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16-07-2020
ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत आर्थिक कड़ी बनकर उभरीं बैंक सखियाँ

रायपुर। संकट के समय में ही शक्ति की असल परीक्षा होती है। ऐसे ही विश्वव्यापी कोविड संकट में छत्तीसगढ़ की आर्थिक मजबूती के लिए हाथ बंटाकर बैंक सखियों ने खुद को साबित किया है। मनरेगा श्रमिकों का भुगतान हो, बुजुर्गों और निःशक्तों को पेंशन का भुगतान करना हो या किसी ग्रामीण को अपने खाते से रुपए निकलना हो बैंक सखियों ने अपनी सेवाएं दी है। इस कारण Bank strictures emerged as strong economic link in rural areas के दौरान ग्रामीणों को न रुपए-पैसे की दिक्कत हुई और न ही उन्हें बैंक की शाखाओं की ओर रुख करना पड़ा। इससे बैंकों में भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों की तरह दुर्ग जिले में भी बैंक सखियों ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। यहां 41 महिलाएं बैंक सखी के रूप में काम कर रही हैं। इन्हें पंचायत विभाग की बिहान योजना के तहत बैकिंग लेन-देन संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया है। इनके माध्यम से अब तक 5 करोड़ रुपए का लेनदेन हो चुका है। इन्होंने पिछले एक महीने में मनरेगा के 4.43 करोड़ रुपए सहित पेंशन और जनधन खाताधारकों को 5 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। ग्राम पंचायत केसरा की 12 वीं तक पढ़ी बैंक सखी अंजू ने ग्रामीणों को जिले में सबसे ज्यादा करीब 48 लाख रुपए का भुगतान किया है।

वह जनधन योजना के एक हजार 695 खाता धारकों को 10.59 लाख रुपए, बैक जमा लेन-देन के तहत 9 लाख रुपए, मनरेगा के तहत श्रमिकों को भुगतान करीब 27 लाख रुपए, पेंशन के 93 हितग्राहियों को 65 हजार रुपए का भुगतान कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने बिजली बिल और अन्य भुगतान के लिए करीब 60 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन किया है। उनकी ही तरह पाटन जनपद के ग्राम खम्हरिया की गायत्री यदु ने एक महीने में लोगों को करीब 30 लाख रुपए का भुगतान किया है। गायत्री बताती हैं बैंक सखी बनने से गाँव और परिवार में सम्मान बढ़ गया है। इस काम में लोगों की दुआएं भी मिलती हैं। इससे वह काफी खुश हैं। जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि गांवों में बैंक सखियों के माध्यम से बैंकों की सुविधा पहुंचाने की पहल बहुत उपयोगी साबित हुई है। इसके माध्यम से ग्रामीण हर दिन लगभग पांच लाख रुपए का आहरण कर रहे हैं। हर लेनदेन के लिए सखियों को बैंक के द्वारा कमीशन दिया जाता है। ग्रामीणों के लिए यह वरदान की तरह है। इसके न सिर्फ गांवों में आर्थिक मजबूती आई है बल्कि बैंक सखी बनकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

12-05-2020
तेलंगाना से 1188 श्रमिकों को बिलासपुर लेकर पहुंची दो ट्रेने

रायपुर/बिलासपुर। श्रमिकों को लेकर दो ट्रेनें आज बिलासपुर पहुंची। इसमें एक लिंगमपल्ली (तेलंगाना) से आने वाली ट्रेन सुबह 11 बजे पहुंची। इसमें बिलासपुर जिले के 92 और संभाग के 546 व रायपुर के करीब 550 श्रमिक है। रायपुर के श्रमिकों को रायपुर स्टेशन में ही उतारा जाएगा। इन सभी श्रमिकों का स्टेशन पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए स्टेशनों पर मेडिकल टीमे भी तैनात की गई है। प्रशासन ने ट्रेन से आने वाले याात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल स्टाॅफ की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन और पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा अन्य समन्वय, सैनिटाइजर और मास्क वितरण के लिए लोग तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और आरपीएफ के जवान भी तैनात रहेंगे।

