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15-10-2020
विकास उपाध्याय ने कहा-मानवता और सुरक्षा के नाते गृहमंत्री का राजभवन न जाना पूरी तरह से सही निर्णय

रायपुर। गृह विभाग के संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा की ओर से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के संबंध में क्वारेंटाइन के बहाने राज्यपाल की बैठक में न जाने और इसे लेकर संवैधानिक अवमानना किए जाने की बात को सिरे से खारिज किया है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि चूंकि कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया 9 और 10 अक्टूबर को पार्टी की बैठक ली थी। उनके संपर्क में कांग्रेस के तमाम नेताओं के साथ गृहमंत्री भी आए थे। ऐसी स्थिति में मानवता और सुरक्षा के नाते गृहमंत्री का राजभवन न जाना पूरी तरह से सही निर्णय था।  जब इस वजहों की जानकारी भी दे दी गई थी,तो इसे भाजपा बेवजह तूल क्यों दे रही है, समझ से परे है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि कांग्रेस के प्रभारी पुनिया रायपुर प्रवास के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इस बीच गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी 9 और 10 अक्टूबर को उनके संपर्क में आये थे। ऐसी स्थिति में उन्हें 5 से 6 दिन सेल्फ क्वारेंटाइन में रहना था, जिसकी अंतिम तिथि बुधवार को थी। बुधवार को ही राज्यपाल ने समीक्षा बैठक को लेकर गृहमंत्री को राजभवन में बुलाया गया था। ऐसी स्थिति में गृहमंत्री का सुरक्षा कारणों से राजभवन न जाना कहां का संवैधानिक अवमानना है, समझ से परे हैं।
विकास उपाध्याय ने बुधवार को ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बुलाई गई समीक्षा बैठक में शरीक होने की बात पर भी स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा है कि चूंकि कांग्रेस प्रभारी के संपर्क में सम्मिलित होने वालों में मुख्यमंत्री भी थे और वे हमारे पार्टी के ही थे। ऐसी स्थिति में उनकी बैठक में सम्मिलित होना इसलिए भी तर्कसंगत था कि कांग्रेस प्रभारी के संपर्क में वे गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ थे। परन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि राज्यपाल को भी किसी संक्रमण के खतरे में डाल देना उचित होता। चूंकि राज्यपाल अनुसुईया उइके राजभवन में पूरी तरह से सुरक्षित और ऐसी कोई क्वारेंटाइन की स्थिति में आए के संपर्क में नहीं थीं। यह बैठक रखी गई थीं, जहां गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की वजह से कोविड-19 को लेकर कोई बात हो जाए,इसको लेकर स्वयं गृहमंत्री गंभीर थे। इसका ध्यान रखना बेहद ही जरूरी था। इस पूरी बात की जानकारी राजभवन को दे दी गई थी। ऐसे में भाजपा नेताओं की ओर से गृहमंत्री को लेकर उठाई गई अशिष्ट आचरण से लेकर, संवैधानिक अवमानना की बात करना पूरी तरह से गलत है।

 

14-10-2020
गृहमंत्री का झूठ पकड़ में आने के बाद प्रदेश में संवैधानिक संकट के हालात : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने पूछा है कि प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उईके की बुलाई गई समीक्षा बैठक में क्वारेंटाइन के बहाने शिरकत नहीं करने वाले गृहमंत्री आखिर मुख्यमंत्री बुलाई गई समीक्षा बैठक में कैसे शरीक हो गए? गृहमंत्री का यह रवैया सीधे-सीधे राज्यपाल का अपमान और संवैधानिक मयार्दा का उल्लंघन है। प्रदेश की सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख होने के नाते प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बिगड़ते हालात पर राज्यपाल की चिंता को संजीदगी से लेने के बजाय गृहमंत्री ने राजनीतिक अशिष्टता का परिचय दिया है। गृहमंत्री ने क्वारेंटाइन होने की बात कहकर राज्यपाल की आहूत बैठक में जाने से मना कर दिया। इसके कारण यह अति महत्वपूर्ण बैठक राज्यपाल को स्थगित करनी पड़ी। गृहमंत्री उसी दिन मुख्यमंत्री बघेल की आहूत समीक्षा बैठक में क्वारेंटाइन होने के बावजूद शरीक हो जाते हैं। यह संवैधानिक अवमानना है। साय ने कहा है कि गृहमंत्री का झूठ पकड़ में आने के बाद प्रदेश में संवैधानिक संकट के हालात उत्पन्न हो गए हैं। सीएम इस संकट के सीधे जिÞम्मेदार हैं। मंत्री या सीएम की जिÞम्मेदारी तय हो।
साय ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से गृह विभाग के कार्यों की गई समीक्षा के मद्देनजर कहा है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने और नाबालिग बच्चियों, युवतियों व महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा तय करने के लिए और ज्यादा प्रभावी व सख़्त कदम उठाए जाने जरूरी हैं। सिर्फ समीक्षा करने और निर्देश देकर सरकार अपने दायित्व की इतिश्री न माने, बल्कि सरकार के निर्देशों का यथोचित रीति से पालन हो, यह भी देखा जाना चाहिए। साय ने प्रदेश की राज्यपाल की ओर से बुलाई गई समीक्षा बैठक को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के रवैए पर भी एतराज जताया।

