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19-10-2020
कोविड 19 के मरीजों का पता लगाने 391392 घरों तक पहुंची सर्वे टीम, बिना थके काम कर रहे कोरोना वारियर्स

रायपुर/बिलासपुर। संकट के इस काल में लोगों की सेवा के लिए लगातार जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों का पता लगाने के लिए 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2020 तक जिले में घर-घर जाकर सघन सामुदायिक सर्वे अभियान चलाया गया। सर्वे के दौरान 3 लाख 91 हजार 392 घरों का सर्वे किया गया। इस सर्वे में सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, निगम कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग व भागीदारी रही।

नोडल अधिकारी कोविड जिला बिलासपुर डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, आयुक्त नगर निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक व अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा सर्वे का निरीक्षण किया गया। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 संक्रमण के प्रसार श्रृंखला को तोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर भ्रमण कर कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे किया था।

15-10-2020
कोविड 19 पर आयोजित कार्यक्रम का 16 अक्टूबर को डिजिटल शुभारंभ करेंगे श्रममंत्री डॉ.शिव डहरिया

रायपुर। श्रम मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया 16 अक्टूबर को भिलाई में आयोजित ’कोविड-19 कनवर्टिंग एडवरसिटी इनटू अपॉर्चुनिटि’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम का डिजिटल शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर भिलाई द्वारा आयोजित की गई है। यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे आयोजित होगा। विद्यालय की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में नवाचार मोहल्ला क्लास प्रयासों के तहत अप्लाईड अंग्रेजी की कक्षाएं संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम में छात्राओं के प्रदर्शन को राज्य स्तर पर प्रस्तुत करने ’कोविड-19 कनवर्टिंग एडवरसिटी इनटू अपॉर्चुनिटि’ के संबंध में विचार रखा जाएगा।

08-10-2020
प्रदेश में अब तक में 27 लाख 82 हजार से अधिक घरों मे कोरोना सर्वे के लिए टीम पहुंची

रायपुर। राज्य में 12 अक्टूबर तक चलने वाले सघन सामुदायिक सर्वेक्षण में अब तक स्वास्थ्य विभाग के दल ने 27 लाख 82 हजार 403 घरों में दस्तक दी। दल ने घर-घर जाकर वहां कोविड 19 के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की कोरोना जांच करवाई।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक सर्वेक्षण के दैारान पूरे राज्य में 28633 व्यक्तियों का एंटीजेन टेस्ट करवाया। इसमें 2219 पाजिटिव पाए गए। 7017 व्यक्ति जो सिम्टोमेटिक थे जिनका एंटीजेन निगेटिव आया था, उनका आरटीपीसीआर करवाया गया जिनमे से 80 पाजिटिव आए। पूरे राज्य में सिम्टोमेटिक मरीजों के पाजिटिव होने का प्रतिशत 7.7 था। रायपुर जिले में 180265 घरों में से 1149 व्यक्ति सिम्टोमेटिक थे जिनमे 203 हाई रिस्क ग्रुप के थे। इनमें से 522 का एंटीजेन किया गया जिसमें 33 पाजिटिव पाए। 396 व्यक्तियों का आरटीपीसीआर के लिए सैंपल लिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि आपके घर पहुंचे दल को सही सही  जानकारी दें,कोई भी लक्षण छुपाए नहीं, क्योंकि समय पर जाचं कराने और उपचार मिलने से यह मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है।

 

 

05-10-2020
कलेक्टर ने कहा, दशहरा पर्व पर इस बार पुतले की ऊंचाई रहेगी 10 फीट, 50 लोगों से ज्यादा नहीं होंगे उपस्थित 

धमतरी। कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जिले में दशहरा (विजयदशमी) पर्व पर रावण पुतला दहन के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पुतलों की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं हो तथा पुतला दहन किसी बस्ती रहवासी इलाके में नहीं किया जाए, बल्कि खुले स्थान पर किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित किसी भी हाल में 50 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे तथा आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति शामिल होंगे। अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी, जहां तक हो सके कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यमों इत्यादि से प्रसारित किया जाए।

यह भी निर्देशित किया गया है कि पुतला दहन के दौरान आयोजन का वीडियोग्राफी कराया जाए तथा आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे, जिसमें पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों के नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए। साथ ही आयोजन करने वाले व्यक्ति अथवा समिति चार सीसीटीवी कैमरा लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। प्रत्येक समिति/आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया में यह जानकारी दें कि कोविड 19 को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से किया जाएगा। पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। 


