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19-08-2020
राजीव गांधी की जयंती पर किसानों, वनवासियों और गोबर विक्रेताओं को मिलेगी 1737.50 करोड़ की राशि

रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और गोबर बिक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए की राशि का सीधे अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस राशि में से धान, गन्ना और मक्का उत्पादक 19 लाख किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त की राशि का आनलाइन अंतरण करेंगे। इसके अलावा बघेल गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि और तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में दोपहर 12.30 बजे आयोजित कार्यक्रम से सांसद सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की अनुदान सहायता राशि दी जा रही है। इसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। इस योजना से प्रदेश के धान, गन्ना और मक्का उत्पादक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना में 20 जुलाई से 15 अगस्त तक 6 करोड़ 17 लाख रुपए मूल्य का 3 लाख क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदा जा चुका है। गोधन न्याय योजना का पहला भुगतान 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख रुपए का किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए सवा दो लाख क्विंटल गोबर की राशि 4 करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान विक्रेताओं को उनके खातों में किया जाएगा। प्रदेश के 4377 गौठानों में से 3205 क्रियाशील गौठान हैं, जहां गोबर खरीदी हो रही है। राज्य में 1 लाख 1919 पशुपालकों का पंजीयन किया गया है, इनमें से 63 हजार 942 पशुपालक योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जा रही है, जिसकी बिक्री 8 रुपए प्रति किलो की दर पर सहकारी समिति के माध्यम से की जाएगी।

18-08-2020
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 20 अगस्त को 19 लाख किसानों को मिलेगी 1500 करोड़ की दूसरी किश्त

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ की दूसरी किश्त की राशि का ऑनलाइन अंतरित करेंगे। इस अवसर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में और साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को दूसरे पखवाड़े में बेचे गए गोबर की राशि भी मिलेगी।

बता दें कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की अनुदान सहायता राशि दी जा रही है, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी के शहादत दिवस 21 मई को दी गई थी। वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए गोबर की राशि भी विक्रेताओं को उनके खातों में अंतरित की जाएगी।

16-08-2020
अभिलेख संधारण में सतर्कता बरतने के निर्देश,गिरदावरी कार्य के लिए दिशा-निर्देश जारी

बीजापुर। राज्य शासन द्वारा खरीफ गिरदावरी कार्य को शत्-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। वहीं अभिलेखों के संधारण में सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। उक्त परिप्रेक्ष्य में जारी परिपत्र में कहा गया है कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता, समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का उपार्जन, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अन्तर्गत आर्थिक सहायता अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन आदि गिरदावरी कार्य की शुद्धता पर निर्भर करना है अतएव उक्त कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाये। गिरदावरी कार्य करने के पूर्व ग्रामीणों तथा ग्राम पंचायत में सूचना अवश्य दिया जाये और ग्रामीणों की उपस्थिति में ही उक्त कार्य को संपादित किया जाये। गिरदावरी कार्य के दौरान हल्का पटवारी द्वारा सम्बन्धित क्षेत्र के आरएईओ, पंचायत सचिव एवं कोटवार को अपने साथ अनिवार्य रूप से रखा जाये। हल्का पटवारी गिरदावरी कार्य के समय पंचनामा अनिवार्य रूप से तैयार करेंगे। गिरदावरी के समय कृषक द्वारा धारित भूमि का खसरावाॅर फोटो स्लेट में ग्राम का नाम, खसरा नम्बर एवं कृषक का नाम उल्लेखित कर खसरा नम्बर के बढ़ते अनुक्रम में मोबाईल पर अनिवार्यतः लिया जाये।

