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20-06-2020
 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से अन्य राज्यों में फंसे 41 हजार 361 श्रमिकों को वापस लाया गया छत्तीसगढ़

रायपुर। विभिन्न राज्यों में लॉक डाउन में फंसे श्रमिकों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 41 हजार 361 श्रमिक वापस जांजगीर-चांपा जिले में लाए गए हैं।कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण देश के अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ के मजदूर रूके हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन श्रमिकों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ लाने के लिए बनायी गई कारगर नीति श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था से इन श्रमिकों को सकुशल छत्तीसगढ़ लाया गया है।राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी अनुसार वापस आए श्रमिकों को उनके गृह ग्राम के नजदीक क्वारेंटाइन की व्यवस्था की गई है। श्रमिकों के पहुचने पर प्लेटफार्म पर श्रमिकों का थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं बसों से उन्हें गृह ग्राम के नजदीक बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर तक पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक पहुंचे श्रमिकों में जनपद पंचायत अकलतरा के 4,192, बलोदा-2,360, नवागढ़-5,885, पामगढ़-9,288, सक्ती-2,059, जैजैपुर-7988 नवागढ़-4,443, डभरा-1,929 और बम्हनीडीह के 3,217 प्रवासी श्रमिक सुरक्षित अपने गृह जिला पहुंचाए गए हैं।

 

17-06-2020
सीएम ने अन्य राज्यों से लौटे मज़दूरों को निशुल्क खाद्यान देने के साथ ही उनका राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अन्य राज्यों से वापस आ रहे छत्तीसगढ़ के प्रवासी व्यक्तियों, श्रमिकों को निःशुल्क खाद्यान्न देने के साथ ही उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं । खाद्य विभाग की ओर से राज्य में लॉकडाउन के दौरान 23 मार्च 2020 से 15 जून 2020 तक 73 हजार 647 परिवारों के नवीन राशनकार्ड जारी किए गए हैं।लॉक डाउन के दौरान जांजगीर-चांपा जिले में अब तक 6,352 प्रवासी श्रमिकों को नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इन राशनकार्डों में 19 हजार 275 सदस्यों का नाम शामिल किया गया है। प्रवासी श्रमिकों को प्रति सदस्य पांच किलो चावल और प्रति राशनकार्ड एक किलो निशुल्क चना प्रदाय किया जा रहा है। खाद्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 9 विकासखंडों में 3,990 प्रवासी परिवारों के 9,777 सदस्यों के लिए कार्ड बनाए गए हैं। इसी प्रकार नगरी क्षेत्रों में 5903 प्रवासी परिवारों के 14,528 सदस्यों को जोड़कर शासन की योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। जनपद पंचायत नवागढ़ में 503, पामगढ़ में 1,510, अकलतरा में 255, बलोदा में 504, बम्हनीडीह में 278, जैजैपुर में 314, सक्ती  181, मालखरौदा में 278 और डभरा में 167 प्रवासी परिवार के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका जांजगीर-नैला 261, चांपा में 289, सक्ती में 38, अकलतरा में 40, नगर पंचायत नया बाराद्वार में 87, बलोदा में 244, खरौद में 202, शिवरीनारायण 27, अड़भार में 88, राहौद में 78, नवागढ़ में 40, सारागांव में 198 जैजैपुर 151, चंद्रपुर में 29, और डभरा में 138 प्रवासी राशन कार्ड बनाए गए हैं।

 

04-06-2020
मुख्यमंत्री की पहल अन्य राज्यों में फंसे 78 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को 53 ट्रेनों से वापस छत्तीसगढ़ लाया गया