यात्रियों की स्कार्टिग के लिए राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बसों के लिए चालक और इतने ही वाहन प्रभारी उपस्थित रहेंगे। स्टेशन और आस-पास के क्षेत्र को सैनिटाइजेशन करने के लिए निगम के कर्मचाारियों का अमला और इस पूरी व्यवस्था के समन्वय और मानिटरिंग के लिए एस.डी.एम., डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी काम पर लगे हुए हैं। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एक बार में अल्टरनेट चार बोगियों से यात्रियों को उतारा जाएगा। उतरने के पहले सभी यात्रियों को हैंड सैनिटाइजर और मास्क दिया जाएगा। रेलवे स्टेशन के हर गेट में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है, जिनके द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग की जाएगी। मजदूरों को रेलवे स्टेशन से बसों के द्वारा उनके गांव एवं जिलों में भेजने की व्यवस्था की गई है जहां उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों और चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए कुल 15 स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं।

सोमवार को पहली ट्रेन यहां गुजरात से पहुंची थी। ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी लिंक में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 15 ट्रेनों को चरणबद्ध किया है, उनमें अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर एक ट्रेन, अमृतसर पंजाब से चांपा एक ट्रेन, विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, लखनऊ उत्तरप्रदेश से रायपुर के लिए तीन ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए दो ट्रेन, मुजफ्फरपुर बिहार से रायपुर एक ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर के लिए एक ट्रेन, मेहसाना गुजरात से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग रायपुर होते हुए बिलासपुर 2 ट्रेन शामिल है।

31-03-2020
स्व सहायता समूह के बनाए मास्क को मेडिकल स्टोर,पंचायत विभाग को किया सप्लाई

वाड्रफनगर। विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत करमडीहा के चांद समूह द्वारा तकरीबन 500 मास्क निर्माण कर पंचायत विभाग,मेडिकल स्टोर एवं एनआरएलएम बिहान मार्ट को बिक्री किया गया। दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क की आवश्यकता अधिक होने की वजह से बाजार में मास्क की कमी को देखते हुए इस पंचायत के चांद समूह द्वारा मास्क का निर्माण करने का बीड़ा उठाया। समूह की महिलाएं मास्क बनाने का काम लगातार कर रही हैं वहीं अब तक चिन्हित जगहों में जहां इन मास्क की डिमांड है वहां पर सप्लाई किया जा रहा है। अब तक तकरीबन 500 मास्क निर्माण करके सस्ते दामों में इस समूह के द्वारा मुहैया कराया जा रहा है। वहीं पंचायत विभाग भी मास्क की खरीदारी कर कोरल टाइम सेंटर में रह रहे बाहर से आए व्यक्तियों में बांटा जा रहा है।

 

04-03-2020
8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर होगी विशेष ग्रामसभा

रायपुर। संचानालय पंचायत द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं पंचायतों में निर्वाचित होकर अपने पदेन दायित्व का निर्वहन कर रही हैं, यह महिला सशक्तिकरण की अनुकरणीय पहल है।
पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को मनाया जाना है। इसके संबंध में संचानालय पंचायत विभाग द्वारा दिशा-निर्देश प्रसारित किये गये हैं, उक्त तिथि को ग्राम पंचायत मुख्यालय में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा में महिला पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, उत्तराधिकार तथा अवसर की समानता पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला स्व-सहायता समूह, स्वच्छता दूत, महिला जागृति समिति, महिला मण्डल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, ए.एन.एम कार्यकर्ता और सामुदायिक संसाधन व्यक्ति आदि का सहयोग लिया जाएगा।

 

11-02-2020
कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान

रायपुर। किसानों को आसानी से कृषि ऋण से लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग द्वारा 8 फरवरी से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में लाना है, जिससे कृषक उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर अधिक लाभ कमा सकें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को तीन किश्तों में छह हजार रूपए की सहायता राशि सालाना दी जाती है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अन्तर्गत लगभग 21 लाख हितग्राहियों का पंजीयन किया जा चुका है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की पहचान की जाएगी, जिनका किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है, उन हितग्राहियों को कृषि ऋण प्रदाय करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के दस्तावेजों का उपयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हितग्राही संबंधित बैंकों से सीधा संपर्क कर आसानी से कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड होने के बावजूद जो किसान ऋण नवीनीकृत नहीं कर पाते, ऐसे किसान भी बैंकों से संपर्क कर नए ऋण स्वीकृत करा सकते हैं। 