फोटोग्राफ्स सम्बन्धित कृषक के स्थान पर परिवार के किसी भी सदस्य को शामिल कर खसरा नम्बर सहित लिया जा सकता है। पटवारियों द्वारा लिये गये फोटोग्राफ्स को राजस्व अभिलेख के लिए साॅफ्टकाॅपी में पटवारी हल्का वाॅर एवं ग्रामवाॅर तहसील के कम्प्यूटर सिस्टम में सुरक्षित रखा जाये। बोई गई फसल के क्षेत्राच्छादन की फसलवाॅर एवं कृषकवाॅर जानकारी तैयार कर सम्बन्धित ग्राम तथा ग्राम पंचायत में प्रकाशित कर दावा-आपत्ति प्राप्त किया जाये और मौके पर जाकर दावेदार की मौजूदगी में सत्यापन कर दावा-आपत्ति का निराकरण किया जाये। इसके अनुरूप ही फसल क्षेत्राच्छादन की प्रविष्टि को दुरूस्त कर अंतिम प्रकाशन किया जाये। भुईयां साॅफ्टवेयर में अभिलेख शुद्धता के मद्देनजर हल्का पटवारी अपने हल्के के ग्रामों का भ्रमण करते समय राजस्व अभिलेखों में अंकित भूस्वामी एवं अन्य विवरण की जांच कर अभिलेखों में अंकित त्रुटियों को अनिवार्यतः दुरूस्त करेंगे।गिरदावरी के दौरान फौती-नामांतरण एवं बंटवारा सम्बन्धी अभिलेख दुरूस्ती कार्य भी जरूरत के अनुरूप किया जाये। धान से पृथक अन्य फसलों के रकबे को किसी भी परिस्थिति में धान के रकबे के रूप में पंजीयन नहीं किया जाये। गिरदावरी के समय भूमि स्वामी द्वारा भूमि का कच्चा मकान, झोपड़ी, डबरी, मुंडा, खेत, मुंडा एवं खेत का मेड़ ईत्यादि उपयोग का स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया जाये। व्यपवर्तित खसरों को अनिवार्य रूप से भुईयां साॅफ्टवेयर में दर्ज किया जाये। असर्वेक्षित एवं वन ग्रामों का गिरदावरी अभिलेख पृथक से तैयार किया जाये। गिरदावरी कार्य का पर्यवेक्षण दायित्व इस के लिए नियुक्त अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।

 

13-08-2020
धान खरीदी के संबंध में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल लेगा

रायपुर। खाद्यमंत्री अमरजीत भगत ने स्पष्ट किया है कि आगामी खरीफ फसलों के अंतर की राशि संबंध में फैसला मंत्रिमंडल लेगी। उन्होंने कहा है कि धान खरीदी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की अलग-अलग उपसमिति है। आगामी वर्ष की धान खरीदी के लिए कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में बनी उपसमिति की अनुशंसा पर मंत्रिमंडल अंतिम निर्णय लेगी।अमरजीत भगत ने कहा कि इस सीजन के लिए सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अमरजीत ने कहा कि इस साल गिरदावली 1 अगस्त से 20 सितंबर तक और पंजीयन 17 अगस्त से 31 अक्टूबर तक होगा।

राजीव  गांधी किसान न्याय योजना को लेकर मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उनकी अध्यक्षता में 10 अगस्त को हुई थी। बैठक में 2020-21 के लिए  बारदाने खरीदी के लिए जुट कमिश्नर को पत्र भेजने और खरीफ वर्ष 2019 के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अंतर की राशि 1500 करोड़ 20 अगस्त को जारी करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि इस साल राजीव किसान न्याय योजना के तहत 1500 करोड़ की पहली किस्त 21 मई को दी जा चुकी है।

 

09-08-2020
न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है राजीव गांधी किसान न्याय योजना : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेडियो वार्ता लोकवाणी की 9वीं कड़ी के माध्यम से आम जनता से रूबरू हुए। उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस का विशेषरूप से उल्लेख करते हुए इनके महत्व की चर्चा की। बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज के ही दिन वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने की घोषणा की और करो या मरो का नारा दिया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़ साबित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। भारत की आजादी ने न सिर्फ भारतीयों की जीवन में न्याय की शुरूआत की, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया। भारत माता को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त कराना ही न्याय की दिशा में सबसे बड़ी सोच और सबसे बड़ा प्रयास था। दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार हमारा संविधान समाज के हर समुदाय को न्याय देने का आधार बना। आम जनता को समानता के अधिकार, अवसर और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के सिद्धांत के आधार पर अन्याय की जंजीरों से मुक्ति दिलाई गई।

