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29-04-2020
शाहीन बाग बना दिल्ली का 100 वां हॉटस्पॉट, रिकवरी रेट अच्छा होने के बावजूद दिल्ली में बढ़ रहे हैं मरीज

दिल्ली/रायपुर। बहुचर्चित शाहीन बाग दिल्ली का सौंवा हॉटस्पॉट बन गया है। शाहीन बाग में यह दूसरा हॉटस्पॉट है और डी ब्लॉक को पूरी तरह से क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मरीजों का रिकवरी रेट हालांकि बहुत अच्छा है लेकिन इसके बावजूद मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 32.5% के रिकवरी रेट के बावजूद मरीजों का लगातार बढ़ना चिंता का विषय बना हुआ है।

दिल्ली से लगे फरीदाबाद की आज सारी सीमाएं सील कर दी जाएंगी और 12 बजे के बाद दिल्ली से वहां काम पर जाने वाले डॉक्टरों तक को जाने नहीं दिया जाएगा। वहां केवल केंद्र सरकार द्वारा जारी पास ही चलेगा। दिल्ली में मरकज मामले की जांच कर कर रहे पुलिस वाले को भी पॉजिटिव पाया गया है। उसके बाद उस पूरी टीम के 15 लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। दिल्ली में ही सुरक्षा बल के एक कोरोना पीड़ित जवान ने दम तोड़ दिया है। और उसके बाद 1100 जवानों की बटालियन को सील कर दिया गया है। दिल्ली में तमाम प्रयास के बावजूद मरीजों की संख्या कम ना होना चिंता का विषय बना हुआ है।

24-03-2020
शाहीन बाग 100 वे दिन खाली कराया गया, प्रदर्शनकारियों के टेंट हटाए गए, 9 लोग पुलिस के हिरासत में

दिल्ली/रायपुर।100 दिनों बाद पुलिस ने शाहीन बाग खाली करा लिया। पुलिस ने शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। पुलिस ने 9 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है और वहां लगे प्रदर्शनकारियों के टेंट भी हटा दिए हैं। कोरोना के खिलाफ चल रही जंग के तहत यह कड़ा कदम उठाया गया। शाहीन बाग पर लाख समझाईश के बाद भी वँहा प्रदर्शन व धरना जारी था। देश में कोरोना के कारण रोज बिगड़ते हालात को देखते हुए यह कदम उठाना निहायत जरूरी हो गया था। बहरहाल पुलिस अब सख्ती के मूड में नजर आ रही है और केंद्र के साथ सभी राज्य सरकारें भी इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाह रही है।

22-03-2020
Breaking : ऐसी क्या जिद कि एक दिन नहीं दे सके समर्थन, शाहीन बाग धरनास्थल के पास हमला, अलीगढ़ में बढ़ाई गई सुरक्षा 

रायपुर/ नई दिल्ली। एक ओर पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता कर्फ्यू का सुबह से समर्थन कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश की राजधानी में शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी रहा। जनता कर्फ्यू के बीच शाहीन बाग से बड़ी खबर सामने आई, प्रदर्शन स्थल के पास पेट्रोल बम से हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि शाहीन बाग में सुबह 8 बजे बाइक में सवार दो लोग चेहरा ढक कर आए और चाय की दुकान पर दो पेट्रोल बम मारकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को तलाश कर रही है। घटना के समय शाहीन बाग में कम संख्या में प्रदर्शनकारी बैठे हुए थे। बम की घटना कालिंदी कुंज के रास्ते पर हुई है। हमलावर ओखला के रास्ते आए थे। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों का आरोप है कि प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंका गया है। इधर शाहीन बाग धरना स्थल के पास हुए हमले के बाद अलीगढ़ में सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने जारी धरना प्रदर्शन की सुरक्षा बढ़ाई गई है। ऐसा नहीं कि प्रदर्शनकारियों से सहभागिता की अपील जिला पुलिस और प्रशासन ने नहीं की। बार-बार कहा गया लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे। अन्य दिनों की अपेक्षा आज धरना प्रदर्शन में शामिल होकर पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं।

