार्थी ओम अस्पताल रायपुरा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। 15 सितंबर को रात करीब 8.45 बजे वेद साहू एवं आदित्य देवागंन ने अपने दोस्त का हाथ का इलाज कराने अस्पताल आये हुए थे। मास्क लगाने बोलने पर दोनों युवक गाली-गलौज कर हाथ-मुक्का से मारने लगे। प्रार्थी के द्वारा कोविड अस्पताल है यहां कोविड मरीज है कहने के बावजूद भी वे मास्क के बिना अस्पताल में घुुसे व मारपीट किए। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।

16-09-2020
भाजपा नेता मनोज प्रजापति का निधन, भाजपा आगामी तीन दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं करेगी

रायपुर। भाजपा नेता मनोज प्रजापति ​का निधन हो गया। भाजपा ने आने वाले 3 दिनों के सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। बता दें कि मनोज प्रजापति रायपुर के शंकर नगर इलाके से पार्षद रहे और वर्तमान जिला भाजपा उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वे कोरोना संक्रमित होने के बाद एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे। मंगलवार देर शाम उनकी मौत की खबर आई। इसके बाद शोक श्रद्धांजलि से पूरा सोशल मीडिया भर गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

14-09-2020
प्रदेश में कोरोना से फिर एक वॉरियर डॉक्टर की मौत,मेकाहारा के अधीक्षक और माता-पिता भी अस्पताल में भर्ती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर जमकर जारी है। विगत दिनों से कोरोना पॉजिटिव केस और मौत के ग्राफ में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में रविवार की स्थिति में 31505 लोग कोरोना से बीमार है। 555 मरीजों की मौत हो चुकी है। रविवार जरुर राहत भरा रहा क्योकि एक ही दिन में 3953 लोग स्वस्थ हुए। प्रदेश में स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या जरूर एक्टिव केस से आगे निकल गई है, लेकिन रोजाना सामने आ रहे 2 हजार से अधिक नए केस और मौत के आंकड़े चिंता का विषय है।
इधर सोमवार को राजधानी से फिर एक कोरोना वारियर डॉक्टर के मौत की खबर सामने आई है। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े रायपुर स्थित शासकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और उनके माता-पिता कोरोना संक्रमित हो गए हैं। डॉ. जैन और उनके परिजनों का उपचार मेकाहारा में जारी है। तीनों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। कोरोना से सोमवार को 60 वर्षीय डॉक्टर बीपी बघेल की मौत हो गई है। डॉ. बघेल को 8 सितंबर को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगातार सांस लेने में तकलीफ बनी हुई थी। हरसंभव प्रयास के बावजूद भी बचाया नहीं जा सका। डॉ. बघेल बलौदाबाजार के कसडोल में पदस्थ थे। मूलत: वे बिलासपुर के रहने वाले थे। विदित हो कि, प्रदेश में रोजाना बड़ी संख्या में आमजनों के साथ नेताओं के संक्रमित होने की जानकारी सामने आ रही है। कोरोना से जंग लड़ रहे वॉरियर्स डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मी लगातार चपेट में आ रहे हैं। 2 विधायकों के भी कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी सामने आई।

 

 

13-09-2020
देश में कोरोना के 94372 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमितों का आंकड़ा 47 लाख के पार

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 94,372 नए मामले सामने आए और 1,114 लोगों की मौत हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 94,372 नए मामले सामने आए हैं और 1,114 मरीजों की मौत हुई है। अब तक 47,54,357 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 9,73,175 सक्रिय मामले हैं और 37,02,596 लाख ठीक हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, 78,586 मरीजों की मौत हो चुकी है।

11-09-2020
सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन, लीवर सिरोसिस से थे पीड़ित

