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26-11-2020
कोरोना का कहर फिर भी लापरवाही, अनाधिकृत दुकान संचालकों पर लगाया दंड,वसूला जुर्माना

भिलाई। त्यौहारी सीजन के निकलने और तापमान में गिरावट आते ही कोरोना वायरस एक बार फिर कहर बरपाने लगा है। इसकी मूल वजह लापरवाही ही है। इसे देखते हुए अपर कलेक्टर व रिसाली नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने सख्ती बरतने निर्देश दिए है। गुरूवार को अभियान चलाकर निगम अधिकारियों ने कुल 1600 जुर्माना वसूला। रिसाली नगर पालिक निगम क्षेत्र में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एक बार फिर कार्यवाही की जा रही है। निगम की टीम बाजार क्षेत्र व सार्वजनिक क्षेत्रों में पैनी नजर रख रहे हैं। ऐसे लोगों से जुर्माना वसूल रहे है,जो मास्क लगाने और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने में कोताही बरत रहे हैं। गुरूवार को निगम क्षेत्र में 16 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई। टीम के सदस्यों ने बाजार क्षेत्र में भ्रमण किया। इस दौरान ऐसे दुकान संचालकों के खिलाफ कार्यवाही की जो बिना अनुमति पंडाल लगाकर व्यापार कर रहे थे। टीम के सद्स्यों ने कुल 1400 रूपए जुर्माना वसूल किया। रिसाली नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ हर रोज अभियान चलाने के निर्देश दिए है। इसके लिए टीम का गठन किया गया है। टीम में राजस्व निरीक्षक अनिल मेश्राम के अलावा रामेश्वर निषाद, धर्मरक्षक पाठक, टेकराम हरिन्द्रवार, पंकज कुशवाहा शामिल है।

 

26-11-2020
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार सरकार या खुद हम?

रायपुर। आजकल जगह जगह इतती भीड़ देखने को मिल रही है की काबू करना ही मुशकिल हो गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीें कर रहा है न सरकार का बनाया कोई नियम पालन कर रहा। वहीं प्रदेश भर में 1877 लोग से ज्यादा संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना के बढ़ते आंकड़े और लोग बिना खौफ के घूम रहे हैं, जैसे उन्हें इसका भय ही नहीं है। केंद्र ने शासित प्रदेशों को कड़ाई से कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य उपाय करने का निर्देश दिया है और साथ ही सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगाने के फैसले के लिए राज्य सरकारों को पूरी छूट दे दी है। सरकार अपनी ओर से पूरी कोशिश में लगी है कोरोना को खत्म करने लेकिन लोग क्यों नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, क्या उन्हें खुद कि जान कि परवाह नहीं है?

24-11-2020
प्रदेश में आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार,कोरोना के नाम पर हो रहा घोटाला : विष्णुदेव साय

सूरजपुर। प्रदेश में आदिवासी,अनुसूचित जाति, जनजाति महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं हो रही है। यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने सूरजपुर जिले में कही। उन्होंने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने किसानों को ठगा है। सरकार ने जनता से वादा किया था कि पूर्ण शराब बंदी करेंगे, बेरोजगारी भत्ता देंगे, किसानों के धान 2500 रुपये किवंटल खरीदने की बात कही थी। जो नही कर पा रही है। साय ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व जशपुर जिले में एक कोरवा जनजाति के महिला से दुष्कर्म की घटना हुई थी। महिला को दरिंदो ने हत्या करके शव को पेड़ में लटकाया था। इसमें पुलिस एक्शन नही ले रही थी। हमारी पार्टी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस एक्शन में आई थी। साय ने कहा कि प्रदेश में कोल माफियां, रेत माफियां सक्रिय है। और सरकार हाथ मे हाथ रखे हुए बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि नाबालिगो पर दुष्कर्म की घटनाओं ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। प्रदेश में आयुष्मान योजना के लाभ से लोगों को वंचित किया जा रहा है।

क्वॉरेंटाइन सेंटर में केंद्र से मिली राशि का बंदरबांट किया गया है तथा औने पौने दाम पर फल सब्जी का बिल लगाकर राशि आहरित कर ली गई है। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद शराबबंदी अपने वादे कर कर महिलाओं के साथ धोखा कर रही है महिला स्वयं सहायता समूह के बहनों से उनका काम छीना जा रहा है सूरजपुर जिले के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन संचालन का काम समूह से छीन कर वेंडर को दे दिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इस अवसर परनगर पालिका उपाध्यक्ष रितेश गुप्ता, सुरजपुर भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, पूर्व गृह मंत्री राम सेवक पैकरा, भाजपा नेता भूलन सिंह मराबी, जिला मीडिया प्रभारी शशि तिवारी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

 

