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04-07-2020
कोरोना महामारी से लड़ने 40 बिस्तरों का कोविड अस्पताल शुरू

रायपुर/बेमेतरा। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने जिला मुख्यालय बेमेतरा में आईसोलेशन सेन्टर/कोविड केयर सेन्टर की शुरूआत हो गई है। कलेक्टर शिव अनंत तायल ने आज सुबह जिला चिकित्सालय परिसर स्थित 40 बिस्तरों वाले इस अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अस्पताल मे सेन्ट्रल कमाण्ड रुम तथा अलग-अलग पुरुष वार्ड एवं महिला वार्ड बनाये गए हैं। इन वार्डों का कलेक्टर नेे मुआयना किया। आईसोलेशन सेन्टर/कोविड केयर सेन्टर अस्पताल के प्रारंभ होने से अब कोरोना संक्रमण की जाँच पीपीई कीट के जरिए होने लगेगी। इसके पहले बिना लक्षण वाले धनात्मक केस सैम्पल जाँच के लिए रायपुर एवं दुर्ग भेजा जाता था। शुभारंभ के मौके पर पुलिस अधिक्षक दिव्यांग कुमार पटेल, अपर कलेक्टर संजय कुमार दीवान, एएसपी विमल कुमार बैस, मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस के शर्मा, नवनियुक्त सिविल सर्जन सह-अस्पताल अधिक्षक डॉ. वन्दना भेले एवं कोविड-19 प्रभारी डॉ. ज्योति जसाठी उपस्थित थे।

23-06-2020
बस्‍तर में कोरोना वारियर बने एम्‍बुलेंस 102 महतारी एक्‍सप्रेस के पायलट व ईएमटी

जगदलपुर। वैश्विक महामारी के लगातार बढ़ रहे संक्रमण ने महतारी एक्सप्रेस 102 कर्मचारियों का कार्य भी बढ़ा दिया है। आजकल कोरोना संक्रमण के डर से लोग अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों में जाने से कतरा रहे हैं तो कर्मचारियों को पहले उनकी समझाइश भी करनी पड़ रही है |  बस्‍तर के दूरस्‍थ क्षेत्रों में कार्यरत महतारी एक्सप्रेस 102 के कर्मचारी कोरोना वारियर बनकर अपनी विशेष भूमिका निभा रहे हैं। यहां 102 के कर्मचारी संक्रमित क्वारंटाइन सेंटरों में भी पहुंचकर मरीजों सहित गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में जुटे है। साथ ही अस्पतालों में उपचार के बाद स्वस्थ्य होने पर उन्हें घर तक पहुंचाकर अपनी जिम्मेदारी  का बखूबी निर्वहन करने में जुटे हैं।महतारी एक्सप्रेस 102 के पायलट और ईएमटी की टीम 24 घंटे सेवा दे रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव में महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी हर बार उपयोग में लाने से पहले एम्‍बुलेंस को सैनिटाइज कर साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते है। साथ ही डिलेवरी महिलाओं के अलावा क्वारंटाइन मरीज को अस्पताल पहुंचाने व घर पहुंचाते समय 102 महतारी एक्सप्रेस को प्रत्येक बार सैनिटाइज किया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक मरीजों को संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए समझाइश देते हुए ग्लब्स व मास्क पहनाया जाता है।बस्‍तर जिला मुख्‍यालय से 50 किमी दूर भानपुरी सीएचसी के अंतर्गत आने वाले मुंडागांव  प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में तैनात महतारी एक्‍सप्रेस के पायलट रामफल बंजारे ने बताया सूदूर जंगल के इलाकों में पहुंचविहिन मार्गों से होकर डिलवरी के लिए गर्भवती महिला का लेबर पेन होने की सूचना कॉल सेंटर से मिलने पर एम्‍बुलेंस लेकर 30 मिनट में हितग्राही के घर पहुंचने की कोशिश रहती है। पायलट बंजारे ने बताया प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र से 20 से 25 किमी की दूर गांव होता है। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे की डयूटी करते हैं। वे चार साल से पायलट यानी एम्‍बुलेंस के ड्राइवर की नौकरी कर रहे हैं।