कृषि ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बैंकों द्वारा एक पेज का फार्म तैयार किया गया। किसान पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन बैंक में जमाकर 14 दिवस के भीतर किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत लाभान्वित किसान जिनका किसान क्रेडिट कार्ड उस बैंक में नहीं है, बैंकों द्वारा ऐसे कृषकों की सूची अन्य बैंकों, सरपंच और बैंक सहायकों के साथ साझा किया जाएगा और किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत किसान जनसुविधा केन्द्रों में भी पहुंच कर आवेदन कर सकते हैं। इस कार्यक्रम से उद्यानिकी फसल के किसान तथा पशुपालन एवं मछलीपालन से जुड़े किसान भी आसानी किसान क्रेडिट कार्ड बना सकते हैं।

अभियान के तहत बैंकों द्वारा ऋण राशि तीन लाख रूपए तक के लिए लगने वाले प्रोसेसिंग शुल्क को माफ किया जाएगा। जिन किसानों की ऋण सीमा 1.6 लाख रूपए तक है, उन कृषकों को बिना किसी गारंटर के तत्काल ऋण की स्वीकृति दी जाएगी। कृषि ऋण के लिए खसरा और खतौनी दस्तावेज आवश्यक है, पटवारियों को संबंधित दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में लीड बैंक द्वारा जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पंचायत विभाग के मैदानी अमलों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। किसान इस अभियान का फायदा उठाकर आसानी से बैंकों से कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

 

05-02-2020
 नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना किसानों के लिए कारगर एवं हितकारी: सिंहदेव

रायपुर। पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने रायगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के सृजन सभाकक्ष में पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उच्च शिक्षामंत्री उमेश पटेल, विधायक रायगढ़ प्रकाश नायक, विधायक धरमजयगढ़ लालजीत सिंह राठिया, विधायक सारंगढ़  उत्तरी गनपत जांगड़े सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जो किसानों के लिए हितकारी है। इस दिशा में सभी को मिलकर कारगर एवं प्रभावी तरीके से कार्य करना है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि धरमजयगढ़ में सभी नालों में बरसात के पहले निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए है। सभी आवश्यक बोल्डर चेकडेम एवं अन्य जलीय संरचना का निर्माण कर लिया गया है, जिससे उस क्षेत्र के किसान शीघ्र लाभान्वित हो सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने जिला पंचायत सीईओ से नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के संबंध में जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया कि नरवा विकास योजना के तहत 90 नालों का चयन किया गया है। जिसमें बोल्डर चेकडेम, कंटूर ट्रेच, गेबियन संरचना, डाईक निर्माण, डायवर्शन चौनल, परकोलेशन टैंक, रिर्चाज पीट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धरमजयगढ़ में 42, घरघोड़ा में 9, खरसिया में 27, बरमकेला में 25, पुसौर में 30, रायगढ़ में 30, सारंगढ़ में 42, तमनार में 28, लैलूंगा में 31 गौठान निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने चारागाह निर्माण एवं अन्य कार्यों की जानकारी दी
 

22-01-2020
मुख्यमंत्री निवास में स्वास्थ्य, पंचायत विभाग के बजट पर चर्चा

रायपुर। राजधानी में मुख्यमंत्री निवास में बजट पर चर्चा के लिए बैठक जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बैठेक हो रही है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन, वाणिज्यिक कर (जीएसटी) के बजट पर चर्चा की जा रही है। कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव भी बैठक में मौजूद हैं। दोनों विभागों के अधिकारी मौजूद हैं।

20-01-2020
शादी समारोह से लौट रहे कांग्रेस नेत की गाड़ी पलटी, मां की मौत, अन्य का इलाज जारी

