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20-05-2020
दुकानों के संचालन के नय समय-सारिणी में आंशिक संशोधन

कोरिया। कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए कलेक्टर ने दुकानों के संचालन के लिए आवश्यक गतिविधियों की अनुमति प्रदान करते हुए दिन एवं निर्धारित किये गये हैं। संषोधित अनुमति आदेष के अनुसार जिले के मनेन्द्रगढ, झगराखाण्ड, लेदरी एवं खोंगापानी क्षेत्र में कपड़ा दुकान (ट्रायल रूम का उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।), जूता, पेंट, प्लाई तथा मोबाइल दुकानें, फर्नीचर, टेलरिंग मटेरियल सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार तथा जनरल स्टोर, ज्वेलरी, बर्तन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स और मोटर शो-रूम, मोटर पार्ट्स, आटोमोबाईल एवं आटोपार्टस की दुकानें, कम्प्यूटर, टायर दुकानें सोमवार, मंगलवार एवं गुरूवार को खुली रहेंगी।इसी तरह बैकुण्ठपुर, सोनहत, खडगवां एवं भरतपुर क्षेत्र में कपड़ा दुकान (ट्रायल रूम का उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।), जूता, पेंट, प्लाई तथा मोबाईल दुकानें, फर्नीचर, टेलरिंग मटेरियल सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार तथा जनरल स्टोर, ज्वेलरी, बर्तन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स और मोटर शो-रूम, मोटर पार्ट्स, आटोमोबाईल एवं आटोपार्टस की दुकानें, कम्प्यूटर, टायर दुकानें सोमवार, मंगलवार एवं गुरूवार को खुली रहेंगी। समस्त सीमाक्षेत्र कोरिया जिले में सीमेंट एवं सरिया से संबंधित हार्डवेयर की दुकानें, बिजली की पंखे की दुकान, छात्रों के लिए शैक्षणिक किताबों की दुकानें एवं प्रिपेड मोबाईल रिचार्ज की दुकानें सोमवार से शुक्रवार, प्रिंटिंग प्रेस एवं फ्लैक्स मंगलवार, बुधवार एवं षुक्रवार, फोटो स्टुडियो मंगलवार, बुधवार एवं शुक्रवार, सभी प्रकार की मिठाईयां (केवल पार्सल बेचने की अनुमति) सोमवार से शुक्रवार, चाट, गोलगप्पे, लिट्टी चोखा, फास्ट फूड, अन्य ठेले(केवल पार्सल बेचने की अनुमति, जिसमें प्रत्येक ठेले की दूरी कम से कम 20 फीट की होगी) सोमवार से शुक्रवार खुलेंगे। इन दुकानों के संचालन का समय प्रातः 9 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। इन दुकानों के अलावा शेष दुकानें एवं संस्थान का संचालन पूर्ववत रहेगा।

 

17-05-2020
राजनीतिक स्वार्थसिद्धि के लिए विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो : अभाविप

रायपुर। विश्वविद्यालय परीक्षा संचालन के विषय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् के प्रदेश मंत्री शुभम जायसवाल ने कहा कोविड-19 संक्रमण की वैश्विक महामारी छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं रहा है। सौभाग्यवश हमारे प्रांत में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा भयावह नहीं है, ऐसे समय में प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश में लॉक डाउन में ढील देने की नीति पर आगे बढ़ रहे है, जिससे जनजीवन सामान्य होने की दिशा में अग्रसर है। जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए लॉक डाउन में ढील देना एक स्वाभाविक कदम हो सकता है और शासन-प्रशासन की भी यही इच्छा दिखाई पड़ रही है। लेकिन ऐसे समय में भी कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सरकार को गुमराह करने का व इसके माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। कोविड-19 के कारण शैक्षणिक जगत निरन्तर कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहा है।

विद्यालय, महाविद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय तक के विद्यार्थियों के बीच परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति निर्मित हुई है। इन पररिस्थितियों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा निर्देश के बाद भी कुलाधिपति व सरकार द्वारा किसी भी दिशा-निर्देश के अभाव में प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों की परीक्षाओं को लेकर उन्हें उचित मार्गदर्शन देने में स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि तात्कालिक रूप से जनरल प्रमोशन लुभावना हो सकता है। सरकार व कुछ लोगों को सस्ती लोकप्रियता भी दिला सकता है किन्तु इसके दीर्घकालिक दुष्परिणाम हमें अवश्य ही भुगतने पड़ेंगे। अभाविप का यह मानना है कि सरकार और विश्वविद्यालयों द्वारा कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा व यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार जून महीने में ग्रीष्मावकाश के उपरान्त जुलाई माह में स्थिति का आकलन करते हुए नियमित तथा वैकल्पिक परीक्षा के आयोजन की योजना का प्रारूप तैयार करना सर्वथा उचित होगा।