ईएमटी घनश्‍याम बर्मन ने कहा ये उनका सौभाग्‍य है ऐसे दुरस्‍थ अंचल में जरुरत मंदों तक दिन रात कभी भी इमेंरजेंसी सेवा देते हैं। जब किसी गांव में पहुंचते हैं तो लोग डॉक्‍टर साहब कहकर पुकारने लगते हैं। मरीज की गंभीर हालत में लोगों उनकों किसी फिल्‍म नायक की तरह समझ कर सम्‍मान देते हैं।लॉकडाउन के दौरान मई महीने में पारापुर भंडामपुर ( चित्रकोट) निवासी फूलो बाई (28) के प्रसव पीड़ा का कॉल आया। जैसे ही महतारी एक्‍सप्रेस की टीम पहुंची इमेंरजेंसी मेडिकल टेक्‍निशयन घनश्‍याम बर्मन ने महिला की जांच की। प्रसव पीड़ा ज्‍यादा होने की वजह से मितानिन और स्‍थानीय महिलायों की मदद से घर पर ही डिलवरी करवाई गई। प्रसूता ने जुड़वा बच्चों को जन्‍म दिया। बच्‍चा व जच्‍चा स्‍वस्‍थ्‍य होने पर एम्‍बुलेंस की टीम लोहांडीगुड़ा अस्‍पताल लेकर आयी जहाँ प्रभारी चिकित्‍सक द्वारा जांच व प्रसव बाद की दवाईयां दी गई। दूसरी टीम में गजेंद्र सिंह ईएमटी व पायलट मयाराम धुव्र महतारी एक्‍सप्रेस में सेवा देते हैं।वहीं हेल्‍थ एवं वेलनेस सेंटर मुंडागांव पीएचसी के प्रभारी चिकित्‍सक रोशन वर्मा (आरएमओ) ने बताया रेफरल केस में 50 किमी दूरी के दायरे में जिला मुख्‍यालय जगदलपुर में सिविल अस्‍पताल व मेडिकल कॉलेज तक इमेंरजेंसी में सेवा देकर मरीजों की जान बचाने का कार्य करते हैं। इन एम्बुलेंस से गर्भवती महिलाओं के उपचार के लिए उन्हें हॉस्पिटल तक मुफ्त लाया जाता है और वापस घर तक छोड़ा जाता है। महिने में 10 से 12 नार्मल डिलवरी कराया करवाई जाती है। डिलवरी के बाद जच्‍चा–बच्‍चा की जांच के बाद टीकाकारण भी किया जाता है।आरएमओ रोशन वर्मा ने बताया पिछले साल 179 सुरक्षित डिलवरी करवाई गयी थी। एम्‍बुलेंस की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के हाई रिस्‍क प्रेग्‍नेंसी की 2 प्रतिशत मामलों को रेफर किया जाता है। वर्मा ने बताया कोरोना संक्रमण को लेकर सहमें लोग जब अस्‍पताल आने से कतरा रहे हैं तब महतारी एक्‍सप्रेस की टीम ने मोर्चा संभाला और गर्भवती महिलाओं को समझाकर अस्‍पताल में संस्‍थागत डिलवरी कराने प्रोत्‍साहित किया।

22-06-2020
बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार : कोरोना वारियर्स और पीड़ितों के प्रति नजरिए में बदलाव लाने जागरूकता अभियान

रायपुर। राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मैदानी अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ अभियान के तहत भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए वीडियो का व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा है। इन वीडियो में वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने, कोरोना वारियर्स एवं इस बीमारी से पीड़ितों व उनके परिजनों के प्रति नजरिए में अपनत्व की भावना लाने तथा इससे बचाव के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आजीविका की ओर अग्रसर होने की अपील की गई है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों (जिला कार्यक्रम समन्वयक, मनरेगा) को परिपत्र जारी कर ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ अभियान के लिए निर्मित वीडियो का प्रचार-प्रसार जिला, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उपयोग किए जा रहे सोशल मीडिया में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों से सभी पंचायत प्रतिनिधियों से इन वीडियों को देखने और अपने-अपने संपर्क क्षेत्र में इसे ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करने का अनुरोध करने कहा है। उन्होंने टी.एल. (Time Limit) की आगामी बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से जिला स्तरीय सभी अधिकारियों को इन वीडियो को दिखाने और उन्हें अपने-अपने संपर्क क्षेत्र में इसे प्रसारित करने के लिए निर्देशित करने कहा है। चायत एवं ग्रामीण विकास ने परिपत्र में बताया है कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ अभियान के तहत अपने यू-ट्यूब चैनल पर चार वीडियो अपलोड किए गए हैं। ये वीडियो मंत्रालय की यू-ट्यूब लिंकhttps://bit.ly/AkshayKumarMoRDhttps://bit.ly/SachinTendulkarMoRDhttps://bit.ly/AmitabhMemories और https://bit.ly/AmitabhPostCovid पर उपलब्ध हैं।