रायपुर। राजधानी में रिश्तेदार की शादी से लौट रहे परिवार की कार सिमगा के पास अज्ञात वाहन से टकरा जाने से खेत में जाकर पलट गई। घटना में कांग्रेस नेता अंकित गौराहा की मां की मौत हो गई। वहीं उनके भाई भाभी भतीजा गंभीर रूप से घायल हैं। सभी का इलाज रायपुर स्थित एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। पंचायत विभाग के डॉक्टर जितेंद्र की बेटी की शादी से लौट रहे शुक्ला परिवार सिमगा निवासी कांग्रेस नेता अंकित गौरव पुत्र स्वर्गीय नारायण गौराहा के नजदीकी रिश्तेदार हैं। लिहाजा अंकित के साथ बड़े भाई अभिषेक मां मधु, भाभी और भतीजे के साथ परिवार के अन्य सदस्य शादी में शामिल होने के लिए रायपुर आए थे।

 

24-11-2019
जनपद सीईओ का आदेश-शिक्षाकर्मियों से वसूली जाएगी क्रमोन्नत वेतनमान की राशि

रायपुर। जांजगीर-चांपा के शिक्षाकर्मियों के लिए एक बुरी खबर है। उन्हें कुछ  दिनों पहले क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिया गया था लेकिन उक्त आदेश को रद्द करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर ने उप कोषालय को पत्र जारी करते हुए अधिक भुगतान की वसूली करने कह दिया है। बता दें कि ऐसी ही घटना दंतेवाड़ा में भी हुई थी। वहां भी जनपद पंचायत के सीईओ ने क्रमोन्नत वेतनमान देने का आदेश जारी कर दिया था और फिर बाद में उसे रद्द कर दिया था। दरअसल क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर भ्रम फैला हुआ है और कहा जा रहा है कि इसकी आड़ में कुछ शिक्षाकर्मी नेता राजनीति कर रहे हैं और अपने ही साथियों को गुमराह कर रहे हैं । चूंकि विभाग के कई आदेशों से यह एकदम स्पष्ट हो चुका है कि शिक्षा विभाग शिक्षाकर्मियों के संविलियन होने की तिथि से उनकी सर्विस की गणना कर रहा है और ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग के फिलहाल क्रमोन्नत वेतनमान देने के कोई आसार ही नहीं है और अगले 10 साल के बाद ही क्रमोन्नत वेतनमान शिक्षक एलबी संवर्ग को मिलेगा। इधर पंचायत विभाग भी 2011 में जारी किए गए अपने क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश को 201& में निरस्त कर चुका है इसके चलते शिक्षाकर्मियों को पंचायत विभाग से भी लाभ नहीं मिल सकता। सूत्रों के अनुसार दरअसल शिक्षाकर्मियों का क्रमोन्नत वेतनमान एक बड़ा मुद्दा है। शिक्षाकर्मियों के एक संगठन ने जहां क्रमोन्नत फॉर्म भरवाने के नाम पर जमकर चंदा वसूली की वहीं अब कुछ लोग न्यायालय में याचिका दायर करने के नाम पर राशि वसूली के काम में जुट गए हैं। हालांकि  अब तक कई याचिकाएं उ'च न्यायालय में क्रमोन्नति के लिए दायर हो चुकी है और सभी में एक ही आदेश आया है कि याचिकाकर्ता विभाग के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। गौरतलब है कि इस अभ्यावेदन को भी विभाग द्वारा रद्द किया जा चुका है। 

 

28-09-2019
Breaking : पंचायत विभाग में तबादले, इन अधिकारियों को किया गया इधर से उधर, देखे सूची...

रायपुर। प्रदेश सरकार ने  पंचायत विभाग में फेरबदल किया है। मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश अनुसार पंचायत विभाग के 24 से अधिक अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। यह आदेश उपसचिव जितेंद्र कुमार शुक्ला की ओर से जारी किया है। इसमें विकास विस्तार अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। किस अधिकारी को कहा पदस्थ किया है, देखे सूची...

04-09-2018
IAS Transfer : चार आईएएस के प्रभार में फेरबदल, पढ़े पूरी खबर 

रायपुर। राज्य सरकार ने 4 आईएएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल कर दिया है। आज जारी हुए आदेश के मुताबिक पंचायत विभाग के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा और संस्कृति विभाग के संचालक जितेंद्र शुक्ला के विभागों की अदला-बदली की है। जबकि ईमिल लकड़ा को स्कूल शिक्षा विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है और कार्तिकेय गोयल को उप सचिव पीएचई का कार्यभार दिया गया है।

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