 

14-10-2020
राजभवन में होने वाली गृहविभाग की समीक्षा बैठक स्थगित

रायपुर। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के क्वारेंटाइन में होने के कारण कई बैंठके स्थगित की गई है। इसमें राजभवन में होने वाली बैठक भी नहीं होगी। गृहमंत्री की एक बैठक राजभवन में होने वाली थी, जिसे राज्यपाल ने स्थगित कर दी। राज्यपाल ने बुधवार को राजभवन में ली जाने वाली गृहविभाग की समीक्षा बैठक स्थगित कर दी है। क्योंकि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के क्वारेंटाइन में होने की सूचना प्राप्त हुई थी। ताम्रध्वज साहू के क्वारेंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद यह समीक्षा बैठक होगी।

11-10-2020
थाने के 6 कर्मचारी पाए गए कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य अमले ने भेजा होम क्वांरेटाइन में

अंबिकापुर। कोविड-19 सघन सर्वे अभियान के तहत लखनपुर स्वास्थ्य अमले ने रविवार को 58 लोगों का एंटीजन तथा 36 का आरटी पीसीआर मैथड से सैंपल लिया। नोडल अधिकारी डॉ. विनोद भार्गव ने बताया कि जांच के बाद लखनपुर थाने के 6 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। स्वास्थ्य अमले ने सभी कोरोना संक्रमित मरीजों को होम क्वॉरेंटाइन कर दवाई दी है। 

 

08-10-2020
 अब अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वालों को नहीं रहना होगा क्वारेंटाइन में ...

रायपुर। राज्य शासन ने दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वालों के लिए क्वारेंटाइन की बाध्यता समाप्त कर दी है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य सावधानियों के विषय में निर्देश पूर्ववत लागू रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए क्वारेंटाइन संबंधी बाध्यता को समाप्त करते हुए सभी विभागों के सचिवों, सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

10-09-2020
कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से विधायक कुलदीप जुनेजा हुए क्वारेंटाइन,फेसबुक पर की अपील

रायपुर। राजधानी में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के बीच प्रदेश कांग्रेस से लगातार मंत्रियों, विधायकों और नेताओं के कोरोना की जद में आने की खबर सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से वे अस्पताल में या होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे हैं। साथ ही पॉजिटिव के संपर्क में आने पर एहतियातन होम क्वारेंटाइन हो रहे हैं। गुरुवार को रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा के होम क्वारेंटाइन होने की जानकारी मिली है। उन्होंने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट कर यह जानकारी देने के साथ ही लोगों से अपील भी की है। उन्होंने बीते दिनों कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की वजह से अगले 10 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहने का फैसला किया है। विधायक जुनेजा ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि, पूरी सतर्कता बनाए रखें और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन करें। चर्चा के दौरान विधायक जुनेजा ने कहा कि, उन्होंने जो जानकारी साझा की है वह सही है और वे अगले 10 दिनों तक सावधानी बरतेंगे।


बता दें कि, विगत दिनों सुरक्षा अमले, स्टॉफ और विधानसभा सत्र में शामिल कुछ विधायकों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर विधानसभा अध्यक्ष सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्रियों ने एहतियातन होम क्वारेंटाइन पर रहने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो एहतियातन जांच भी कराई थी, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की मंगलवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वे बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती हुए। इससे पहले एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। उन्होंने एम्स में अपना इलाज कराया। बुधवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला कोरोना पॉजिटिव मिले। भावेश ने होम आइसोलेशन पर रहकर उपचार कराने की बात कही थी। बुधवार देर रात प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने भी जानकारी दी थी कि, उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोई गंभीर लक्षण नहीं है, इसलिए वे भी होम आइसोलेशन पर रहकर उपचार करा रहे हैं।

