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22-10-2020
देश में कोरोना के 55839 नए मामले आए, कुल संक्रमितों का आंकड़ा 77 लाख के पार

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेकिन सक्रिय मामलों में लगातार कमी हो रही है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 55,839 नए मामले सामने आए और 702 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 55,839 नए मामले आए और संक्रमितों की कुल संख्या 77 लाख को पार कर 77,06,946 हो गई। इसी अवधि में 79,415 लोगों ने कोरोना को मात दी है और इसे मिलाकर देश में अब तक 68,74,518 मरीज कोरोनामुक्त हो चुके हैं। नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक होने से सक्रिय मामले 24,278 घटकर 7,15,812 हो गए हैं। इस दौरान 702 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई और इस संख्या को मिलाकर अब तक 1,16,616 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देश में स्वस्थ होने वालों की दर बढ़कर 89.20 प्रतिशत और सक्रिय मामलों की दर घटकर 9.29 प्रतिशत पर आ गई है जबकि मृत्यु दर अभी 1.51 फीसदी है।

21-10-2020
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर निगम ने बस्ती के घरों से एकत्र किया कचरा

रायपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर निगम बस्तियों की साफ सफाई की ओर विशेष ध्यान दे रहा है। नगर निगम की सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.तृप्ति पाणीग्रही बुधवार को जोन 4 के निरीक्षण करने पहुंचीं। यहां उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों से बस्ती में व्हील बीन से घर-घर जाकर कचरा एकत्र करवाया। उन्होंने बस्ती के रहवासियों को कचरा सड़क पर नहीं फेंकने, मास्क लगाने एवं हाथ साबुन से धोने की समझाइश दी। सफाई के बाद बस्ती में चूना, ब्लीचिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव किया। 

 

21-10-2020
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने जोड़ा, बड़ी संख्या में महिलाओं को

