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26-01-2021
छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को मिला कृषि का दर्जा, कृषकों को मिलेगा अल्पकालीन ऋण

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य शासन की ओर से लाख उत्पादक कृषकों के हित में अहम निर्णय लिया गया है।अब छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिल गया है। राज्य शासन के इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत कुसुम, पलाश, बेर आदि वृक्षों और सेमियालता आदि फसलों पर लाख उत्पादन व प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए कृषकों या कृषक समूहों को कृषि फसलों के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण निर्धारित ऋणमान पर प्रदान किया जाएगा। इसमें लाख उत्पादक और प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए कृषक या कृषक समूहों को कृषि फसलों के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण पर नियमानुसार ब्याज अनुदान देय होगा। इस आशय का आदेश विगत दिवस 18 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से कृषकों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से छत्तीसगढ़ में लगभग 50 हजार किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। वर्तमान में राज्य में 4500 टन लाख का उत्पादन होता है। राज्य में बड़े पैमाने पर आदिवासी और वनवासी कृषक इसकी खेती में लगे हुए हैं। यहां लाख की खेती की अच्छी संभावनाएं भी है। राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण जैसी सुविधा के मिलने से लाख की खेती और इसके उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में लाख का उत्पादन बढ़कर 10 हजार टन तक हो जाएगा।

25-01-2021
जिले में अब तक 7 लाख 87 हजार 807 टन धान की खरीदी, 1 लाख 81 हजार 724 किसानों ने बेचा धान

जांजगीर चांपा। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में अब तक जिले के एक लाख 81 हजार 724 किसान 7 लाख 87 हजार 807 टन धान समर्थन मूल्य पर बेच चुके हैं। जांजगीर-चांपा जिले में  196 समितियों के द्वारा 230 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में धान उपार्जन का टोकन जारी करने, खरीदे गए धान के उठाव आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धान खरीदी कार्य की सतत् निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। खरीदे गए धान की सुरक्षा के लिए डबल लेयर तिरपाल, ड्रेेनेज आदि की व्यवस्था के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए निर्धारित अंतिम तिथि तक शेष किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया जारी रहेगी। धान बेचने वाले किसानों को विक्रय किए गए धान के एवज में अब तक 1471 करोंड़ 75 लाख रूपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

 

22-01-2021
महिलाओं ने  अनुपयोगी जमीन में ली सब्जी की पैदावार, तीन माह में हुआ सवा लाख का मुनाफा