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों तथा अन्य लोगों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है। इब तक 53 ट्रेनों के माध्यम से 78 हजार श्रमिकों सहित अन्य लोगों को वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कुल 59 श्रमिक स्पेशल ट्रेन तय की गई है, इनमें से 40 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों सहित बसों की सुविधा के लिए 3 करोड़ 97 लाख 88 हजार 490 रूपए की राशि खर्च की गई है। श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वापस छत्तीसगढ़ लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए विभिन्न रेल मण्डलों को श्रमिकों के यात्रा व्यय के लिए आवश्यक राशि का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लाॅक डाउन के कारण श्रमिकों को जो छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं पर पहुंच रहे है एवं राज्य से होकर गुजरने वाले सभी श्रमिकों के लिए नाश्ता, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था से श्रमिकों कोे काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ की सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहे वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं।डाॅ. डहरिया ने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर श्रमिकों के लिए राशन एवं नगद आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 205 श्रमिकों को 38 करोड़ 26 लाख रूपए बकाया वेतन का भुगतान भी कराया गया है। वहीं लाॅक डाउन के द्वितीय चरण में 21 अप्रैल से शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 1 लाख 4 हजार 749 श्रमिकों को पुनः रोजगार उपलब्ध कराया गया है और छोटे-बड़े 1405 से अधिक कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ हो गया है।

 

02-06-2020
रायपुर में अन्य राज्यों के फंसे श्रमिकों को उनके राज्य भेजने अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

रायपुर। अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों के रायपुर जिले में फंसे होने और संबंधित राज्य जाने के लिए इच्छुक मजदूरों की जानकारी प्रमाणित रूप से जुटाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे श्रमिकों के आवागमन के संबंध में राज्य नोडल अधिकारी और संबधित राज्यों, जिलों के नोडल अधिकारियों से समन्वय करने का कार्य नियुक्त अधिकारी करेंगे। वे प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजने सभी व्यवस्था तय करेंगे। इसके लिए यूके कच्छप, सहायक श्रमायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सियाराम पटेल श्रम निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कार्य के पर्यवेक्षण के लिए संदीप कुमार अग्रवाल  संयुक्त कलेक्टर व अनुविभागीय दंडाधिकारी को नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी जिले में फंसे हुए अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों और संबंधित राज्य जाने के लिए वास्तविक रूप से इच्छुक मजदूरों की जानकारी संकलित और प्रमाणित कर संदीप कुमार अग्रवाल उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।

25-05-2020
छत्तीसगढ़ वनोपज संग्रहण में अन्य राज्यों से आगे, 2500 करोड़ की होगी आमदनी

रायपुर। वनों को सहेजने में छत्तीसगढ़ आज पूरे़ देश में अग्रणी है। लॉक डाउन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने अच्छी उपलब्धि हासिल की। देशभर में हुए वनोपज संग्रहण में छत्तीसगढ़ की सर्वाधिक भागीदारी रही। इस कार्य से वनवासियों को सलाना लगभग 2500 करोड़ की आय होने की संभावना है। ट्राईफेड के जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 1 लाख क्विंटल वनोपजों का संग्रहण हो चुका है। संग्राहकों को लगभग 30 करोड़ 20 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन की नई आर्थिक रणनीति वनों के जरिए इस बड़ी जनसंख्या के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है।राज्य में हर साल 15 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण होता है। इससे 12 लाख 65 हजार संग्राहक परिवारों को रोजगार मिल रहा है। राज्य शासन तेंदूपत्ता का मूल्य बढ़ाकर अब 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है। 649 करोड़ रुपए का सीधा लाभ प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर अब 25 कर दी है। योजना के दायरे में लाए गए वनोपजों का कुल 930 करोड़ रुपए का व्यापार राज्य में होता है। वनोपजों की खरीदी 866 हाट बाजारों के माध्यम से की जा रही है। प्रदेश में काष्ठ कला विकास, लाख चूड़ी निर्माण, दोना पत्तल निर्माण, औषधि प्रसंस्करण, शहर प्रसंस्करण, बेल मेटल, टेराकोटा हस्तशिल्प कार्य आदि से 10 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन हो रहा है।वन विकास निगम के जरिए बैंम्बू ट्री गार्ड निर्माण, बांस फर्नीचर निर्माण, वनौषधि बोर्ड के जरिए औषधीय पौधों का रोपण आदि से करीब 14 हजार युवकों को रोजगार दिया जा रहा है। इसी तरह सीएफटीआरआई मैसूर की सहायता से महुआ आधारित एनर्जी बार, चाकलेट, आचार, सैनिटाइजर, आंवला आधारित डिहाइड्रेटेड प्रोड्क्ट्स, इमली कैंडी, जामुन जूस, बेल शरबत, बेल मुरब्बा, चिरौंजी एवं काजू पैकेट्स आदि के उत्पादन की योजना बनाई जा रही है।