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में शुक्रवार शाम को अंतिम सांस ली। स्वामी अग्निवेश को सोमवार को नई दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज में भर्ती कराया गया था। आईएलबीएस ने स्वामी अग्निवेश के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, 'स्वामी अग्निवेश को शुक्रवार शाम 6 बजे कार्डियक अरेस्ट हुआ। उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने शाम 6.30 बजे अंतिम सांस ली।' लीवर सिरोसिस से पीड़ित अग्निवेश को कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया तो मंगलवार से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत पर पैनी नजर रख रही थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनार्थ 7 जंतर-मंतर रोड, नई दिल्ली के कार्यालय पर शनिवार सुबह 11 से 2 बजे तक रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार वैदिक रीति से अग्निलोक आश्रम, बहलपा जिला गुरुग्राम में 4 बजे किया जाएगा। 21 सितंबर, 1939 को जन्मे स्वामी अग्निवेश सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। 1977 में वह हरियाणा विधानसभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना की। स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, बाद में मतभेदों के चलते वह इस आंदोलन से दूर हो गए थे। 

 

11-09-2020
लोगों की जान से बड़ा पैसा नहीं, सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और कोरोना कैपिटल बन गया रायपुर : बृजमोहन

रायपुर। विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के प्रकरण व अस्पतालों की दुर्दशा, कोविड मरीजों के इलाज के संबंध में राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। बृजमोहन ने कहा है कि, सरकार कोरोना के लिए व्यवस्था करने के बजाए हिसाब किताब में लगी हुई है। यह समय हिसाब किताब का नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने का है। छत्तीसगढ़ के लोगों की जान से बड़ा पैसा नहीं है। उन्होंने कहा है कि,शासन को कोरोना की व्यवस्था करने के लिए सभी प्रकार की लिमिट हटाकर हॉस्पिटल को जो जरूरत हो, जितना पैसा चाहिए वहन करना चाहिए। युद्धस्तर पर इलाज, बेड व व्यवस्थित क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था करनी चाहिए। प्रदेश के सभी निजी हॉस्पिटलों के 50 प्रतिशत बेड सरकार को कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए निर्धारित कर लेना चाहिए। इन हॉस्पिटलों में गरीब मरीजों का इलाज का भार शासन को वहन करना चाहिए।

सरकार व्यवस्था करने में पूरी तरह लचर और अक्षम साबित हुई है। पूरे प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए बेड की कमी हो गई है। अस्पतालो में जगह नहीं है। मुख्यमंत्री की होम क्वारेंटाइन सुविधा व निशुल्क दवा की घोाषणा सिर्फ बयानो में  ही है। बी और सी सीमट्मेटिक मरीज के लिए कही बेड नहीं है। प्रदेश की जनता ऑक्सीजन व वेंटीलेटर के आभाव में दम तोड़ रही है। शासन बताने की स्थिति में नहीं है कि, उन्होंने जनता के लिए कहां-कहां ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की व्यवस्था की है, कितनी-कितनी की है। अब सरकार मरीज व मौत का आंकड़ा भी छिपा रही है। अनेक जिलों से जो मरीजों व मृतकों का आंकड़ा जारी होता है, प्रदेश से जारी आंकड़ों में उससे कम व भिन्न रहता है। प्रदेश में जनता के मन में भय व दहशत व्याप्त हो गया है। लोग अव्यवस्था को देख भय में टेस्ट कराने से भाग रहे हैं और यही मौत की वजह बनते जा रही है। 5 माह सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।  शासन और प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। इस कारण राजधानी कोरोना कैपिटल में तब्दील हो गई है। प्रदेश के नागरिक इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, हॉस्पिटलों में बेड नहीं है और सरकार बयानबाजी में उलझी हुई है।

 

10-09-2020
झाड़ियों में मिली अज्ञात बच्ची, ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल 

अंबिकापुर। एक अज्ञात बच्ची झाड़ियों में मिली। इसकी सूचना ग्रामीणों ने चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। घटना सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के ग्राम उडमकेला की है। यहां ग्रमीणों ने झाड़ियों में एक बच्ची को देखा और इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। वाहन 112 में उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर लाया गया। मेडिकल स्टाफ की मदद से बच्ची को बचा लिया गया। पुलिस ने मामले में बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है।

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