18-04-2020
 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने लॉक डाउन के बीच मनरेगा कार्यों का संचालन

रायपुर। राज्य और केन्द्र शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मनरेगा कार्यों में शारीरिक दूरी, मास्क और स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करवाया जा रहा है। कोविड-19 के नियंत्रण के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए प्रदेश में मनरेगा कार्यों का संचालन लगातार जारी है। जांजगीर-चांपा जिले में इन कार्यों में 46 हजार 423 ग्रामीणों को रोजगार मिला हुआ है। मनरेगा के अंतर्गत वहां के 347 ग्राम पंचायतों में एक हजार 155 काम शुरू किए गए हैं। लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों को तीन करोड़ 23 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान भी किया गया है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्थानीय अमले की ओर से जांजगीर-चांपा जिले के सभी नौ विकासखंडों में ग्रामीणों की मांग पर मनरेगा के तहत काम उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसके माध्यम से रोजगार के साथ ही गांवों में परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है। मनरेगा में अभी सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण और जल संचय के लिए तालाब गहरीकरण, नहरों व बांधों का निर्माण, मरम्मत और तटबंध के कार्य किए जा रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा श्रमिकों को प्रतिदिन 190 रुपए की मजदूरी दी जा रही है।कार्यस्थल पर मौजूद मैट के द्वारा मास्क के उपयोग, हाथ धुलाई और शारीरिक दूरी बनाए रखने के निर्देशों का पालन करवाया जा रहा है। श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता, मुंह ढंकने और संक्रमण रोकने के उपायों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। मनरेगा के तहत जांजगीर-चांपा जिले में नवागढ़ जनपद पंचायत के 50 ग्राम पंचायतों, सक्ती के 46, बम्हनीडीह के 45, अकलतरा के 36, पामगढ़, डभरा और जैजैपुर के 35-35, बलोदा के 34 और मालखरौदा के 29 ग्राम पंचायतों में कुल एक हजार 155 कार्य प्रगति पर हैं। मनरेगा प्रभारी और सहायक परियोजना अधिकारी कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर सभी दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन करवा रहे हैं।

 

17-04-2020
घर पहुंच फल और सब्जी सेवा के सफल संचालन के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी

रायपुर। कलेक्टर डॉ.एस भारतीदासन ने घर पहुंच फल और सब्जी सेवा कार्य के सुचारू रूप से संचालन के लिए अधिकारियों को दायित्व सौंपा है। इस संबंध में आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने एनआर साहू अपर कलेक्टर रायपुर को नोडल अधिकारी, संदीप कुमार अग्रवाल संयुक्त कलेक्टर को अतिरिक्त नोडल अधिकारी और कीर्ति शर्मा को तकनीकी नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम और आवागमन की सुविधा को ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने वेब पोर्टल के माध्यम से फल और सब्जी की सेवा घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की है।

 

15-04-2020
आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने ईसीसी गतिविधि का किया संचालन

बीजापुर। जिले में कोविड-19 से बचाव को दृष्टिगत रखते हुए जिले के आंगनबाडी केन्द्रों का संचालन बंद रखा गया है। इस दौरान डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से ईसीसी गतिविधि संचालन के संबंध में निर्देश जारी किये गये है। इसमें वीडियो मैसेज के माध्यम से अभिभावको तक बच्चों के सर्वांगीण विकास की जानकारी पहुॅचाई जा सके। इसके लिए सहायक संसाधन सामग्री के रूप में बाल गीत, कहानी आदि के वीडियो आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के द्वारा टीएचआर वितरण, गृह भेंट के समय इसे अभिभावकों एवं बच्चों के साथ स्थानीय भाषा में बताते हुए वीडियो दिखाते हुए बच्चों को नृत्य कर गतिविधि कर सिखाया जा रहा है, जिससे की बच्चों का सर्वागीण विकास क्रमबद्ध रूप से चलते रहे। जिन अभिभावकों के पास स्मार्टफोन है, उनके साथ वीडियो को शेयर भी किया जा रहा हैं।


वर्तमान में जिले में 6 माह से 6 वर्ष के सभी बच्चे तथा 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की एनीमिक महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत लाभांवित हितग्राहियों को सूखा राशन-चॉवल, गेहू, दाल, आलू, सोयाबीन बडी, चना का पैकेट बनाकर जिले के 6 माह से 6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती माता, शिशुवती माता, किशोरी बालिकाए एवं 15 से 49 वर्ष के एनीमिक महिलाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के द्वारा आंगनबाडी में दर्ज हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार योजनांतर्गत रेडी टू इट (टी.एच.आर.) हितग्राहियों के घर-घर में जाकर दिया जा रहा है। जिससे की जिले में लाभांवित होने वाले हितग्राही के स्वास्थ्य एवं पोषण में विपरीत प्रभाव से बचा जा सके।