इससे 5 हजार से ज्यादा परिवारों को रोजगार मिलेगा।छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज संग्रहण से वनवासियों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जशपुर और सरगुजा जिलों में चाय बागान से हितग्राहियों को सीधे लाभ मिल रहा है। कोविड-19 के संकट काल में 50 लाख मास्क की सिलाई से एक हजार महिलाओं को रोजगार मिला है। चालू वर्ष में लगभग 12 हजार महिलाओं को इमली के प्राथमिक प्रसंस्करण से 3 करोड़ 23 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी हुई है। वनवासियों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में 10 हजार 497 वनवासियों की स्वयं की भूमि पर 18 लाख 56 हजार फलदार और लाभ कारी प्रजातियों के पौधे रोपे गए।वर्ष 2020 में वनवासियों की स्वयं की भूमि पर 70 लाख 85 हजार पौधे के रोपण का लक्ष्य है। लाख उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत् 164 उत्पादन क्षेत्रों में 36 हजार मुख्य कृषकों का चयन किया गया है। लगभग 800 हितग्राहियों द्वारा हर वर्ष लगभग 12 हजार क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है। इसके अलावा वन आधारित अन्य गतिविधियों से भी वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर निर्मित हुए हैं। राज्य में वर्ष भर में भूजल संरक्षण, बिगड़े वनों का सुधार, कूप कटाई आदि गतिविधियों से 30 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित हो रहे हैं। वनरोपणी, नदी तट रोपण आदि से 20 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित हो रहे है। इसी तरह कैंपा के तहत नरवा विकास कार्यक्रम से करीब 50 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध मिलता है। आवर्ती चरई योजना, जैविक खाद उत्पादन, सीड बॉल का निर्माण आदि से 7 हजार से ज्यादा आदिवासी युवकों को रोजगार मिला है।

20-05-2020
अन्य राज्यों से 445 श्रमिक बुधवार रात ट्रेन से पहुंचेंगे रायगढ़

रायगढ़। कोविड-19 कोरोना वायरस जब से पूरी दुनिया में अपने पैर पर सारा है, तब से लेकर अब तक देश के सैकड़ों मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर अन्य प्रदेशों से सैकड़ों किलोमीटर दूर पैदल, साइकल और अन्य साधनों से अपने प्रदेश जा रहे हैं। जिसे अब तक सैकड़ों की दुर्घटनाओं में मृत्यु हो चुकी है इन्हीं सब बातों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इनके लिए सुविधा मुहैया कराई है, इसी कड़ी में बुधवार को अन्य प्रदेशों से अपने गृहग्राम रायगढ़ और जशपुर जिले के लोगों को शासन की मदद से 445 लोगों को आज रात ट्रैन से रायगढ़ लाने की व्यवस्था की गई है। इसमें रायगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 में इनकी गाड़ी आकर रुकेगी,उसके बाद इन्हें प्लेटफार्म नंबर 1 में मेडिकल ट्रीटमेंट के बाद बस से इन्हें इनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इनमें रायगढ़ जिले के 194 व जशपुर जिले के 251 लोग हैं। रायगढ़ स्टेशन से इनके घर जाने के लिए बस की सुविधा की गई है। रेलवे स्टेशन पर एक एक मीटर की दूरी में निशान लगा दिया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराया जा सके।