 

20-06-2020
छठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी घरों में करे योग : कलेक्टर

बीजापुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनजर 21 जून को छठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डिजीटल प्लेटफार्म पर योग समारोह मनाया जायेगा। इस दौरान सुबह 7 बजे आम जनता से अपने घरों में डिजीटल प्लेटफार्म पर योग समारोह में शामिल होने का आग्रह किया गया है। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘‘ योग एट होम एंड योग विद फैमिली है। छठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर होने वाले डिजीटल कार्यक्रम में सम्मिलित होने तथा सामान्य योग प्रोटोकाॅल की जानकारी सहित आयुष मंत्रालय द्वारा जारी विवरण सोशल मीडिया प्लेटफार्म में देख सकते हैं। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा माई लाईफ माई योगा प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागी तीन यौगिक अभ्यासों क्रिया, आसन, प्राणायाम का तीन मिनट का वीडियो फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम पर अपलोड कर सकते हैं।

इसके साथ ही योग क्रियाओं से जीवन में बदलाव संबंधी वीडियो संदेश भी देना होगा। योग प्रतियोगिता आयोजन संबंधी अद्यतन जानकारी वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट इनोव्हेट डाॅट माईजीओव्ही डाॅट इन पर लाॅगिन कर देखी जा सकती है। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को योग एट होम एंड योग विद फैमिली थीम के अंतर्गत छठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 7 बजे अपने घरों में डिजीटल प्लेटफार्म पर योग दिवस समारोह में शामिल होने कहा जाये। इसके साथ ही तीन मिनट का वीडियो फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम पर अपलोड कर पालन प्रतिवेदन फोटोग्राफ्स तथा वीडियो सहित प्रस्तुत किया जाए।

18-06-2020
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता व सेहत का रखे विशेष ध्यान : डॉ. परमेश्वर अरोड़ा

रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना बीमारी से बचने के लिए दिल्ली के एक अस्पताल के सलाहकार डॉ. परमेश्वर अरोड़ा ने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए सभी को स्वच्छता व सेहत का ​विशेष ध्यान रखना जरूरी है। जिस तरह देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। उसे ध्यान में रखकर लोगों को योगा और सफाई-व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिन मरीजों को मधुमेह (डायबिटीज) है उन्हें कोरोना संक्रमण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करना चाहिए। हैंडवाश और सैनि​टाइजर का भी समय-समय पर उपयोग करें।

18-06-2020
23 जून को पुरी में नहीं निकलेगी रथयात्रा, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

रायपुर/नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना ने अब ओड़िशा के पुरी में निकलने वाली भव्य रथयात्रा को अपनी चपेट में ले लिया है। इस वर्ष जगन्नाथ पुरी में रथयात्रा नहीं निकलेगी। रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून को जगन्नाथ पुरी धाम में निकलने वाली रथयात्रा पर कोरोना वायरस के कारण रोक लगाई है। गुरुवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोरोना महामारी के संकट के समय बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित होने नहीं दिया जा सकता है। जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान देते हुए इस साल रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

16-06-2020
पार्षद ने बांटे वार्डवासियों को मास्क और सेनिटाइज़र

जगदलपुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इस महामारी से बचाव के लिए मंगलवार को पार्षद सुनीता सिंह ने अपने वार्ड में सभी जरूरतमंदो को मास्क व सेनिटाइज़र बांटे। उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी सहभागिता निभाते हुए वार्डवासियों को मास्क व सेनिटाइजर कर वितरण किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया और पार्षद ने शासन के नियमों का पालन करने की अपील की। 

 

15-06-2020
सिंचाई सुविधा के साथ ही मछली पालन का मिला मौका, खेती और मछली पालन से रामसिंह की बढ़ी कमाई