24-11-2020
छत्तीसगढ़ में कोरोना के टीकाकरण की तैयाारियां शुरू, वैक्सीनेटर की संख्या बढ़ाने दिया जा रहा प्रशिक्षण

रायपुर। राज्य में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। स्वास्थ्य कर्मियों का 97.95 प्रतिशत डाटा एकत्र कर लिया गया है। टीकाकरण के लिए 27931 स्थलों और 8192 वैक्सीनेटर चिन्हांकित किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वैक्सीन के सुरक्षित संधारण के लिए राज्य में 630 कोल्ड चेन पांइट कार्य कर रहे हैं। 80 नए कोल्ड चेन पाइंट बनाए जा रहे हंै। सुरक्षित संधारण के लिए 85000 लीटर की अतिरिक्त क्षमता है। वैक्सीनेटर की संख्या बढ़ाने के लिए पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।

निजी स्वास्थ्य संस्थाओं के वैक्सीनेटर को भी चिन्हांकित कर प्रशिक्षित किया जाएगा। टीकाकरण से संबधित सिंरिंज और अन्य सामग्री के संधारण के लिए राज्य,क्षेत्रीय और जिला स्तर पर ड्राई स्टोर चिन्हांकित किए गए हैं। टीकाकरण की संपूर्ण निगरानी और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति बनाई जा चुकी है। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक भी हो चुकी है। विभिन्न जिलों में टास्क फोर्स समिति की बैठकें भी हो रही हैं।

24-11-2020
कोरोना की दूसरी लहर में तीन आसान उपाय ही बचाव का सशक्त माध्यम, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

रायपुर। कोरोना संक्रमण के इस दूसरे दौर में फिलहाल हम सबको तीन आसान उपाय ही बचा सकते हैं। अगर ईमानदारी से इनका पालन किया जाए, तो संक्रमण से बचा जा सकता है। मेकाहारा के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ओपी सुंदरानी का मानना है कि जब डॉक्टर आईसीयू जैसी अति संक्रमित जगह में रहकर कोरोना संक्रमितों का इलाज करते हुए भी सुरक्षित रह सकते हैं, तो आम जनता आसानी से कुछ सुरक्षा उपाय अपना कर बच सकती है। इस समय भीड़ वाली जगहों से बचना, अनावश्यक लोगों से न मिलना, दो गज की सुरक्षित दूरी का पालन करना और हाथ साबुन पानी से धोते रहना अत्यंत आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि यदि 90 प्रतिशत तक आबादी मास्क सही ढंग से नाक और मुंह ढंकने लगे तो बीमारी नहीं फैलेगी।अभी सामान्य सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ रही है।

एक सर्वेक्षण में कुछ लोगों ने कहा है कि मास्क लगाने से सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर ये लोग आईसीयू में पहुंच गए तो वेंटिलेटर पर कैसे रहेंगे। कुछ लोगों ने कहा कि हमको सांस की तकलीफ है इसलिए मास्क नहीं पहन सकते। चिकित्सक कहते हैं कि ऐसे लोगों को तो और अधिक मास्क पहनने की जरूरत है। कुछ लोग ये कहते हुए पाए गए कि हमने प्रिवेन्टिव दवाई खा ली, जो कि सही जानकारी नहीं है। अनुसंधान में कई बार यह जानकारी आई कि जिन संक्रमितों ने मास्क पहना और लोगों के संपर्क में आए ,उनसे दूसरे लोग संक्रमित नहीं हुए। उनके घर के लोग संक्रमित हुए ,क्योंकि घर में उन्होंने मास्क नहीं पहना था।

23-11-2020
अब तक कोरिया जिले के 3190 लोगों ने दी कोरोना को मात

कोरिया। कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन सतत रूप से प्रयासरत है। कलेक्टर एसएन राठौर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अथक मेहनत करते हुए मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि कोरिया जिले के 3190 लोगों ने कोरोना को मात दे दी है। वहीं कलेक्टर के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन मेडिकल बुलेटिन जारी किया जा रहा है। इसके अनुसार कुल 20 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किये गये हैं। इसमें से 2 मरीज कोविड हास्पिटल तथा 18 मरीज होम आइसोलेशन में थे। जिले में अब तक कुल 3642 कोरोना पाजीटिव मरीजों की पहचान की गई है। वहीं आज की स्थिति में कुल 1073 सैंपल कलेक्शन किया गया,जिसमें कुल 23 एक्टिव केस की पहचान की गई है, तथा जिले में 201 एक्टिव केस का इलाज जारी है। साथ ही 188 मरीजों का होम आइसोलेशन में उपचार किया जा रहा है। कोविड अस्पताल, बैकुण्ठपुर में 100 बेड एवं 7 आईसीयू, एचडीयू 10 आईसीयू, 6 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं।