धमतरी। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत प्रदेश सहित जिले में भी नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का विकास कर लोगों को स्वरोजगार एवं स्वावलम्बन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। सरकार की यह योजना न सिर्फ आय का बेहतर विकल्प विकसित करने में सफल रही है, अपितु अनुपयोगी चीजों को भी उपयोग में लाकर उससे आत्मनिर्भर बनाने का हुनर पैदा कर रही है। ऐसा ही एक उदाहरण मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम भेण्ड्री की महिलाओं ने पेश किया, जहां अनुपयोगी व खाली पड़ी दो एकड़ जमीन को विभागीय अभिसरण से उपजाऊ बनाकर उस पर सब्जी की पैदावार ले रही हैं। सहायक संचालक उद्यान डीएस कुशवाहा ने बताया कि लगभग साल भर पहले ग्राम भेण्ड्री में दो एकड़ भूखण्ड रिक्त पड़ा था, जो निष्प्रयोज्य था, जिसे मनरेगा तथा उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से प्रस्ताव तैयार कर बाड़ी परियोजना के लिए स्वीकृत किया गया। उन्होंने बताया कि उसे उपयोगी बनाने के लिए पहले बिहान के तहत गठित समूहों की महिलाओं को प्रेरित व प्रोत्साहित किया गया, जिसके बाद ‘नई किरण‘ नामक स्वसहायता समूह की महिलाएं भूखण्ड पर सब्जी की पैदावार लेने के लिए तैयार हुईं। इसके बाद उक्त जमीन का समतलीकरण कर उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में समूह की महिलाओं ने सामूहिक बाड़ी की कार्ययोजना बनाई। सहायक संचालक ने बताया कि नई किरण स्वसहायता समूह की महिलाओं ने सघन प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी लेकर आधुनिक ढंग से भिण्डी, बरबट्टी, बैंगन, टमाटर, करेला, मिर्च, प्याज आदि के अलावा गैंदा फूल और हल्दी की भी फसल लगाईं। उन्हें डीएमएफ मद से अनुदान पर सिंचाई की सुविधा को विस्तारित करने स्प्रिंक्लर भी प्रदान किया गया। विभागीय परामर्श व महिलाओं के परिश्रम ने अंततः रंग लाया और मात्र तीन महीने में ही सब्जी उत्पादित कर स्थानीय व समीप के बाजार में सब्जियां बेचकर एक लाख 25 हजार रूपए आमदनी हासिल की, जो कि उनके लिए काफी बड़ी राशि है। दस सदस्यीय समूह की अध्यक्ष कुन्ती साहू और सचिव टोमिन साहू ने बताया,‘राज्य शासन की योजना के तहत जिला प्रशासन की मदद से वे आज आत्मनिर्भर पूरी तरह हो चुकी हैं। साल भर पहले वे दूसरे के खेतों में दिनभर रोजी-मजदूरी करके जीवन-यापन करना पड़ता था, लेकिन अब समूह के जरिए संगठित होकर आर्थिक ही नहीं, सामाजिक रूप से सक्षम, संबल और स्वावलम्बी बन गई हैं।‘ ये महिलाएं प्रशिक्षण से पारंगत होकर सामूहिक बाड़ी के अलावा अपनी निजी बाड़ी में भी सब्जी की फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।

18-01-2021
छत्तीसगढ़ में 18 जनवरी तक 78.50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी,18.62 लाख किसानों ने बेचा धान

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 18 जनवरी तक 78 लाख 50 हजार 249 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 18 लाख 62 हजार 507 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 27 लाख 34 हजार 188 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। इसके विरुद्ध मिलरों ने अब तक 23 लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
राज्य के बस्तर जिले में एक लाख 8 हजार 294 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 52 हजार 546 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 12 हजार 127 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 44 हजार 662 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 15 हजार 917 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 15 हजार 890 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 30 हजार 802 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 7 हजार 769 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 59 हजार 974 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 36 हजार 121 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 4 हजार 590 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 24 हजार 841 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 62 हजार 645 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 68 हजार 84 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 42 हजार 655 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 57 हजार 693 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 69 हजार 531 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 6 लाख 52 हजार 965 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 5 लाख 49 हजार 764 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 3 लाख 80 हजार 736 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 75 हजार 40 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 5 लाख 68 हजार 85 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 35 हजार 689 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 22 हजार 128 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 90 हजार 859 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 95 हजार 882 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 22 हजार 128 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 42 हजार 608 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

 

18-01-2021
सेंसेक्स की टॉप- 10 में से 6 कंपनियों का 1.13 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपिटलाइजेशन 

रायपुर/नई दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 1,13,018.94 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक लाभ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और भारती एयरटेल रहीं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के बाजार पूंजीकरण में भी इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई। सप्ताह के दौरान टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 42,495.76 करोड़ रुपये बढ़कर 12,13,371.12 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 33,960.84 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 3,28,697.33 करोड़ रुपये रहा। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 19,001.41 करोड़ रुपये बढ़कर 8,07,615.27 करोड़ रुपये पर और इन्फोसिस की 14,184.43 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,72,957.16 करोड़ रुपये रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,884.44 करोड़ रुपये बढ़कर 12,28,330.03 करोड़ रुपये पर और आईसीआईसीआई बैंक का 492.06 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 3,74,745.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस रुख के उलट कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार मूल्यांकन 21,171.32 करोड़ रुपये घटकर 3,69,082.01 करोड़ रुपये पर और बजाज फाइनेंस का 12,000.53 करोड़ रुपये के नुकसान से 2,94,156.02 करोड़ रुपये पर आ गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 9,034.04 करोड़ रुपये घटकर 5,52,592.14 करोड़ रुपये और एचडीएफसी का 3,861.42 करोड़ रुपये घटकर 4,73,801.61 करोड़ रुपये रह गया। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 252.16 अंक या 0.51 प्रतिशत के लाभ में रहा।

