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04-05-2020
3 साल की बच्ची के श्वास नली में फंसा था सीताफल का बीज, 6 महीने बाद निकाला गया

रायपुर। राजधानी के डॉक्टर की मेहनत से एक मासूम की मुस्कान फिर लौट आई है। सांस लेने में तकलीफ से परेशान 3 वर्षीय बच्ची का सही इलाज नहीं हो पा रहा था। परिजन 1 माह से इलाज करा रहे थे पर कोई फायदा नहीं हो रहा था। इसके बाद राजनांगांव के पास से इस बच्ची को रायपुर के समता कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल लाया गया। परिजनों ने डॉक्टर को बताया था कि वे विगत 1 माह से बच्ची का इलाज करा रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। जांच में डॉक्टर को यह आशंका हुई कि श्वसन नली में कुछ फसा होने से बच्ची को तकलीफ हो रही होगी। डॉक्टर ने बताया कि चूंकि बच्ची के फेफड़े में दिक्कत थी और निमोनिया होने की वजह से श्वसन में तकलीफ हो रही थी। पहले बच्ची का कोरोना टेस्ट कराया गया फिर पूरी सावधानी के साथ डॉक्टर की टीम ने दूरबीन से जांच की।

इस दौरान श्वसन नहीं में कुछ होना पाया गया। जब उसे बाहर निकाला गया तो डॉक्टर हैरान थे। बच्ची के श्वसन नली में सीताफल का बीज था। बीज फंसा होने से फेफड़े में संक्रमण हो गया था। डॉक्टर ने मामले में जब परिजनों से बात की तो उन्हें याद आया कि 6 माह पूर्व अक्टूबर में बच्ची को सीताफल खाने के दौरान खांसी हुई थी। लेकिन आशंका नहीं हुई कि बीज श्वसन नली में फंस गया होगा। मासूम बच्ची को फिर से मुस्कान देने वाले डॉक्टर की टीम में डॉ.पूजा धुप्पड़, डॉ.अरूण कुमार, डॉ.कुलदीपक वर्मा, डॉ.सतीश राठी, डॉ.रोहित कुमार शर्मा और डॉ.चन्द्रपाल भगत शामिल थे। डाक्टर का कहना है कि हर निमोनिया कोरोना नहीं होता है। बीज वाले फल खाने पर इस प्रकार की घटनाओं से बच्चों में जान का खतरा हो सकता है।

25-03-2020
Exclusive : छत्तीसगढ़ का बेटा डॉ. हेनु  वर्मा फंसा है इटली में, आपबीती बताई सोशल मीडिया में

रायपुर। इटली में फंसे छत्तीसगढ़ के युवक डॉ.हेनु वर्मा ने अपनी आप बीती सोशल मीडिया पर सुनाई है। उनका कहना है कि एक सप्ताह से सुपर मार्केट बंद कर दिया गया है। इटली में हर रोज 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होने के बावजूद सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रत्येक दिन 15 हजार लोगों का ब्लड सैंपल लिया जा रहा है। यहां पर 3000 से जयादा डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। 50 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की मौत हो गई है। डेड बॉडी के लिए कब्रिस्तान कम पड़ गए है। शवों को शहर से बहार बड़ा गड्डा खोदकर डाला जा रहा है। इस सप्ताह स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। तीन दिन में यहां का तापमान तीन डिग्री और गिर गया है। आज यहां पर न्यूनतम तापमान माईनस 6 डिग्री है। छत्तीसगढ़ में रह रहे मेरे परिवार की मुझे फिक्र हो रही है। वो भी मेरे लिए बेहद चिंता में हैं। मैं साउथ इटली के एवलीनों में अभी रह रहा हूं। यहां पर वर्तमान में 200 से जयादा कोरोना पॉजिटिव केस है। यहां पर अब तक 12 लागों की मौत भी हो चुकी है। मैं यहां रिसर्चर का काम कर रहा हूं। मैं मुख्य शहर से 150 किलोमीटर दूर हूं। यहां बीते पंद्रह दिन से लॉकडाउन है। डॉक्टर हेनु वर्मा रायपुर में मेडिकल कॉलेज में एबीबीएस करके इटली में एक रिसर्च के लिए चयनित हुए थे। बीते दो साल से वहीं रह रहे है।


 

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