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10-06-2021
क्या मध्यप्रदेश में मामा शिवराज की कुर्सी खतरे में, जानिए क्या कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने

रायपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की गूंज सुनाई दे रही है। लेकिन क्या वास्तव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदाई तय है। दरअसल कुछ दिनों से मामा फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। उनके बदले जाने की खबर सोशल मीडिया और मीेडिया में जोरों पर हैं। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि यदि मामा की विदाई होती है तो नया चेहरा कौन होगा। वहीं बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि 16 महीने का उनका कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने कुर्सी से हटने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया है।

 

03-11-2020
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया मतदान, कहा- राज्य के लिए आज का दिन अहम

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में हो रहे उपचुनाव में भाजपा नेता राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मतदान किया। सिंधिया ने कहा कि जनता का समर्थन भाजपा के साथ है। राज्य के लिए आज का दिन अहम है। उन्होंने कहा कि 28 सीट पर भाजपा का परचम लहराएगा। कांग्रेस के प्रलोभन देने के आरोपों पर सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस की आदत है ओछी राजनीति करने की।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ईवीएम पर सवाल उठाने के दिग्विजय के आरोपों पर भी जवाब दिया। सिंधिया ने कहा कि 'दिग्विजय सिंह को अपने आप पर सवाल उठाना चाहिए। उन्होंने कैसा मध्यप्रदेश छोड़ा था'। बता दें कि उपचुनाव में सिंधिया की भूमिका अहम है। क्योंकि उनके प्रभाव वाले ग्वालियर चंबल की सबसे ज्यादा 16 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। सिंधिया ने कहा कि 'भाजपा विकास, अमन चैन की सरकार है। ये ऐतिहासिक कार्यकाल होगा। 

14-10-2020
मध्यप्रदेश उपचुनाव: शिवराज और सिंधिया होंगे स्टार प्रचारक, भाजपा ने जारी की सूची

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और थावरचंद गहलोत को अगले महीने राज्य में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने स्टार प्रचारक बनाया है। राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को चुनाव होने हैं।उपचुनाव के लिए भाजपा ने बुधवार को अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की। सूची में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का नाम शामिल है। जारी सूची के अनुसार विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव को भी भाजपा ने स्टार प्रचारक बनाया है। भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर का नाम स्टार सूची में शामिल नहीं है।

12-07-2020
राजस्थान सियासी संकट : सिंधिया ने साधा निशाना,कहा-कांग्रेस को प्रतिभा और क्षमता पर विश्वास नहीं

नई दिल्ली। राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। इस बीच कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थन में ट्‍वीट करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाया है। सिंधिया ने पायलट के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। सिंधिया अपने ट्वीट में कहा है कि राजस्थान में सत्तारूढ़ अशोक गहलोत की सरकार में सचिन पायलट की लगातार हो रही उपेक्षा और उन्हें किनारे करने की कोशिशों को देखकर दुख हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के ऊपर सवाल उठाया है। सिंधिया ने अपने ट्वीट में कहा है कि हालात को देखकर लग रहा है कि कांग्रेस को युवाओं की प्रतिभा और क्षमता में विश्वास नहीं रह गया है।

19-06-2020
राज्यसभा चुनाव: मध्यप्रदेश से दिग्विजय, ज्योतिरादित्य और सुमेर सिंह सोलंकी हुए विजयी

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए हैं। भाजपा के दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत हासिल की है। कुल 206 विधायकों ने इस चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया है। वहीं, कांग्रेस के सिर्फ एक उम्मीदवार को चुनाव में जीत मिली है। फूल सिंह बरैया चुनाव हार गए हैं। चुनाव नतीजों के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार राज्यसभा जाएंगे। भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी ने राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की है। भाजपा को चुनाव में 2 वोट का नुकसान हुआ है। एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है और दूसरे का वोट निरस्त हो गया है।कांग्रेस ने भी राज्यसभा में 2 उम्मीदवार उतारे थे। वरीयता वाली सीट से दिग्विजय सिंह थे और दूसरी सीट पर फूल सिंह बरैया थे। विधायकों की संख्या कम होने की वजह से सिर्फ दिग्विजय सिंह की ही जीत हुई है। दिग्विजय सिंह दूसरी बार राज्यसभा जा रहे हैं। वर्तमान चुनाव के लिए उनकी सीट ही खाली हुई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को 56, दिग्विजय सिंह को 57, सुमेर सिंह को 55, फूल सिंह बरैया को 36 और 2 वोट रद्द हुए हैं।