14-01-2021
कबाड़ी गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान

रायपुर/बलौदाबाजार। जिले के अर्जुनी नगर में एक कबाड़ी गोदाम में बुधवार रात अचानक आग लग गई। घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन लाखों का सामान जलकर खाक हो गया है। हालांकि आगजनी का कारण शॉर्ट सर्किट का बताया जा रहा है। फिलहाल दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई है।

11-01-2021
आईएमए ने कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम को समर्थन देने साढे तीन लाख सदस्यों और 1800  इकाइयों से किया आग्रह

रायपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम को अपने साढ़े तीन लाख सदस्यों  और 1800  इकाइयों से सक्रिय समर्थन देने का आग्रह किया है । सभी वैज्ञानिक तथ्यों, एक्सपर्ट पैनल की रिपोर्ट का अध्ययन कर, इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिकों के साथ गहन विचार विमर्श करने के बाद यह आग्रह किया गया है। डॉ.महेश सिन्हा, अध्यक्ष आईएमए छत्तीसगढ़ राज्य इकाई और डॉ.विकास अग्रवाल अध्यक्ष आईएमए रायपुर ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में उपयोग की जा रही वैक्सीन को सुरक्षित और सफल बताया है। उन्होंने आग्रह किया है कि सभी डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, सहयोगी स्टाफ और एंबुलेंस टीम के सदस्य आगे आएं। जिन्होंने भी कोरोना संक्रमण काल में सबसे आगे रहकर देश की जनता को कोरोना से लड़ाई में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है वे आगे आएं। प्रथम चरण में वैक्सीन लगवा कर संपूर्ण विश्व को यह दिखाएं कि देश में विकसित की गई वैक्सीन सुरक्षित व असरकारी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकतार्ओं के अथक परिश्रम की सराहना की है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और भारत सरकार को बधाई दी है। इनकी वजह से भारत में स्वनिर्मित वैक्सीन बनाना संभव हो सका। उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि इन वैक्सीन्स के उपयोग से शरीर में उच्च स्तर पर एंटीबॉडीज बनेंगी, जो कोरोनावायरस के वर्तमान तथा नए स्ट्रैन के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न कर सकेंगी। यह दोनों वैक्सीन भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल है तथा सुरक्षित रूप से स्टोर भी की जा सकती है।

इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम से ना केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी कोरोनावायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे इस  महामारी पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय इकाई ने अपने सभी राज्य और स्थानीय इकाइयों से आग्रह किया है कि वे राज्य और जिला स्तर के चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क कर अपनी सहभागिता तय करें। वैक्सीनेशन कार्यक्रम को कार्य रूप में परिणित करने में सक्रिय सहयोग दें। हमें अपने सभी वैज्ञानिकों  द्वारा बनाई गई वैक्सीन के सुरक्षित होने और असरकारी होने में कोई संदेह नहीं है। अत: हमारी यह प्राथमिकता रहेगी कि सोशल मीडिया से जनता में फैलाए जाए भ्रम को दूर किया जाए।  वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और सभी आशंकाओं और भ्रांतियों को दूर किया जाए। हम देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि दोनों वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया है कि इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में भी जनता की सहभागिता तय करें। वैक्सीनेशन के बाद भी यह तय करें कि सभी लोग कोविड-19 के संक्रमण के समय अपनाए जा रहे सामाजिक व्यवहार जैसे मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, हाथों को साफ रखना व खांसते व छींकते समय व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय का पालन में कोई लापरवाही ना बरतें।

05-01-2021
जिले में अब तक  दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान का किया गया उपार्जन