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है राजीव गांधी किसान न्याय योजना :

बघेल ने कहा कि राजीव गांधी कहा करते थे, यदि किसान कमजोर हो जायेगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा। किसानों के मजबूत होने से ही देश की स्वतंत्रता भी मजबूत होती है। इस तरह से देखिए तो एक बार फिर स्वतंत्रता, स्वावलंबन और न्याय के बीच एक सीधा रिश्ता बनता है। निश्चित तौर पर यह एक बड़ी योजना है, जिसके माध्यम से धान, मक्का और गन्ना के 21 लाख से अधिक किसानों को 5700 करोड़ रुपए का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाना है। हमने तय किया 5700 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान 4 किस्तों में करेंगे जिसकी पहली किस्त 1500 करोड़ रुपए 21 मई को किसानों की खाते में डाल दी गई है। 20 अगस्त को राजीव जी के जन्म दिन के अवसर पर दूसरी किस्त की राशि भी किसानों के खाते में डाल दी जायेगी। इस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से सीधी तौर पर जुड़ जाती है। उन्होंने कहा कि हमने भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की घोषणा की है ताकि ऐसे ग्रामीण परिवारों को भी कोई निश्चित, नियमित आय हो सके, जिनके पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है।

किसानों को अन्याय से बचाने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूआत :

मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि पहले साल धान के किसानों को 2500 रुपए प्रति क्ंिवटल का दाम देने के बाद जब दूसरा साल आया तो एक बड़ी बाधा सामने आ गई। हमने करीब 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान बनाया, इन किसानों को 2500 रुपए की दर से भुगतान किया जाना था लेकिन केन्द्र सरकार ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। ऊपर से यह कहा गया कि यदि हमने केन्द्र की ओर से घोषित समर्थन मूल्य से अधिक दर दी तो सेन्ट्रल पूल के लिए खरीदी बंद कर दी जायेगी। इस तरह फिर एक बार हमारे किसान अन्याय की चपेट में आ जाते। ऐसी समस्या के निदान के लिए हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने की घोषणा की। हमारी मंशा थी कि किसानों को कर्ज से नहीं लादा जाये बल्कि उनकी जेब में नगद राशि डाली जाए। इस तरह समग्र परिस्थितियों पर विचार करते हुए हमने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि मक्का और गन्ना के किसानों को भी बेहतर दाम दिलाने की बड़ी सोच के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की।

18-07-2020
राज्य में खरीफ फसलों की गिरदावरी 1 अगस्त से 20 सितम्बर तक

रायपुर। राज्य में खरीफ फसलों की गिरदावरी 1 अगस्त से 20 सितम्बर तक की जाएगी। इसके पश्चात ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन का प्रारंभिक प्रकाशन 21 सितम्बर तक किया जाएगा। राज्य के सभी गांवों में किसानवार, फसल क्षेत्राच्छादन का प्रकाशन कर दावा आपत्ति 28 सितम्बर तक प्राप्त की जाएगी। प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण कर खसरा पांचसाला व भुईंया सॉफ्टवेयर की प्रविष्टि में 14 अक्टूबर तक संशोधन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गिरदावरी के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टरों को गिरदावरी के कार्य को पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव राजस्व ने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता के साथ ही समर्थन मूल्य पर धान और मक्के की खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत आर्थिक अनुदान और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सफल क्रियान्वयन गिरदावरी की शुद्धता पर निर्भर है। इसके मद्देनजर गिरदावरी शत-प्रतिशत सही और सटीक हो इस बात पर विशेष ध्यान रखा जाए। राजस्व विभाग के अधिकारियों को गिरदावरी के दौरान इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं कि अन्य फसलों का रकबा किसी भी परिस्थिति में धान और मक्का के रकबे में शामिल न होने पाए। छत्तीसगढ़ में गन्ना, सोयाबीन, मक्का, सब्जियां, फल-फूल, सहित अन्य फसलें खरीफ सीजन के दौरान उगायी जाती है।