08-04-2020
फूड रूम का पूरा कंट्रोल कर रही है आधी आबादी, दूसरों के घर बचाने,अपने घर की तक परवाह नहीं कर रही

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आपने देशभर के हर क्षेत्र में आधी आबादी की पूरी दमदारी पढ़ी और देखी। अब लॉक डाउन की इस विषम घड़ी में भी आधी आबादी हर क्षेत्र में अपनी पूरी दमदारी साबित कर रही हैं। कुछ ऐसा ही नजारा है राजधानी के फूड रूम संचालन का,जिसका पूरा कंट्रोल आधी आबादी के हाथों में ही है। अपना घर छोड़कर आपके घरों को बचाने नारी शक्ति सेवा कर रही हैं। अपने शहरवासियों को बचाने के लिए अपनों की परवाह किए बगैर अवंती विहार की अनुपमा तिवारी और कृष्णा नगर की डॉ.कामिनी बावनकर जिला प्रशासन के फूड कंट्रोल रूम में अपनी सेवाएं दे रही हैं। ये दोनों महिलाएं घर में बच्चों और बूढ़े मां-बाप की परवाह को दरकिनार करते हुए अपने देश और शहर की चिंता में डूबी हुई हैं। दोनों का कहना है कि कोरोना के कहर से हम न केवल अपने घर को, बल्कि अपने शहर के एक-एक घर को बचाएंगे।

अनुपमा के दिन की शुरूआत होती है अलसुबह  
घर में 82 वर्ष की सासू मां और बेटा सागर, बेटी सुरभि व भतीजी स्तुति को छोड़कर कोरोना को हराने के लिए घर से निकलने वाली अनुपमा कहती हैं कि अब 5 बजे की जगह 3:30 बजे ही अपने दिन की शुरुआत कर लेती हैं। सुबह कंट्रोल पहुंचना होता है और इसके लिए वे सुबह जल्दी उठकर पहले घर वालों के चाय-नाश्ते व खाने-पीने की तैयारी करती हैं। इसके बाद समय पर कंट्रोल रूम पहुंचकर अपने शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। अनुपमा ने बताया कि उनकी दिनचर्या में काफी बदलाव हुआ है, लेकिन उन्हें दिनचर्या की नहीं अपने शहर व देश की चिंता सता रही है। अब तो उनके घर में सुबह का खाना शाम 4 बजे के बाद बनता है।


अपनों का पूरा साथ कामिनी के साथ  
जिंदगी में जब अपनों का साथ मिलता है तो लड़ने की ताकत दोगुनी हो जाती है। कुछ ऐसा ही कामिनी की जिंदगी में है। कामिनी बताती है कि 9 लोगों का उनका परिवार उनकी जिंदगी में हमेशा ढाल की तहर रहा है। कोरोना की इस जंग में भी परिवार का उन्हें पूरा साथ मिल रहा है। बेटा अनिकेत और अनुराग हर दिन उन्हें मोटीवेट करते हैं। साथ में कोरोना के रोकथाम व बचाव के उपाए भी बताते हैं।


खुद को सुरक्षित रखने सभी गाइडलाइन का करती हैं पालन
कोरोना के बचाव से जुड़ी स्वास्थ्य विभाग की सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए दोनों महिलाएं काम कर रहीं हैं। अनुपमा बतातीं हैं कि इन दिनों जब घर जाती हैं तो उनके घर वाले घर से सभी दरवाजे व खिड़कियां खोल देते हैं, ताकि कहीं भी उन्हें हाथ से कुछ टच न करना पड़े। इसके बाद वे सीधे कपड़े धुलने, मोबाइल इत्यादी को सैनिटाइज कर नहाने के बाद घर वालो के संपर्क में आतीं हैं। इस समय जिन सामग्रियों का वे उपयोग करती हैं, उन्हें घर का दूसरा सदस्य उपयोग नहीं करता। ठीक इसी तरह कामिनी भी सतर्कता बरत कर काम कर रही हैं।

 

04-04-2020
सिम्स ने डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को मोबाइल वेटिंग रूम में छोड़ने का दिया आदेश

रायपुर-बिलासपुर। शहर के सिम्स अस्पताल में 24 घंटे कोरोना ओपीडी का संचालन हो रहा है।  डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाकर उनसे सेवा ली जा रही है। मोबाइल में व्यस्त होने के कारण संदेहियों की जांच प्रभावित हो जाती है। इन्ही सभी कारणों को देखते हुए ड्यूटी समय में अपने पास मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिम्स के कोरोना ओपीडी में चौबीस घंटे मरीज पहुंच रहे हैं। कई दफा ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में डॉक्टर व अन्य स्टाफ मोबाइल में व्यस्त हो जाते हैं। वाट्सएप, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया में ध्यान होने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ड्यूटी समय में मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिम्स आने के साथ इन्हें अपना मोबाइल वेटिंग रूम में रखना होगा। जरूरी होने पर सभी को फोन करने की छूट दी गई है।

