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26-11-2020
लेखा सेवा के 43 अधिकारियों को मिला प्रमोशन, दी गई नई पदस्थापना, आदेश जारी

रायपुर। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग के 43 अधिकारियों अधिकारियों की पदोन्नति के साथ ही नई पदस्थापना की है। छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा संवर्ग के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत किए जाने के साथ ही उनकी नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है।  

 

26-11-2020
प्रदेश को मिली एक और आरटीपीसीआर लैब, अब कुल 11 लैबों में होगी कोरोना की जांच

रायपुर। राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक और लैब को कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच की अनुमति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रदेश में अब सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा वाले लैबों की कुल संख्या 11 हो गई है। इनमें सात शासकीय और चार निजी क्षेत्र के लैब हैं। प्रदेश में रायपुर स्थित एम्स सहित सभी सात शासकीय मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा है। वहीं निजी क्षेत्र के दो मेडिकल कॉलेजों रिम्स रायपुर एवं श्रीशंकराचार्य भिलाई सहित रायपुर के लाइफवर्थ अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। राज्य शासन द्वारा आज रामकृष्ण केयर अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की अनुमति दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में सैंपलों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रदेश में जांच की सुविधा लगातार बढ़ाई जा रही है। अब 11 आरटीपीसीआर लैबों के साथ रोजाना आरटीपीसीआर जांच की क्षमता आठ हजार हो चुकी है। कोविड-19 की पहचान के लिए इस पद्धति से जांचे गए सैंपल के परिणाम सबसे सटीक होते हैं। इसमें गलत परिणाम की आशंका सबसे कम होती है। कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर जांच को सबसे अच्छा माना जाता है।

प्रदेश में अभी प्रतिदिन 32 हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। इसमें ट्रू-नाट पद्धति और रैपिड एंटीजन किट से की जा रही जांच भी शामिल है। जांच की संख्या बढ़ने से पिछले चार सप्ताह में संक्रमण की दर में कमी आई है। 25 नवम्बर को संक्रमण दर (SPR) 5.5 प्रतिशत, 15 नवम्बर को 8.5 प्रतिशत, 01 नवम्बर को 8.6 प्रतिशत तथा 15 अक्टूबर को 10 प्रतिशत दर्ज की गई है।

 

 

25-11-2020
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा, धान खरीदी केन्द्रों पर सभी व्यवस्था करें पूरी

बीजापुर। राज्य शासन की मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के तहत् समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए जिले में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। इस दिशा में जिले के धान खरीदी केन्द्रों पर बारदाना, डनेज, विद्युत व्यवस्था, जनरेटर, कम्प्यूटर-प्रिंटर, इंटरनेट, कम्प्यूटर ऑपरेटर, कैप कव्हर पाॅलीथिन इत्यादि की व्यवस्था 27 नवम्बर तक कर लिया जाये। इन सभी धान खरीदी केन्द्रों का 28 से 30 नवम्बर तक जिला स्तरीय अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण कर धान खरीदी तैयारी का जायजा लिया जायेगा और 1 दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू की जायेगी। यह निर्देश कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने कलेक्टोरेट में आयोजित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तैयारी की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये।

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं उठाव व्यवस्थित ढंग से हो, इस हेतु सभी सम्बन्धित अधिकारियों के द्वारा समन्वय कर बेहतर व्यवस्था किया जाये। जिले के पंजीकृत वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित किया जाये। इस दिशा में डेढ़ हेक्टेयर तक रकबा वाले लघु-सीमांत कृषकों को वरीयता दी जाये और इन किसानों को पहले टोकन प्रदान किया जाये। इससे अधिक रकबा वाले किसानों को बाद में टोकन उपलब्ध कराया जाये। सभी टोकन ऑनलाइन किये जायेंगे और टोकन जारी करने के लिए पंजी संधारित किया जाये। कलेक्टर अग्रवाल ने सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान के आवक को रोकने के लिए सघन जांच करने कहा और अधिकारियों को चेक पोस्ट पर सतत् निगरानी रखे जाने के निर्देश दिये। बैठक के दौरान जिले में पदस्थ एसडीएम सहित खाद्य,मार्कफेड,सहकारिता विभागों के अधिकारियों सहित जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के लैम्पस प्रबन्धक मौजूद थे।

