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12-08-2020
शिक्षक नगर कंटेनमेंट जोन से मुक्त, नहीं मिला नया कोरोना पॉजिटिव केस

रायपुर। जिला प्रशासन की ओर से थाना अभनपुर अंतर्गत शिक्षक नगर को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। जिला रायपुर अंतर्गत नगर पंचायत अभनपुर के शिक्षक नगर थाना अभनपुर में 1 कोरोना पॉजिटिव केस पाए जाने के कारण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। कंटेनमेंट जोन की परिसीमाएं उत्तर में नहर नाली,दक्षिण में डॉक्टर चंद्राकर का मकान, पूर्व में परमजीत सचदेवा का मकान और पश्चिम में राकेश साहू का मकान तक निर्धारित की गई थी। बताया गया है कि, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार कंटेनमेंट जोन में 2 जुलाई के बाद कोई भी नया कोरोना मरीज नहीं मिला। इसके बाद कंटेनमेंट जोन के लिए भारत सरकार एवं आईसीएमआर की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार जिला प्रशासन ने क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया है।

 

27-07-2020
संचालक स्वास्थ्य का सभी सीएमएचओ को पत्र, इस शिकायत पर होगी कार्रवाई...

रायपुर। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए होने वाले रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी सीएमएचओ को पत्र लिखा है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा कि राज्य शासन की अनुमति के बिना किसी भी निजी लैब या अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट नहीं किया जा सकता है। इसकी शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यवाही की जाएगी। 

पत्र में उन्होंने जानकारी दी है कि आईसीएमआर से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की अनुमति केवल कोरोना वायरस संक्रमण के सर्विलांस के उद्देश्य से दी गई है। यदि किसी निजी लैब या अस्पताल की ओर से शासन की अनुमति के बिना इस तरह की जांच की जा रही हो तो संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल कार्यवाही कर संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं को सूचित करें।

25-07-2020
सीएम बघेल ने आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल प्रो.भार्गव से कोविड-19 के नियंत्रण के संबंध में की चर्चा

रायपुर। प्रदेश के मुखिया सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर बलराम भार्गव से दूरभाष पर चर्चा करते हुए कोविड-19 के नियंत्रण हेतु प्लाज्मा थेरेपी सहित अन्य विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सीएम बघेल ने प्रो. भार्गव से छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे उपायों के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इलाज सुविधाओं में किए जा रहे विस्तार और कोविड-19 टेस्टिंग की संख्या में बढ़ोत्तरी के संबंध में बताया। उन्होंने संक्रमित मरीजों के प्लाज्मा थेरेपी से उपचार के साथ ही आगे की कार्ययोजनाओं और उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्लाज्मा थेरेपी के संबंध में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह से आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

30-06-2020
रायपुर के कई इलाके हुए कंटेनमेंट जोन से मुक्त, नहीं मिले नए कोरोना केस 

रायपुर। नए कोरोना मरीज की पहचान होने पर जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन की घोषणा की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर जिले के कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। उक्त क्षेत्रों में नए कोरोना केस नहीं मिलने से अब कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत तिरूपति इनक्लाइव, कंचन विहार थाना आमानाका, कैपिटल पैलेस के सामने अवंति विहार थाना खम्हारडीह, डंगनिया, खदानबस्ती थाना डीडी नगर और संजय नगर थाना टिकरापारा को कोरोना पॉजीटिव केस मिलने के बाद कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया था।  इसी तरह नगर पालिक निगम बिरगांव अंतर्गत वार्ड क्रमांक -35, दुर्गा नगर थाना उरला और तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत केसला थाना खरोरा क्षेत्र को कंटेनटमेंट जोन घोषित किया गया था। इन सभी क्षेत्रों में सोमवार की स्थिति में नया कोरोना मरीज नहीं मिला है। इसलिए जिला प्रशासन ने भारत सरकार और आईसीएमआर की ओर से जारी की गई गाइडलाइन अनुसार उक्त क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त किया है।

23-06-2020
आयुष मंत्रालय ने पतंजलि की कोरोना दवा के विज्ञापन पर लगाई रोक,कहा-संरचना की जानकारी उपलब्ध कराएं