आज की स्थिति में यहां भर्ती मरीजों की संख्या 13 तथा 87 बेड उपलब्ध हैं। इसी तरह एसईसीएल हास्पिटल, चरचा में बेड की संख्या 50 है। यहां भर्ती मरीजों की संख्या 0 तथा 50 बेड उपलब्ध हैं। होम आइसोलेट किए गए कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निशुल्क होम केयर आइसोलेशन किट का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मरीजों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर उनकी देख-रेख की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगातार कोरोना सर्वे भी संचालित जारी रखा गया है। जिले में अब तक जिले में आरटीपीसीआर के द्वारा 11138, ट्रूनाट के द्वारा 6781 तथा रैपिड एंटिजन के द्वारा 39223 टेस्ट किये जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना मरीजो को लाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी दी जा रही है।

 

22-11-2020
वायु प्रदूषण करता है फेफड़ों पर हमला और कोरोना काल में ज्यादा घातक होता है, उससे बचने के लिए लीजिए हर्बल टी

रायपुर। शहरों में लोगों को वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। इस कोरोना काल में लोगों को बहुत सावधानियां रखना पड़ता है। कोरोना और प्रदूषण दोनों ही फेफड़ों पर हमला करते हैं, ऐसे में आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आप अपनी डाइट में पानी और हर्बल टी शामिल कर सकते हैं जो शरीर को प्रदूषण के बुरे असर से बचा सकता है।

पानी- सांसों से शरीर में पहुंचे जहर को बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है। इसलिए पानी पीना नहीं भूलें। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी। 

हर्बल टी- हर्बल टी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही यह प्रदूषण के कारण होने वाली एलर्जी से भी सुरक्षित रखती है। आप घर पर भी तुलसी, अदरक, और नींबू के रस की मदद से हर्बल टी बना सकते हैं।

21-11-2020
स्वास्थ्य विभाग की अपील, सर्वेक्षण दल को दें सही जानकारी

रायपुर। कोरोना संक्रमण के मामले फिर बढ़ते नजर आ रहे हैं। इस बार सतर्क रहना बहुत जरूरी है। चिकित्सक, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनीसेफ सभी बार-बार आगाह कर रहे हैं कि संक्रमण से बचने के लिए अभी सार्वजनिक स्थलों में मास्क पहनना, दूसरों से दो गज की सुरक्षित दूरी रखना, भीड़ से बचना और हाथों की साबुन पानी से सफाई करना जरूरी है। प्रदेश में प्रति सप्ताह डेथ आडिट का रिव्यू किया जााता है, जिसमें अधिकांश केस में मरीज का देर से अस्पताल पहुंचना प्रमुख कारण है। महासमुंद जिले की 47 वर्ष की महिला को 25 अक्टूबर से लक्षण दिखाई दे रहे थे। सर्वे टीम को भी उन्होंने नहीं बताया कि उन्हें लक्षण लग रहे हैं। ज्यादा तबीयत खराब लगने पर 10 नवंबर को मतलब 15 दिनों के बाद टेस्ट कराया। महिला को अन्य बीमारियां जैसे हृदय की तकलीफ, अल्सर आदि था। 10 नवंबर को टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव आने पर उसी दिन अस्पताल में भर्ती कराए लेकिन इलाज शुरू होने के पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। उनकी और उनके परिजनों की लापरवाही से यह मृत्यु हुई। यदि सर्वेक्षण दल को भी समय पर बताया होता तो पहले ही उपचार मिल जाता और जान बच जाती। स्वास्थ्य विभाग इसीलिए बार-बार अपील कर रहा है कि सर्वेक्षण दल से अपने लक्षण न छुपाएं। समय पर जांच और उपचार से कोरोना ठीक हो सकता है।

21-11-2020
कोरोना से ठीक होने के बाद, बीमार हुए मरीजों का उपचार होगा, पोस्ट कोविड लक्षण वाले मरीजों के लिए नई व्यवस्था