गिरदावरी के दौरान अन्य फसलों के रकबे का धान विक्रय के लिए पंजीयन न हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। गिरदावरी के दौरान पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा किसान द्वारा धारित भूमि का खसरावार फोटोग्राफ मोबाइल पर अनिवार्य रूप से लिए जाने तथा इसकों डिजिटली संबंधित राजस्व अधिकारी को अभिलेख के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। स्लेट में खसरा नम्बर चॉक से लिखकर खसरा नम्बर के बढ़ते अनुक्रम में फोटोग्राफ लेने के निर्देश दिए गए है। प्रत्येक खसरा नम्बर में कृषक द्वारा बोई गई फसल का विवरण भुईया सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा, ताकि इसका उपयोग पंजीयन के लिए किया जा सके। खसरे में अंकित रकबे से अनुपयोगी भूमि, पड़ती भूमि, निकटवर्ती नदी-नालों की भूमि, निजी तलाब, डबरी की भूमि, कृषि उपयोग के लिए बनाए गए कच्चे-पक्के शेड आदि की भूमि को पंजीयन में से कम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

 

16-07-2020
बिलासपुर जिले के किसानों को खेती के लिए भूपेश सरकार देगी डेढ़ करोड़ और खाद बीज का ऋण

रायपुर/बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें हर तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं, जिससे किसानों का मनोबल बढ़ रहा है। किसानों को अब खेती-किसानी के लिए शासन की ओर से बिना ब्याज के आसानी से ऋण मुहैय्या कराया जा रहा है। इससे बिलासपुर जिले के किसानों को खेती के लिए इस वर्ष 1 अरब 48 करोड़ रूपए नगद और खाद बीज के रूप में खरीफ कृषि ऋण दिया जायेगा। अब तक 30 हजार से अधिक किसानों को 93 करोड़ 56 लाख से अधिक का ऋण दिया जा चुका है। जो लक्ष्य का 63 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से माह सितम्बर तक किसानों को ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।

कोविड-19 के संक्रमण के दौर में जारी लॉक डाउन में जहां अन्य आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई वही किसानों के लिए यह दौर लाभदायक रहा। लॉक डाउन के दौर में किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा घोषित धान खरीदी मूल्य के अंतर की पूरी राशि प्राप्त हुई। इससे किसानों को आर्थिक सबल मिला और वे खेती कार्य के लिए भी उत्साहित हुए। शासन के निर्देश पर किसानों को सरलता से कृषि ऋण और समय पर आवश्यकता अनुरूप खाद बीज उपलब्ध हो रहे है। वर्षा भी खेती के अनुकूल है इन कारणों से किसानों का खेती के लिए रूझान बढ़ा है।

बिलासपुर में किसानों को खरीफ ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। गत वर्ष इस अवधि में 19 हजार 156 किसानों को 54 करोड़ 86 लाख से अधिक का खरीफ ऋण दिया गया था। किन्तु इस वर्ष इसी अवधि तक 30 हजार से अधिक किसानों को ऋण दिया जा चुका हैं। उन्होनें बताया कि इस वर्ष किसानों को 1 अरब 48 करोड़ रूपए अल्पकालीन खरीफ कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष 1 अरब 38 करोड़ का यह ऋण दिया गया था। किसानों को खरीफ फसल में सिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 45 हजार रूपए तथा असिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 33 हजार रूपए दी जा रही है। पूर्व में यह राशि प्रति हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र के लिए साढे 37 हजार रूपए तथा असिंचित क्षेत्र के लिए साढ़े 31 हजार रूपए निर्धारित थी।

