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21-03-2020
कोरोना का बुरा असर पड़ रहा चूड़ी कारोबार पर, 500 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित

नई दिल्ली। होली के बाद का समय चूड़ी के लिए लगन का सबसे बड़ा सीजन माना जाता है। लेकिन कोरोना के कारण चूड़ी उत्पादन से लेकर चूड़ी की बिक्री तक का चक्र टूट गया है। कोरोना के कोहराम में फिरोजाबाद की चूड़ियों की खनक गुम हो गई है। यहां कांच की चूड़ी का कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ गया है। बाहर से व्यापारी न यहां आ रहे हैं और न ही यहां के व्यापारी बाहर जा रहे हैं। चूड़ी कारोबारियों के अनुसार लगन के सीजन पर करीब पांच सौ करोड़ का कारोबार हो जाता है। कोरोना वायरस के कारण इस बार चूड़ी कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। सुहाग नगरी में बनने वाली कांच की चूड़ियां पूरे देश में पहनी जाती है। होली के बाद चैत्र नवरात्र से मई माह तक पूरे देश में चूड़ियों की बंपर सेल होती है। चूंकि होली के बाद सहालग के साथ बड़े-बड़े मेले आदि लगते है। इसलिए चूड़ी बाजार में इस सीजन को लगन का सीजन कहा जाता है। इस सीजन में चूड़ियों की सबसे अधिक मांग उत्तर प्रदेश के सभी शहरों के अलावा बिहार, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से होती है।

चूड़ी व्यापारी नीरज जैन ने कहा कि होली के बाद से ही पूरे देश से आर्डर मिलने शुरू हो जाते है। इस बार कोरोना के कारण व्यापार थम गया है। बाजार में सन्नाटा है। जबकि इस सीजन में फुरसत नहीं मिलती थी। चूड़ी व्यापारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि चूड़ी व्यापार के लिए होली के बाद सबसे बड़ा सीजन शुरू होता है। बाहर के व्यापारी आर्डर नहीं दे रहे हैं। बाहर के व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के कारण मेला आदि सब बंद हैं। चूड़ी बिकेगी कहां। तीन स्तर पर चूड़ी कारोबार प्रभावित है। उत्पादन, डेकोरेशन, चूड़ी गोदाम के साथ-साथ श्रमिक भी प्रभावित है। यहां से नेपाल और बांग्लादेश भी चूड़ी जाती है। 

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