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14-09-2020
प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है : शिवरतन शर्मा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना संक्रमण के इलाज की व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शर्मा ने कहा है कि एक ओर प्रदेश में रोज हजारों कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं और दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है। कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की सोच व तैयारियां उसकी अक्लमंदी और समझ पर सवाल खड़ा कर रही हैं। शर्मा ने कहा है कि सितंबर की शुरुआत से ही प्रदेश में जिस रफ़्तार के साथ कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, उसे देखकर यह लग रहा है कि छत्तीसगढ़ बहुत जल्द देश का कोरोना संक्रमण वाला अव्वल राज्य हो जाएगा। जिस छत्तीसगढ़ की तुलना न्यूजीलैंड से करके और राहुल गांधी के टिप्स का हवाला देकर प्रदेश सरकार कोरोना मुक्त छत्तीसगढ़ के दावे करती इठला रही थी, उस छत्तीसगढ़ के हर गली-मुहल्लों में कोरोना संक्रमण को पहुंचाकर प्रदेश सरकार ने अपने निकम्मेपन की इबारत खुद अपने हाथों लिख दी है। शर्मा ने कहा है कि, हजारों-हजार कोरोना मरीजों के लिए महज 560 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करके प्रदेश सरकार को अपनी वाहवाही कराने में जरा-सी भी शर्म महसूस क्यों नहीं हो रही है? जिस छत्तीसगढ़ में रोजाना ढाई से तीन हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहां 22 हजार बेड्स का दावा करने वाली प्रदेश सरकार के मौजूदा इंतजाम देखकर उसकी अक्लमंदी पर तरस आ रहा है। सरकार का यह रवैया फिर यह साबित कर रहा है कि, प्रदेश सरकार की सूझबूझ और समझ पर पूरी तरह पाला पड़ गया है और वह इस महामारी से निपटने के लिए कतई गंभीर और संवेदनक्षम नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अब भी आंखों पर पट्टी बांधे, कानों में रुई ठूसे और मुंह में दही जमाए बैठे हैं। वे न तो प्रदेश के कोविड सेंटर्स का मुआयना करना जरूरी समझ रहे हैं और न ही प्रदेश के सभी लोगों को साथ और विश्वास में लेकर इस जंग का मुकाबला करने तैयार हैं। प्रदेश के कोविड सेंटर्स में न तो पर्याप्त चिकित्सा उपकरण हैं, न ही ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। मरीजों को इलाज के अस्पतालों में भर्ती तक नहीं किया जा रहा है, जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, उनके फेफड़ों की जांच के लिए एक्स-रे मशीन नहीं है।  मरीजों को समय पर चाय, नाश्ता, काढ़ा, भोजन और दवाएँ तक समय पर नहीं मिल पा रही हैं।  कोरोना टेस्टिंग में छत्तीसगढ़ 20वें स्थान पर है।

02-07-2020
कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की ली जानकारी

कोरिया। कलेक्टर सत्यनारायण राठौर की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गठित एवं संचालित जिला स्वास्थ्य एवं कार्यकारिणी समिति, जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति एवं अन्य जिला स्तरीय समितियों की बैठक हुई। जहां उन्होंने कहा कि जिला से राज्य और राज्य से देश की प्रगति होगी,जब हर व्यक्ति स्वस्थ और तंदरूस्त होगा। कोरिया जिले में बेहतर चिकित्सा एवं समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।  बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं हर व्यक्ति के लिए आवश्यक हैं। इसमें किसी तरह की कमी ना रखें। कलेक्टर ने बैठक में मुख्य स्वास्थ्य सूचकांक में जिले की स्थिति एवं वर्ष 2019-20 की योजना एवं जिले की उपलब्धियों पर चर्चा की। संस्थागत में प्रसव प्रगति लाने निर्देश दिए एवं पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने उपस्थित चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जिले में स्थित चिकित्सीय सुविधा संबंधी स्वास्थ्य संस्थानों, निर्माणाधीन भवनों एवं मरम्मत पर विशेष चर्चा करते हुए जर्जर भवनों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी स्वास्थ्य संबंधित भवनों का यदि कार्य पूरा हो गया हो तो, शीघ्र हैंड ओवर करें। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 से बचाव एवं उपचार तथा कोविड हॉस्पिटल की जानकारी के साथ क्वारेंटाइन सेंटरों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की जानकारी प्राप्त की तथा स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग को आपस मे समन्वय कर उनकी जानकारी संधारित रखने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए एवं जिले में उपलब्ध विभिन्न एम्बुलेंस वाहनों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना एवं मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी एवं जिले में स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों की जानकारी लेकर शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए। बैठक में सीएमएचओ, सभी बीएमओ एवं जिला स्तरीय समितियों के नोडल अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

