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09-12-2020
वायुसेना ने हाईकोर्ट में दी दलील, कहा- सुुरक्षा कारणों से नहीं दे सकते प्रधानमंत्री के उड़ानों का विवरण

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने दिल्ली हाईकोर्ट पर दायर एक याचिका को लेकर प्रधानमंत्री की उड़ानों का विवरण देने से इनकार कर दिया। वायुसेना ने बुधवार को याचिका में कहा कि यह विवरण प्रधानमंत्री के सुरक्षा तंत्र से संबंधित है इसलिए इसे उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। वायुसेना ने याचिका में दावा किया है कि मांगी गई जानकारी पूरे सुरक्षा घेरे से संबंधित है। इसमें विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) कर्मियों के नाम भी पूछे गए हैं ,जो प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर उनकी निजी सुरक्षा के लिए उनके साथ जाते हैं। यदि इस विवरण का खुलासा किया जाता है तो इससे भारत की संप्रभुता एवं अखंडता प्रभावित हो सकती है तथा सुरक्षा, रणनीति, वैज्ञानिक एवं आर्थिक हितों को खतरा पहुंच सकता है।

 

02-12-2020
हाईकोर्ट के पूर्व जज गिरफ्तार,जजों की पत्नियों और महिलाओं को अपशब्द कहने का आरोप

नई दिल्ली। मद्रास और कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज सीएस कर्णंन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। चेन्नई पुलिस ने उन्हें ऑनलाइन गाली देनेवाले वीडियो और जजों की पत्नियों को रेप की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया है। पूर्व जज को चेन्नई की सेंट्रल क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी हिरासत में लिया है। बता दें कि इस पूरे मामले में मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट ने डीजीपी और चेन्नई पुलिस कमिश्नर को खुद 7 दिसंबर से पहले कोर्ट के समक्ष आकर जज कर्णंन के मामले से जुड़ी जांच की प्रगति के बारे में जानकारी देने के लिए कहा है। दरअसल पूर्व जज कर्णंन पर आरोप है कि वे एक वीडियो में महिलाओं को गालियां दे रहे हैं।

इसके साथ ही न्यायिक अधिकारियों और जजों की पत्नियों को भी गाली सहित रेप की धमकी दे रहे हैं। वहीं इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने चेन्नई पुलिस कमिश्नर को कर्णन के खिलाफ जांच की जिम्मेदारी दी थी। साथ ही डीजीपी को पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया था। गौरतलब हो कि सीएस कर्णन कोर्ट की अवमानना के लिए दोषी पाए जाने वाले पहले आसीन जज थे। यही कारण है कि साल 2017 में जून में रिटायर होने के बाद 6 माह के लिए जेल में उन्हें रहना पड़ा था।

 

02-12-2020
हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह तक बढ़ाई पैरोल की अवधि

रायपुर। कोरोना महामारी चलते हाईकोर्ट ने कुछ कैदियों को पैरोल पर छोड़ दिया था। पैरोल की अवधि ख़त्म होने के दौरान 30 सितम्बर को पारित आदेश के अनुसार में कोरोना वायरस  के संदर्भ में पैरोल/अस्थाई मुक्ति में छोड़े गए दण्डित बंदियों की पैरोल अवधि 30 नवम्बर तक बढ़ाई गई थी। बंदियों के परिजनों द्वारा लगाए गए पिटिशन पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 1 दिसम्बर को सुनवाई कर आखिरी अवसर देते हुए अस्थाई मुक्ति पर गए दण्डित बंदियों की पैरोल अवधि 2 सप्ताह तक बढ़ाई है। प्रदेश में कुल 1348 बंदी पैरोल पर जेल से बाहर हैं, जिसमें 465 बंदियों का पैरोल जिला मजिस्ट्रेट एवं 883 बंदियों का पैरोल महानिदेशक जेल द्वारा स्वीकृत किया गया है।

 

02-11-2020
जिला शिक्षा अधिकारी को हाईकोर्ट ने दिया अवमानना का नोटिस

रायपुर/बिलासपुर। ​हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी शासकीय शिक्षक को समयमान वेतनमान का लाभ नहीं देने को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी को अवमानना का नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि बलौदाबाजार जिले के रामकुमार ध्रुव शासकीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शासन के आदेश के बाद भी उन्हें उच्च वेतनमान नहीं मिल रहा था। इस संबंध में उन्होंने विभाग के अफसरों के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत किया।

