GLIBS
28-11-2020
भूपेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण जारी, कोविड-19 को लेकर हो सकते हैं कई फैसले 

रायपुर। भूपेश कैबिनेट की अहम कैबिनेट बैठक जारी है। बैठक में कोरोना काल में स्कूल खोलने को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। कोरोना महामारी की रफ़्तार जिस तेजी से बढ़ रही है उसे देखते हुए स्कूल खोलने और न खोलने को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि सीएम भूपेश बघेल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति जब तक सामान्य नहीं होगी, तब तक स्कूल नहीं खुलेंगे।

27-11-2020
सर्दियों में अश्वगंधा वाले चाय का करें सेवन, कैंसर की बीमारी से भी मिलेगी निजात

रायपुर। सर्दियों में शरीर को बाहर से गर्म रखने के साथ ही अंदर से भी गर्म रखने की जरूरत है। कोरोना महामारी के कारण सर्दियों में खास ख्याल रखने की जरूरत है। ऐसे में आप कुछ खास जड़ी-बूटियों का सेवन कर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। अश्वगंधा का नाम को सभी ने सुना है लेकिन कम ही लोग हैं जो इसके फायदों से वाकिफ है। अश्वगंधा का सेवन सर्दियों में करना काफी फायदेमंद माना जाता है। अश्वगंधा पाउडर से एक कप चाय बनाने के लिए आप सबसे पहले डेढ़ कप पानी को गैस पर उबलने के लिए रख दें। जब पानी तेज गर्म हो जाए तो उसमें 1 टी-स्पून (एक छोटा चम्मच) अश्वगंधा पाउडर डालें। इस पानी को तब तक पकाएं, जब तक यह 1 कप ना रह जाए। आपकी अश्वगंधा चाय तैयार है। इसमें आप शहद डालकर भी पी सकते हैं। इसके साथ गुड का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गुड की तासीर काफी गर्म होती है और अश्वगंधा की तासीर भी काफी गर्म होती है।

अश्वगंधा के फायदे : रात में सोते समय बिस्तर पर करवट बदलते रहते हैं। इसका मतलब है कि आपको अच्छी नींद नहीं आती है। ऐसे में अश्वगंधा का सेवन इस समस्या के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। अश्वगंधा का सेवन करने से दिल संबंधित बीमारियों का खतरा कम हो जाता है क्योंकि इसमें पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं। अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण लिवर में होने वाली सूजन की समस्या दूर करने में सहायक होता है। यह सूजन कम करता है। अश्वगंधा का सेवन करने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी बचा जा सकता हैं। इसमें मौजूद एंटी-ट्यूमर गुण वैकल्पिक उपचार के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इस लिए सर्दियों में ज्यादा से ज्यादा अश्वगंधा वाले चाय का उपयोग करें।

21-11-2020
छठ महापर्व समिति की अपील, घर पर ही पूजा करें...

रायपुर। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट के सदस्यों ने छठ महापर्व पर सभी से घर में रहकर ही पूजा करने की अपील की है। समिति के सदस्य राजेश कुमार सिंह एवं विपिन सिंह ने निवेदन किया है कि कोरोना महामारी के संक्रमण काल में सभी से सु​रक्षित रहने की अपील करते हुए घर पर ही रहकर छठ करने की अपील की है। 