रायपुर। बिहान मिशन ने टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ा है। महिलाओ संचालित समुदाय आधारित संवहनीय कृषि परियोजना से जुड़ रही है। इसके माध्यम से 3 लाख 76 हजार महिलाएं खेती और पशुपालन कर रही हैं। इन कार्यों में सहायता और मार्गदर्शन के लिए चार हज़ार एक सौ दस कृषि सखी और चार हज़ार बावन पशु सखी को ट्रेन्ड किया गया है।
महिला किसानों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन एव विपणन के लिए पांच कृषक उत्पादक संगठन बनाए गए हैं। इनमें दस हजार 394 उत्पादकों को जोड़ा गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में इन संगठनों ने अब तक कुल एक करोड़ 62 लाख रूपए का व्यवसाय किया जा चुका है। बिहान के संचालित स्टार्ट-अप विलेज उद्यमिता कार्यक्रम से 7901 महिला उद्यमी स्वरोजगार कर रही हैं। इसके माध्यम से ईंट बनाने के काम में लगीं महिलाओं ने अब तक पांच करोड़ 65 लाख ईंटों का निर्माण किया है। इन ईंटो का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों और विभिन्न शासकीय भवनों बनाने में किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के गठित स्वसहायता समूहों की महिलाएं ईंट, सीमेंट पोल, पेवर-ब्लॉक और चैनल-लिंक फेंसिंग बनानेका कार्य कर राशि है। साथ ही कैंटीन संचालन, सेनेटरी नैपकिन निर्माण, हस्त शिल्प, रेडी-टू-ईट निर्माण, हाट-बाजारों के संचालन, मछली पालन और सिलाई जैसे कार्यों में भी लगी हुई हैं। मकान बना रहे ग्रामीण एवं निजी ठेकेदार भी इनसे ईंटों की खरीदी कर रहे हैं। प्रदेश भर में स्वसहायता समूहों की महिलाएं गौठानों में भी व्यापक स्तर पर रोजगारपरक गतिविधियों में लगी हुई हैं। वर्मी कंपोस्ट के निर्माण के साथ वे बकरीपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन, सब्जियों की खेती जैसे कृषि से संबद्ध व्यवसाय के साथ ही रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों जैसे साबुन, अगरबत्ती, दोना-पत्तल, गमला, दीया, गुलाल जैसी सामग्रियां बना रही हैं।
रायपुर जिले के सुरभि क्लस्टर की 50 महिलाओं ने नया रायपुर की सड़कों की साफ-सफाई का काम लिया हुआ है। वे यहां की 75 किलोमीटर सड़कों की सफाई करती हैं| स्वसहायता समूहों की महिलाओं के तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य एवं जिले के मुख्य बाजारों में 125 बिहान बाजारों की स्थापना की जा रही है।  इनका संचालन समूह की महिलाएं खुद करेंगी।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार के लिए सुविधा मल्टी-यूटिलिटी सेंटर स्थापित किए गए हैं। विभिन्न जिलों में स्थापित ऐसे 13 केंद्रों में महिलाएं 90 तरह की आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इन केंद्रों में 145 समूहों की 1014 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है।  
चप्पल, एलईडी बल्ब, मास्क, जूट बैग, गारमेंट सिलाई, मोमबत्ती, अगरबत्ती, धूपबत्ती, पेंसिल, साबुन, वाशिंग पावडर, दोना-पत्तल, ट्री-गार्ड, बेकरी आइटम, मशरूम उत्पादन जैसे विविध उत्पाद वहां तैयार किए जा रहे हैं। मास्क बनाने के काम में प्रदेश भर की 2274 समूहों की 8526 महिलाएं लगी हुई हैं। अलग-अलग जिलों की 68 महिला समूहों की 474 महिलाएं सेनिटाइजर बना रही हैं। समूहों की महिलाएं प्रदेश में कोरोना प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरोना काल में विभिन्न समूहों की महिलाओं के निर्मित किए गए 47 लाख 14 हजार मास्क की बिक्री हुई है। जिससे उन्हें पांच करोड़ 70 लाख रूपए मिले हैं| वहीं 19 हजार 615 लीटर सेनिटाइजर के विक्रय से महिला समूहों को 68 लाख 64 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं गांवों में कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में जन-जागरूकता फैलाने में भी जुटी हुई हैं। वे हाथ धुलाई के सही तरीके का प्रदर्शन कर, दीवार लेखन, रंगोली, व्हाट्स-अप इत्यादि के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार जागरूक और शिक्षित कर रही हैं। कोरोना काल में आंगनबाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पोषण आहार पहुंचाने में भी बिहान की महिलाओं ने सक्रिय सहयोग दिया है। ये महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बस्तर जिले में 90 हजार 42 बच्चों तक नियमित रेडी-टू-ईट पहुंचा रही हैं। कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों में बिहान मार्ट के माध्यम से समूह की महिलाएं मास्क, राशन, हरी सब्जियां, दवाईयां इत्यादि की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करा रही हैं।

20-10-2020
मास्क,सामाजिक दूरी और हाथ धुलाई,कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के तीन मूल मंत्र: कलेक्टर

बीजापुर। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के लिए जिले की आम जनता से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को जन जागरूकता और कुछ आसान उपाय दैनिक जीवन में शामिल करके रोका जा सकता है। अभी त्यौहार का दौर चल रहा है और आने वाले दिनों में लगातार त्यौहार का समय है। इसमें दशहरा,दीपावली, क्रिसमस,नववर्ष आदि अवसरों पर विभिन्न आयोजन होगा,जिसका सीधा प्रभाव,बाजार एवं सार्वजनिक जगहों पर पड़ेगा। इससे बचने के लिए छोटे-छोटे उपाय अमल में लाना बहुत आवश्यक है,जैसे मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें, जब भी घर से बाहर निकले मास्क लगाकर निकले, सार्वजनिक जगहों पर सामाजिक दूरी का पूर्णतः पालन करें एवं अनावश्यक भीड़ वाले स्थानों में जाने से बचें,हाथ धुलाई लगातार करते रहें और सैनिटाइजर एवं हैंडवाश या साबुन से कुछ समय के अंतराल में हाथ धुलाई करते रहें।कलेक्टर रितेश अग्रवाल द्वारा सभी शासकीय-अशासकीय कार्यालय में भी मास्क,सामाजिक दूरी एवं हाथ धुलाई का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

 

20-10-2020
ग्रामोद्योग व वनोपज को और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का हर सम्भव प्रयास कर रही भूपेश सरकार