11-07-2020
बस्तर सांसद दीपक बैज ने किया नारायणपुर का दौरा, जिलेवासियों को दिए 45 करोड़ रुपए की सौगात

दंतेवाड़ा। सांसद दीपक बैज और विधायक चंदन कश्यप ने शनिवार को जिलेवासियों को 45 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिलेवासियों को विकास की सौगात दी।  कार्यक्रम ग्राम पंचायत माहका के खेल मैदान में आयोजित हुआ। सांसद बैज ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बस्तर क्षेत्र का बहुमुखी विकास हो रहा है। आज हम सब यहां 45 करोड़ से अधिक विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं।दीपक बैज ने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 के प्रभाव से पूरे देश में लॉकडाउन रहा। जिसके कारण विकास कार्य नहीं हो पाये। छत्तीसगढ़ की सरकार ने लोगों क हितों की चिंता करते हुए लॉकडाउन के दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना, वनोपज खरीदी, तेन्दूपत्ता खरीदी तथा मनरेगा के तहत् रोजगार मूलक कार्य संचालित कर लोगों को आर्थिक मदद दी।

इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल देव सहित जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मांझी, जनपद पंचायत अध्यक्ष नारायणपुर पंडीराम वड्डे, जनपद पंचायत अध्यक्ष ओरछा मालती नुरेटी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल, संगठन पदाधिकारी रजनू नेताम के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी के अलावा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में शासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया गया।कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि शासन की मंशानुरूप जिले में विकास के कार्य संचालित किये जा रहे है। नारायणपुर के विकास के लिए जिला प्रशासन संकल्पित है। आने वाले समय में भी विकास के कार्य और अधिक तेज गति से संचालित होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आप लोगों को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली होगी कि जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 
भूमिपूजन किये जाने वाले कार्यों में 10 करोड़ 69 लाख रूपये के राजनांदगांव-बारसूर चौड़ीकरण सड़क कार्य, नलजल योजना के लिए 3 करोड़ 33 लाख रूपये के 8 कार्य, हाइमास्ट लाइट, सोलर पंप, सोलर पावर प्लांट के 4 कार्यों के लिए 4 करोड़ 63 लाख, जनपद पंचायत ओरछा में आंगनबाड़ी भवन और गोदाम निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 75 लाख, जनपद पंचायत नारायणपुर में धान संग्रहण चबूतरा निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, नवीन ग्राम पंचायत भवन निर्माण, गोदाम निर्माण और आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए एक करोड़ 50 लाख, यात्री प्रतीक्षालय, रंगमंच निर्माण, नलकूप खनन आदि के लिए 15 लाख 90 हजार और कोहकामेटा एवं गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण के लिए 61 लाख 96 हजार के कार्यों को भूमिपूजन किया गया। इस प्रकार आज कुल 22 करोड़ 70 लाख रूपये के 57 कार्यों को भूमिपूजन हुआ।

 

11-07-2020
महिला स्व-सहायता समूह का रूझान बढ़ा मक्के की खेती में, हो रहा अच्छा मुनाफा