16-05-2020
Video: कोरोना सेनानियों के अभिवादन के लिए डॉक्टरों ने बनाया डॉक्यूमेंट्री गीत

रायपुर। पं.जवाहरलाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डॉक्टरों एवं चिकित्सा छात्रों के द्वारा देश के अंग्रिम पंक्ति में डटकर कोरोना का मुकाबला कर रहे योद्धाओं के लिए चार मिनट का गायन वृत्तचित्र बनाकर अभिवादन किया गया है। शनिवार दोपहर चिकित्सा महाविद्यालय के लेक्चरर हाल में अधिष्ठाता डॉ.विष्णु दत्त ने गायन वृत्तचित्र का विमोचन किया। डॉ.दत्त ने कहा कि निश्चित रूप से ऐसे प्रयास सकारात्मक सोच के साथ लोगों को कोरोना से लड़ने में मददगार साबित होंगे। विमोचन के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मानिक चटर्जी एवं डॉ.पीके खोड़ियार भी मौजूद रहे। इस गीत का लेखन एवं निर्देशन माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने किया है। गीत के बोल हैं ”भारत होगा कोरोना मुक्त, एक दिन... मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास...“ इस गीत के माध्यम से डॉ. नेरल ने दवा, जांच, भौतिक दूरी, स्वच्छता और घर में रहने जैसे नियमों का पालन करते हुए कोरोना मुक्त भारत की बात कही है।

वृत्तचित्र में वीडियो के माध्यम से चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की उन गतिविधियों को परिलक्षित किया गया है जो मुख्यतः कोरोना की जांच व इलाज से सम्बन्धित है। इसमें यह विश्वास भी प्रतिपादित किया गया है कि चिकित्सालय और जनसामान्य के मिल-जुल कर किये जाने वाले सतत् प्रयासों से देश को कोरोना मुक्त किया जा सकता है। कोरोना गीत के रूप में यह संदेश लोगों को काफी पसंद आ रहा है। इस गीत को स्वर दिया है डॉ.शिप्रा शर्मा, डॉ. अरविंद नेरल, डॉ. वर्षा मुंगुटवार, डॉ.संतोष सोनकर, डॉ.मान्या ठाकुर, डॉ.आकाश लालवानी, डॉ.प्रभा ठाकुर, डॉ.देबाप्रिय रथ, डॉ. वंदना देवांगन और डॉ. पीयूष भार्गव ने। वहीं डॉ. मयंक टंडन, डॉ. संकेत मिंज और डॉ. दीक्षांत शर्मा ने संगीतबद्ध किया है।

28-04-2020
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार,रविवि के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक छात्र-छात्राएं देंगे मु्फ्त सेवा

रायपुर। जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए विभाग ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 17 चिकित्सा मनोवैज्ञानिक छात्र स्वैच्छिक रूप से अपनी सेवाएं देंगे।
यह परामर्श ज़िले में टेलीमेडिसिन द्वारा आवश्यकता अनुसार दिया जाएगा। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी टेली मेडिसिन के माध्यम से अपने क्षेत्र के मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित को परामर्श दिलायेगें। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिकों द्वारा स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर डॉ.मीरा बघेल ने बताया कि रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग से अनुबंध करते हुए जिले के समस्त विकासखंड में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर करने के लिए स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने के लिए मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रियमवदा श्रीवास्तव के सहयोग से 17 मनोवैज्ञानिकों का सहयोग लिया जाएगा। इसमें 5 आरंग,5 अभनपुर,3 धरसींवा, 2 रायपुर और 2 तिल्दा में स्वैच्छिक सेवा के तहत टेलीमेडिसिन के माध्यम से अपने क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित परामर्श ले सकते हैं। सेवा प्रदाता को क्या करना होगा समस्त सेवा प्रदाता को एक रजिस्टर संधारित करना होगा,जिसमें सेवाग्राही का नाम, पता, नंबर, परिणाम सकारात्मक एवं नकारात्मक संकेत होंगे। प्रतिदिन की रिपोर्ट मानसिक स्वास्थ्य इकाई जिला रायपुर को भेजी जाएगी। परामर्श दाताओं को प्रतिदिन कम से कम 25 काउंसलिंग करना अनिवार्य होगी।

कहां- कहां से मिलेगी सेवा

आरंग में राहत केंद्र भानसोज,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरफ़ौद,रीवा,चंदखुरी,कुरुदकुटेला के स्वास्थ्य केंद्रों से सम्पर्क कर मनोवैज्ञानिक परामर्श मानसिक स्वास्थ्य से पीडित लोग ले सकते हैं। अभनपुर में उपरवारा, अभनपुर, गोबरा नवापारा,तोरला, खोरपा, गुढियारी,खिलोरा के स्वास्थ्य केंद्र से मनोवैज्ञानिक परामर्श पीडित लोग ले सकते हैं। धरसींवा में सिलयारी,मांढर और दोंदेकलॉ बिरगॉव के स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क कर मनोवैज्ञानिक परामर्श पीडित लोग ले सकते हैं। तिल्दा में खरोरा,बंगोली,खैरखुट केस्वास्थ्य केंद्र से मनोवैज्ञानिक परामर्श ले सकते हैं। रायपुर में हीरापुर,कबीरनगर,भाटागॉव, डीडी नगर के स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क कर मनोवैज्ञानिक परामर्श पीडित लोग ले सकते हैं।

