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23-02-2021
कोरोना काल में भी नहीं थमी पीडियाट्रिक एकेडमी की गतिविधि, अच्छा कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

दुर्ग। दुर्ग भिलाई एकेडमी आफ पीडियाट्रिशियन की बैठक हुई। बैठक में बीते साल कोरोना काल के दौरान शिशुरोग के क्षेत्र में उत्तम कार्य करने वाले चिकित्सकों का सम्मान दुर्ग भिलाई एकेडमी ने किया। कार्यक्रम में इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन द्वारा सम्मानित होने वाले चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेडीकान छत्तीसगढ़ में भी दुर्ग भिलाई एकेडमी की ओर से भाग लेने वाले और यहाँ बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों का सम्मान किया गया।

एकेडमी की प्रेसीडेंट डाॅ.संबिता पंडा,सचिव डाॅ.सीमा जैन एवं साइंटिफिक कन्वीनर डाॅ.माला चौधरी तथा वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ.अरविंद सावंत एवं डाॅ.रेखा साकेतकर इस दौरान उपस्थित रहीं। कोरोना काल के दौरान न केवल एकेडमी के डाॅक्टर वर्चुअल रूप से सक्रिय रहे अपितु इनके परिवारजनों एवं बच्चों के लिए भी विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एकेडमी द्वारा किया गया था। इसके विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान बहुत से रिसर्च पेपर दुर्ग भिलाई एकेडमी के चिकित्सकों द्वारा तैयार किए गए,जिनसे शिशु रोगों के निदान की दिशा में काम करने में बड़ी मदद मिलेगी। पं. जवाहरलाल नेहरू रिसर्च सेंटर एवं हास्पिटल सेक्टर 9 की चिकित्सक डाॅ.माला चौधरी ने नवजात शिशुओं की मृत्यु रोकने की दिशा में सिक्वेंशियल आर्गन फेल्योर एसेसमेंट पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। इसमें उन सूचकांकों पर स्टडी की थी,जिनका आकलन कर भविष्य के कुछ घंटों के खतरों के संबंध में आगाह हुआ जा सकता है और सुरक्षात्मक उपाय किये जा सकते हैं। डाॅ.चौधरी को इस पेपर के लिए इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन की ओर से गोल्ड मेडल दिया गया। जिला अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.सीमा जैन ने नेफ्रोटिक सिंड्रोम पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। डाॅ. ओमेश खुराना को बेस्ट एकेडमीशियन तथा डाॅ. गणवीर को बेस्ट कम्युनिटी सर्विस के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डाॅ. अरविंद सावंत एवं डाॅ. रेखा साकेतकर ने अपने अनुभव साझा किये और शिशुरोग के संबंध में किये जा रहे नये रिसर्चों के लिए एकेडमी के सदस्यों की प्रशंसा की। कोरोना काल में चिकित्सकों के बच्चों के लिए वर्चुअल माध्यम से भाषण, निबंध, पेंटिंग, पोस्टर, म्यूजिक आदि प्रतियोगिता कराई गईं थीं। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया।

04-09-2020
हस्त शिल्प गतिविधियों के प्रचार प्रसार के साथ शिल्पियों में जागरूकता लाने शिल्पी चौपालों का आयोजन