रायपुर। शासन की ओर से मक्के की खेती को दिए जाने वाले प्रोत्साहन के साथ ही समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने मक्के की खेती को लेकर किसानों का उत्साह और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में इस साल खरीफ में मक्के की खेती का रकबे में लगभग 50 हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। बीते साल राज्य में 2 लाख 80 हजार 850 हेक्टेयर में मक्के की खेती हुई थी। इस साल इसका रकबा बढ़कर लगभग 3 लाख 30 हजार हेक्टेयर होने का अनुमान है। मक्के की खेती के मुनाफे को देखते हुए अब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत गठित अनेक महिला स्व सहायता समूह भी मक्के की खेती करने लगे हैं। इससे महिला समूहों को अच्छा खासा मुनाफा होने लगा है। बेमेतरा जिले के साजा विकासखण्ड की पंचायत बेलगांव के जय बजरंग महिला स्व-सहायता समूह  की ओर से भी मक्के की खेती की जा रही है।स छत्तीसगढ़ राज्य में सुराजी गांव योजना शुरू होने के बाद से सब्जी की सामूहिक खेती की शुरूआत के बाद अब महिला समूहों ने मक्के की सामूहिक खेती भी शुरू कर दी है। मक्के की सामूहिक खेती होना मक्के की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते रूझान का संकेत है। मक्का कम लागत में उपजायी जाने वाली बारहमासी फसल है। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर अंचल और सरगुजा में मक्के की खेती बड़े पैमाने पर होने लगी है।

पौष्टिकता से भरपूर और बहुपयोगी है मक्का

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में मक्का की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने लागू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना में मक्का उत्पादक किसानों को 4 किश्तों में 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया है। मक्का एक बहुपयोगी फसल है, क्योंकि मनुष्य और पशुओं के आहार का प्रमुख अवयव होने के साथ ही औद्योगिक दृष्टिकोण से भी यह महत्वपूर्ण है। इसका प्रमुख कारण भारत की जलवायु की विविधता है। कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन और विटामिनों से भरपूर मक्का शरीर के लिए ऊर्जा का अच्छा स्त्रोत है, साथ ही बेहद सुपाच्य भी। इसके साथ मक्का शरीर के लिए आवश्यक खनिज तत्वों जैसे कि फास्फोरस, मैग्निशियम, मैगनिज, जिंक, कॉपर, आयरन इत्यादि से भी भरपूर फसल है। भारत में मक्का की खेती तीन ऋतुओं में की जाती है, खरीफ जून से जुलाई, रबी अक्टूबर से नवम्बर एवं जायद फरवरी से मार्च। यह समय मक्का की बुआई के लिए खेतों को तैयार करने का उचित समय है।

 

09-07-2020
पूरे देश में आर्थिक मंदी है मगर नारायणपुर जिले की अर्थ व्यवस्था पूरी रफ्तार से दौड़ रही है,ये भूपेश सरकार का कमाल है

रायपुर/नारायणपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोविड-19 के कारण लोगों को हो रही रोजी-रोटी की समस्या को देखते हुए योजनाए शुरू की है। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, वनोपज खरीदी और तेन्दूपत्ता की खरीदी आदि आर्थिक गतिविधियां सचांलित कर गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को वित्तीय मदद मुहैय्या करायी है। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मानो जीवन का संचार हो रहा है। पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ के साथ-साथ नारायणपुर जिले की अर्थव्यवस्था भी पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। जिले में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 3684 किसानों के खातों में पहली किस्त के 2 करोड़ 60 लाख 42 हज़ार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किये गये हैं। वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् जिले के 21887 जॉब कार्डधारी परिवारों में से मांग के आधार पर 13574 परिवारों को इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख 52 हजार 606 मानव दिवस का रोजगार दिया गया है। इसके एवज में 11 करोड़ 56 लाख की मजदूरी दी गयी है। इसी प्रकार जिले के 17573 वनोपज संग्राहकों को 5 करोड़ 82 लाख और तेन्दूपत्ता खरीदी में 17269 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 5 करोड़ 6 लाख रूका भुगतान किया गया है। वनोपज खरीदी में नारायणपुर जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। जिले में आर्थिक गतिविधियां संचालित करने से बाजारों और आटोमोबाईल सेक्टरों ने रफ्तार पकड़ी है और लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। जहां देश के कई राज्यों में आटोमोबाइल सेक्टरों एवं बाजार को मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मनरेगा, तेन्दूपत्ता एवं वनोपज खरीदी आदि से मिली राषि से किसान इन दिनों खेती किसानी के सहायक उपकरण के साथ ही ट्रेक्टर और घरेलू वाहनों की खरीदी के कारण ऑटोसेक्टर प्रतिष्ठानों के मालिकों के चेहरे पर भी मुस्कान आयी है। परिवहन अधिकारी, नारायणपुर के अनुसार माह मई 2020 में 74 दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की बिक्री हुई। वहीं माह जून 2020 में 215 दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की बिक्री एवं पंजीयन किया गया, पूरे देश में मंदी होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में यह अच्छी स्थिति है।