01-03-2020
शाहीन बाग़ में धारा 144 लागू, प्रदर्शनकारी आज निकालेंगे शांति मार्च

नई दिल्‍ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में देश की राजधानी दिल्‍ली के शाहीन बाग इलाके में दो महीने से भी ज्‍यादा वक्‍त से लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच हिन्‍दू सेना ने शाहीन बाग में जवाबी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि हिन्‍दू सेना ने 29 फरवरी को इस घोषणा को वापस ले लिया था। इसके बावजूद दिल्‍ली पुलिस ने एहतियातन इलाके में दिनभर के लिए धारा 144 लागू कर दी है, ताकि एक जगह ज्‍यादा लोग इकट्ठा न हो सकें। बता दें कि उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में हिंसा के खिलाफ शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने 1 मार्च को ही शांति मार्च निकालने की घोषणा की है। शाहीन बाग मामले में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है। पुलिस का मकसद है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। किसी भी तरह की अप्रत्याशित घटना के लिए पुलिस ने ये तैयारियां

26-02-2020
शाहीन बाग पर आज भी नहीं हुआ फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फिलहाल हस्तक्षेप नहीं करेंगे

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले दो महीने से ज्यादा दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग प्रदर्शन को लेकर बुधवार को एक बार फिर सुनवाई हुई। लेकिन इस सुनवाई का कोई नतीजा नहीं निकल सका। दरअसल सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंसा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हिंसा से जुड़ी याचिकाओं पर विचार करके शाहीन बाग प्रदर्शनों के संबंध में दायर की गई याचिकाओं के दायरे में विस्तार नहीं करेगा।

 

24-02-2020
शाहीन बाग प्रदर्शन पर 26 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, मध्यस्थों ने जमा की रिपोर्ट  

नई दिल्ली। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत के बाद मध्यस्थों ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी है। सीलबंद लिफाफे में तीनों मध्यस्थों ने रिपोर्ट दी है। सोमवार को इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले में 26 फरवरी को तारीख दी है। अब बुधवार को मामले की अगली सुनवाई होगी। दिसंबर से शाहीन बाग में धरना चल रहा है। इससे दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली सड़क बंद है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी गई है। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीबुल्लाह को मध्यस्थ नियुक्त किया है। तीनों मध्यस्थों से शाहीन बाग जाकर प्रदर्शनकारियों से बात करने और ऐसा कोई रास्ता निकालने को कहा था,जिससे प्रदर्शन की वजह से बंद रास्ता खुल जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते हफ्ते लगातार चार दिन तक मध्यस्थ धरनास्थल पर गए और बातचीत की।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार वजाहत हबीबुल्ला ने सड़क बंद होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया है,उसमें रास्ता बंद होने में पुलिस को भी जिम्मेदार कहा है। हबीबुल्लाह ने अपने हलफनामे में कोर्ट को बताया है कि शाहीन बाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है। यहां राहगीरों को असुविधा हो रही है, क्योंकि धरना स्थल से दूर पुलिस ने सड़क पर बेवजह बैरिकेड्स लगा रखे हैं। इससे पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोगों को शांतिपूर्वक और कानूनी रूप से विरोध करने का पूरा हक है। हम केवल शाहीन बाग में रास्ता बंद होने को लेकर उनसे बातचीत चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में की दो सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। 

 

 

22-02-2020
शाहीन बाग प्रदर्शन का नहीं सुलझ रहा मामला, चौथे दिन बेनतीजा रही बातचीत

नई दिल्ली। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन की चौथे दिन की बातचीत भी बेनतीजा रही। इससे पहले लगातार चौथे दिन शनिवार सुबह वार्ताकार रामचंद्रन यहां पहुंचीं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रास्ता खोलने के लिए समझाया। प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकार के समक्ष सात मांगे रखते हुए कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाता, तब तक रास्ते को खाली नहीं किया जाएगा। साधना रामचंद्रन ने कहा कि यदि मार्ग नहीं खुला तो हम आपकी मदद नहीं कर पाएंगे। हम प्रदर्शन खत्म करने को नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां सरकार की ओर से नहीं आई हूं। हम सुप्रीम कोर्ट से कहेंगे की आपको सुरक्षा दी जाए। आपको एक पार्क दे दिया जाएगा, जहां पर आप प्रदर्शन को जारी रख सकते हैं। हालांकि, वार्ताकार की इस बात का सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में खंडन कर दिया और उनके समक्ष सात मांगे रखीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा,हमारी मांग है कि यदि आधी सडक़ खुलती है तो सुरक्षा और एल्युमिनियम शीट चाहिए। साथ ही शाहीनबाग के लोगों और जामिया के विद्यार्थियों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लिए जाने चाहिए।