रायपुर/जगदलपुर। वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प की ओर से विभागीय गतिविधियां प्रचार-प्रसार के साथ-साथ शिल्पियों में जागरूकता लाने शिल्पी चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इस के तहत बस्तर जिले के ग्राम एर्राकोट में तृतीय शिल्पी चौपाल का आयोजन किया गया। शिल्पी चौपाल का मुख्य उद्देश्य हस्तशिल्प का प्रचार-प्रसार कर शिल्प के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है। हस्तशिल्प से तात्पर्य हाथों से बनाई गई कलात्मक कलाकृति से है। जिसमें मुख्यतः हाथ की चूड़ियां, लकड़ी पर नक्काशी, मिट्टी के कलात्मक बर्तन, पत्थर शिल्प, बांस शिल्प, पेंटिंग, टॉयस एवं डॉल्स, धातु कि मूर्तियाँ इत्यादि हैं। इस अवसर पर सहायक निदेशक (ह) लाखन सिंह मीणा ने विभाग अंतर्गत संचालित हस्तशिल्प योजनाओं, उन्नत शिल्प डिजाईनों, शिल्पी के लिए पहचान पत्र, जी.आई. रजिस्ट्रेशन एवं मार्केटिंग से संबंधित जानकारियों दी गई। इस चैपाल के अंतर्गत शिल्पियों को हस्तशिल्प योजनाओं, मुद्रा लोन, हस्तशिल्प हेल्पलाइन, जेम पोर्टल, पहचान पत्र वितरण व शिल्पियों के पंजियन फॉर्म भरे गए और इम्प्रूव्ड टूल किट्स की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्याक्रम के दौरान हस्त शिल्पीयों को जेम पोर्टल में पंजीकृत किया गया व जेम पोर्टल के इस वर्चुअल माध्यम से उत्पादों के विक्रय के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर सरपंच एर्राकोट पालकी बाई सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

 

09-08-2020
राज्य के तीन जिलों में स्थापित होंगे ग्रामोद्योग प्रक्षेत्र, ग्रामोद्योग की गतिविधियों को विस्तार देने की नई पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामोद्योग की गतिविधियों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़ने की पहल शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा राज्य के दुर्ग, कोण्डागांव एवं सुकमा जिले में ग्रामोद्योग की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामोद्योग प्रक्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन की ओर से भूमि आबंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्ग जिले के सेलूद ग्राम में स्थापित होने वाले ग्रामोद्योग प्रक्षेत्र में सोलर चरखे से पोनी धागा कताई और लूम से कपड़ा बुनाई का प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है। यहां ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से खादी उत्पादन केन्द्र भी शुरू किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी ने बीते दिनों बोर्ड के अधिकारियों की बैठक लेकर ग्रामोद्योग प्रक्षेत्र की स्थापना सहित विभाग के कामकाज की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले, यह मुख्यमंत्री की मंशा है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए पूरी शिद्दत से मैदानी स्तर तक प्रयास शुरू करने की बात कही। राजेन्द्र तिवारी ने ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से बुनकर और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के अब तक के प्रयासों की सराहना की और इसे विस्तारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग ग्रामीण अंचल के लोगों को रोजगार व्यवसाय से जोड़ने का अच्छा माध्यम है। इसके जरिए लोगों को घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की वर्तमान गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 219 ग्रामोद्योग इकाईयां संचालित हैं। इन इकाईयों के संचालन के लिए शासन की ओर से तीन करोड़ 5 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। ग्रामोद्योग इकाईयों के माध्यम से 1500 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। खादी उत्पादन केन्द्रों के माध्यम से बड़ी संख्या में बुनकरों को भी रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी महिलाओं द्वारा उत्पादित सामग्री की अच्छी खासी बिक्री हुई, जिससे समूहों को लाभ हुआ है। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग सामग्री की ऑनलाइन मार्केटिंग एवं मोबाइल एप्प के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि दुर्ग, अम्बिकापुर एवं रायगढ़ में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का नवीन भण्डार स्थापित किया जाएगा।

18-07-2020
डॉ. खूबचंद बघेल कई रचनात्मक और किसान-मजदूर हितैषी गतिविधियों से जुड़कर छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे :  मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. खूबचंद बघेल की 19 जुलाई को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने डॉ.बघेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे जीवन के अंतिम समय तक कई रचनात्मक और किसान-मजदूर हितैषी गतिविधियों से जुड़कर छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे। छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन को गति देने में उनकी निर्णायक भूमिका रही। डॉ. बघेल ने गांधी जी से प्रभावित होकर शासकीय नौकरी से त्यागपत्र दिया और सक्रिय रूप से स्वाधीनता आंदोलनों से जुड़े। उनके प्रभाव ने सैकड़ों युवाओं को स्वाधीनता संग्राम से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी और छत्तीसगढ़ी में डॉ.बघेल की ओर से जनसरोकार और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लिखे गए नाटकों ने भी जनमानस पर गहरा प्रभाव डाला। छत्तीसगढ़ के लिए उनका योगदान सदा याद किया जाएगा।