07-11-2020
महर्षि अरविन्द अध्यात्मिक चेतना के पुंज थे: भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महर्षि अरविन्द अध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। हमारे ऋषि मुनियों ने अपने तप और ज्ञान से जो अध्यात्मिक ऊंचाईयां प्राप्त की और जो अनुसंधान किए उनकी चर्चा युगों-युगों से विश्व पटल पर होती रही है और होती रहेगी। महर्षि अरविन्द ऐसी ही महान विभूति थे। मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित 'दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा सम्मानित होने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी।'द प्रोग्रेस' अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन उच्चशिक्षा की गुणवत्ता के लिए देश, विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रोफेसर, सहा. प्राध्यापकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों के लिए अनेक पाठ्यसहगामी क्रियाओं जैसे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय कार्यशाला, सेमिनार, यूथ कैम्प, एफडीपी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते, शिक्षक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने के साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सीएम बघेल ने कोरोना काल में अध्यात्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण कार्य संक्रमण से बचाव करते हुए अपने जीवन को व्यवस्थित करना है। सीएम बघेल ने कहा कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की मनः स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अनेक लोग अवसाद में आ जाते हैं। जिसका इलाज अध्यात्म के पास है। अवसाद से बचने के लिए ध्यान, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा,गरवा,घुरवा, बाड़ी योजना छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से चिंतित है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में इस योजना से मदद मिलेगी। नरवा योजना में हमने सभी नालों के वाटर रिचार्जिंग का कार्य हाथ में लिया है। जंगलों में नालों की वाटर रिचार्जिंग से वनों, वनौषधियों और जैवविविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायता मिलेगी। गरवा योजना के अंतर्गत मवेशियों के बेहतर प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना के अंतर्गत दो रूपए प्रति किलो की दर पर गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत पिछले तीन माह में पशुपालकों और संग्राहकों को अब तक 47 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। इस योजना से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

“द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020” कार्यक्रम का आयोजन अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग, छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों को फाउंडेशन की ओर से दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों कुल 85 अवार्ड प्रदान किए गए। इस “द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020” में कुल 162 पंजीयन हुए,जिसमें से विद्वानों द्वारा 94 अवार्ड का चयन किया गया, जिसमें 4 लघुउद्योग, 2 विश्वविद्यालय, 5 महाविद्यालय, 80 महाविद्यालयींन शिक्षक शिक्षिकाएँ, 8 विद्यालयीन शिक्षकों को अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंटरप्रोन्योरशिप अवार्ड वर्ग में अरिसटोम टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड, भिलाई, आईआईओटीलैब,नागपुर, महाराष्ट्र, सिंपलेक्स कास्टिंग लिमिटेड, भिलाई, सतीश दीक्षित कलास्सेस, रायपुर, विश्वविद्यालय अवार्ड ओपी जिंदल युनिवर्सिटी, रायगढ़, छत्तीसगढ़, वायबीएन युनिवर्सिटी, राँची, झारखंड को सम्मानित किया गया। महाविद्यालय अवार्ड जयंत कुमार चक्रवर्ती, राजेंद्र अकाडेमी फोर टीचर एजुकेशन, गोपालपुर, दुर्गापुर, पश्चिम वर्धमान, रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलोजी, रायपुर, छत्तीसगढ़, स्कूल ऑफ अलाइड साइंस, सेलम, देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन, भिलाई को दिया गया। कार्यक्रम में “द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020” श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग के ट्रस्टी इंद्राणी घोष, अध्यक्ष डॉ.एसएम घोष, डॉ. किरण बाला पटेल, मीनाक्षी पटेल उपस्थित थीं।

 

 

26-10-2020
कोविड 19 का दूसरा संक्रमण तेजी से फैल रहा है अब अत्याधिक सावधानी बरतने का समय

रायपुर/बेमेतरा। कोरोना महामारी ने पूरे विश्व के परिद्दय को एक पटल पर लाकर खड़ा कर दिया है। कोई भी देश अब आइसोलेशन में नही है, एक देश में होने वाली घटनाओं का असर दूसरे देशों पर भी पड़ रहा है। जैसे कोरोना वायरस चीन से होते हुए पूरे विश्व में फैल गया और यह अभी समाप्त नही हुआ है। इसकी रफ्तार कुछ कम हुई है लेकिन यदि हम सतर्क नहीं रहे तो यह फिर से उसी रफ्तार से फैल सकता है। जैसा कि अभी यूरोप में हो रहा है।यूरोप में कोविड 19 का दूसरा संक्रमण फैल रहा है। वहां अब 10 दिनों में ही केस दुगुने हो रहे हैं। जर्मनी में 24 घंटे में 10 हजार केस सामने आए।  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि अभी भी अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। यूरोप में कई देशों जैसे इटली, आयरलैंड,ग्रीस, बेल्जियम, पोलैड, जर्मनी में फिर से लॉक डाउन लगाया जा रहा है या प्रतिबंध बढ़ाए जा रहे हैं।