धमतरी। खरीफ विपणन वर्ष 2020.21 में जिले के 74 सहकारी समितियों के 89 खरीदी केन्द्रों के जरिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। अब तक 87 हजार 531 पंजीकृत किसानों से पांच अरब सात करोड़ रूपए के दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इसके तहत अब तक दो अरब 70 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान किसानों के खातों में कर दिया गया है। खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम ने बताया कि जिन किसानों का एक दिसम्बर का भुगतान पब्लिक फायनेंस मैनेजमेंट सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों की वजह से रूका हुआ था, उसका निराकरण कर लिया गया है तथा उनके खाते में भी राशि डाल दी गई है। गौरतलब है कि जिले के 183 पंजीकृत राईस मिलर्स से चार लाख 80 हजार 608 मीट्रिक टन धान उठाव के लिए अनुबंध किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 50 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया गया है। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जिले के उसना मिलर्स को शीघ्र अनुबंध कर धान खरीदी केन्द्रों से धान उठाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीदी केन्द्रों में सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी आगे भी जारी रह सके। खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले के संग्रहण केन्द्र भाठागांव और भोयना में आठ हजार मीट्रिक टन का डीओ जारी कर लगातार धान का परिवहन किया जा रहा है। जिले में अनुमानित चार लाख 40 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी के विरूद्ध 22 हजार गठान बारदाने की जरूरत होगी। इसके हिसाब से अब 17 हजार चार सौ गठान बारदाने जिले में उपलब्ध हैं। मिलर्स और उचित मूल्य की दुकान से लगातार बारदाने प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने हैं।

02-01-2021
आपदा पीड़ित 5 परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से आपदा से पीड़ितों को जिला कलेक्टर के माध्यम से आर्थिक अनुदान सहायता स्वीकृत की जाती है। ऐसी ही प्रकरणों में जांजगीर-चांपा जिले में 5 प्रकरणों में 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत जांजगीर-चांपा जिले की शिवरीनारायण तहसील के ग्राम करौद के गौरव वर्मा की पानी में डूबने से मृत्यु हो जाने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार से डभरा तहसील के ग्राम गोपालपुर के नरसिंह उराव, सक्ती तहसील के ग्राम चैराबरपाली के देवचरण की, मालखरौदा तहसील के ग्राम मिरौनी के युवयराज मरार और शिवरीनारायण तहसील के ग्राम मोहतरा के आशीष पटेल की सांप काटने से मृत्यु होने पर पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

 

12-11-2020
अंबाला को भाया दंतेवाड़ा का कड़कनाथ,मुर्गा पालकों को हुआ 4.24 लाख रुपए का भुगतान

रायपुर। दंतेवाड़ा जिले का कड़कनाथ हरियाणा राज्य के अंबाला के लोगों को काफी पसंद आ रहा है। दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार को गरीबी उन्मूलन के तहत कड़कनाथ मुर्गा के वृहद मार्केटिंग की शुरुआत की गई। हरियाणा के अंबाला के लिए कड़कनाथ आर्गेनिक फार्म को 4 लाख 24 हजार रुपए के कड़कनाथ का विक्रय किया गया। दंतेवाड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा और कलेक्टर दीपक सोनी ने कलेक्टर कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर कड़कनाथ की गाड़ी को अंबाला के लिए रवाना किया। साथ ही कड़कनाथ पालकों को 4 लाख 24 हजार रुपए की राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया।

दंतेवाड़ा माई दंतेश्वरी के शक्तिपीठ,अपनी प्राकृतिक सुंदरता, लौह उत्पादन के नाम से प्रसिद्ध है। अब इसमें दंतेवाड़ा के कड़कनाथ का नाम भी शामिल हो गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर विकास की लहर चलाई जा रही है। जिले में अब कड़कनाथ को निर्यात से जोड़कर लोगों को आजीविकावर्धन का सतत विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।  उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले में गरीबी उन्मूलन के लिए पुना माड़ाकाल दंतेवाड़ा योजना चलाई जा रही है। इससे यहां की गरीबी को जड़ से खत्म किया जा सकें। दंतेवाड़ा जिले की पशुधन विभाग की ओर से कड़कनाथ मुर्गी गरीबी उन्मूलन योजना के तहत हितग्राहियों को कड़कनाथ पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए गए थे। पशुपालक हितग्राहियों की ओर से चूजों को बड़ा करके निर्यात के लिए उपलब्ध कराया गया। यह सभी हितग्राही जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बड़े गुड़रा, कड़मपाल, किरन्दुल, हल्बारास, कुआकोंड़ा, कटेकल्याण, मटेनार आदि जैसे क्षेत्रों के निवासी है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला होने के बावजूद इसने विकास की ओर अपना रूख कर लिया है।