फिर भी कोई पहल नहीं की गई। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।बीते जनवरी माह में सुनवाई के बाद 60 दिनों के भीतर विभाग को मामले का निराकरण करने का आदेश दिया था। लेकिन निर्धारित समय के बाद भी विभाग ने उनके अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया। इस पर याचिकाकर्ता ने अपने वकील दीपाली पांडेय व अतुल पांडेय के माध्यम से अवमानना याचिका दायर कर दी। जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद बलौदाबजार के जिला शिक्षा अधिकारी सीएस ध्रुव को न्यायालय की अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

31-10-2020
राज्य की प्रथम ई मेगा सीरीज का उद्घाटन किया हाईकोर्ट जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष व हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने नालसा अंतर्गत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से राज्य की प्रथम ई-मेगा कैम्प सीरीज का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वंचितों को आर्थिक एवं सामाजिक न्याय दिलाने के लिए ई-मेगा विधिक सेवा कैम्प एक अभिनव पहल है। न्याय सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी विस्तृत परिभाषा है। विभिन्न विभागों के सहयोग व समन्वय से ई मैगा कैम्प सीरीज राज्य के 23 जिलों एवं 64 तालिकाओं में आयोजित किया है। कैम्प की शुरुआत में ही 4 लाख 40 हजार से अधिक हितग्राहियों को एक सौ ग्यारह करोड़ रुपए का लाभ पहुंचाया गया। कैम्प के उदघाटन के अवसर पर जस्टिस मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ई-मेगा कैम्प जन जागरूकता के लिए एक अभिनव प्रयास है। वर्तमान कोविड की परिस्थिति में विधिक साक्षरता की गतिविधियां ई प्लेटफार्म पर हो रही है। राज्य में पहली ई-लोक अदालत सफल रूप से आयोजित होने के पश्चात् ई-मेगा कैम्प पर विचार किया गया। जब-जब विकट स्थिति उत्पन्न होती है तो कंधे से कंधा मिलाकर कार्यपालिका और न्यायपालिका यह प्रयास करते हैं कि अंतिम छोर के व्यक्तियेां को उनका अधिकार दिलाये। कोविड की परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार अपना कार्य बखूबी कर रही है लेकिन इस परिस्थिति में योजनाओं को पहुंचाने के लिए ई -मेगा कैम्प एक अच्छा प्लेटफार्म है। उन्होंने बताया कि पैरालिगल वालिंटियर्स जमीनी स्तर पर जाकर जरूरत मंद लोगों तक योजनाएं पहुचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस कैम्प के माध्यम से यदि किसी व्यक्ति को तत्काल लाभ मिल रहा है तो यह इसकी बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि ई-मेगा कैम्प के माध्यम से शासन की योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने के लिए पूरे नवम्बर माह तक कार्यवाही जारी रहेगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित हाईकोर्ट कम्प्यूटराईजेशन कमेटी के चेयरमेन जस्टिस मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोविड की परिस्थिति में यह एक चुनौती से भरा प्रयास है। राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए नई नई योजनाएं बनाती है। लेकिन इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के चेयरमेन जस्टिस गौतम भादुड़ी ने कहा कि शासन के सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक प्लेटफार्म पर आए हैं। हितग्राहियों को जागरूक करना नालसा का मुख्य उद्ददेश्य है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कैम्प के माध्यम से लाभ पहुँचाना चाहिए। सद्भावना श्रृखंला का शुभारंभ पर सद्भावना श्रृंखला लांच की गई। यूट्यूब के माध्यम से जनचेतना चैनल संचालित कर विभिन्न कानूनों की जानकारी से संबंधित विडियों इसमें अपलोड किये जा रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अंध, मूक बधिर निःशक्तों के लिए सद्भावना विधिक श्रृंखला आज से चालू की गई है।

29-10-2020
31 अक्टूबर को लगेगा ई मेगा कैम्प,हाईकोर्ट के जज करेंगे वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से शुभारम्भ