 

21-02-2020
अपने विचार दूसरों पर थोपना भी आतंकवाद का एक रूप : आरिफ मोहम्मद खान

नई दिल्ली। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शाहीन बाग प्रदर्शकारियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि लोग सड़कों पर बैठे हैं और अपने विचार दूसरों पर थोपने के लिए आम जन-जीवन को बाधित कर रहे हैं जो कि आतंकवाद का एक रूप है। राज्यपाल ने 'भारतीय छात्र संसद' में कहा कि उग्रता केवल हिंसा के रूप में सामने नहीं आती। यह कई रूपों में सामने आती है। अगर आप मेरी बात नहीं सुनेंगे, तो मैं आम जनजीवन को प्रभावित करूंगा। खान ने अपने भाषण में कहा कि असहमति लोकतंत्र का सार है। इससे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पांच लोग विज्ञान भवन के बाहर बैठ जाएं और कहें कि हमें यहां से तब तक न हटाया जाए जब तक कि यह छात्र संसद एक प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर लेती, जिसे हम स्वीकार करते हैं। यह आतंकवाद का एक और रूप है। उन्होंने कहा कि चीजों को उलझाइए मत। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर दूसरों पर अपने विचार मत थोपिए। अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 में कुछ नहीं बचा है। बस इसके बारे में थोड़ा पढ़ लें। 

 

19-02-2020
संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने की शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से बात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ करीब दो महीने से शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए बुधवार को मध्यस्थ संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन पहुंचीं। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ प्रदर्शनकारियों कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े हैं कि जब तक सरकार सीएए वापस नहीं ले लेगी वे वहां से नहीं हटेंगे। इस बीच साधना रामचंद्रन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि अच्छी बातचीत रहेगी। हम सब नागरिक हैं एक दूसरे की बात सुनना जरूरी है और सुप्रीम कोर्ट भी यही चाहता है।

 

17-02-2020
शाहीन बाग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, दिल्ली सरकार,पुलिस करें प्रदर्शनकारियों से बात

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र,दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने को कहा। सोमवार को एक याचिका की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नियम के मुताबिक, प्रदर्शन करने की जगह जंतर-मंतर है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि यह मुद्दा जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से हलफनामा देने को कहा है और अब इस मसले पर 24 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। अदालत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया है।केंद्र सरकार ने सीएए पर फैसला संविधान के दायरे में और न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया है, जिसे पलटने का कोई औचित्य नहीं है। रही बात विरोध की तो खूब करे लेकिन किसी के अधिकारों को छीनकर...।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों को अपनी आवाज समाज तक पहुंचाने का अधिकार है। हम अधिकारों की रक्षा के विरोध के खिलाफ नहीं हैं। लोकतंत्र में अपनी आवाज जरूर पहुंचाएं। समस्या दिल्ली के ट्रैफिक को लेकर है। लेकिन आप दिल्ली को जानते हैं, यहां के ट्रैफिक को भी जानते हैं। हर कोई सड़क पर उतरने लगे तो क्या होगा? यह जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा मुद्दा है हमारी चिंता इस बात को लेकर अगर लोग सड़कों पर उतर आएं और प्रदर्शन से सड़क बंद कर दें तो क्या होगा? अधिकारों और कर्तव्य के बीच संतुलन जरूरी है। शीर्ष अदालत ने शाहीन बाग प्रदर्शन पर कहा कि वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े प्रदर्शनकारियों से बात करें। संजय हेगड़े ने पूर्व जस्टिस कुरियन जोसेफ से भी चलने की अपील की। बता दें कि शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसकी वजह से रोड 13 ए बंद है। यह रोड दिल्ली और नोएडा को जोड़ती है। सड़क बंद होने की वजह से नोएडा और दिल्ली के बीच सफर करनेवालों को कई घंटे बेकार जा रहे हैं।

 

