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26-08-2020
वात से लेकर सर्दी को दूर करती है अजवाइन, आयुर्वेद में विशेष स्थान

रायपुर। अजवाइन एक ऐसी औषधि है जो सौ तरह के खाद्य पदार्थों को पचाने वाली होती है। अनेक औषधीय गुणों से भरपूर अजवाइन पाचक रूचि कारक, तीक्ष्ण, कढवी, अग्नि प्रदीप्त करने वाली, पित्तकारक तथा शूल, वात, कफ, उदर आनाह, प्लीहा, तथा कृमिका नाश करने वाली होती है। अजवाइन आयुर्वेद के अनुसार गुणों का भंडार है। एंटी बैक्टीरियल अजवाइन की ताजा पत्ती में प्रचुर पोषक तत्व और विटामिन होता है। विटामिन सी, विटामिन ए, लोहा, मैग्निज और कैल्शियम युक्त ओमेगा -3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है। अजवाइन में कैलशियम, फास्फोरस, लोहा सोडियम व पोटेशियम जैसे तत्व मिलते हैं। इसे घर में छुपा हुआ डॉक्टर भी कहा सकते हैं। अजवाइन वात और कफ दोष को नाश करता है। इसलिए नजला और श्वास कष्ट में इसकी भाप लेने से आराम मिलता है। पेट दर्द में इसे गरम पानी के साथ सेवन करने तथा इसकी लेप लगाने से भी लाभ मिलता है।

शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रायपुर के पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीप दास ने बताया अजवाइन को आयुर्वेद में रामबाण माना गया है। सर्दी से बचने के लिए यह एक बेहतर औषधि है। अजवाइन में एंटीऑक्सिडेंट है, अजवाइन मोटापे को कम करता है। जंगली अजवाइन की पत्ती का तेल उत्तम माना है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ बनाता है, श्वसन क्रिया को मजबूत करता है। जोड़ों और मांसपेशियों में लचीलापन को बढ़ाता है और त्वचा को भी बहरी और अंदरुनी संक्रमण से बचाता है। पाचन क्रिया में लाभदायक है। अपच को दूर करता है। उन्होंने कहा खीरे के रस में अजवाइन पीसकर चेहरे पर लगाने से झाइयों में लाभ होता है। अजवाइन, काला नमक, सौंठ तीनों को पीसकर चूर्ण बनाकर भोजन के बाद सेवन करने से पेट में अशुद्ध वायु का बनना और ऊपर चढ़ना बंद होता है। गर्भकाल में अजवाइन जरुर खानी चाहिए इससे ना सिर्फ खून साफ होता है बल्कि शरीर में रक्त प्रवाह भी अच्छे से संचालित होता है। 

डॉ.दास कहते हैं घरेलू औषधि से लेकर मसाले और आयुर्वेदिक दवाओं तक में इसका इस्तेमाल होता है। मासिक धर्म में पीड़ा होती है तो 15 से 30 दिनों तक खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ अजवाइन के सेवन से दर्द में राहत मिलती है। सुबह खाली पेट 2-4 गिलास पानी पीने से अनियमित मासिक स्राव में काफी लाभकारी होता है। तेल की कुछ बूंदें गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन में आराम होता है। चोट लगने पर अजवाइन हल्दी बाँधने से चोट की सूजन और दर्द में आराम आता है। अजवाइन चूर्ण बनाकर दो-दो ग्राम की मात्रा दिनभर में तीन चार बार लेने से ठंड का बुखार कम होता है। पेट का दर्द, दाँत का दर्द, वात व्याधि, कृमि रोग, चर्म रोग, रजो दोष, में लाभ होता है। कोविड-19 के दौर में अजवाइन को गर्म करके पतले कपड़े में पोटली बाँधकर सूँघने से लाभ मिल सकता है। जुकाम और सर्दी में पोटली बाँधकर सूँघना इसके अलावा अजवाइन को चबाना उसका धुआँ तथा बफारा लेने से भी लाभ होता है। शरीर का दर्द , माथे का भारीपन भी दूर होता है। किसी भी प्रकार की औषधि या आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग करने से पूर्व विशेषज्ञ की राय जरूर लें क्योंकि कई लोगों को बहुत सारी औषधि अनुकूल नहीं होती है ।

वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम :

सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हो या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से सलाह आवश्यक लें।

