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26-11-2020
मंत्रालय में दूसरे दिन भी बिना मास्क लगाए मिले 6 कर्मचारी, वसूला गया जुर्माना

रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मास्क नही लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करने वाले कर्मचारियों से अर्थदंड की वसूली की जा रही है। आज दूसरे दिन मंत्रालय में अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान मास्क नही लगाने वाले 6 कर्मचारियों से अर्थदंड की वसूल की गई है। इसके पूर्व 25 नवम्बर को बिना मास्क लगाए एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए पाए जाने पर 9 कर्मचारियों को नियमानुसार फाइन कर राशि वसूल की गई थी और भविष्य में बिना मास्क लगाए पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई थी। मंत्रालय महानदी भवन में कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए जारी की गई दिशा-निर्देशों का पालन नही करने वाले कर्मियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्रालय में बिना मास्क के प्रवेश वर्जित है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।

24-11-2020
कोरोना पर मुख्यमंत्रियों संग पीएम मोदी की महत्वपूर्ण बैठक जारी

रायपुर। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर एक बार मुख्यमंत्रियों के साथ मंगलवार को बैठक ले रहे हैं। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हो रही है। बता दें कि बैठक दो चरणों में हो रही है। पहले चरण में सुबह 10 बजे से बैठक शुरू हो गई है, जिसमें उन 8 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल है, जहां कोरोना का संक्रमण सबसे ज्यादा है। इसके बाद दोपहर 12 बजे से शेष बचे राज्यों के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के साथ होने वाली इस अहम बैठक में शामिल होंगे। दोपहर वाली बैठक में टीका वितरण की रणनीति पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए अब तक कई बार राज्यों के साथ बैठकें कर चुके हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पिछले कुछ दिनों से 50,000 के नीचे आएं हैं, वहीं कुछ राज्यों में मामले तेजी से बढ़े हैं। कुछ शहरों में तो रात का कर्फ्यू भी लगाया गया है। इसके साथ-साथ शादी समारोहों जैसे कार्यक्रमों में गेस्ट की संख्या भी तय कर दी गई है। इसके अलावा मास्क नहीं लागने वालों के लिए जुर्माने की राशि को भी बढ़ा दिया गया है।

23-11-2020
महाराष्ट्र प्रवेश पर इन राज्यों के लोगों को दिखानी होगी कोरोना निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट, तब मिलेगी एंट्री

मुंबई। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रणम को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से यात्रा कर राज्य में पहुंचने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की आरटी-पीसीआर की निगेटिक रिपोर्ट दिखाना जरूरी कर दिया है। ऐसे में महाराष्ट्र में एंट्री तभी मिलेगा जब इन राज्य के लोगों के पास निगेटिव रिपोर्ट रहेगी। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला राजधानी दिल्ली समेत इन राज्यों कोरोना वायरस के बढ़ते केसों को ध्यान में रखते हुए लिया है। सरकार की ओर से इस संबंध में पूरी गाइड लाइन जारी की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से राज्य में आने वाले लोगों की कोविड-19 लक्षणों के लिए जांच करेगी और जिनमें लक्षण नहीं होंगे, केवल उन्हें ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के लोगों से कोविड-19 के विरूद्ध अपनी सावधानियां कम नहीं करने तथा दूसरे लॉकडाउन से बचने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैसे उन्हें रात का कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गयी है लेकिन वह नहीं मानते कि ऐसी पाबंदियों को लागू कर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। उन्होने कहा कि लॉकडाउन की शर्तों में ढील देने का मतलब यह नहीं है कि महामारी चली गयी, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

 

 

23-11-2020
आडावाल ओरना कैम्प, पुलिस लाइन आसना को किया जाएगा कंटेनमेंट जोन घोषित

जगदलपुर। जिला प्रशासन की ओर से शहर के आडावाल ओरना कैम्प, पुलिस लाइन आसना, बलदेव स्टेट, सिंधी कलोनी, सनसिटी और हाउसिंग बोर्ड कालोनी में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में संबंधित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की करवाई की जाएगी। इससे संक्रमण के प्रसार के रोकथाम के समुचित उपाय सुनिश्चित करने के लिए इन स्थानों को एक दो दिनों के लिए सील किया जाएगा। साथ ही वहाँ रहने वाले लोंगों की अनिवार्य सैंपलिंग ली जाएगी। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए गए हैं।

इस कार्य में जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। ताकि आने वाले समय में कोविड-19 के केसेस की जल्द डिटेक्शन कर समय पर इलाज के आधार पर जीवन बचाया जा सके। सघन जांच अभियान के अंतर्गत जगदलपुर शहर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों की लगातार कोरोना जांच की जा रही है। इसके अंतर्गत सामवार को चर्च में लोंगों का कोरोना जांच किया गया।

21-11-2020
कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में 119 मरीजों का उपचार जारी, 999 बेड रिक्त