 

25-03-2020
थोक फल-सब्जी मंडी का नियमित रूप से होगा संचालन

धमतरी। नोवल कोरोना कोविड 19 के संभावित संक्रमण की जिले में रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर कृषि उपज मंडी समिति ने सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) को ध्यान में रखते हुए मुख्य मंडी प्रागंण परिसर में फल-सब्जी विक्रेता एवं क्रेताओं के बीच दूरी बनी रहे। इसके लिए स्थल चिन्हांकित किया गया है। वहीं धारा 144 लागू होने के कारण फल-सब्जी के परिवहन एवं विक्रेताओं की आवाजाही के दौरान चेक प्वाइंट में होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए फल-सब्जी के परिवहन के लिए वाहनों सहित विकेताओं को पास प्रदान किए गए हैं। इससे धमतरी श्यामतराई थोक फल-सब्जी संघ द्वारा पूर्व की भांति प्रतिदिन सुबह 9 बजे से नियमित रूप से फल-सब्जी का विक्रय किया जा सकेगा।

25-03-2020
कोरोना संकट: अमरजीत भगत ने रामविलास पासवान से खाद्यान वितरण के लिए 2200 करोड़ रुपये की सब्सिडी मांगी

रायपुर। देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बेहतर संचालन के लिए और सब्सिडी देने की मांग की है। बता दें कि मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र प्रेषित कर कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के खाद्य एवं पोषण सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत सभी राशन कार्डधारियों को अग्रिम तीन माह का चावल निशुल्क वितरण किए जाने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने 10 रूपए किलो प्रति व्यक्ति चावल के हिसाब से राज्य सरकार को 2121 करोड रुपए की सब्सिडी देने की मांग की है। मंत्री भगत ने पत्र में लिखा है कि समस्त राशन कार्ड धारियों को मुफ्त में दो किलो नमक तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को 22.36 करोड़ तथा सभी राशन कार्ड धारियों को नि:शुल्क एक किलो शक्कर तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के लिए 63 करोड़ सब्सिडी की आवश्यकता महसूस कर राहत दिए जाने की मांग की है। लॉकडाउन का सीधा असर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवार प्रभावित होते हैं। सरकार की इच्छा है कि इस संकट के दौर में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे खाद्य सामग्री की कमी का डर लोगों के मन से दूर हो सके। आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण ना केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले परिवारों को बल्कि सामान्य जनता को भी दिया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के नकारात्मक प्रभाव में सुधार के लिए राज्य सरकार को आवश्यक सहायता की जरूरत है। विशेषकर चावल,दाल,शक्कर,नमक के लिए जनता को पीडीएस के माध्यम से सहायता दी जानी चाहिए। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के तहत राहत देने के लिए अंत्योदय, प्राथमिकता, निशक्तजन, एकल, निराश्रित एवं अेपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल तथा मई 2020 का चावल एक मुश्त वितरण करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय के तहत चावल निशुल्क वितरण किया जाएगा।

22-03-2020
मुंगेली में दिखा जनता कर्फ्यू का असर, सभी दुकाने रही बंद 

मुंगेली। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का आहवान किया था। मुंगेली नगर में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। दवाई दुकान, होटल, पेट्रोल पंप सहित बसों का संचालन भी बंद रहा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील का व्यापक असर जिले में देखने को मिल रहा है। जिलेवासियों ने स्वतः ही जनता कर्फ्यू का बड़े पैमाने पर गोल बाजर किया है। आज सुबह से ही आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वतः ही बंद रखी है। वही चौक चौराहो पर इक्का दुक्का लोग गई नजर आए। नगर के सबसे भीड़ भाड़ वाले इलाके गोल बाजर में सुबह से ही सन्नाटा पसरा है। बता दें कि शाम से ही ठेले वाले होटलों, और चाय दुकानों को पुलिस ने बंद कराना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही मुंगेली पुलिस ने शाम फ्लैग मार्च भी किया था।

18-02-2020
यातायात नियमों के प्रति छात्र-छात्राओं को किया जागरुक

धमतरी। यातायात व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को शासकीय भोपालराव पवार पॉलिटेक्निक रूद्री में छात्र छात्राओं को जागरुक किया गया। यातायात प्रभारी सत्यकला रामटेके ने अपने स्टाफ के साथ यातायात नियमों की जानकारी दी। इसमें छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनकर दुपहिया वाहन चलाने, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय सभी दस्तावेज अपने साथ रखने, नशापान कर वाहन नहीं चलाने तथा सदैव यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरुक किया गया। 

 

 

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