 

19-05-2020
अन्य राज्यों से वापस आए राशनकार्ड विहीन प्रवासी व्यक्तियों को प्रति सदस्य मिलेगा 5 किलो खाद्यान्न

कोरिया। कलेक्टर ने जिले के प्रवासी व्यक्ति जिनके पास राशनकार्ड नहीं है, उन्हें शासन के निर्देशानुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराने खाद्य अधिकारी, नगरीय निकाय के आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन प्रभावित अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ वापस आए प्रवासी व्यक्तियों को जिनके पास राज्य या केन्द्र की योजना के अंतर्गत राशनकार्ड नहीं हैं उन्हें माह मई एवं जून 2020 में प्रति सदस्य 5 किलो खाद्यान्न दिया जाएगा। कोरिया जिले के प्रवासी व्यक्तियों के लिए मई 2020 के लिए 235.52 टन खाद्यान्न का आवंटन किया गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग रायपुर के सचिव द्वारा योजनातंर्गत पात्र प्रवासी व्यक्तियों की पहचान एवं खाद्यान्न वितरण के संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।कलेक्टर ने बताया कि अन्य राज्यों से वापस आए छत्तीसगढ़ के ऐसे प्रवासी व्यक्ति ही राशन सामग्री के लिए पात्र होंगे,जिनके नाम पर राज्य में कोई राशनकार्ड जारी न हो या किसी अन्य राशन कार्ड में इनका नाम सदस्य के रूप में दर्ज न हो। पात्र प्रवासी व्यक्तियों की डेटा एंट्री के लिए विभागीय वेबसाईट में पृथक से लिंक उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने क्षेत्र के योजना के लिए पात्र प्रवासी व्यक्तियों की एण्ट्री करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रवासी व्यक्तियों की डेटा एंट्री में नाम, पिता या पति का नाम, प्रवास से वापस आए सभी सदस्यों के नाम आधार नम्बर एवं मोबाइल नम्बर की एंट्री करनी होगी। यदि एक परिवार में एक से अधिक सदस्य प्रवास से वापस लौटे हैं, तो उन सभी के नाम की एंट्री एक साथ की जाएगी। पात्र प्रवासी व्यक्ति की ऑनलाईन डेटा एंट्री के पश्चात उन्हे सर्वर से आईडी प्रदान की जाएगी। इस आईडी के माध्यम से उन्हें संबंधित शासकीय उचित मूल्य की दुकान से पात्रता अनुसार खाद्यान्न प्राप्त होगा।कलेक्टर ने बताया कि खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए पात्र प्रवासी व्यक्ति को उन्हें जारी आईडी नम्बर एवं एक पहचान पत्र के साथ उचित मूल्य की दुकान में उपस्थित होना होगा। संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालक के द्वारा टेबलेट में उपरोक्त आईडी नम्बर की प्रविष्टि करने पर प्रवासी व्यक्ति की डेटा एंट्री की गई समस्त जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी। प्रवासी व्यक्तियों को वितरित किए गए खाद्यान्न के अभिलेख के रूप में उचित मूल्य दुकान संचालकों के द्वारा पृथक से वितरण पंजी एवं स्टाक पंजी का संधारण भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा। संबंधित प्रवासी व्यक्ति को खाद्यान्न वितरण के पश्चात वितरण पंजी में उसका नाम दर्ज कर नाम के आगे सदस्यों की संख्या, वितरित किए गए खाद्यान्न की मात्रा एवं वितरण दिनांक की प्रविष्टि की जाएगी।

 

18-05-2020
अन्य राज्यों से वापस आए प्रवासी व्यक्तियों को मई-जून माह में मिलेगा 5 किलो खाद्यान्न