09-06-2020
राजधानी में पकड़ा गया एक अवैध टिकट दलाल, 1.91 लाख रुपए की ई टिकटें जब्त 

रायपुर। अपराध गुप्तचर शाखा रेलवे सुरक्षा बल ने मंगलवार को शहर के मालवीय रोड इलाके में दबिश देकर एक अवैध ई टिकट दलाल को पकड़ा है। आरोपी दलाल के कब्जे से कुल 48 नग रेलवे-ई-टिकट कीमती 1,19103.23 रुपए जब्त की गई है। आरोपी के खिलाफ धारा 143 रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। आरपीएफ के मुताबिक मंगलवार को रायपुर मंडल के रायपुर क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से रेलवे आरक्षित टिकट और ई-टिकट दलालों के विरुद्ध जांच अभियान के अंतर्गत कार्रवाई की गई। निरीक्षक बीके चौधरी के नेतृत्व में उप निरीक्षक सजंय वर्मा, एएसआई एलके यादव, प्रधान आरक्षक पीके दुबे, सीएम केबी दुबे और डीके पांडेय ने मुखबिर की सूचना पर मालवीय रोड की दुकान प्रगति टूर एंड ट्रैवल्स पर दबिश दी। मनीष कुमार गुप्ता (36) मालवीय रोड, गोलबाजार थाना क्षेत्र को आईआरसीटीसी के 8 पर्सनल यूजर आईडी से रेलवे आरक्षित ई-टिकटों के अवैध व्यापार में संलिप्त पाया गया। आरोपी को रेलवे अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 48 रेलवे आरक्षित-ई-तत्काल टिकट मूल्य 1,19103.23 रुपए,1 मोबाइल,1 लैपटाप, नगद 300  रुपए और आईआरसीटी से प्राप्त एजेंट यूजर प्रमाण पत्र और दुकान के कागज को जब्त किया गया। मौके की अन्य कागजी कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उचित कानूनी  कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डब्ल्यूआरएस को सुपुर्द किया गया। 

उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन के बाद कुछ गाड़ियों के पुन: परिचालन शुरू होने से अवैध टिकटों के गोरखधंधे की शुरुआत की आशंका पर अभियान चलाया जा रहा है। नियंत्रण के लिए अमिय नंदन सिन्हा महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दिशानिर्देश में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर और नागपुर में टिकट दलालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आज की कार्रवाई से पूर्व अभियान के तहत ई-टिकट दलाली के कुल 14 मामलों में 14 टिकट दलालों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। बिलासपुर मंडल-7, रायपुर-4 और नागपुर मंडल-3 शामिल हैं। इनमें 10 आईआरसीटीसी एजेन्ट भी शामिल है। जो अपनी पर्सनल आईडी से टिकट निकालकर यात्रियों से अतिरिक्त राशि वसूलकर लेते थे। गिरफ्तार टिकट दलालों से लगभग 53,000 रुपए की भविष्य की यात्रा टिकट और 4,06,000 रुपए मूल्य की व्यतीत यात्रा टिकट की बरामदगी की सूचना है। उक्त टिकट कुल 63 अलग-अलग पर्सनल आईडी के माध्यम से जारी किया गया है। अभी भी छापामारी अभियान जारी है। तीनों मंडलों के अपराध गुप्तचर शाखा को टिकट दलालों पर विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देश दिया गया है। उक्त छापामारी अभियान से ई-टिकट दलालों में खलबली मची हुई है। जो भविष्य यात्रा टिकट जब्त किया गया है, उसे और जिन आईडी से टिकट निकाला गया है उसे ब्लॉक कर दिया गया है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि किसी भी टिकट दलाल से टिकट बुक न कराएं।

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