GLIBS
01-03-2020
रक्षा सौदे में भारत ने पीछे छोड़ा रूस-पोलैंड को, हासिल किया 280 करोड़ का सौदा

नई दिल्ली। रूस के हथियारों की तकनीक को बेहतरीन माना जाता है और कई देश उससे हथियार खरीदते हैं। भारत भी रूस का अहम रक्षा साझेदार है और हमारे देश की सेनाओं में भी ज्यादातर रूसी उपकरण हैं। इस बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है जिसे रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और स्वदेशी हथियारों की गुणवत्ता के लिए एक शुभसंकेत माना जा सकता है। भारत ने एक यूरोपीय देश के लिए रक्षा सौदे की स्पर्धा में रूस को पीछे छोड़ते हुए कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है। रूस के अलावा पोलैंड को भी पीछे छोड़कर भारत ने यह सौदा हासिल किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, एक बड़ी सफलता के तहत भारत ने रूसी और पोलिश फर्मों को हराकर आर्मेनिया को चार स्वदेशी निर्मित हथियारों की आपूर्ति करने के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 280 करोड़ रुपए का सौदा हासिल किया है। सरकारी सूत्रों ने बताया, 'यह सौदा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की ओर से विकसित किए गए चार स्वाती हथियार लोकेटिंग रडार की आपूर्ति के लिए है।' यूरोपीय देश अर्मेनिया को उपकरण की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और इसे रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अर्मेनिया ने रूस और पोलैंड की ओर से पेश की गई प्रणाली का परीक्षण किया था जो तकनीकी तौर पर काफी अच्छी थी लेकिन उन्होंने भारतीय प्रणाली पर भरोसा जताया और स्वाति रडार खरीदने का फैसला किया। अर्मेनिया और भारत के बीच अनुबंध चार स्वाति रडार के लिए किया गया है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804