 

11-06-2020
ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की तबीयत में हो रहा सुधार

नई दिल्‍ली। ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को लेकर अच्‍छी खबर है। सूत्रों ने बताया है कि उनके स्‍वास्‍थ्‍य में लगातार सुधार हो रहा है। अब फोन पर बातचीत भी कर रहे हैं। उन्‍हें 15 जून को अस्‍पताल से छुट्टी दी जा सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि गुरुवार को सिंधिया की दूसरी रिपोर्ट आ सकती है। बता दें कि कोरोना संक्रमण को लेकर ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और उनकी मां माधवीराजे सिंधिया को साकेत स्थित एक अस्‍पताल में भर्ती होना पड़ा है।दरअसल, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया कोरोना वायरस के संक्रमण के इलाज को लेकर अस्‍पताल में भर्ती हुए थे। जांच में सिंधिया और उनकी मां कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। उन्‍हें साकेत स्थित मैक्‍स अस्‍पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। तब बताया जा रहा था कि ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया में कोरोना के लक्षण दिखे थे, जबकि उनकी मां में कोविड-19 इंफेक्‍शन के लक्षण नहीं दिखे थे।

27-05-2020
कमलनाथ ने कहा, अभी तो सिर्फ इंटरवल है, उपचुनाव में हम जीतेंगे 22 सीट

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया। दो विधानसभा सीट पहले से ही खाली थे। यानी कुल 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य की सत्ता गवाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा कि वर्तमान सरकार तो एक 'इंटरवल' के समान है, 'पिक्चर' तो अभी बाकी है।कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मीडिया के सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। अपने गृह नगर में पूर्व मुख्यमंत्री ने अन्य सवालों के जवाब में दावा करते हुए कहा कि राज्य में आगामी समय में होने वाले 24 विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस कम से कम 22 सीटों पर विजय हासिल करेगी।एक अन्य सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के विकास कार्यों के लिए जो निविदाएं हुई हैं, उनकी सरकार जांच करा ले, हमें कोई एतराज नहीं है।

राज्य में कोरोना को लेकर मौजूदा हालातों के बारे में उन्होंने कहा कि हमने सरकार में रहते हुए इससे लड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे। उस समय भाजपा नेता ही इसे हल्के में ले रहे थे।कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल होने पर तंज कसते हुए कमलनाथ ने कहा,'आज मतदाता इन 22 सीटों में समझ रहा है कि किस प्रकार का धोखा उनके साथ हुआ। किस प्रकार कांग्रेस के 22 विधायक लालच से (भाजपा में) गए।' उन्होंने इन उपचुनावों के बाद मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार का गिरने का दावा करते हुए कहा,'जीतना तो छोड़िए, इनको उपचुनाव में मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

21-03-2020
मध्यप्रदेश: सिंधिया समर्थक कांग्रेस के बागी विधायकों ने थामा भाजपा का दामन

नई दिल्ली। मध्‍यप्रदेश में इस्‍तीफा देने वाले कांग्रेस के सभी 22 पूर्व विधायक शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। बीते कई दिनों से बेंगलुरू के एक होटल में ठहरे ये पूर्व विधायक शनिवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। यहां कांग्रेस के 21 पूर्व विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले एक और कांग्रेस के पूर्व विधायक बिसाहूलाल साहू पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इस दौरान सिंधिया ने कहा कि सभी 22 नेताओं के आत्मसम्मान का ख्याल रखा जाएगा और उन्हें भाजपा टिकट देगी। 

 

20-03-2020
फ्लोर टेस्ट से पहले ही हार मान ली दिग्विजय सिंह ने,यानी कमलनाथ सरकार का जाना तय

भोपाल/रायपुर। कमलनाथ सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। दिग्विजय सिंह ने फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। उन्होंने भाजपा पर धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। और यह भी माना है कि उनके पास पर्याप्त आंकडा नहीं है। उनका यह कहना है कि बागी विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनकी सरकार का बचना मुश्किल लग रहा है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो कमलनाथ सरकार का जाना तय हो गया है। उनकी हार तय है। संभवत वे फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दें। कुल मिलाकर देखा जाए तो फायदे में शिवराज सिंह है। उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया  क्या संतोष की नैया पर सवार होकर सिंहासन तक पहुंचने का मौका मिल गया है।