धमतरी। नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 से प्रभावित अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए प्रवासी व्यक्ति को माह मई और जून 2020 में प्रति सदस्य पांच किलो के मान से खाद्यान्न दिया जाएगा। उक्त संबंध में कलेक्टर रजत बंसल ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को डाटा प्रविष्टि का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि इस योजना के तहत अन्य राज्यों से वापस आए छत्तीसगढ़ के ऐसे प्रवासी व्यक्ति को ही राशन सामग्री के लिए पात्रता होगी,जिनके नाम पर राज्य में कोई राशनकार्ड जारी नहीं किया गया हो या किसी भी अन्य राशन कार्ड में इनका नाम सदस्य के रूप में दर्ज न हों। इसके लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों में आयुक्त नगरपालिक निगम तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत को अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रांतर्गत अन्य राज्यों से वापस आए ऐसे पात्र प्रवासी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें ग्राम पंचायत या वार्डवार सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रम पदाधिकारी के द्वारा प्रवासी व्यक्तियों से संबंधित डाटा संबंधित जनपद पंचायत या नगरीय निकायों को साझा किया जाएगा तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उक्त विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

आदेश में कहा गया है कि खाद्य अधिकारी अपने माॅड्यूल में जिले की जनपद पंचायतों के सीईओ, नगरीय निकायों के आयुक्त/सीएम.ओ. के नाम मोबाइल नंबर की एंट्री कर उनके लिए आईडी तैयार करेंगे तथा एंट्री किए गए मोबाइल नंबर से उन्हें पासवर्ड प्राप्त होगा। पात्र प्रवासी व्यक्तियों की डाटा एंट्री में उनका नाम, पिता/पति का नाम, प्रवास से वापस आए उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम, आधार नंबर एवं न्यूनतम एक सदस्य के मोबाइल नंबर की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से की जाएगी। खाद्यान्न प्राप्त करने वाले पात्र प्रवासी व्यक्ति अपने आईडी नंबर एवं एक पहचान पत्र के साथ उचित मूल्य की दुकान में उपस्थित होकर पात्रतानुसार खाद्यान्न प्राप्त करेंगे। पीडीएस सेंटर के दुकानदार द्वारा प्रवासी व्यक्तियों के लिए प्राप्त खाद्यान्न का पृथक् स्टाॅक पंजी एवं वितरण पंजी का अनिवार्य रूप से संधारण किया जाएगा। कलेक्टर ने पात्र प्रवासी व्यक्तियों/परिवारों को चिन्हांकित कर उनकी डाटा एंट्री प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे उन्हें मई माह में ही खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सके।

 

10-05-2020
श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए सरकार चलाएगी चरणबद्ध 11 ट्रेनें

रायपुर। श्रमिकों की अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ वापसी के लिए सरकार 11 ट्रेनें चलाएगी। इन ट्रेनों में श्रमिकों के साथ साथ प्रदेश के छात्रों और लोगों को भी वापस लाने की योजना है। राज्य सरकार ने कहा है कि चरणबद्ध तरीके से इन ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी लिंक में आनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस का लिंक जारी कर दिया है। इन ट्रेनों में अन्य राज्यों में फंसे में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों और चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों को ही सफर की अनुमति होगी।राज्य सरकार ने कहा है कि जो जहाँ पर हैं, वहां स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें। जिन्होंने घर वापसी के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वो शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। जैसे जैसे रेलवे और संबंधित राज्यों से अनुमति मिलती जाएगी, ट्रेनों का चरणबद्ध तरीके से संचालन किया जाएगा। जहां ज्यादा लोग हैं वहां अनुमति पश्चात कई चरणों मे ट्रेन चलाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 11 ट्रेनों को चरणबद्ध किया है उनमें पठानकोट पंजाब से चांपा, साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर, लखनऊ उत्तरप्रदेश से रायपुर के लिए तीन ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए दो ट्रेन, मुजफ्फरपुर बिहार से रायपुर और दिल्ली से बिलासपुर के लिए ट्रेनों को सम्भावित किया गया है।राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक  http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx जारी किया है। इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986 तथा 88277-73986 पर संपर्क किया जा सकता है।