नई दिल्ली। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की ओर से कोरोना वायरस की दवा बनाने के दावों पर सरकार ने संज्ञान लिया है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने दवा के बारे में चल रहे विज्ञापनों को रोके जाने और कंपनी से इसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। मंत्रालय ने दवा को लेकर मीडिया में चल रही खबरों और विज्ञापन के आधार पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि उसे इस दवा के संबंध में तथ्‍यों के दावे और वैज्ञानिक शोध के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से दवा के दावों का विज्ञापन और प्रचार तब तक बंद करने को कहा है जब तक इस मुद्दे की विधिवत जांच नहीं हो जाती। मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद से इस दवा के नाम और संरचना की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही उस लैब और अस्‍पताल के बारे में भी जानकारी देने को कहा गया है, जहां रिसर्च और ट्रायल किया गया। सैंपल साइज, इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी क्लीयरेंस, रिजल्ट ऑफ स्टडी की भी जानकारी मंत्रालय ने मांगी है। वहीं आईसीएमआर ने भी इस दवा को लेकर हो रहे दावों से पल्ला झाड़

बालकृष्ण ने बताया कम्यूनिकेशन गैप
आयुष मंत्रालय के एक्शन के बाद अब पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर दवा के क्लिनिकल ट्रायल का विवरण शेयर किया है। आचार्य बालकृष्ण ने अपने ट्वीट में कोरोना वायरस के रोगियों को ठीक करने का दावा करने वाली दवाई 'दिव्य कोरोनिल टैबलेट' के आयुर्वेदिक उपचार और सफल अनुसंधान का संक्षिप्त विवरण साझा किया है। साथ ही इसमे दवा की कार्य पद्धति के बारे में भी जानकारी दी गई है। आचार्य बालकृष्ण ने अपने ट्वीट में लिखा, ' यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है जो कम्यूनिकेशन गैप था वह दूर हो गया है। साथ ही Randomised Placebo Controlled Clinical Trials के जितने भी मानक पैरामीटर हैं उन सबकों 100 फीसदी पूरा किया गया है, इसकी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है। बता दें कि बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्‍ण ने अपने पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के कोरोना वायरस की दवा बनाने का दावा किया है। मंगलवार को दोनों ने कोरोनिल नाम की इस दवा को लॉन्च कर दिया है। इस दवा के बारे में पतंजलि की ओर से बड़े दावे किया जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे कोरोना एकदम ठीक हो जाएगा।

 

11-06-2020
आईसीएमआर ने कहा, भारत में कोरोना वायरस कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में नहीं है

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई जानकारियां सामने रखी। इस दौरान लव अग्रवाल ने बताया कि भारत में प्रति लाख संक्रमण के मामले अन्य देशों की तुलना में कम हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि आज देश का रिकवरी रेट 49.21 प्रतिशत है, अब देश में रिकवर हो चुके लोगों की संख्या सक्रिय मामलों की संख्या से ज्यादा है। 11 जून तक हमारे देश में 1,41,028 लोग रिकवर हो चुके हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के अलावा आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अब ठीक होने वाले लोगों की संख्या ऐक्टिव केस से ज्यादा हो गई है। भारत में कोरोना वायरस कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में नहीं है। देश में अब तक 0.73 फीसदी आबादी ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहां कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर भी दुनिया में सबसे कम है।अग्रवाल ने बताया कि देश के 83 जिलों में सर्वे किया गया। उसमें सामने आया कि लॉकडाउन कोरोना संक्रमण रोकने में कामयाब रहा है। लव अग्रवाल ने कहा कि देश में संक्रमण की स्थिति जानने के लिए सेरो सर्वे कराया गया। भारत में कोरोना मृत्‍यु दर अन्‍य देशों की तुलना में काफी कम है।

 

 

03-06-2020
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या दो लाख के पार,अधिक मामलों के बीच आईसीएमआर ने किया दावा, कहा- हम अभी खतरे से दूर