17-03-2020
ज्योतिरादित्य के समर्थक विधायकों ने कहा हमें बीजेपी ने बंधक नहीं बनाया​, विकास कार्य केवल छिंदवाड़ा में

रायपुर/बेंगलोर। कमलनाथ सरकार से हटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 समर्थक विधायकों ने बेंगलोर में पत्रकारवार्ता में कहा कि वचन पत्र के वादों को नहीं निभाया इसके कारण हम सभी ने इस्तीफा दिया है। ज्योतिरादित्य समर्थक विधायकों का दावा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमे 5 मिनट भी अच्छे से समय नहीं दिया न ही सुना तो हम अपनी समस्या किसको बताएं। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 1 रुपये का भी काम नहीं हुआ। ज्योतिरादित्य समर्थक विधायकों का दावा है कि केवल संपूर्ण विकास कार्य छिंदवाड़ा में हुए है। उनके विधानसभा क्षेत्र में एक रुपये का काम न हुआ न ही प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यहीं कारण है कि हम सभी ने विधायक पद से इस्तीफा दिया है। उनके समर्थक विधायकों का दावा है कि उनके बारे में झूठी बाते कांग्रेस द्वारा कहीं जा रही है कि हमे किसी दल ने बंधक नहीं बनाया है। हम फिर कहते हैं कि हमे किसी ने बंधक नहीं बनाया। भाजपा पर अनर्गल आरोप लगाना बंद किया जाए। विधायकों का दावा हमारे साथ अभी 20 और विधायक आएंगे क्योंकि जो कांग्रेस सरकार के साथ विधायक है वो भी हमारे साथ आएंगे।

17-03-2020
कांग्रेस के बागी विधायकों ने बंगलुरु में की प्रेस कांफ्रेंस, कहा - हमारे नेता है सिंधिया

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में चल रही राजनीतिक हेरफेर के बीच बंगलूरू में मौजूद कांग्रेसी विधायकों ने मीडिया से बातचीत की। विधायकों ने कहा कि वह कमलनाथ सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं है। उनका कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता है। हम भोपाल लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें केंद्रीय सुरक्षा दी जाए। वहीं भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इस पर अभी विचार कर रहे हैं। विधायकों ने अपने ऊपर भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने पर कहा कि वह अपनी मर्जी से आए हैं। बागी विधायकों ने कहा, 'हमें मजबूरी में साथ छोड़ना पड़ा। हम बंधक नहीं हैं, अपनी इच्छा से यहां आए है। सिंधिया पर हमला तो हम सुरक्षित कैसे है। हम सभी को केंद्रीय सुरक्षा मिलनी चाहिए। हम सभी ने मिलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है। हम भाजपा में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। एमपी में मंत्रियों, विधायकों से शक्तिशाली अधिकारी हैं। हम लोगों को न्याय नहीं मिला है। राज्य को सबसे बड़ा माफिया चला रहे हैं।'
 
बागी कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, राज्य में मुख्यमंत्री के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दो चेहरे थे। ये पूरा प्रदेश जानता है कि मध्य प्रदेश की सरकार बनने में सिंधिया की अहम भूमिका थी। सिंधिया को मुख्यमंत्री न बनाकर कमलनाथ को बनाया हमें लगा था कि सब ठीक ठाक रहेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' आगे कहा कि 'जो व्यवहार कमलनाथ का हमने देखा मैं मंत्री रहते कह सकता हूं कि उन्होंने कभी भी हमें 15 मिनट भी शांतिपूर्वक नहीं सुना। हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं। मीडिया में जो कहा जा रहा कि हम लोग यहां बंधक हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। जब सिंधिया जी जैसे बड़े नेता पर हमला हो सकता है, तो हम लोग कैसे मध्यप्रदेश में सुरक्षित रह सकते हैं। इसलिए हम विधायक यहां बंगलूरू में हैं।'
बागी कांग्रेसी विधायक इमरती देवी ने कहा, 'ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। उन्होंने हमें बहुत कुछ सीखाया है। मैं हमेशा उनके साथ रहूंगी फिर चाहे मुझे कुएं में हीं क्यों न कूदना पड़े।'

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