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कोविड अस्पताल और 10 कोविड केयर सेंटर में कुल-1118 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें से 119 मरीजों का बेड पर उपचार किया जा रहा है, और- 999 बेड रिक्त है।कोविड केयर सेंटर्स के नोडल अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कि 21 नवंबर को शाम 4 बजे की स्थिति में जिला अस्पताल परिसर के कोविड अस्पताल में 32 मरीज, आईटीआई कुलीपोटा में 13, शासकीय क्रांति कुमार भारती महाविद्यालय जेठा सक्ती में 9, शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम धौराभाठा डभरा में 34, आईटीआई भवन महुदा-बलौदा मे 13, आईटीआई अकलतरा में 2 और दिव्यांग स्कूल पेण्ड्रीभाठा में 16 मरीजों का उपचार किया जा रही है।

आकांक्षा परिसर जर्वे में 100 बेड, कृषि महाविद्यालय बालक छात्रावास भवन जर्वे के 35 बेड, शासकीय एमएमआर महाविद्यालय चांपा में 130 बेड और शासकीय बेदराम महाविद्यालय पिहरीद मालखरौदा मे 100 बेड सभी रिक्त है। कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में उपलब्ध बेड की संख्या प्रतिदिन जिले की वेबसाईट मे उपलब्ध कराई जा रही है।

 

21-11-2020
कांकेर कलेक्टर के निर्देश पर घर-घर जाकर होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की जांच की जा रही

रायपुर/कांकेर। अब होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना प्रभावित मरीजों के घर-घर जाकर निरीक्षण किया जा रहा है। कलेक्टर चन्दन कुमार से दिए गए निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम की ओर से कांकेर विकास खंड के कोरोना धनात्मक मरीज जो होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। उनके घर-घर जाकर निरीक्षण किया गया और होम आइसोलेशन में रह रहे सभी मरीजों व उनके परिजनों को होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की समझाइश दी गई। उन्हें कहा गया कि जब तक होम आइसोलेशन की अवधि पूर्ण नहीं होती, जब तक परिवार का कोई भी सदस्य घर से बाहर न निकलें। पालन नहीं करने पर भारतीय दंड संहिता डीएमए अधिनियम 2005 व महामारी रोग अधिनियम 1857 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

20-11-2020
सीबीएसई के सचिव ने कहा, 2021 में होंगी 10वीं और 12 वीं की परीक्षाएं, जल्द की जाएगी कार्यक्रम की घोषणा

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना वायरस मामलों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बड़ी जानकारी दी है। अनुराग के मुताबिक अगले वर्ष 2021 में सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं निश्चित रूप से होंगी और जल्द ही इस सिलसिले में एक कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। बता दें कि सीबीएसई सचिव का यह बयान उस समय आया है जब कोविड-19 मामलों के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने या स्थगित करने को लेकर लोगों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। अनुराग त्रिपाठी ने शुक्रवार को कहा कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं निश्चित रूप से होंगी और बहुत जल्द ही एक कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। सीबीएसई योजना बना रही है और जल्द ही यह बताएगी कि वह कोरोना काल में किस तरह परीक्षाओं का आयोजन करेगी। हालांकि, अनुराग ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि क्या परीक्षाएं एक ही प्रारूप में आयोजित की जाएंगी और फरवरी-मार्च में तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी या स्थगित की जाएंगी। त्रिपाठी ने कहा, कोरोना वायरस महामारी में हम मार्च-अप्रैल के दौरान हम इस बात को लेकर चिंतित थे कि सिलेबस को आगे कैसे बढ़ाया जाए, लेकिन हमारे स्कूल और शिक्षकों ने परिस्थिति को समझते हुए आपदा को अवसर में बदल दिया। शिक्षकों ने तकनीक का उपयोग करने में खुद को प्रशिक्षित किया और कुछ महीनों के भीतर उनके लिए अब विभिन्न एप्लिकेशन का उपयोग करके ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करना सामान्य हो गया है। 

19-11-2020
अंबिकापुर का शहरी कोविड जांच केंद्र गांधी स्टेडियम स्थित साई हॉस्टल स्थानांतरित

रायपुर/अंबिकापुर। अब कोविड शहरी जांच केंद्र जिले के साई हॉस्टल में होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस सिसोदिया ने बताया है कि शहरी क्षेत्र में कोविड जांच का दायरा बढ़ाने के लिए नावापारा स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित कोविड जांच केंद्र को 18 नवम्बर 2020 से गांधी स्टेडियम स्थित साई हॉस्टल में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि नवापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिले में संचालित अन्य शासकीय अस्पतालों की तरह ओपीडी मरीजों का चिकित्सीय परामर्श अनुसार कोविड जांच किया जा सकेगा।

18-11-2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर छठ पूजा की मंजूरी देने से किया इनकार