रायपुर/जगदलपुर। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के चेस्ट एंड टीबी डिपार्टमेंट में पोस्ट-कोविड ओपीडी बनाया जा रहा है, जहाँ कोविड से ठीक होने के बाद भी परेशानी महसूस कर रहे मरीजों  का उपचार होगा। कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी कुछ लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिसे पोस्ट कोविड सिम्पटम भी कहा जाता है। मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के कोविड प्रभारी डॉ नवीन दुल्हानी ने बताया, कोविड-19 से ठीक होने के बाद कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें थकान, साँस लेने में परेशानी, चक्कर आना, बेहोशी, हल्का बुख़ार, जोड़ों में दर्द उदासी और मानसिक तनाव जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कई लोगों में स्वाद का ना आना और गले में खराश की दिक्कत भी बनी हुई है। जिस मरीज़ में कोविड का संक्रमण जितना अधिक होता है, उतने ज़्यादा लक्षण उसमें ठीक होने के बाद देखने को मिलते हैं। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए मेकॉज में पोस्ट कोविड ओपीडी प्रारम्भ करने की तैयारी पूरी की जा चुकी है जहाँ एमडी मेडिसिन, चेस्ट एंड टीबी विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, व मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकॉलजिस्ट उपस्थित रहेंगे। ये ओपीडी केवल उन मरीजों के लिए बनाई जा रही है, जो कोरोना संक्रमण को मात देकर एक बार ठीक हो चुके हैं लेकिन पोस्ट कोविड प्रभाव के कारण उनमे पुनः कोई लक्षण सामने आ रहे हैं।
कोरोना की बीमारी ठीक होने पर भी ऐसे लक्षण इसलिए दिखाई पड़ते हैं क्योंकि वायरस से लड़ने के लिए शरीर में बने एंटीजन इम्यून सिस्टम में इस तरह के बदलाव कर देते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम अति प्रतिक्रिया करने लगता है। इसी कारण बुख़ार, बदन दर्द और अन्य समस्याएँ होने लगती हैं। कोरोना से बचाव के लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी है, खासतौर पर ऐसे व्यक्ति जो हाल ही में इस संक्रमण से उबरे हो क्योंकि इस स्थिति में शरीर थोड़ा कमजोर हो चुका होता है। इसलिए प्रतिदिन कम समय के लिए ही सही लेकिन एक्सरसाइज करते रहें। इसे एक बार रुटीन में शामिल कर लें तो आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहेंगे। स्वस्थ खाना खाएं, ताकि सेहत में तेजी से सुधार आए, संक्रमण के दौरान कई बार वजन कम होने की स्थिति उत्पन्न हुई है इसलिए इपनी डाइट में प्रोटीन युक्त सब्जियां शामिल करें या डॉक्टर द्वारा बताई हुई डाइट का खाना खाएं। कोरोना रिर्पोट अगर निगेटिव आ गई है तो ऐसे में अपने शरीर का ध्यान रखते हुए धीरे-धीरे आम जिंदगी की तरफ बढ़े। सबसे पहले अपने इम्यून सिस्टम पर काम करें। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने आस पास लोगों को कोरोना के प्रति जागरुक करें। अगर थकान, साँस लेने में परेशानी, चक्कर आना, बेहोशी, हल्का बुख़ार, जोड़ों में दर्द उदासी और मानसिक तनाव जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं तो इन बातों के नजरअंदाज ना करें, तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें।

18-11-2020
पिछले सप्ताह कोरोना से मृत्यु केस फेटलिटी रेट 1.06, मृतकों में पुरुषों की संख्या अधिक

रायपुर। राज्य में गत सप्ताह कोविड-19 से मृत्यु केस फेटलिटी रेट 1.06 थी।  जबकि मार्च से नवंबर तक का सीएफआर 1़.2 दर्ज किया गया था। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का 31 प्रतिशत अधिक था। इसके बाद 45-59 आयु वर्ग के व्यक्तियों की मृत्यु का प्रतिशत 19 दूसरा अधिकतम था। कुल मृतकों में पुरूषों का 72 प्रतिशत और महिलाओं का 28 प्रतिशत था। डेथ ऑडिट रिव्यू में यह जानकारी सामने आई है कि कोमार्बिडिटी वाले मृतकों का प्रतिशत 59 जबकि केवल कोविड संक्रमण से मृत्यु का प्रतिशत 41 था। इसमें भी अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर मृतकों की संख्या बढ़ी है। ऐसा इसलिए कि मरीज सांस फूलने की स्थिति में या गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचता है। चिकित्सक इस स्थिति से बचने के लिए लक्षण शुरू होने के 24 घंटे के भीतर टेस्टिंग कराने पर जोर दे रहे हैं।
 

18-11-2020
कांकेर जिले में आज कोरोना के 13 मामले आए सामने, एक महिला की मौत 

कांकेर। जिले में बुधवार को कोरोना के कुल 13 नये मामले सामने आये है। वहीँ एक महिला की मौत होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग  की ओर से जारी बुलेटिन में ग्रामीण क्षेत्र से 11 तो वहीं शहरी क्षेत्र से 2 नये मामले सामने आये है। वहीं अन्तागढ़ विकास खण्ड की एक 50 वर्षीय महिला की कोरोना व अन्य बीमारी से मौत होने की पुष्टि की गई है। आज मिले मरीजों में कांकेर से 4 है, जिसमें शहर के शितलापारा वार्ड से 1, बरदेभाटा से 1 एवं ग्रामीण क्षेत्र से 2 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। भानुप्रतापपुर से 2, चारामा से 2, नरहरपुर से 4, कोयलीबेड़ा से 1 संक्रमितों की पहचान हुई है।

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