इन सबसे हमें सबक लेना चाहिए क्योंकि केस कम होने की जानकारी मिलते ही लोग अब कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन नही कर रहे। मास्क नही लगा रहें, दो गज की दूरी नही अपना रहें। त्योहारों में खरीददारी के समय भीड़ हो रही है। दुकान वाले भी मास्क नही लगा रहें। इस लापरवाही के कारण केस बढ़ने के साथ ही, हो सकता है दोबारा यूरोप की तरह लॉकडाउन करना पड़े। इसलिए अभी समझदारी से ही कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। विशेषज्ञ भी बार-बार ठंड और प्रदूषण में बीमारी बढ़ने की आशंका जता ही रहे हैं। केरल राज्य का उदाहरण भी सबके सामने हैं जहां ओणम त्योहार के बाद संक्रमण तेजी से फैला। इसलिए शरद पूर्णिमा, दीवाली ,ईद ,छठ पर्व, गुरुनानक जयंती, सतर्क रह कर मनाएं, खुशियां बांटे, संक्रमण नहीं ।

25-10-2020
टीएस सिंहदेव ने श्रोताओं के सवालों का दिया जवाब, कहा-कोरोना के कारण पेसा कानून की तैयारियां धीमी

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने रविवार को रेडियो पर राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित श्रोताओं के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने शाम साढ़े 7 बजे आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम हमर ग्रामसभा में पत्रों, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं के पूछे  गए प्रश्नों के उत्तर दिए। उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मंत्री सिंददेव ने 'पेसा' कानून के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कोरोना महामारी के कारण इसकी तैयारियों में विलंब हो रहा है। सरकार इसके सभी भागीदारों से चर्चा कर 'पेसा' लागू करने के लिए नियम बनाएगी। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इसका प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।मंत्री सिंहदेव ने हमर ग्रामसभा में बताया कि ऐसी ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों में जहां दिव्यांग प्रतिनिधि चुनकर नहीं आए हैं, वहां इस वर्ग के प्रतिनिधि मनोनीत किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों में एक-एक और जिला पंचायतों में दो दिव्यांग प्रतिनिधियों का मनोनयन किया जाएगा।

इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो चुका है।मंत्री सिंहदेव ने कोरोना काल में छत्तीसगढ़ लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उनकी रुचि के क्षेत्रों में उनका कौशल विकास कर उन्हें काम दिलाने की कोशिश की जा रही है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना, पंचायतों के लिए वित्तीय संसाधन, गांवों में सड़क निर्माण, धान खरीदी की व्यवस्था, बैंक सखियों के काम, प्रदेश में मनोरोगियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े प्रश्नों के जवाब दिए। साथ ही सफाई कर्मचारी संघ और वेटरीनरी कर्मचारी संघ की ओर से पूछे  गए सवालों के भी जवाब दिए।

 

25-10-2020
Video: साल भर इंतजार के बाद भक्तों को हुए ऑनलाइन दर्शन,सैकड़ों वर्ष में पहली बार भक्त नहीं कर सके मठ में प्रवेश

रायपुर। राजधानी के सैकड़ों वर्ष पुराने मठ में भक्त माता की पूजा-अर्चना कर दशहरा मनाते हैं। इस पल का इंतजार भक्तों को साल भर से रहता है। माता के दरबार की एक झलक पाने भक्त दशहरा का इंतजार करते हैं। मठ की मान्यता है कि दशहरे के दिन माता स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए आती है। ब्राम्हणपारा स्थित इस प्राचीन कंकाली मठ का पट प्रतिवर्ष दशहरे के दिन भक्तों के लिए खोला जाता है। आज के दिन यहां तांता लगता है। इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण भक्तों को मठ के अंदर प्रवेश नहीं मिल सका। भक्तों की आस्था और श्रद्धा इतनी अटूट है कि पूरे नियमों का पालन कर भक्त दर्शन करने पहुंचे। मठ प्रबंधन ने भक्तों के लिए ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की। बताया गया कि 600 वर्ष में पहली बार भक्तों ने बाहर से ही दर्शन किया।मठ की स्थापना नागा साधुओं ने की थी।