27-06-2020
छत्तीसगढ़ में मोदी मैजिक नहीं चलेगा : विकास उपाध्याय

रायपुर। विधायक विकास उपाध्याय शनिवार से खुले मॉल सेन्टरों में आम लोगों की मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप बगैर डाउनलोड के एंट्री पर बैन लगाने का विरोध किया है। विधायक उपाध्याय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में मोदी मैजिक नहीं चलेगा। बात यहां कांग्रेसियों की नहीं है बल्कि एप के जरूरत की है। जो अब तक इसका उपयोग कारगर होता दिखा नहीं है। इस ''मोदी एप' के अपने मोबाइल में डाउनलोड करने का कोई तुक नहीं है। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार कोरोना को लेकर कारगर सभी कदम उठा रही है। इसी एहतियात के साथ ही मंत्रालय से लेकर सभी बड़े सरकारी विभाग संचालित हैं। इसमें साफ सफाई, जरूरी सभी जगहों को सैनिटाइज करने से लेकर प्रत्येक व्यक्ति का तापमान की गणना करना सम्मिलित है। विकास उपाध्याय ने कहा कि इसके लिए अरोग्य सेतु एप्प जैसे चीजों की जरूरत लागू किया जाना निहायत ही अव्यवहारिक है। विकास उपाध्याय ने कहा कि रायपुर के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे से इस संबंध में मुलाकात कर चर्चा के बाद वे मॉल का निरीक्षण करने भी जाएंगे।

21-05-2020
हवाई यात्रियों के लिए एएआई ने जारी की गाइडलाइन्स, 14 साल से कम आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य नहीं आरोग्य सेतु ऐप

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 25 मई से घरेलू उड़ानों का परिचालन बहाल करने का फैसला किया है। एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया ने दोबारा शुरू हो रही घरेलू उड़ानों के लिए एक एसओपी जारी की है। ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। इसकी जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट करके दी। उन्होंने कहा कि 25 मई से चरणबद्ध तरीके से देश में विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी। हवाईअड्डों और विमानन कंपनियों को तैयार रहने को कहा गया है।

14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आरोग्य सेतु ऐप मोबाइल में रखना जरूरी नहीं :

एयरपोर्ट अथॉरिटी (एएआई) ने गुरुवार को एसओपीज जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप रखना जरूरी नहीं होगा। इसमें कहा गया कि यात्रियों को हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन में प्रवेश करने से पहले अनिवार्य रूप से शहर की तरफ ही थर्मल स्क्रीनिंग जोन से गुजरना होगा। साथ ही हवाई अड्डे के संचालकों को टर्मिनल भवन में प्रवेश से पहले यात्रियों के सामानों के सैनिटेशन की उचित व्यवस्था करनी होगा। यात्रियों को दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना होगा। साथ ही जिन यात्रियों की फ्लाइट अगले चार घंटे में होगी उन्हें ही एयरपोर्ट ट्रमिनल में प्रवेश की इजाजत होगी। बता दें कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि कम उड़ानें हो सकती हैं, बीच की सीटों को खाली रखना 'व्यवहारिक नहीं होगा', क्योंकि इससे टिकटों की कीमत बढ़ जाएगी।

 
100 से अधिक हवाईअड्डों का प्रबंधन देखता है एएआई :

एएआई देश में 100 से अधिक हवाईअड्डों का प्रबंधन देखता है। हालांकि दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और हैदराबाद जैसे बड़े हवाईअड्डों का संचालन निजी कंपनियां करती हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी :

घरेलू उड़ानों के परिचालन को लेकर जरूर आदेश आ गया है, लेकिन अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी रहेगी। देश में करीब 20 एयरपोर्ट ऐसे हैं, जहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें परिचालित होती हैं। दुनिया भर में कोरोना के कहर को देखते हुए अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बंद रखने का ही फैसला लिया गया है। बता दें कि देश में हवाई सेवा दो महीने के बाद शुरू होगी। लॉकडाउन 4.0 में केंद्र की ओर से यह बड़ी राहत की खबर है। कोरोना वायरस  के कारण देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है और इसका चौथा चरण जारी है।

16-04-2020
वीडियो कांफ्रेसिंग से हुई कैट की पहली कार्यकारिणी बैठक, 17 अप्रैल को केंद्र से होगी राहत पैकेज की घोषणा

रायपुर। कॉनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की वीडियो कांफ्रेसिंग से गुरुवार को पहली कार्यकारणी बैठक हुई। बैठक की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी को सौंपा। पारवानी ने गत दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वाणिज्यकर मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई चर्चा और दिए गए सुझावों से सभी को अवगत कराया। परवानी ने बताया कि 17 अप्रैल को वित्त मंत्री की ओर से राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी। इसके बाद फिर एक बैठक होगी। परवानी ने सभी से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में व्यापार एवं उद्योग बंद है तो राज्य विद्युत कंपनी को वास्तविक इकाइयों की खपत के आधार पर बिजली शुल्क एकत्र करना चाहिए। लॉक डाउन अवधि के लिए राज्य के सभी व्यापार और उद्योगों से सभी निर्धारित मांग शुल्क माफ करना चाहिए। कुछ  राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी  ने पहले ही अपने राज्य में इस आशय की घोषणा कर चुकी है। इसी प्रकार लॉक डाउन अवधि के दौरान कर्मचारियों के वेतन का भुगतान ईएसआईसी के प्रावधानों के अनुसार ईएसआईसी से किया जाना चाहिए। इस लाक डाउन के दौरान की अनुपस्थिति को चिकित्सीय अनुपस्थिति मानते हुए कर्मचारियों को अनुपस्थिति अवधि का वेतन प्रदान किया जाना चाहिए।  