24-11-2020
प्रदेश के सात डिप्टी कलेक्टरों को आईएएस अवार्ड से नवाजा गया

रायपुर। प्रदेश के सात डिप्टी कलेक्टर को आईएएस अवार्ड से नवाजा गया है। बता दें कि डीपीसी के बाद प्रोसेडिंग के लिए राज्य शासन से सहमति मांगी गई है। शासन की सहमति के बाद आदेश जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो प्रक्रिया पूर्ण होते ही औपचारिक रूप से सारे चयनित डिप्टी कलेक्टर आईएएस अवार्ड से नवाज़े जाएंगे। लेकिन तीन सीनियर डिप्टी कलेक्टरों का मामला इस बार भी अटक गया है। जिन डिप्टी कलेक्टरों की आईएएस अवार्ड के लिए डीपीसी हुई है। उनमें जयश्री जैन, फरिया आलम सिद्दीकी, चंदन त्रिपाठी, प्रियंका महोबिया, दीपक कुमार अग्रवाल, रोक्तिमा यादव और तुलिका प्रजापति का नाम शामिल हैं। दो दिन पहले ही इन सभी अफसरों की डीपीसी हुई थी।

22-11-2020
जिन हाथों से पहले होती थी कचरे की बिनाई, अब उसी से होने लगी है कपड़ों की सिलाई

रायपुर। एक बच्चे की माँ गौरी सोनी की सुबह हमेशा कूड़े-कचरे के बीच होती थी। जब शाम का सूरज ढलने लगता था, तब वह कूड़े-कचरे की ढेर से निकलकर घर को लौटती थी। कमोवेश सुजाता साहू की जिंदगी भी गौरी जैसी ही थी। सूरज निकलने से पहले और अस्त होने के पहले पूरा दिन कचरों के ढेर में ही गुजर जाता था। एक ओर जहा सभी ओर दिन के उजाले होते थे लेकिन इनकी जिंदगी उजालों के बीच भी अंधेरों में रहने के समान थी। कचरों के ढेर में कुछ-कुछ सामान तलाशते-तलाशते अपनी दो जून की रोटी का जुगाड़ करना इनकी नियति बन गई थी। एक दिन प्रदेश के मुख्य सचिव आरपी मण्डल जब राजधानी के व्हीआईपी चौक से गुजर रहे थे, तब उनकी नजर कचरे के ढ़ेर में सामान तलाशते हुए महिलाओं पर पड़ी। कुछ महिलाएं अपने साथ बच्चे भी ली हुई थीं। उन्होंने अपनी कार रोकी और मैले कपड़े पहनी हुई कचरा बीनने वाली महिलाओं को अपने पास बुलाया। वे स्वयं भी कार से उतर गए और कचरा बीनने वालियों से उनके बारे में पूछने लगे। तब मुख्य सचिव ने उन्हें बताया कि राज्य शासन द्वारा आपके कल्याण के लिए योजना चलाई जा रही है।

आप कब तक ऐसे ही कचरों में अपनी जिंदगी गुजारती रहोगी ? काम सीखों और आत्म सम्मान के साथ जीना सीखों। कचरा बीनने वालों पर मुख्य सचिव की नजर, इनकी जिंदगी के लिए मानों एक नई उम्मीद की किरण और एक नया सबेरा लेकर आई। कुछ दिन बाद ही नगरीय प्रशासन विकास और श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने कचरा बीनने वाली महिलाओं से उनकी ही बस्ती के पास मुलाकात की। उन्होंने श्रम विभाग की योजना से जोड़ते हुए कचरा उठाने वाली गौरी यादव, सुजाता साहू सहित कई महिलाओं को सिलाई मशीन सहित अन्य जरूरत के सामान दिए। इनकी जिंदगी की नई सुबह की शुरुआत के बाद श्रम मंत्री डॉ. डहरिया की पहल इनकी अंधकारमय जिंदगी को नई रोशनी देने के साथ एक नई दिशा की ओर ले गई। उन्होंने इन कचरा बीनने वाली महिलाओं को श्रम विभाग की योजना से जोड़ते हुए इन्हें नुकसान से बचाने अपने ही हाथों से सभी को घर खर्च के लिए चेक भी दिए और सभी को सिलाई-कढ़ाई का अच्छे से प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार अपनाते हुए आत्मनिर्भर बनने और आत्मसम्मान के साथ जीने की सीख दी। आज लगभग दो महीने बाद गौरी, सुजाता सहित अन्य कई महिलाओं की परिस्थितियां बहुत बदल गई है। इनके हाथों में किसी के फेंके हुए कचरों के ढेर में समाई गंदगी नहीं बल्कि स्वच्छता और बीमारी से बचने का संदेश देने वाले हाथों से बनाएं मास्क, महिलाओं को सम्मान से जोड़ने वाला सलवार शूट, ब्लाऊज के परिधान के रुप में एक ऐसा हुनर भी है जो साफ-सुथरी भी है और धारण करने के योग्य है। 

 

20-11-2020
अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र अब छात्रवृत्ति के लिए 30 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