17-08-2020
गीदम में कपड़ा व्यवसायी मिला कोरोना पॉजिटिव, घर के सदस्यों को किया गया क्वारेंटाइन

दंतेवाड़ा। गीदम में मध्य वार्ड क्रमांक 4 का एक कपड़ा व्यापारी कोरोना पॉजिटिव आया है। पिछले दिनों बचेली में तबियत खराब होने के कारण अपोलो में भी भर्ती किया गया था। जहां से उसे गीदम लाकर बेहतरीन इलाज के लिये रायपुर ले जाया गया। बताया गया कि व्यापारी की दोनों किडनी खराब है जिसका इलाज जारी है। रायपुर में कपड़ा व्यवसायी की कोरोना जांच की गई जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इसकी पुष्टि कलेक्टर दीपक सोनी ने की है।

07-08-2020
क्वारेंटाइन किए गए 11 में से 8 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड में एक बार फिर कोरोना का कहर देखने को मिला,जहाँ  के क्वारेंटाइन सेंटर में एक साथ 8 लोगों का रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई है। 3 लोगों की जांच रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम भेजा में कर्नाटक से आए हुए 10 लोगों तथा सिक्किम से आए एक फौजी को ग्राम भेजा के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। सेंटर में केवल दो कमरे ही हैं,जिसके चलते क्वारेंटाइन किए गए सभी लोग एक दूसरे के सम्पर्क आते गए जिनका कोरोना टेस्ट करने पर फौजी सहित 7 अन्य लोग कोरोना संक्रमित मिले।  जबकि 3 लोगों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। 

 

07-08-2020
मुझे नहीं, सुशांत मामले की जांच को क्वारेंटाइन किया गया था: आईपीएस विनय तिवारी

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच के लिए मुंबई पहुंचे आईपीएस विनय तिवारी को  बीएमसी ने क्वारेंटाइन से छोड़ दिया है। वे मुंबई से पटना के लिए रवाना हो गए। बता दें कि विनय तिवारी बिहार पुलिस की टीम को लीड करने के लिए पटना से मुंबई आए थे तब पटना एसपी विनय तिवारी को बीएमसी ने क्वारेंटाइन कर दिया था। इस मामले पर काफी हंगामा भी हुआ। मुंबई से निकलते समय पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे नहीं, बल्कि सुशांत मामले की जांच को क्वारेंटाइन किया गया था। आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी ने कहा, 'मैं कहूंगा कि मुझे नहीं बल्कि जांच को ही क्वारंटाइन कर दिया गया था। बिहार पुलिस की जांच को रोका गया।' आईपीएस विनय तिवारी को क्वारेंटाइन करने पर काफी हंगामा मच गया था। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के सत्तापक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। सुम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस की पेशेवर प्रतिष्ठा अच्छी है लेकिन बिहार पुलिस ऑफिसर को क्वारेंटाइन करने से अच्छा संदेश नहीं गया है।'वहीं बिहार के डीजीपी ने सुशांत मामले की जांच के लिए मुंबई गए आईपीएस विनय तिवारी को लौटने की मंजूरी नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि पटना के एसपी विनय तिवारी को जबरन क्वारेंटाइन में रखे जाने पर सरकार को पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई है। अगर उन्हें नहीं छोड़ा गया तो महाधिवक्ता से राय लेकर शुक्रवार को तय करेंगे कि क्या करना है। अदालत भी जाने का एक विकल्प है। उन्होंने कहा कि विनय तिवारी मुंबई पुलिस को सूचना देकर गए थे। पत्र लिखकर तीन दिन तक उनके ठहरने के लिए आईपीएस मेस की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था। आईपीएस मेस में ठहरने की व्यवस्था नहीं होने पर वे जहां ठहरे हुए थे, आधी रात को बीएमसी ने बिना जांच कराए उन्हें क्वारेंटाइन कर दिया। बीएमसी अधिकारी विनय को छोड़ने को तैयार नहीं थे।

 

 