09-05-2020
भवन में श्रमिकों को रखे जाने का विरोध, पढ़े पूरी खबर

रायपुर/बिलासपुर। टिकरापारा के नागरिकों ने अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को गुजराती समाज भवन में रखे जाने का विरोध किया है। गुजराती समाज भवन सघन आबादी में होने के कारण कोविड 19 का संकर्मण फैलने की आंशका व्यक्त किया जा रही है।कोविड 19 के कारण देशव्यापी लॉक डाउन के कारण प्रदेश के श्रमिक अन्य राज्य में फंसे हुए हैं। राज्य शासन ने अन्य राज्य में फंसे श्रमिकों को रेल मार्ग से लाने की व्यवस्था की है। सरकार ने अन्य राज्यो से आने वाले श्रमिकों को 14 दिनों तक विभन्न सेंटरों में रखने के बाद स्वास्थ जांच उपरान्त गृह ग्राम भेजने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में नगर निगम प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र टिकरापारा में स्थित गुजराती समाज भवन को सेंटर बनाया है। आसपास रहने वालों ने यहां बाहर से आने वाले श्रमिको को रखे जाने का विरोध कर रहे। इनका कहना है कि भवन सघन आबादी में स्थित है। भवन से लगा हुआ मकान है, अदि एक भी श्रमिक कोविड 19 से संक्रमित होगा तो यहाँ रहने वाले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। नागरिकों ने इस संबंध में वार्ड पार्षद उदय मजूमदार से शिकायत की। पार्षद ने भी निगम प्रशासन को पत्र लिख कर गुजराती समाज भवन में बाहर से आने वाले श्रमिकों को नहीं रखने की मांग की है। वार्ड के नागरिक पूर्व पार्षद हँसमुख राय कोठारी, पूर्व पार्षद दिनेश देवांगन, राजेंद्र चावला, दिनेश कुमार, दीपक सिंह चौहान, दिनेश चौहान, राहुल चौहान, राजेंद्र शुक्ला, विष्णु सिंह सहित अन्य ने नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर समाज में बाहर से आने वाले मजदूरों को नही रखने की मांग की है।

 

06-05-2020
सीधे अपने गांव नहीं जा पाएंगे अन्य राज्यों से आने वाले लोग,किया जाएगा क्वारेंटाइन

कोरबा। रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में गया कोई भी व्यक्ति कोरबा वापसी पर सीधे अपने गांव-घर नहीं जा पायेगा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा ऐसे सभी लोगों को वापसी पर 14 दिन के क्वारेंटाइन में रखा जायेगा। कलेक्टर किरण कौशल ने जिले की सभी निवासियों से यह अपील की है कि उनके गांव, मोहल्ले या पड़ोस में बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी प्रशासन को दें। जिला प्रशासन ने अपनी जानकारी के हिसाब से लगभग दस हजार ऐसे श्रमिकों के कोरबा वापस लौटने की संभावना जताई है और उनकी घर वापसी पर क्वारेंटाइन करने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिये अभी तक जिले में 77 क्वारेंटाइन सेंटर चिन्हाकित किये गये हैं और इन सेंटरों में बिजली, पानी, शौचालय, आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था सहित सुरक्षा आदि के इंतजाम तेजी से किये जा रहे हैं। जिले के गांवों-शहरों में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाहर से आने वाले सभी श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 प्रोटोकाल का भी पालन कराया जायेगाकलेक्टर ने बताया कि कोरबा जिले में अन्य प्रांतों से आने वाले सभी लोगों की सूचना तथा जानकारी नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 07759-228548 पर दी जा सकती है। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को ऐसे सभी लोगों की जानकारी लेने के लिये अपने सूचनातंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिये हैं। पटवारियों, कोटवारों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित जनसामान्य से भी इस प्रकार की जानकारी लगातार लेते रहने के निर्देश कलेक्टर ने दिये हैं। 

 

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