आवश्यक वस्तुओं के बाजार को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि इनमें डुमरतराई, सब्जियां, फल, चिकित्सा आदि थोक बाजार शामिल है, जहां ट्रक देश भर से आ रहे हैं। ग्राहकों के प्रवाह बहुत अधिक हैं। पारवानी ने आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में लगे सभी टीम मेम्बर्स को उनके राष्ट्र सेवा के इस कार्य में आबाध रूप से लगे होने पर पर आभार व्यक्त किया है। सभी टीम मेंबर्स उचित मूल्य पर सतत सप्लाई में लगे हुए है और कोरोना वारियर्स की तरह कार्य कर रहे हैं। इसकी उन्होंने सराहना की और आने वाले समय में भी इसी प्रकार से सेवा में लगे होने की अपेक्षा भी की।

कैट के प्रयास की सराहना
दल्ली राजहरा के रूप कुमार ने कैट की ओर से उठाए जा रहे प्रयास की सराहना की। कैट दुर्ग इकाई के अध्यक्ष प्रहलाद रुंगटा और पवन बड़जात्या ने अपनी बात रखी। अतिआवश्यक वस्तुओं के विक्रय करने वाले व्यपारियों एवं कर्मचारियों के लिए पास के लिए रायपुर दवाई विक्रेता संघ अध्यक्ष विनय कृपलानी ने विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। बस्तर चेम्बर आफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर पारख ने बताया कि अभी वनोपज सामग्रियों का सीजन चालू है। बस्तर की बड़ी अर्थव्यवस्था इसी पर निर्भर करती है। अत: वनोपज सामग्रियों के आवगमन में लगने वाली गाड़ियों को नहीं रोका जाना चाहिए। बशर्ते वे सोशल डिस्टेंस का पालन कर रही हो। इसी बीच कैट के महामंत्री जितेन्द्र दोशी ने बताया कि कैट के प्रदेश कार्यलय द्वारा लगतार केंद्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त नोटिफिकेशन एवं सूचनाएं भेजी जा रही है,समस्त व्यापारी एवं व्यापारी संगठन इसका अवलोकन करे अगर किसी भी प्रकार का संशय हो तो संपर्क करें।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में रायपुर से अमर पारवानी, मागेलाल मालू,विक्रम सिंहदेव,जितेंद्र दोषी,परमानंद जैन,  अजय तनवानी, अजय अग्रवाल, राम मधान,कैलाश खेमानी,राकेश ओछवानी,वासु मखीजा,  भरत जैन, सुरिंदर सिंह,कन्हैया गुप्ता,ननवानी,विजय शर्मा,उत्तम गोलछा,संजय जयसिंह, अमरदास खट्टर, आशीष कुमार सोनी, जितेंद्र गोलछा, प्रेम पाहुजा, रतन लाल अग्रवाल, मोतीलाल सचदेव, जनक वाधवानी, मोहम्मद आशिफ वैद, अजीत सिंह कैंबो, सय्यद सफीक अमन, दल्लिराजहरा से डॉक्टर दसानी , कोरिया  से रफीक मेमन एवं आनंद अग्रवाल , कोरबा  से राम सिंह  अग्रवाल , भाटापारा से तोरण साहू एवं  कमलेश कुकरेजा , तिल्दा राम पंजवानी एवं रमेश भाई वीरानी , बस्तर  से किशोर पारेख , राजिम  से राजा भाई , अभनपुर से  संतोष अग्रवाल , धमतरी  से महेश रोहरा एवम कैलाश कुकरेजा, कांकेर से आरिफ मोहम्मद एवं  शैलेन्द्र सिंह, दुर्ग से प्रहलाद रूंगटा, संजय चौबे,पवन बड़जात्या, मोहम्मद अली हिरानी  एवं प्रकाश सांखला, कवर्धा से आकाश आहूजा , राजनांदगांव  से राजा मखीजा , भिलाई ज्ञानचंद जैन एवम दिनेश सिंघल,महासमुंद से श्रेयांश चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।

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