माता कंकाली की प्रतिमा मठ में स्थापित कर नागा सन्यासी मां कंकाली की उपासना-अर्चना करते थे। दशहरे के दिन विधि-विधान से मठ के शस्त्रागार में रखे अस्त्रों-शस्त्रों की पूजा की जाती है। कंकाली मठ के महंत कृपाल गिरि गोस्वामी के स्वप्न में आकर माता ने,वर्तमान में स्थित कंकाली मंदिर में प्रतिमा स्थापित करने कहा था। माता के कहने के बाद मठ की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया। तब से मान्यता है कि माता दशहरे के दिन कंकाली मठ में भक्तों को दर्शन देने आती हैं। मठ में रखे शस्त्रों तलवार, फरसा, भाला, ढाल, चाकू, तीर-कमान की पूजा दशहरे के दिन की जाती है।

मठ की मान्यता है कि जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।मंदिर परिसर में 6 समाधि है। सभी समाधियों के ऊपर शिविलिंग स्थापित किया गया है। मंहत कृपाल गिरि गोस्वामी की समाधि कंकाली मंदिर में है। मठ में आने वाले भक्त माता के अस्त्रों-शस्त्रों के दर्शन कर परिसर में स्थित सभी समाधियों के दर्शन करते हैं। इस मंदिर मठ में नागा साधु रहते थे और नागा सन्यासियों ने इस मठ को स्थापित किया था। पहले माता कंकाली की मूर्ति मठ में ही स्थापित थी। दशहरे के दिन ही मठ का पट खोला जाता है, जो रात को बंद किया जाता है। वैसे तो मठ में पूरे साल पूजा होती है, लेकिन बाहर से ही। नवमीं की रात्रि मठ परिसर में साफ-सफाई होती है। विजयदशमी के दिन सुबह से पूजा प्रारंभ होती है। भक्तों के दर्शन के लिए पट खुले रहते हैं। बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं, लोग मन्नत मांगते हैं। कंकाली माता मंदिर के सर्वाकार महंत परिवार मठ की प्राचीन परंपरा को पीढ़ियों से निभा रहा है।

 

 

25-10-2020
24 पंचायतों में बनेगी देवगुड़ी, संसदीय सचिव जारी की पहली किश्त

रायपुर।  जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के 24 पंचायतों में देवगुडी निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए जगदलपुर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने स्वीकृत 1-1 लाख की राशि में से प्रथम किश्त की राशि जारी की। इसमें आज 40 हजार रुपए पंचायतों को दिए गए। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि वर्तमान कोरोना महामारी के समय में विपरीत परिस्थितियों में भी बस्तर की संस्कृति एवं सभ्यता के संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कृत संकल्पित हैं। आदिवासी संस्कृति के प्रमुख केंद्र ग्राम देवगुडी के जीर्णोद्धार के लिए एक एक लाख रुपए स्वीकृत किया गया है। इसमें से प्रथम किस्त की राशि 40 हजार आज प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक कार्यालय में  नगरनार ब्लाक अध्यक्ष लैखन बघेल,जनपद सदस्य जिशान कुरैशी, नगरनार सरपंच विरेन्द्र साहनी,विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार झा, विजय नाग सहित क्षेत्र के सरपंच, उप सरपंच, पंच एवं सिरहा गुनिया पुजारी पटेल उपस्थित रहे।

सुभाष रतनपाल की रिपोर्ट

 

17-10-2020
नवीन आकलन क्या, क्यों और कैसे विषय पर हुई वेबीनार,स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव ने ली जानकारी