रायपुर। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना) ने जिन लोगों की जिंदगी बदली है, उनमें रामसिंह भी एक हैं। पहले बरसात के भरोसे खरीफ फसल के बाद मजदूरी करने वाले किसान रामसिंह के खेतों में अब साल भर हरियाली रहती है। मनरेगा से खेत में बने डबरी में वे मछली पालन भी करते हैं। कृषि के साथ मछली पालन के अतिरिक्त व्यवसाय ने उनकी कमाई बढ़ा दी है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते लागू देशव्यापी लॉक-डाउन के दौरान जब लोग घरों में रोजी-रोटी की चिंता कर रहे थे, उस समय रामसिंह अपनी डबरी में मछली पालन में व्यस्त थे। लॉक-डाउन के दौरान उन्होंने 12 हजार रूपए की मछली बेची। मनरेगा के तहत आजीविका संवर्धन के लिए खोदे गए डबरी ने विपरीत समय में इस अतिरिक्त कमाई का साधन दिया। खेत में डबरी निर्माण के बाद धान और गेहूं की फसल के साथ रामसिंह ने मछली पालन भी शुरू किया। डबरी के पानी से सिंचाई की व्यवस्था होने के बाद धान की अच्छी पैदावार हुई। उन्होंने सोसाइटी में धान बेचकर एक लाख 20 हजार रूपए की कमाई की।

कोरिया जिले के खड़गवाँ विकासखण्ड के सुदूर गाँव पेंड्री के किसान रामसिंह अपने पहले के हालात के बारे में बताते हैं कि बारिश के भरोसे होने वाली खेती से वह और उनका परिवार केवल सालभर खाने लायक अनाज ही उगा पाता था। बाकी जरूरतों के लिए मजदूरी करनी पड़ती थी। मनरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन के लिए खेत में डबरी निर्माण से मछली पालन और खेती के लिए पानी के प्रबंधन की बात जानकर उन्होंने भी आवेदन दिया।
ग्राम पंचायत ने उनके खेत में डबरी निर्माण के लिए एक लाख 60 हजार रूपए की मंजूरी देकर काम शुरू करवा दिया। तीन सप्ताह तक चले इस कार्य में रामसिंह के परिवार ने भी काम किया। इस काम से उनके परिवार को 14 हजार रूपए की मजदूरी प्राप्त हुई। डबरी निर्माण के बाद से बारिश के भरोसे होने वाली खेती और मजदूरी से गुजर-बसर करने वाले छह एकड़ जोत के किसान रामसिंह की जिंदगी बदल गई है। लॉक-डाउन और आर्थिक मंदी के बावजूद उनकी आजीविका अप्रभावित रही। मनरेगा से मिला संसाधन इस कठिन दौर में उनका संबल बना और नियमित आय का साधन भी।

14-06-2020
Video : रमेश ने तो सरपंच को समझा दिया, अब हमें समझना है...

रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 से आज पूरा विश्व लड़ रहा है। ऐसा कोई वर्ग नहीं बचा,जो कोरोना प्रभावित ना हो। बात छत्तीसगढ़ की हो तो इस महामारी से सभी प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित यदि कोई हुआ, तो वो है मजदूर वर्ग। ये हाल केवल छत्तीसगढ़ का ही नहीं, देश भर में मजदूर वर्ग को अधिक मार पड़ी है। कोरोना ने पहले इस वर्ग की रोजी-रोटी छीनी और अब अपनी चपेट में लेकर इनकी कमर ही तोड़ दी है। कोरोना ने श्रमिक वर्ग के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। सभी डरे और सहमे हुए जरूर हैं लेकिन बात जब परिवार और पापी पेट की हो तो घर से निकलना पड़ता है। हाथ पर हाथ रखकर बैठने से कुछ नहीं होता।

चाहे दुश्मन कोई भी हो, सामना करना पड़ता है, लड़ना पड़ता है। आज सामना कोरोना रूपी दुश्मन से है, इससे सभी को मिलकर लड़ना होगा और हराना होगा। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से जारी वीडियो संबंल प्रदान करता है। वीडियो में रमेश नामक पात्र ने अपने सरपंच को तो भली भांति समझा दिया कि कोरोना से कैसे लड़ना है। उसने समझा दिया कि डरना नहीं है, हमारी रक्षा के लिए योद्धा तैनात है। बस कोरोना से बचाव के उपायों को हमेशा अपनाना है। फैक्ट्री में काम करने वाले रमेश की बात तो सरपंच को समझ आ गई। अब हमको समझना है और सभी को मिलकर अपनी जिम्मेदारी समझकर कोरोना को हराना है। सारे उपायों को अपनाना है। सब मिलकर लड़ेंगे तो हारेगा कोरोना और जीतेंगे हम, जीतेगा छत्तीसगढ़।

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