एक आयोजन स्थल से दूसरे आयोजन स्थल की दूरी 500 मीटर से कम नहीं हो तथा आयोजन स्थल के लिए पहले आओ, पहले पाओ की नीति के तहत पहले प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत जारी एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। उक्त शर्तों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी आयोजन समिति की होगी, जिनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उक्त शर्तों के अधीन 10 दिनों के पूर्व नगरीय निकाय एवं स्थानीय निकाय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति मिलने के बाद ही पुतला दहन की अनुमति होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

25-09-2020
ऑनलाइन कक्षा में शिक्षक, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कर रहे हैं कोविड 19 के बारे में जागरुक

दुर्ग। जिले में ऑनलाइन क्लास के दौरान कोविड- 19 के प्रति बच्चों एवं उनके परिवार के सदस्यों को जागरुक करने के लिए शिक्षकों की ओर से गतिविधियां आरंभ हो गई हैं। इसका परिणाम है कि कोविड-19 के प्रति लोग पूर्ण जागरूकता व स्व-जि़म्मेदारी दिख रहे हैं। दुर्ग जिले के कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर  नरेंद्र भुरे के निर्देश एवं जिला शिक्षाधिकारी प्रवास बघेल के मार्गदर्शन में  जिले के सभी विकासखंडों के सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया था की वे ऑनलाइन क्लास के शुरु में छात्रों एवं उनके परिवार को कोविड-19 के लक्षण और बचाव के तरीकों की सम्पूर्ण जानकारी नियमित रूप से देते रहें। इस प्रकार दुर्ग जिले के शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से ऑनलाइन क्लास के द्वारा जागरुकता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। लोगों में जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट देखी जा रही है। दुर्ग जिले के कोड़िया स्कूल के कक्षा 12वीं के छात्र कुणाल बताते हैं कि ऑनलाइन क्लास के दौरान उन्हें एवं उनके परिवार को कोविड-19 के लक्षणों के साथ साथ उसके बचाव के बारे में भी बताया जाता है। ऑनलाइन क्लास में ही उनको मास्क के महत्व की जानकारी मिली।

कुणाल बताते हैं जब भी ऑनलाइन क्लास मे व्याख्याता के द्वारा कोविड-19 की जानकारी दी जाती है परिवार के सभी सदस्य मोबाइल के सामने बैठ कर ध्यान से पूरी जानकारी सुनते हैं। कोविड-19 के बारे अपने शिक्षकों से प्राप्त जानकारी को छात्र-छात्राएँ  ग्रामीण महिलाओं,अपने परिवार के बुजुर्गों और आस-पास के लोगों को बता कर जागरुक कर रहे हैं। हर कक्षा में जिले के आपातकालीन नम्बरों, होम आइसोलेशन की जानकारी भी दी जा रही है। अपने गांव मोहल्ले और परिवार में अब बच्चे लोगों को जागरुक करने लगे हैं,जैसे समूह में नहीं घूमना,प्रत्येक दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और एक व्यक्ति से 2 गज की दूरी बना कर रखना, बिना मास्क लगाए घर से बाहर नहीं जाना, हाथों को साबुन से धोना,  रोज मास्क को बदलना या साबुन से धोना जैसी महत्वपूर्ण बातों को समझा रहे है। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों मे कोविड-19 की सावधानियों सम्बंधी जागरूकता  फैलाने का कार्य शिक्षक अपने छात्रों के जरिये ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कर रहे हैं। 

 

25-09-2020
ग्लिब्स.इन की पहल पर कलेक्टर की मुहर, पशुआहार की दुकानें सुबह 9 से 12 बजे तक खोलने की अनुमति

धमतरी। जिले के सभी नगरीय निकायों के सभी वार्डों को आगामी 30 सितंबर तक कन्टेनमेंट जोन घोषित कर प्रतिबंधित आदेश जारी किया गया है। उक्त अवधि में पशुचारा दुकान बंद होने से डेयरी व्यवसायियों को पशुओं के लिए पशुचारा के लिए हो रही परेशानियों को ग्लिब्स.इन ने इसके बारे में अवगत कराया था। जिसे संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जिले के सभी पशुचारा दुकानों को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति दिए हैं। उन्होंने पशुचारा दुकान संचालकों को निर्देशित किया है कि वे कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन जरूर करें। साथ ही मास्क का उपयोग तथा सोशल/फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएंगे तथा प्रतिदिन दुकान में सैनिटाइज का उपयोग करेंगे।