25-04-2020
कोरोना कर्मवीरों की एक और सराहनीय पहल, कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति में किया रक्तदान

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान वैश्विक स्थिति ने सम्पूर्ण विश्व में अनेक विषम परिस्थितियां निर्मित की हैं और इसी वजह से लोगों ने रक्तदान से भी मुंह मोड़ लिया है। कोरोना के कारण उत्पन्न काल्पनिक एवं अज्ञात भय से नियमित रक्तदाता और स्वैच्छिक रक्तदाता भी रक्तदान के लिए ब्लड बैंक नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में ब्लड बैंक में बहुत जरूरी मरीजों के लिये रक्त की उपलब्धता में समस्या आ रही है। थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, हीमोफिलिया एवं कैंसर जैसे मरीजों को हर महिने, दो महिने में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसी स्थिति में आम लोगों में इन भ्रांतियों को दूर करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिये पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के चिकित्सकों ने रक्तदान कर अनुकरणीय और प्रशंसनीय पहल की है,जिससे सामान्य लोग रक्तदान के लिये प्रोत्साहित हो सकें। शनिवार को सुबह अम्बेडकर अस्पताल के ”स्टेट ऑफ द आर्ट माॅडल बैंक”  में 15 से भी अधिक डाॅक्टरों ने रक्तदान किया और आम लोगों से रक्तदान करने की अपील की। चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. विष्णु दत्त ने इस सराहनीय व नेक पहल पर सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं दी हैं।

रक्तदान के रोल माॅडल डाॅ. नेरल का 114वां रक्तदान

इस रक्तदान शिविर का नेतृत्व कर रहे पैथोलाॅजी व माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. अरविन्द नेरल का यह 114वां रक्तदान था वे पिछले 40 वर्षों से लगातार समय-समय पर रक्तदान करते रहे हैं और शिविर, व्याख्यान, आलेख व परामर्श के माध्यम से अन्य लोगों को रक्तदान के लिये प्रेरित करते रहे हैं। रक्तदान के महानायक डाॅ.नेरल ने कहा,हमारे शरीर में औसतन 1.2 से 1.5 लीटर रक्त, जरूरत के अतिरिक्त बेवजह प्रवाहित होता रहता है। उसमें से 350 मिली लीटर रक्तदान करने से शरीर में कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि असीम मानसिक संतुष्टि मिलती है कि हमारा रक्त कुछ मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये काम आ रहा है। डाॅ. नेरल के साथ उनके 24 वर्षीय पुत्र अरिन्दम नेरल ने रक्तदान किया। ब्लड बैंक में रक्तदान करने आये अन्य लोगों ने रक्तदान में पिता-पुत्र की इस जुगलबन्दी की काफी सराहना की।
 

23-04-2020
चिकित्सा राहत सामग्री लेकर पहुंचा सेना का विमान, माना एयरपोर्ट पर हुई सातवीं लैंडिग

 

रायपुर। कोरोना वायरस कोविड-19 से निपटने दिल्ली से आ रही चिकित्सा राहत सामग्री की कड़ी में गुरुवार शाम भारतीय वायु सेना का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर लैंड किया। इस बार 140 किलो वजनी पैकिंग कार्टून उतारे गए। कार्टून में टेस्टिंग किट के साथ अन्य चिकित्सा सामग्री पहुंची है। दिल्ली से आईसीएमआर द्वारा भेजी गई इस चिकित्सा राहत सामग्री को आईसीएमआर और रायपुर इन की टीम को सौंपी गई। इस दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर सहित अन्य उपस्थित थे। बता दें कि राहत सामग्री के साथ राजधानी के माना एयरपोर्ट पर यह सातवीं लैंडिग थी। इससे पहले 28 मार्च को दो विमान, 6-13 और 17 व 19 अप्रैल को एक-एक विमान रायपुर आ चुका है।

 

04-04-2020
आश्रम में रहने वाले कपिल प्रभु का जब मुस्लिम रीति रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार

रायपुर। कहते हैं यहां कोई अनाथ नहीं होता, क्योंकि हर किसी का पालनहार परमात्मा होता है। ऐसे ही बिना किसी सहारे के जीवन जीने को मजबूर थे अब्दुल दादा ऊर्फ कपिल प्रभु। सामाजिक संस्था छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसायटी को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने अनाथ की तरह रहने वाले दिव्यांग अब्दुल दादा की देखरेख का बीड़ा उठाया। यह सोसायटी ग्राम गिरारी में अपना घर सेवा आश्रम का संचालन करती है। सोसायटी के सम्पर्क में आने के बाद अब्दुल दादा को सितम्बर 2019 में आश्रम लाया गया था। यहां उनके खान पान और और चिकित्सा का पूरा ध्यान रखा जाता था। अब्दुल दादा को सभी कपिल प्रभु के नाम से पुकारते थे। उनको अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन शनिवार को उनका देहांत हो गया। जब अंतिम संस्कार की बात आई तो सभी ने तय किया कि अब्दुल दादा का उनके धर्म के अनुसार ही अंतिम संस्कार किया गया। अपना घर सेवा आश्रम के सदस्यों ने अब्दुल दादा का ससम्मान मुस्लिम रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया। संस्था के सेवामित्र दीपक साहू, साकेत शर्मा ,गुल्ली, अखिल, अतुल ,दिगपाल एवं लल्ला राजपूत द्वारा उनका डेंगुरनाला मुक्तिधाम में पूरे विधि विधान से कफन दफन किया गया। इस दौरान संस्था के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर प्रभुजी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की ।

04-04-2020
चिकित्सा विशेषज्ञों एवं अधिकारी की संविदा नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित

गरियाबंद। कोविड-19 महामारी के नियंत्रण के लिए जिले में आवश्यकतानुसार मानव संसाधन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन,छग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण करने के लिए चिकित्सा अधिकारी के 5 पद एवं चिकित्सा विशेषज्ञों के 3 पदों की संविदा नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदक अपना आवेदन पत्र सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ ई-मेल आईडी सीएमएचओएचआरजीएआर, व्हाट्सएप नंबर 7828263833/8349635224 में 13 अप्रैल 2020 तक प्रेषित कर सकते है। सीएमएचओ डाॅ.एनआर नवरत्न से प्राप्त जानकारी अनुसार कोविड-19 महामारी के नियंत्रण के लिए जिले में आवश्यकतानुसार मानव संसाधन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छग द्वारा कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति को अस्थाई नियुक्ति के अधिकार प्रत्यायोजित किये गये हैं। इसके तहत उक्त नियुक्ति की जानी है। विस्तृत विज्ञापन का अवलोकन जिले के वेबसाइट  में किया जा सकता है।

02-04-2020
एम्स में टेलीमेडिसिन ओपीडी का शुभारंभ,कई रोगियों ने लॉक डाउन के बीच लिया चिकित्सा परामर्श

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में गुरुवार से दस विभागों की टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रारंभ हो गई। इस दौरान इन विभागों के नंबरों पर लगातार कॉल आते रहे,जिनके माध्यम से रोगी और उनके परिजन उपचार के बारे में जानकारी ले रहे थे। दो घंटे की दो पालियों में चिकित्सकों ने दस विभागों से संबंधित 92 कॉल का जवाब दिया। इसके साथ ही लॉकडाउन के बीच अध्यापन की चुनौती का हल ढूंढते हुए एम्स के चिकित्सा शिक्षकों ने अब ई-लर्निंग के माध्यम से छात्रों के साथ सीधा संवाद शुरू कर दिया है,जिसमें स्काइप और जूम के माध्यम से शिक्षक छात्रों की क्लास ले रहे हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं का प्रातः प्रथम पाली में निदेशक प्रो.(डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों को इस पहल के लिए बधाई दी। उनका कहना था कि इस सेवा के माध्यम से लॉक डाउन के दौरान हजारों मरीजों को राहत दी जा सकेगी। इस अवसर पर डीन प्रो.एसपी धनेरिया, उप-निदेशक (प्रशासन) नीरेश शर्मा और डॉ.एकता खंडेलवाल भी उपस्थित थी।

दूसरी ओर लॉक डाउन के बीच एमबीबीएस छात्रों को अध्यापन में सहायता देने के उद्देश्य से एम्स मेडिकल कॉलेज की ओर से ई-क्लासेज की व्यवस्था की गई है। इसमें शिक्षक ब्रॉडबैंड के माध्यम से छात्रों के साथ जुड़कर उन्हें ऑनलाइन लेक्चर दे रहे हैं। ई-लर्निंग का शुभारंभ प्रो. नागरकर ने गुरुवार को किया। नई अध्यापन व्यवस्था लॉकडाउन तक जारी रहेगी। इस दौरान सभी शिक्षक अपने लेक्चर स्काइप या जूम के माध्यम से लेंगे। इस अवसर पर ईएनटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रूपा मेहता ने लेक्चर लिया। प्रो.धनेरिया का कहना है कि इसके माध्यम से छात्रों को निरंतर अध्ययन में शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

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