धमतरी। विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में ई मेगा कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इसका शुभारम्भ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार 31 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे करेंगे। इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव तथा गौतम भादुड़ी उपस्थित रहेंगे। इसमें उच्च न्यायालय के एन.आई.सी से एक साथ प्रदेश भर के सभी 23 सिविल जिलों व 64 तहसीलों को भी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा। शुभारम्भ समारोह के अवसर पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुधीर कुमार के अलावा जिले के कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य, एसपी बीपी राजभानू सहित समस्त न्यायाधीश, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त अन्य प्रतिभागी विभागों के अधिकारी भी जुड़ेंगे। जिले के साथ-साथ तहसील स्तर पर पदस्थ न्यायिक अधिकारीगण वी.सी. के माध्यम से जुड़ेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 10.30 बजे अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा, तदुपरांत 10.40 बजे ई-मेगा कैम्प सिरीज का शुभारम्भ न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा के द्वारा किया जाएगा।

सुबह 10.50 बजे रजिस्ट्रार जनरल दीपक कुमार तिवारी के द्वारा संबोधित किया जाएगा, उसके बाद सुबह 10.55 बजे मूक बधिरों के लिए सद्भावना सिरीज (जनचेतना पर आधारित यू-ट्यूब चैनल) का उद्घाटन सम्माननीय अतिथियों के द्वारा किया जाएगा। तत्पश्चात् 11 बजे न्यायाधीश गौतम भादुड़ी के विशेष संबोधन दिया जाएगा। इसके बाद सुबह 11.10 बजे न्यायमूर्ति मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव के द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन दिया जाएगा। तदुपरांत 11.20 बजे न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा के द्वारा शुभारम्भ उद्बोधन दिया जाएगा। समारोह के अंत में सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थ अग्रवाल के द्वारा आभार प्रकट किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के समापन के उपरांत जिला स्तर पर नालसा एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और कलेक्टर के द्वारा जानकारी दी जाएगी। इसके बाद विभिन्न विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को चेक एवं उपकरण वितरित किए जाएंगे। इस संबंध में बताया गया है कि इसके तहत जिले के लगभग 4500 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा, जबकि जिला मुख्यालय से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के प्रत्येक विकासखण्ड से 25-25 हितग्राहियों के नामों की घोषणा कर उन्हें प्रतीकात्मक रूप से वितरण किया जाएगा।

 

23-10-2020
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का अक्टूबर 31 को राज्य स्तरीय ई मेगा कैम्प, कांकेर में भी होगा आयोजन

रायपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 31 अक्टूबर को पूरे राज्य सहित कांकेर जिले में भी ई-मेगा कैम्प आयोजित किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-मेगा कैम्प के माध्यम से जिलेभर के विधिक सेवाओं तथा शासन की जनकल्याणकारी विभागीय योजनाओं से संबंधित आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। इस कैम्प का उद्घाटन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीआर रामचन्द्र मेनन और न्यायाधीश और कार्यपालिक अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रशांत कुमार मिश्रा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण जिला विधिक प्राधिकरण के यू-ट्यूब चैनल और फेसबुक में होगा। ई-मेगा कैम्प के सफल आयोजन हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएल कटकवार द्वारा गत दिवस राजस्व, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्रम विभाग तथा शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक तैयारी करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि ई-मेगा शिविर के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेेंशन, राशन कार्ड, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत मातृत्व लाभ, श्रद्धांजली योजना, आर.बी.सी. 6-4 के प्रकरण, फसल क्षति मुआवजा, नए नामांतरण में ऋण पुस्तिका वितरण, अविवादित नामांतरण/बंटवारा, जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र इत्यादि संबंधी आवेदन लिए जा सकते हैं। इसके अलावा नगरीय निकायों में कर से संबंधित प्रकरण, विद्युत विभाग के बिजली बिल संबंधी प्रकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सक्षम योजना, आदिवासी विकास विभाग में अत्याचार निवारण, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन के प्रकरण सहित विभिन्न विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण तथा अन्य विधिक सेवाओं के प्रकरण को लेते हुए उनका निराकरण किया जा सकता है। कलेक्टर केएल चौहान ने जिले में ई-मेगा कैम्प के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिये हैं। अपर कलेक्टर एसपी वैद्य ने बताया कि जिले के पांच तहसीलों कांकेर, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, पखांजूर में जहां कनेक्टिविटी है, वहां क्लस्टर के रूप में लेकर इस शिविर के माध्यम से आम लोगों के विधिक सेवा संबंधी आवेदनों का निराकरण किया जाएगा तथा ये सभी पांच तहसील भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 31 अक्टूबर को ई-मेगा कैम्प से जुड़े रहेंगे। अपर कलेक्टर वैद्य ने बताया कि ई-मेगा कैम्प के अवसर पर ब्लॉक स्तर पर ऐसे हितग्राहियों को भी बुलाया जाएगा, जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में विधिक सेवा के तहत लाभ मिलने वाला है तथा प्रतीकात्मक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्हें लाभान्वित भी किया जाएगा। कलेक्टर चौहान द्वारा जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया गया है कि वे ई-मेगा कैम्प संबंधी मुनादी गांवों में करायें, ताकि विधिक सेवा संबंधी अधिक से अधिक आवेदन लोगों से प्राप्त हो सके और इस शिविर के माध्यम से उनका निराकरण की कार्रवाई की जा सके। सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, पटवारी और मैदानी अमले को भी सक्रिय होकर विधिक सेवा संबंधी आवेदन एकत्र करने के निर्देश दिए गये हैं तथा अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर 30 अक्टूबर तक उसकी सूची उपलब्ध कराने कहा गया है। कलेक्टर चौहान ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को भी विधिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की सूची तैयार करनेे के निर्देश दिए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने इस शिविर को सफल बनाने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने भी कहा है