25-09-2020
छात्रों को शिक्षा में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए राजीव गांधी कक्षा शुरू

कवर्धा। छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देश पर जिले के ग्राम बम्हनी से एनएसयूआई छत्तीसगढ़ की पहल "डर से दूर, शिक्षा के पास" राजीव गांधी कक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कोविड 19 की इस महामारी में छात्रों के भविष्य को संवारने में एनएसयूआई हर कदम पर साथ खड़ी हैं, के साथ गांव में बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा एनएसयूआई ने ली। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष शितेष चन्द्रवंशी के नेतृत्व में शुक्रवार से स्कूल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एंव कोविड महामारी के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया गया।  जिला उपाध्यक्ष शितेष ने बताया कि यह कक्षा निरंतर जारी रहेगी। जब तक कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हो जाता। इस दौरान एनएसयूआई जिला सचिव सोनू कौशिक, पीजी कॉलेज अध्यक्ष कृष्णकांत साहू, जयप्रकाश कौशिक, नरेंद्र कौशिक, आईटी सेल सचिव गणेश यादव, तारेंद्र कौशिक एवं अन्य साथियों का सहयोग रहा।

22-09-2020
कोविड 19 मरीजों के इलाज में तीन दिन के भीतर बदलाव दिखेगा,बिलासपुर कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश

रायपुर/बिलासपुर। कोविड-19 के मरीजों के इलाज की व्यवस्था में तीन दिन के भीतर बदलाव दिखेगा। आज इस सम्बन्ध में बैठक लेकर संभागायुक्त डॉ.संजय अलंग ने विस्तृत निर्देश दिए। कोविड मरीजों के इलाज की व्यवस्था में सुधार के लिए डॉ.अलंग ने आज मंथन सभाकक्ष में एक बैठक रखी,जिसमें कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर सहित सिम्स, स्वास्थ्य विभाग व कोविड एवं जिला अस्पताल के अधिकारी उपस्थित थे। डॉ.अलंग ने निर्देश दिया कि कोविड संदिग्ध मरीजों के सैम्पल को आरटीपीसीआर टेस्ट के लिये लैब में दो शिफ्टों में भेजा जाये और सैम्पल अधिक होने पर तीन शिफ्ट में भेजें,जिससे रिपोर्ट जल्द मिल सके। रुके हुए सभी टेस्ट रिपोर्ट तीन दिन के भीतर जारी किये जाएं। जो स्टाफ आइसोलेशन पर जाते हैं उनके लिये स्पष्ट पॉलिसी लागू करें। रोज की डेटा इंट्री की जायेगी और जिले के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।

सिम्स में स्टाफ बढ़ाए जाएंगे

सिम्स में डॉक्टर, नर्स अन्य कर्मचारी, स्वीपर की कमी दूर की जाएंगी। संभागायुक्त ने इस सम्बन्ध में डीन को प्रस्ताव देने के लिए कहा है। सिम्स ओपीडी की व्यवस्था में सुधार लाने के सम्बन्ध में भी निर्देश दिया गया है। भीड़ की स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिये जिग जॉग, गोल घेरा बनाने व बेरिकैडिंग करने के लिये कहा गया है। इस कार्य में एनजीओ की मदद भी ली जायेगी। सिम्स और जिला अस्पताल में ओपीडी में कोविड लक्षण वाले मरीजों के लिये अलग कतार की व्यवस्था की जायेगी। इससे उन मरीजों की जांच के लिये अलग व्यवस्था हो सकेगी,जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट कराने वाले मरीजों के प्रवेश और निकासी की अलग व्यवस्था की जायेगी। मरीजों को कतार में खड़े होने की असुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके लिये बैठने की व्यवस्था की जायेगी। सिम्स में नगर-निगम द्वारा सफाई अभियान चलाया जायेगा। संभागायुक्त ने निर्देश दिया कि सिम्स के अलग-अलग विभागों में हर दो घंटे में सफाई की जाये और इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाये। प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाये। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सीपेज व मरम्मत के कार्य शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश भी संभागायुक्त ने दिया।  

आपात् चिकित्सा के लिए ट्राइएज सेंटर बनेगा

संभागायुक्त ने निर्देश दिया कि सिम्स एवं संभागीय कोविड अस्पताल में संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाये। संक्रमण नियंत्रण के लिये स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। कोविड मरीजों की स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार ऑर्डर ऑफ अर्जेंसी का निर्णय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लेंगे। वे तय करेंगे कि किस मरीज को किस अस्पताल में भेजा जायेगा। इससे गंभीर मरीजों को आपात् चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इसके लिये ट्राइएज सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया।

कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जायेगी

बिलासपुर में अभी कोविड मरीजों के लिये विभिन्न अस्पतालों में 1900 से अधिक बेड उपलब्ध हैं। संभागायुक्त ने बिस्तरों की संख्या दस दिन के भीतर 2500 तक करने का निर्देश दिया है। इस लिंक पर लें उपलब्ध बेड की जानकारी जिला प्रशासन ने एक लिंक जारी किया है,जिसमें शहर के सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर,आईसीयू बेड, वेंटिलेटर आदि की जानकारी ली जा सकती है। इसे यहां क्लिक करके देखा जा सकता है- https://bilaspur.gov.in/covid-19/

कलेक्टर की अध्यक्षता में होगी मॉनिटरिंग

संभागायुक्त ने कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति गठित करने कहा है जो उपरोक्त निर्देशों का पालन करायेंगे। यह समिति प्रतिदिन कोविड अस्पतालों की सुविधाओं की मॉनिटरिंग करेगी। सीएमएचओ,सिम्स के डीन व कोविड अस्पताल प्रभारी आपस में समन्वय के साथ काम करेंगे। संभागायुक्त ने अधिकारियों से सभी निर्देशों का पालन तीन दिन के भीतर कर इसकी रिपोर्ट देने कहा है। आज की बैठक में अपर कलेक्टर बीएस उइके, सिम्स के डीन डॉ.पीके पात्रा, नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पांडेय, सीएमएचओ डॉ.प्रमोद महाजन व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

20-09-2020
सीएमएचओं ने हड़ताली संविदाकर्मियों को 21 सितंबर को काम पर उपस्थित होने का किया नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बंजारे ने जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत हड़ताली संविदा कर्मचारियों को 21 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-,19 के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए राज्य और जिला स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जा रही है। ऐसे समय में आपका 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना सर्वथा अनुचित है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि21 सितंबर को ड्यूटी में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा 56, छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (क्रमांक-10 1979) एस्मा की कंडिका 7 (1) एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिजिस  कोविड- 19 रेगुलेशन 2020 की कंडिका -14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

20-09-2020
कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के वार्डों को किया कंटेनमेंट जोन घोषित

धमतरी। कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जिले के नगरीय निकायों के सभी वार्डों को कंटनमेंट जोन घोषित किया है। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, ऐपिडेमिक एक्ट 1897 गृह मंत्रालय भारत सरकार, राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत कंटेनमेंट क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इसके तहत 22 सितंबर से 30 सितंबर तक कंटेनमेंट क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेंगे। मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सभी नगरीय निकायों के सभी वार्डों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। ग्राम पंचायत कंटनेमेंट जोन के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। कंटेनमेंट क्षेत्र में मेडिकल स्थापनाएं, अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, दुग्ध पार्लर, गैस एजेंसी पेट्रोल पम्प खुली रहेंगी। स्वास्थ्य संबंधी मेडिकल संस्थाएं और पेट्रोल पम्प खुली रह सकती हैं। दुग्ध पार्लर सुबह 6 से सुबह 10 बजे तक ही संचालित होगी तथा गैंस एजेंसी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुली रह सकती है। इस अवधि में होम गैस सिलेंडर डिलीवरी की सेवाएं संपादित हो सकती हैं। इसके अलावा अन्य किसी वस्तु के होम डिलीवरी पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

बताया गया है कि कंटेनमेंट क्षेत्र में स्थित सभी शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालय खुले रहेंगे। इन संस्थाओं की कार्य अवधि कार्यालयीन कार्य संचालन अवधि के अनुरूप पूर्ववत रहेंगी। कार्यालय प्रमुख कार्य की आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की संख्या और समय को निर्धारित कर सकेंगे। जिले के सभी पर्यटन केन्द्र बंद रहेंगे, चाहे वे शहरी हो अथवा ग्रामीण। कंटेनमेंट क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं जैसे बिजली, पानी, सफाई इत्यादि की निर्बाध आपूर्ति होगी। कंटेनमेंट क्षेत्र में छूट प्रदान की गई सेवाओं के अतिरिक्त सभी व्यवसायिक एवं गैर व्यवसायिक गतिविधियां, सार्वजनिक स्थलों पर व्यायाम, पैदल चलना, समूह में एकत्र होना इत्यादि सभी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। साथ ही सभी पार्क, सामुदायिक भवन और तालाब इत्यादि में भी गतिविधियों की मनाही है। साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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