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला ने प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर नवीन आकलन क्या, क्यों और कैसे विषय पर आयोजित वेबीनार में जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव डॉ.शुक्ला ने कहा कि आकलन प्रति माह फरवरी तक किया जाएगा। जो बच्चे ऑनलाइन या ऑफलाइन अध्ययनरत हैं उनके संबंध में डीएमसी से भी उनकी समस्या सुझाव पर चर्चा की। जिला शिक्षा अधिकारियों को आकलन की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए सतत मानीटरिंग करने के लिए निर्देशित किया।डॉ.आलोक शुक्ला ने वेबीनार के माध्यम से चर्चा करते हुए बताया कि कोरोना महामारी के बावजूद भी शिक्षकों द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए अनेक नवाचार किए गए। राज्य द्वारा भी लगातार ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की गई ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो पाए। उन्होंने कहा कि इन नवाचारी प्रयासों का बच्चों के सीखने पर क्या प्रभाव पड़ा है इसको हम सब और शासन जानना चाहता है। इसके लिए नवीन आकलन की प्रक्रिया अपनाई गई है। नवीन आकलन की प्रक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण, सरल, लचीली और फार्मेटिव है, जो रटने पर आधारित न होकर दक्षता आधारित है। दक्षताओं का निर्धारण लर्निंग आउटकम्स के आधार पर कक्षावार, विषयवार निर्धारित किया गया है।

एक विषय की सभी कक्षाओं की दक्षताएं एक समान है किन्तु कक्षावार कठिनाई स्तर बढ़ता जाता है। इस प्रक्रिया में अंकों के स्थान पर चार स्तर का निर्धारण किया गया है। प्रत्येक स्तर पर अलग-अलग स्माइली बनाए गए है। प्रथम स्तर-मदद की आवश्यकता है, द्वितीय स्तर-बुनियादी समझ है, तृतीय स्तर-अपेक्षा के अनुरूप करता है और चतुर्थ स्तर-गहरी समझ है। इस प्रकार के आकलन से यह पता चलता है कि बच्चे सीखने के किस स्तर पर है,जिसके आधार पर आगामी रणनीति तय की जा सके। बच्चों का आकलन कैसे करें, आकलन से प्राप्त डाटा की एन्ट्री कैसे की जाए। इस संबंध में 7 मिनट का वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया और वेबीनार में उपस्थित राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी और डीएमसी के प्रश्नों का समाधान किया गया।इस अवसर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के संचालक डी. राहुल वेंकट, अतिरिक्त संचालक आरएन सिंह, संयुक्त संचालक डॉ.योगेश शिवहरे सहित एनआईसी और एससीईआरटी के अकादमिक सदस्य उपस्थित थे।

 

15-10-2020
राष्ट्रीय सेवा योजना की महिला इकाई ने मनाया ग्लोबल हैंड वॉश डे

कोरबा। अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा की राष्ट्रीय सेवा योजना की महिला इकाई ने ग्लोबल हैंडवॉश डे मनाया। इसमें छात्र छात्राओं को मास्क पहनना और 2 गज की दूरी और हाथों की साफ सफाई कोरोना महामारी को रोकने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा बनाना और गर्म पानी नींबू के साथ सेवन करना और महाविद्यालय के सभी नव आगंतुक प्रवेश लेने आने वाले छात्राओं एवं अभिभावकों को भी ग्लोबल हैंडवॉश के विषय में जानकारी दी। इसमें  महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं प्राचार्य डॉ.वाईके सिंह और महाविद्यालय की रासेयो की कार्यक्रम अधिकारी गौरी वानखेडे और राष्ट्रीय सेवा योजना महिला स्वयंसेवक तीज वर्णिता,किरण,पुष्पा,हेमलता ,तमन्ना, मंजू स्वयंसेवकों ने ग्लोबल हैंड वॉश डे के विषय में जानकारी दी। 

 

09-10-2020
कोरोना महामारी से लड़ने खैरागढ़ पुलिस उप संभाग ने दी सहयोग राशि

राजनांदगांव/खैरागढ़। खैरागढ़ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जीसी पति द्वारा कोविड-19 महामारी से पीड़ित व्यक्ति जो कि खैरागढ़ कोविड सेंटर में भर्ती हैं के भोजन व अन्य व्यवस्थाओं के लिये सहयोग राशि दी है। अनुभाग अंतर्गत आने वाले थाना खैरागढ़, गातापार, कैम्प आईटीबीपी द्वारा स्वेच्छा से एकत्र की गई राशि 30930 रुपये अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रदान की गई।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804