रायपुर। भूपेश सरकार अपनी मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग और वनोपज आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हर संभव प्रयास कर रही है। एक ओर जहां इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है, वहीं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर छत्तीसगढ़ कोसा सिल्क की चमक अब सात समुंदर पार अफ्रीकी देशों तक जा पहुँची है। कल दिनांक 19 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों की अफ्रीका महाद्वीप के जांबिया, मोरक्को, गिनीबिसाओं, सेनेगल आदि देशों के व्यवसायिक प्रतिनिधियों से आनलाइन व्यापारिक परिचर्चा हुई है। इस परिचर्चा के दौरान सेनेगल में भारतीय राजदूत श्रीनिवास राव की वर्चुअल उपस्थिति में सुधाकर खलखो संचालक ग्रामोद्योग ने छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क धागों के धागाकरण, रंगाई एवं कोसा सिल्क व्यापार के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कोसा सिल्क के विभिन्न उत्पादों के फोटोग्राफ्स सहित सभी उत्पादों की उपयोगिता की शानदार प्रस्तुति दी गई।

संचालक खलखो ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में चाइनीज और कोरियन यार्न की अनुपलब्धता और इनके मुकाबले छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क धागे आकर्षक, मजबूत और किफायती होने के कारण दूसरे राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों में इसकी मांग बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि परिचर्चा के दौरान कोसा सिल्क उत्पादों की प्रस्तुतीकरण से ही अफ्रीकी व्यापारिक संस्थान इनके मुरीद हो गए और अफ्रीकी व्यापारिक संस्थाओं द्वारा कोसा सिल्क के उत्पादों में विपणन को लेकर बड़ी उत्सुकता दिखाई है। खलखो ने बताया कि ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में ग्रामोद्योग के उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय क्रेता- विक्रेता सम्मेलन में, जहां विभिन्न देशों के साथ एमओयू किया गया। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में ग्रामोद्योग का ट्रायफेड के साथ एमओयू होने से राज्य की शिल्पकला को एक नई पहचान मिली है, और अन्य राज्यों के लोगों की पहली पसंद भी बन गया है। इससे छत्तीसगढ़ में ग्रामोद्योग से जुड़े ग्रामीणों का जीवन स्तर और आर्थिक स्थिति सुधर रही है।

20-10-2020
देश में 46790 नए कोरोना पॉजिटिव, 587 की मौत

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 46,790 नए मामले सामने आए और 587 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 46,790 नए मामले आए और संक्रमितों की कुल संख्या 75,97,063 हो गई। इसी अवधि में 69,720 लोगों ने कोरोना को मात दी है और इसे मिलाकर देश में अब तक 67.33 लाख मरीज कोरोनामुक्त हो चुके हैं। नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक होने से सक्रिय मामले 23,517 घटकर 7,48,538 हो गए हैं। इस दौरान 587 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई और इस संख्या को मिलाकर अब तक 1,15,197 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देश में स्वस्थ होने वालों की दर 88.63 प्रतिशत और सक्रिय मामलों की दर 9.85 प्रतिशत पर आ गई है जबकि मृत्यु दर अभी 1.51 फीसदी है।

19-10-2020
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर 596 लोगों पर लगाया गया 17 हजार 460 जुर्माना