08-07-2020
मुख्यमंत्री का साहू समाज ने किया सम्मान,योजना के लिए जताया आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। साहू समाज ने गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सुराजी योजना के तहत गांव-गांव में गौठानों के निर्माण और गोधन न्याय योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का सम्मान किया। उन्हें अभिनंदन पत्र तथा गाय और बछड़े की एक मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान कहा कि गौवंश के धार्मिक महत्त्व के साथ ही अब हमें पशुधन के आर्थिक महत्व को भी समझने की जरुरत है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर संग्रहण कर वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाएगी। इससे किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी और इसके उपयोग से जमीन की उर्वरा क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली त्योहार से इस बार गोबर क्रय करने की शुरुआत होगी। उन्होंने सभी पशुपालकों एवं किसानों से इस योजना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से हमने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों का सक्षम होना जरूरी है। हमारी यह कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर और सभी वर्ग के लोग आर्थिक रूप से सक्षम बनें। इनकों ध्यान में रखकर ही राज्य सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। इस दौरान अर्जुन हिरवानी, थानेश्वर साहू, शांतनु साहू, महेश साहू, तुलसी दास साहू सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

03-07-2020
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल वित्तीय प्रबंधन से राज्य की अर्थव्यवस्था सुधरी : कांग्रेस

रायपुर। कोविड संकट के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था में हो रहे सुधार पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक ओर महामारी के कारण वैश्विक मंदी छायी हुई है, ऐसे हालात में छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था लॉक डाउन के बाद पटरी पर न सिर्फ वापस लौटना बल्कि और देश के अन्य समकक्ष राज्यों की तुलना में बेहतर दिखना राहत की बात है। राज्य के वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक हालात पर सवाल खड़ा कर भ्रम फैलाने वाले वाले भाजपा नेताओं को भी हाल ही सार्वजनिक हुए आंकड़ों का अध्यन करना चाहिए।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ग्रामीण और कृषि सशक्तिकरण की सोच वाली नीति के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ इतनी बड़ी महामारी के झंझावत में भी संभल गया।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों की मदद और मनरेगा के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के कारण छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था द्रुत गति से पटरी पर आई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को धान की कीमत के अंतर राशि की  पहली किस्त के भुगतान कारण प्रदेश भर में किसानों ने 3000 से अधिक ट्रैक्टर की खरीदी की है। राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत की तुलना में लगभग आठ गुना से भी कम 3.4 प्रतिशत है। शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल वित्तीय प्रबंधन और दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि कोविड संकट के बावजूद इस वर्ष राज्य के जीएसटी कलेक्शन में 22 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसका सीधा अर्थ है तीन से चार महीने की बंदी और महामारी के संकट के बावजूद राज्य के उद्योग धंधों ने बेहतर परफार्मेंस दिया है। कृषि, मनरेगा लघु बनोपज संग्रहण को सरकार की ओर से प्रोत्साहन के कारण और 31 वनोपजों के शासन खरीदी के कारण भी सुदूर वन क्षेत्रों के निवासियों की आर्थिक उन्नति हुई। उनकी क्रय शक्ति बढ़ी,जिसका समन्वित फायदा समूचे राज्य को हुआ है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि राज्य के कृषि क्षेत्र और उससे जुड़े व्यवसाय  में तेजी की सराहना रिजर्व बैंक ने भी किया है।

 

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