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। भारत भी कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश में कोविड-19 के मामलों की संख्या दो लाख के पार हो चुकी है। साढ़े पांच हजार से अधीक लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 15 दिनों में कोरोना के मामले दोगुना बढ़े हैं। पिछले एक हफ्ते से औसतन देश में कोविड-19 के सात हजार से ज्यादा मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। ऐसा तब हुआ है जब परिवहन सेवाएं और आर्थिक गतिविधियों को दोबारा चालू कर दिया गया है, जिससे मामलों के बढ़ने का खतरा और बढ़ गया है। इसी बीच भारत में बायोमेडिकल रिसर्च के फॉर्म्‍यूलेशन, कोऑर्डिनेशन और प्रमोशन की सर्वोच्‍च संस्‍था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने दावा किया है कि भारत में कोरोना वायरस फिलहाल अपने चरम पर पहुंचने से अभी काफी दूर है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को कहा हमारी कोविड-19 की वजह से होने वाली मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम 2.82 प्रतिशत है। दुनिया में यह दर 6.13 प्रतिशत है। हम मामलों की समय पर पहचान और उचित नैदानिक प्रबंधन के कारण इसे प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि देश में अब तक 100,289 मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। जिसके साथ ही ठीक होने की दर 48.4 प्रतिशत हो गई है। यह दुनिया भर में संक्रमण के सबसे आशाजनक आंकड़ों में से एक है।

मृत्यु दर में कमी और ठीक होने की दर में इजाफा से संकेत मिलता है कि दुनिया की तुलना में भारत में इसका प्रभाव उतना गंभीर नहीं है। आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि देश अभी भी कोरोना संक्रमण अपने पीक (वायरस बढ़ने की तेजी) से बहुत दूर है। वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता गुप्ता ने कहा, हम कोरोना संक्रमण के फैलने की पीक से काफी दूर हैं। हमारे निवारक उपाय बहुत प्रभावी रहे हैं। हम अन्य देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं और आप जल्द ही इसका डेटा देखेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि 'भारत में फैले कोविड-19 पर लॉक डाउन प्रभाव' शीर्षक वाले शोध पत्र में कहा गया है कि जुलाई के अंत तक वायरस के पीक की शुरुआत हो सकती है और यह सितंबर तक रह सकता है। अन्य शोध में कहा गया है कि वायरस की दूसरी लहर इस साल सर्दियों में आ सकती है।

15-04-2020
एम्स की पूल टेस्टिंग की तैयारी पूरी,संदेहास्पद रोगियों के किए जाएंगे एक साथ कई सैंपल टेस्ट

रायपुर। एम्स के माइक्रोबायलॉजी विभाग की वीआरडी लैब पूल टेस्टिंग की तैयारी कर रही है। निदेशक प्रो.(डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि आईसीएमआर के दिशा-निदेर्शों के अनुरूप पूल टेस्टिंग के लिए लैब को तैयार किया जा रहा है। पूल टेस्ट में मुख्य रूप से एक साथ पांच सैंपल टेस्ट किए जाते हैं। यदि सभी टेस्ट नेगेटिव आते हैं तो उन्हें नेगेटिव माना जाता है और यदि टेस्ट पॉजीटिव आता है तो सभी सैंपल को अलग-अलग टेस्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह विधि दो प्रतिशत से कम कोरोना वायरस रोगियों वाले क्षेत्र में लागू की जा रही है। छत्तीसगढ़ में अभी काफी कम रोगी होने की वजह से जिन रोगियों में लक्षण नहीं दिख रहे हैं या फिर जो कोरोना वायरस के संदेहास्पद रोगी है,उनका एक साथ सैंपल टेस्ट किया जा सकता है। निदेशक प्रो.(डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि पूल टेस्टिंग होने से संदेहास्पद रोगियों का एक साथ कई सैंपल टेस्ट किए जा सकेंगे। इसके साथ ही टेस्टिंग की लागत को भी कम किया जा सकेगा। एम्स ने पूल टेस्ट के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शीघ्र ही इन्हें शुरू किया जा सकता है।