10-05-2020
हाईपॉक्सिया से अजीत जोगी की मस्तिष्क की गतिविधि नहीं के बराबर,मेडिकल बुलेटिन जारी

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टर का कहना है कि अब 48 घंटों में समझ आएगा कि उनका शरीर दवाओं को कैसा रिस्पांस दे रहा है। श्रीनारायणा हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ.सुनील खेमका ने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार ही उनकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है। उनका ह्रदय सामान्य रूप से काम कर रहा है। ब्लड प्रेशर भी दवाओं के बिना नियंत्रण में आ गया है। लेकिन हाईपॉक्सिया होने के कारण अजीत जोगी की न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क) की गतिविधियां लगभग नहीं के बराबर हैं। साथ ही उन्हें वेंटीलेटर के माध्यम से सांस दी जा रही है। डॉक्टर ने कहा कि अजीत जोगी की स्थिति अभी भी चिंताजनक है।

 

15-04-2020
आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने ईसीसी गतिविधि का किया संचालन

बीजापुर। जिले में कोविड-19 से बचाव को दृष्टिगत रखते हुए जिले के आंगनबाडी केन्द्रों का संचालन बंद रखा गया है। इस दौरान डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से ईसीसी गतिविधि संचालन के संबंध में निर्देश जारी किये गये है। इसमें वीडियो मैसेज के माध्यम से अभिभावको तक बच्चों के सर्वांगीण विकास की जानकारी पहुॅचाई जा सके। इसके लिए सहायक संसाधन सामग्री के रूप में बाल गीत, कहानी आदि के वीडियो आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के द्वारा टीएचआर वितरण, गृह भेंट के समय इसे अभिभावकों एवं बच्चों के साथ स्थानीय भाषा में बताते हुए वीडियो दिखाते हुए बच्चों को नृत्य कर गतिविधि कर सिखाया जा रहा है, जिससे की बच्चों का सर्वागीण विकास क्रमबद्ध रूप से चलते रहे। जिन अभिभावकों के पास स्मार्टफोन है, उनके साथ वीडियो को शेयर भी किया जा रहा हैं।


वर्तमान में जिले में 6 माह से 6 वर्ष के सभी बच्चे तथा 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की एनीमिक महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत लाभांवित हितग्राहियों को सूखा राशन-चॉवल, गेहू, दाल, आलू, सोयाबीन बडी, चना का पैकेट बनाकर जिले के 6 माह से 6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती माता, शिशुवती माता, किशोरी बालिकाए एवं 15 से 49 वर्ष के एनीमिक महिलाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के द्वारा आंगनबाडी में दर्ज हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार योजनांतर्गत रेडी टू इट (टी.एच.आर.) हितग्राहियों के घर-घर में जाकर दिया जा रहा है। जिससे की जिले में लाभांवित होने वाले हितग्राही के स्वास्थ्य एवं पोषण में विपरीत प्रभाव से बचा जा सके।

05-04-2020
विधायक दलेश्वर साहू के पिता की अंत्येष्टि में हुए शामिल मोहन मरकाम,संगठन की गतिविधि भी जानी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम रविवार को राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहे। पीसीसी अध्यक्ष मरकाम विधायक दलेश्वर साहू के पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके बाद मोहन मरकाम ने जिला संगठन की गतिविधियों की भी जानकारी ली। जिले के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि,जिला, शहर कांग्रेसजनों से अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर मुख्यमंत्री आपदा कोष में आर्थिक सहायता में सहभागिता निभाने की अपील की। राजनांदगांव दौरे के दौरान मरकाम ने लॉक डाउन के चलते ग्राम-चिरचारी में 650 उड़ीसा, झारखंड,बिहार के मजदूर भाइयों से मुलाकात की। उनके खाने,पीने,रहने,व्यवस्था की जानकारी ली।

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