21-10-2020
हवाई सेवा शुरू करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

रायपुर/बिलासपुर। शहर में हवाई सेवा शुरू करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट ने असिस्टेंट सालिसिटर जनरल के गोलमोल जवाब पर नाराजगी जताई थी। साथ ही मामले में अब सैन्य अफसरों को तलब करने की चेतावनी भी दी है। बीते दिन इस मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि 5 अक्टूबर को राज्य सरकार ने आपरेशन एरो स्टैंडर्ड के डायरेक्टर को पत्र लिखकर बिलासपुर में टू सी केटगरी एयरपोर्ट को फोर-सी में परिवर्तित करने की अनुमति मांगी है। 12 अक्टूबर को दिल्ली के सिविल एविएशन ने राज्य शासन को पत्र लिखकर बताया कि फोर सी कैटगरी के लाइसेंस के लिए जरूरी दस्तावेज अनिवार्य है। इसके बाद 19 अक्टूबर को सभी पक्षों की बैठक हुई। इसमें फोर सी कैटगरी एयरपोर्ट बनाने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए बहुत सारे निर्माण कार्य व जमीन की जरूरत है।

महाधिवक्ता ने बताया कि वर्तमान में थ्री-सी केटगरी एयरपोर्ट के लिए काम चल रहे हैं। सेना को प्रबंधन के लिए दी गई 78.22 एकड़ जमीन को जिला प्रशासन ने वापस ले लिया है। याचिकाकर्ता कमल दुबे के वकील आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि थ्री-सी कैटगरी एयरपोर्ट शुरू होने के बाद फोर-सी कैटगरी के लिए भी काम शुरू किया जा सकता है। बहस के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व रक्षा मंत्रालय की तरफ से उपस्थित असिस्टेंट सालिसिटर जनरल से पूछा कि आप की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। पिछले आदेश के संबंध में उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने जो फाइल की है उसकी कापी नहीं मिली है। कॉपी एक दिन पहले ही दे दी गई है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही चेतावनी दी कि अगली पेशी में सैन्य अधिकारियों को तलब कर पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।

09-10-2020
नगर निगम भिलाई चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

रायपुर/बिलासपुर। नगर निगम भिलाई के आने वाले चुनाव पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार नगर निगम भिलाई के वार्डों के परिसीमन में नियमों की अवहेलना का आरोप को लेकर एक रिट दायर की गई थी। यह याचिका पियुष मिश्रा एवं अन्य की ओर से अभिषेक सिन्हा ने प्रस्तुत की थी। याचिका में न्यायालय को बताया गया था कि वार्डों के परिसीमन को लेकर नियमों की अवहेलना की गई। प्रावधानों के अनुरुप प्रारंभिक प्रकाशन के बाद आपत्तियों को दर्ज कर राज्य सरकार को भेजा जाना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। याचिका में यह भी बताया गया कि प्रारंभिक अधिसूचना में जो वार्डों के नाम थे, अंतिम अधिसूचना में वो नाम ही नहीं थे। इस याचिका सुनवाई के बाद फिलहाल आगामी आदेश तक नगर निगम भिलाई के चुनाव पर रोक लगा दी गई।

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