कोरोना पॉजीटिव रोगियों की स्थिति स्थिर
एम्स में एडमिट कोरोना वायरस के पॉजीटिव रोगियों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि सभी रोगी एम्स के विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में हैं और उन्हें आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। निरंतर उनके सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। दो लगातार टेस्ट नेगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। प्रो. नागरकर भी निरंतर वार्ड का दौरा कर रोगियों की हालत पर निगाह बनाए हुए हैं। बता दें कि बुधवार को एम्स से चार मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं, अब भर्ती मरीजों की संख्या 16 रह गई है।

टीबी की ओपीडी में आ रहे बड़ी संख्या में रोगी
एम्स के टीबी और पल्मोनरी विभाग में बड़ी संख्या में रोगी अपना इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। 1 अप्रैल से 14 अप्रैल तक यहां 1176 रोगी अपना इलाज करवा चुके हैं। प्रो. नागरकर ने बताया कि कोरोना वायरस से मिलते जुलते लक्षणों से संबंधित कई अन्य बीमारियां फेफड़े जनित होती हैं। ऐसे में पल्मोनरी विभाग निरंतर रोगियों का परीक्षण कर उन्हें उपचार दे रहा है,जिससे उनकी आशंकाओं को दूर किया जा सके।

कैंसर के रोगियों को भी दी जाएगी पूर्ण सुविधाएं
प्रो. नागरकर ने कहा है कि एम्स की इमरजेंसी और ट्रामा में सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। इसके साथ ही कैंसर के रोगियों को भी पूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर के गंभीर रोगियों के लिए निरंतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कैंसर के गंभीर रोगियों को एम्स तक आने की अनुमति देने का भी अनुरोध राज्य प्रशासन से किया है।

क्वारेंटाइन से अपने घर पहुंचे चिकित्सक और नर्सिंग स्टॉफ
एम्स के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टॉफ का क्वारेंटाइन पीरियड 14 अप्रैल को खत्म हो गया है। इसके बाद ये सभी अपने परिजनों के पास पहुंच गए हैं। अपने परिजनों से 21 दिन बाद मिलने पर इनकी खुशी का ठिकाना न रहा। किसी ने अपने परिजनों से लंबी बातें की तो किसी ने घर का बना खाना खाया।

 

21-03-2020
कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए आईसीएमआर ने जारी किए दिशा-निर्देश

रायपुर। आईसीएमआर (Indian Council of Medical Research) ने संदिग्ध कोरोना वायरस संक्रमितों की जांच के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऐसे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले 14 दिनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की हो और जिनमें इसके लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, उन्हें 14 दिनों के होम क्वारेंटाइन में रहने कहा गया है। यदि वे बुखार या खांसी से पीड़ित या सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे हों, तभी उनके सैंपल की जांच की जाए। कोरोना वायरस संक्रमण के पाजिटिव्ह मरीजों के साथ रह रहे परिवार के सभी सदस्यों को होम क्वारेंटाइन में रहने कहा गया है।

आईसीएमआर ने लैब में सैंपल जांच के बाद पाजिटिव्ह पाए गए मरीजों के संपर्क में आए ऐसे सभी व्यक्ति जिनमें संक्रमण के लक्षण हों, उनकी जांच करने के लिए कहा है। मरीजों के उपचार एवं देखभाल में लगे मेडिकल स्टॉफ जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हों तथा श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती मरीज जो बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हों, के भी सैंपल जांच करने के निर्देश आईसीएमआर ने दिए हैं।

कोरोना वायरस के पाजिटिव्ह मरीज के सीधे संपर्क एवं संक्रमण की गंभीर संभावना वाले ऐसे व्यक्ति जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हों, उनके भी सैंपल जांच संपर्क में आने के पांचवें दिन से चौदहवें दिन के बीच एक बार किया जाना है। आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सीधे संपर्क एवं संक्रमण की गंभीर संभावना में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो संक्रमण की पुष्टि वाले व्यक्ति के साथ एक ही घर में रह रहे हैं। इनमें ऐसे मेडिकल स्टॉफ को भी शामिल किया गया है जिन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सुझाए गए समुचित सुरक्षा व सावधानी के बिना पाजिटिव्ह मरीजों का परीक्षण किया है।

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