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थलों तालाबों, नदी तटों और अन्य स्थलों पर छठ पूजा के आयोजन पर लगाए गए प्रतिबंध में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट  ने कहा कि लगता है कि याचिकाकर्ता कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से वाकिफ नहीं हैं, सार्वजनिक जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने से कोरोना संक्रमण और तेजी से फैलेगा। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएम) के अध्यक्ष द्वारा जारी प्रतिबंध के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। डीडीएमए ने अपने आदेश में कहा था कि 20 नवंबर को छठ पूजा के लिए सार्वजनिक स्थलों पर कोई भीड़ जुटने की अनुमति नहीं होगी।

 

17-11-2020
छत्तीसगढ़ के विद्युत गृह देशभर में अव्वल,विगत चार माह से बढ़त बरकरार,मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के विद्युत गृहों ने विद्युत उत्पादन के मामले में देशभर के 33 स्टेट पॉवर सेक्टर के विद्युत संयंत्रों को फिर से पछाड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के संयंत्रों ने चालू वित्तीय वर्ष में माह अक्टूबर तक 69.98 प्रतिशत पीएलएफ दर्ज किया है। यह सर्वाधिक विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन कार्यरत केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने माह अक्टूबर 2020 के अपनी प्रगति प्रतिवेदन में इसका खुलासा किया। प्रतिवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी के विद्युत गृहों ने 69.98 प्रतिशत पीएलएफ प्रदर्शित किया। राष्टÑीय स्तर पर देशभर के ताप विद्युत गृहों ने औसत 50.48 प्रतिशत पीएलएफ दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी के नाम दर्ज इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पॉवर कंपनी के चेयरमैन सुब्रत साहू और उत्पादन कंपनी के एमडी एनके बिजौरा सहित उनकी टीम को बधाई दी। राष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि को चेयरमैन साहू ने प्रदेश हित में बहूपयोगी बताया। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसी उत्कृष्ट कार्यशैली को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर के विद्युत गृहों में छत्तीसगढ़ को प्रथम, तेलंगाना राज्य को द्वितीय और सिंगरेनी कोलियारिश निगम लिमिटेड (एससीसीएल) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। विदित हो कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के विद्युत गृह बीते चार माह से बढ़त बनाए हुए हैं। राष्टÑीय स्तर पर अग्रणी बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि बीते आठ माह से देश के सभी राज्य कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे हैं। ऐसे दौर में छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी के विद्युत गृहों की ओर से लगातार अधिकतम विद्युत उत्पादन करना उत्तम प्रबंधन का द्योतक है।

 

17-11-2020
मुख्य सचिव आरपी मंडल ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली बैठक

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने मंगलवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली। उन्होंने राज्य के सभी संभागीय कमिश्नर, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारिय, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला विपणन अधिकारियों की बैठक ली। बता दें कि मुख्य सचिव आरपी मंडल ने नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और चबूतरा निर्माण की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ रेणु जी पिल्ले, प्रमुख सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास गौरव द्विवेदी, सचिव खाद्य और नागरिक आपूर्ति डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव राजस्व रीता सांडिल्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

16-11-2020
अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने कहा, कोरोना वायरस को रोकने में 94.5 प्रतिशत प्रभावी है हमारी वैक्सीन  

नई दिल्ली। कोरोना वायरस पर लगाम लगाने वाले एक सफल टीके का दुनिया भर में लोगों को बेसब्री से इंतजार है। इस बीच अमेरिका की बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने एक राहत भरी खबर दी है। इसके मुताबिक उसका टीका 94.5 प्रतिशत प्रभावी है। ये बात उसके क्लिनिकल ट्रायल में निकलकर सामने आई। वहीं पिछले हफ्ते अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायोएनटेक ने कहा था उसका टीका 90 प्रतिशत प्रभावी है।  मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि उनकी कंपनी ने 30 हजार लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया। फेस-3 के विश्लेषण में ये बात सामने आई कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस को रोक सकती है। अब कंपनी की कोशिश है कि वो अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों में स्वीकृत के लिए आपातकालीन आवेदन करें। साथ ही उनका लक्ष्य साल के अंत तक 20 मिलियन यानी दो करोड़ खुराक का उत्पादन करना है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक मॉडर्ना ने अपनी वैक्सीन नई टेक्नोलॉजी से तैयार की है। इसमें RNA या mRNA नाम के मैसेंजर का उपयोग किया गया। इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान पता चला कि 100 में से 95 लोग तो कोरोना से बच गए, जबकि सिर्फ 5 लोग ऐसे थे, जिन्हें वैक्सीन की दो खुराक देने के बावजूद संक्रमण का सामना करना पड़ा। मॉडर्ना और फाइजर की टेक्नोलॉजी करीब-करीब एक है, बस मॉडर्ना वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए अल्ट्रा कोल्ड तापमान की जरूरत नहीं पड़ती है। 

 

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