05-08-2020
तीजा में न बेटियों को बुलाएं और न बहुओं को भेजें, अगर भेजा तो करना होगा क्वारेंटाइन और वसूला जाएगा जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई गांव में तीज के बेटियों को न बुलाने और बहुओं को तीजा न भेजने की मुनादी शुरू हो गई है। शहरी इलाकों में कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण को लेकर गांव की पंचायतें अलर्ट हो गई है। पंचायतों ने फैसला लिया है कि तीजा-पोला में किसी के घर बेटियों को लाया नहीं जाएगा और बहुओं को भेजा भी नहीं जाएगा। रक्षाबंधन के दिन से ही मुनादी शुरू हो गई। गांव में कोटवार गली-गली जाकर हांका लगा रहे हैं कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बेटियां और बहु अपने सुसराल में ही व्रत करेंगीं। एक के बाद एक गांव में इस फैसले की खबर फैलने से पंचायतों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव के कई गांवों में इस बारे में फैसला लिया जा चुका है। कुछ गांवों में पड़ताल के दौरान बलौदाबाजार के ससहा गांव के धर्मेंद्र साहू ने बताया कि उनके गांव में कोरोना को देखते हुए इस बार बेटियों को तीजा पर नहीं लाने का फैसला हुआ है। पंचायत के इस फैसले पर सब सहमत हैं। बेटियों को भी गांव न बुलाने का फैसला सबने मान लिया है।

तीजा लाने वालों पर होगा जुर्माना

तीजा लाने वालों पर पंचायत जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है। पंचायत के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं तीजा बुलाने और भेजने वाले परिवार के लिए गांव की अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर 6 महीने तक पाबंदी लगा दी जाएगी। कुछ गांव में ये भी मुनादी करवा दी गई है कि अगर कोई तीजा पर मायका आता-जाता है तो उसे गांव के स्कूल में 14 दिनों तक क्वारेंटाइन किया जाएगा। कोरोना टेस्ट कराने के बाद ही घर आने दिया जाएगा। उसके बाद घर पर भी क्वारेंटाइन रहेना होगा।

रक्षाबंधन में नहीं जाने दिया बहनों को

बालोद और राजनांदगांव के कुछ गांव में तो रक्षाबंधन में भी बहनों को भाई के घर तक जाने नहीं दिया गया। वहां अभी से पाबंदी लगा दी गई है। राजनांदगांव के जराही गांव ऐसी ही पाबंदी है। गांव के मिथलेश साहू ने बताया कि पंचायत ने फरमान जारी किया है कि कोई दूसरे गांव नहीं जाएगा। रक्षाबंधन पर भी किसी को जाने नहीं दिया गया है।

साड़ी-फल्हार के लिए भेजें पैसा

पंचायत ने फैसला किया है कि तीजा में बेटियों के लिए साड़ी, सिंगार और फलाहार के लिए पैसा भेज दे। कोई यह सामान छोडऩे के लिए भी दूसरे गांव नहीं जाएंगे। चाहे उनके खाते में पैसा जमा कर दे या ऑनलाइन पेमेंट कर दें। त्योहार की रोटी-पीटा भी छोडऩे नहीं जाना है। कोरोना को रोकने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी पड़ेगी।

गांव की एंट्री पर होगी निगरानी

कई पंचायतों ने त्योहार के मद्देनजर गांव के एंट्री वाले रास्ते पर निगरानी के लिए कोटवार और अन्य लोगों का पहरा बिठा दिया गया है। गांव में बाहर से आने वालों का नाम, पता और आने का कारण पूछा जा रहा है। कुछ गांव में बिना कारण रिश्तेदारों से मिलने आने वालों को अपील की जा रही है कि अभी रिश्तेदारों से मिलने-जुलने का समय नहीं है। जान को जोखिम में न डालें।

 

05-08-2020
गायक एसपी बालासुब्रमण्यम कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल में भर्ती

मुंबई। गायक एसपी बालासुब्रमण्यम कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बात की जानकारी एसपी बालासुब्रमण्यम ने बुधवार को एक वीडियो जारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से बुखार था, सर्दी थी, जिसके बाद कोविड-19 का टेस्ट करवाया था। एसपी बालासुब्रमण्यम ने बताया कि इन लक्ष्णों के बाद उन्होंने कोरोना टेस्ट करवाया था,जिसके बाद रिजल्ट पॉजिटिव आया है। डॉक्टर्स ने उन्हें घर में ही क्वारेंटाइन रहने और दवा लेने का निर्देश दिया था। बालासुब्रमण्यम  ने कहा कि उनके परिवार वाले चिंतित थे इसलिए उन्होंने खुद को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया।एसपी बालासुब्रमण्यम ने बताया कि अभी उनकी हालत ठीक है। बुखार में कम हो गया लेकिन सर्दी-जुखाम अभी भी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कुछ दिनों के बीच ये लक्ष्ण भी खत्म हो जाएंगे। 

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