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में कोरोना संक्रमण की  रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। निर्देशों के उल्लंघन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही भी की जा रही है। कलेक्टर ने इस संबंध में राजस्व अधिकारियों, जनपदों के सीईओ एवं नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को पत्र जारी कर कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि जनपद पंचायत पामगढ, बम्हनीडीह, बलौदा, अकलतरा, सक्ती, जैजैपुर, मालखरौदा, नवागढ़, डभरा की सभी नागरिकों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर थूकने, मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग नहीं करने, फिजिकल डिस्टेंस आइसोलेशन के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करवाने के लिए अर्थदण्ड की कार्यवाही की गई। सभी जनपद पंचायतों से अब तक कुल 596 प्रकरणों में 17 हजार 460 रूपए के अर्थदण्ड की वसूली की गई। कोरोना संक्रमण वैश्विक महामारी से बचाव एवं रोकथाम के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना से बचाव के उपाय के लिए दैनिक व्यवहार में परिवर्तन लाना जरूरी है। इसके लिए मास्क का उपयोग,2 गज की दूरी का पालन करना, हाथ धोना जैसे तरीके हैं तथा इस दिशा में प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
जनपद पंचायत बम्हनीडीह में मास्क न पहनने पर हुई कार्यवाही में अब जुर्माने के तौर पर 140 प्रकरणों में 4 हजार 200 रूपये वसूल किए गए। जनपद पंचायत जैजैपुर में 76 प्रकरणों में 2 हजार 280 रूपए, पामगढ़ में 128 प्रकरणों में 3 हजार 420 रूपए, अकलतरा में 7 प्रकरणों में 710 रूपए, मालखरौदा में 42 प्रकरणों में 1 हजार 260 रूपए, डभरा में 78 प्रकरणों में 2 हजार 340 रूपए एवं नवागढ में 39 प्रकरणों में 1 हजार 170 रूपए की वसूली की गई। जनपद पंचायत बलौदा में 86 प्रकरण में 2 हजार 580 रूपए अर्थदंड लिया गया।

 

19-10-2020
देश में 55722 नए मरीज, अब तक 114610 लोगों की मौत

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 55,722 नए मामले सामने आए है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 55,722 नए मामले आए और यह संख्या 75,50,273 हो गई। इसी अवधि में 66,399 लोगों ने कोरोना को मात दी है और इसे मिलाकर देश में अब तक 66.63 लाख मरीज कोरोनामुक्त हो चुके हैं। नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक होने से सक्रिय मामले 11,256 घटकर 7,72,055 हो गए हैं।

मृतकों की संख्या एक दिन बढ़ने के बाद इसमें फिर कमी आई और रविवार को 1033 की तुलना में यह 454 कम होकर 579 रही जिसे मिलाकर अब तक 1,14,610 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देश में स्वस्थ होने वालों की दर 88 प्रतिशत और सक्रिय मामलों की दर 10.23 प्रतिशत पर आ गई है जबकि मृत्यु दर अभी 1.52 फीसदी है।

19-10-2020
बस्तर दशहरा की पहली फूल रथ परिक्रमा कर्फ्यू के साए में हुई पूरी 

रायपुर/जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का मुख्य आकर्षण दुमंजिला काष्ट फूल रथ की परिक्रमा से है। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण काल के कारण पहली फूल रथ परिक्रमा कर्फ्यू के साए में पूरी की गई। बस्तर दशहरा के इतिहास में पहली बार कर्फ्यू के साए में फूल रथ परिक्रमा कराई जा रही है। इसके साथ ही बस्तर दशहरा के रथ संचालन कर्फ्यू के साए में पूरी की जाएगी। पहले जिसे देखने के लिए देशी-विदेश के पर्यटकों का जमावड़ा लगता था, वहां विरानी छाई हुई है। जिला प्रशासन के व्यवस्था के अनुसार फूल रथ परिक्रमा स्थल को पूरी तरह से बंद कर कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, जिससे कोई भी श्रद्धालु यह नहीं पहुंच सकता, व्यवस्था के अनुसार रथ खींचने वाले जिन्हें प्रशासन ने अनुमति प्रदान की है, वे और बस्तर दशहरा के परंपराओंं के निर्वहन के लिए जितने लोग को अनुमति प्रदान की गई थी, वे ही इसमें शामिल हुए। 

बस्तर दशहरा फूल रथ परिक्रमा हिंदू पंचांग की तिथि के अनुसार अश्वनी शुक्ल पक्ष से द्वितिया से सप्तमी तक अर्थात 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक रोजाना संचालित होगी इस दौरान प्रशासन के द्वारा फूल रथ परिक्रमा स्थल पर कर्फ्यू लागू रहेगा जहां कोई भी श्रद्धालु नहीं आ सकता। बस्तर दशहरा में रथ परिक्रमा स्थल और दंतेश्वरी मंदिर के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से भक्तिमय होकर हजारों लाखों श्रद्धालुओं से पटा पड़ा रहता था। लेकिन आज पूरी तरह से विरान और खाली बगैर श्रद्धालुओं के बस्तर दशहरा की पहली फूल रथ परिक्रमा प्रशासन के देखरेख में हुआ। इस दौरान पत्रकारों को जारी पास के आधार पर ही उन्हें बस्तर दशहरा को कवर करने के लिए अनुमति प्रदान की गई थी।