16-02-2020
सीएए और आर्टिकल 370 के फैसले पर कायम रहेंगे: नरेंद्र मोदी

वाराणसी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर मचे सियासी बवाल और शाहीन बाग सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि वह इस फैसले पर पूरी तरह कायम रहेंगे। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दूसरे दौरे पर 1200 करोड़ रुपये की सौगात देने के बाद पीएम ने कहा कि ये फैसले (सीएए, आर्टिकल 370) जरूरी थे, फिर भी तमाम दबावों के बावजूद हमने ये फैसले लिए। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम इन फैसलों पर आगे भी कायम रहेंगे। सीएए का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'महाकाल के आशीर्वाद से हम वे फैसले लेने में सक्षम हुए, जो लंबे समय से रुके हुए थे। आर्टिकल 370 हो या सीएए हो, हमने तमाम दबावों के बाद भी ऐसे फैसले लिए। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि महाकाल के आशीर्वाद से लिए गए इन फैसलों पर आगे भी कायम रहेंगे।'

राम मंदिर का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'राम मंदिर का विषय दशकों से अदालतों में उलझा हुआ था। अब मंदिर निर्माण का रास्ता हो चुका है। सरकार ने ट्रस्ट के निर्माण की घोषणा की है,जो मंदिर निर्माण का कार्य देखेगा। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ा एक और बड़ा फैसला किया गया है। 67 एकड़ अदिग्रहीत जमीन भी ट्रस्ट को ही ट्रांसफर कर दी जाएगी। जल्द ही अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर तैयार होगा।'वाराणसी पहुंचे नरेंद्र मोदी शैव समुदाय से जुड़े जंगमवाड़ी मठ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने चंदौली के पड़ाव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। पीएम मोदी ने वाराणसी में लगभग 1200 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने काशी से महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर को जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस को भी झंडी दिखाई।

16-02-2020
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी बिना अनुमति आज करेंगे पैदल मार्च, गृह मंत्री से कर सकते है मुलाक़ात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में करीब दो महीने से धरने पर बैठी शाहीन बाग की दादियां रविवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इसे वापस लेने की अपील करेंगी। यह दावा शनिवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने किया है। हालांकि, गृह मंत्रालय की ओर अभी मिलने का कोई समय नहीं मिला है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के घर तक पैदल मार्च निकाल सकते हैं, इसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को एक पत्र लिखा है, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी है। वहीं, एक महिला का कहना है कि प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के आवास की ओर मार्च करेंगे। हम उनसे सीएए-एनआरसी-एनपीआर को वापस लेने की अपील करेंगे। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह की बातचीत की अपील के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर दबाव है। वैसे प्रदर्शनकारियों का एक धड़ा गृह मंत्री से मिलने का विरोध कर रहा है।

शाहीन बाग : प्रदर्शनकारियों में वार्ता पर उभरे मतभेद

कुछ प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, रविवार दोपहर वे गृह मंत्री से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंचेंगे। सीएए के मुद्दे पर गृह मंत्री ने पूरे देश को मिलकर चर्चा करने का आमंत्रण दिया है। इसलिए वे उनसे मिलने जा रहे हैं। इस मुलाकात में कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा, बल्कि हर वो व्यक्ति होगा, जिसे सीएए पर आपत्ति है। उधर, प्रदर्शनकारियों की नजर सोमवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी टिकी है। बातचीत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के धड़े का कहना है कि आंदोलन सीएए को वापस लेने के लिए शुरू किया गया था। अब सरकार से बातचीत के लिए जाने पर भी इसे वापस लिया जाएगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है।

चुनाव से पहले सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि सरकार इसे वापस लेने के मूड में नहीं है। चुनाव के बाद गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की है। सिर्फ इसलिए वहां जाना ठीक नहीं है। इस संभावित मुलाकात के मुद्दे पर दोनों धड़ों में तनाव है। दूसरी ओर, शाहीन बाग का दो महीने से ज्यादा समय से बंद रास्ता खाली कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई है। कुछ लोगों का कहना है कि पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का रुख देखने के बाद पूरी आशंका है कि रास्ता खाली करने का आदेश दिया जा सकता है। इस सुनवाई के पहले ही प्रदर्शनकारी बीच का रास्ता तलाश रहे हैं। रास्ता खाली करने के पक्ष में फैसला आने की स्थिति में वे आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। उधर, पुलिस भी कोर्ट के रुख पर नजर लगाए है।

 

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