18-10-2020
कांकेर जिले में कोरोना संक्रमण के मिले 64 नए मामले,शहर में मिला मात्र एक

कांकेर। जिले में कोरोना संक्रमण के कुल 64 मामले सामने आए हैं,जिसमें शहर से 1 तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र से 63 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। कुछ दिनों से कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार केर जिले में कुल 64 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। इसमें कांकेर शहर के शीतलतापारा वार्ड से 1 व कांकेर विकासखण्ड में 1, अन्तागढ़ में 1, भानुप्रतापपुर 12, चारामा में 15, दुर्गुकोंदल में 18, नरहरपुर में 14, कोयलीबेड़ा में 2 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है।

 

18-10-2020
अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ लौटे 6.81 लाख लोगों ने पंचायतों में बनाए गए सेंटरों में  पूरी की क्वारेंटाइन अवधि

रायपुर। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए ग्राम पंचायतों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों से कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने में बड़ी सहायता मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से इसके लिए प्रदेश भर में 21 हजार 580 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए थे। कोरोना काल में प्रदेश लौटे 6 लाख 80 हजार 665 लोग इन सेंटरों में सफलतापूर्वक क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर अपने घर पहुंच चुके हैं। इन लोगों ने खुद के एवं अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण करने के बाद अगले दस दिनों तक होम-क्वारेंटाइन में रहने के निर्देशों का भी गंभीरता से पालन किया है।

गांवों में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटरों का संचालन एवं नियंत्रण संबंधित जिला प्रशासन द्वारा किया गया। इनके संचालन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्राम पंचायतों में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को आवास और भोजन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई थीं। अस्थायी शौचालयों, पुरूषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानगृहों, स्वच्छ पेयजल, लाइट एवं पंखों की भी वहां व्यवस्था की गई थी। लोगों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन एवं रेडियो के इंतजाम के साथ अनेक रचनात्मक गतिविधियां भी वहां संचालित की जा रही थीं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने योग और प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। वृक्षारोपण, पेंटिंग, खेलकूद, पठन-पाठन जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी उनकी मानसिक सेहत का ध्यान रखा गया।



क्वारेंटाइन सेंटरों में बेहतर साफ-सफाई के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशों के पालन पर भी जोर दिया गया था। बार-बार हाथ धोने के लिए साबुन और पानी के साथ ही हैंड-सेनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया था। मुंह ढंकने के लिए मास्क एवं गमछा भी दिया गया। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मिलने जैसी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रत्येक सेंटर में एक कमरा पृथक से आइसोलेशन के लिए सुरक्षित रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से क्वारेंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की गई। अस्वस्थ लोगों को इलाज और दवाईयां भी मुहैया कराई गईं। संक्रमण की संभावना और लक्षण वाले व्यक्तियों के तत्काल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।  
 पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए मनरेगा के तहत जॉब-कार्ड बनाकर रोजगार दिए जाने के साथ ही उन्हें अन्य योजनाओं के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने त्वरित कदम उठाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा मजदूरों की स्किल-मैपिंग कर औद्योगिक, भवन निर्माण और अन्य क्षेत्रों में उन्हें काम दिलाने के लिए भी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।







 

18-10-2020
देश में कोरोना के 61871 नए मामले, 1033 की मौत, कुल संक्रमितों का आंकड़ा 74 लाख के पार

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 61,871 नए मामले सामने आए और 1033 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 1033 संक्रमितों की मौत के साथ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 1.14 लाख हो गई। इसी अवधि में 72,614 लोगों ने कोरोना को मात दी है और इसे मिलाकर देश में अब तक करीब 66 लाख मरीज कोरोनामुक्त हो चुके हैं। नए मामलों में कमी आने से सक्रिय मामले 11,776 घटकर 7.83 लाख रह गए। इस दौरान 61,871 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद इनका आंकड़ा 74.94 लाख हो गया। देश में स्वस्थ होने वालों की दर 88 प्रतिशत हो गई है जबकि मृत्यु दर अभी 1.52 फीसदी है।

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