रायपुर। राज्य शासन की ओर से वर्ष 2020-21 के तहत अल्पसंख्यक वर्ग मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 30 नवम्बर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। आवेदन की प्रक्रिया भारत सरकार के वेबसाइट www.scholarship.gov.in पर लॉगिन कर पूरी की जा सकती है। उक्त छात्रवृत्ति के लिए पात्रता के तहत् आवेदक को छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। विगत वर्ष की परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक होना आवश्यक है। आवेदक का आधार नम्बर और बैंक खाता होना अनिवार्य है।

छात्रवृत्ति के अभिभावकों की वार्षिक आय प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए एक लाख रुपए, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए दो लाख रुपए और मेरिट-कम-मिन्स छात्रवृत्ति के लिए ढाई लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदक ऑनलाइन आवेदन करने के पहले वेबसाइट के होम पेज में दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से अध्ययन करने के बाद ही अर्हता के अनुरूप प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। उक्त छात्रवृत्ति के लिए पूर्व में 31 अक्टूबर 2020 तक ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया था। शासन की ओर से छात्र-छात्राओं की सुविधा के मद्देनजर अब इसे बढ़ाकर कर 30 नवम्बर तक कर दिया गया है।

13-11-2020
223 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी 8.80 करोड़ की लागत से, बनने वाले बलरामपुर के ककनेसा जलाशय से

रायपुर। राज्य शासन ने बलरामपुर जिले के ककनेसा जलाशय योजना की पुनरीक्षित लागत के लिए 8 करोड़ 80 लाख 94 हजार स्वीकृत किए है। इस योजना से क्षेत्र में 223 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से ककनेसा जलाशय योजना के कार्याें को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना के अंतर्गत निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य लागत में मितव्ययता और गुणवत्ता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

13-11-2020
दर्री तहसील कार्यालय का उद्घाटन किया मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने, कहा- भूपेश का जनता को दिवाली का तोहफा

रायपुर। कोरबा जिले में नई बनी तहसील दर्री के कार्यालय का राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि दर्री को तहसील का दर्जा यहां की जनता को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से दीवाली का तोहफा है। अग्रवाल ने कहा कि कल ही मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में 23 नई तहसीलों का उद्घाटन किया है और आज से इन तहसीलों में कामकाज भी शुरू हो गया है। अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोरबा जिले को भी दो तहसीलों दर्री और हरदीबाजार की सौगात दी है। राजस्व मंत्री ने कहा इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी और शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अधिक से अधिक लोगों को मिल सकेगा।    

तहसील कार्यालय के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य शासन को 25 नई तहसीलों के गठन का प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें से अभी 23 तहसीलें बना दी गईं हैं।  अग्रवाल ने कहा कोरबा में पसान और बरपाली को भी जल्द ही नईं तहसीलों का दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही श्यांग-लेमरू क्षेत्र के निवासियों को भी अपने कामों को तेजी से कराने की अजगरबहार और मदनपुर क्षेत्र में दो नई उप तहसीलें भी बनाई जाएंगी। अग्रवाल ने बताया कि नई बनायी गयी तहसीलों के लिये राज्य शासन ने भवन और वाहन की भी स्वीकृति दे दी है। राजस्व मंत्री ने कहा कि पाली को भी जल्द ही एसडीएम कार्यालय की सौगात मिलने वाली है। प्रशासनिक स्तर पर इसके लिये सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं गईं हैं और आने वाले दिनों में पाली में एसडीएम कार्यालय भी शुरू हो जाएगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भी राज्य सरकार ने जनकल्याण के अपने कार्यक्रम और योजनाओं का पूरी क्षमता से संचालन किया है जिससे प्रदेश वासियों को कई सुविधाएं मिली हैं। कोरबा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी जल्द ही होगी। नदी पार दर्री और बलगी क्षेत्र में पानी की समस्या से जुझ रहे 25 वार्डों को भी हसदेव नदी पर एनिकेट का निर्माण होने पर राहत मिल जाएगी। अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों की मरम्मत और कुछ नई सड़कें बनाने के लिए भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इन पर काम शुरू हो जाएगा।

11-11-2020
धान खरीदी के लिए पंजीयन की अवधि बढ़ी, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के लिए खरीफ विपणन में धान खरीदी की निर्धारित किसानों का पंजीयन अवधि को बढ़ाकर 17 नवंबर तक कर दिया है। राज्य शासन ने यह आदेश जारी किया है। सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य के सभी संभागायुक्त, कलेक्टरों और पंजीयक, सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक अपैक्स बैंक नया रायपुर को आदेश की कॉपी भेज दी है। साथ ही 17 नवम्बर तक किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।

09-11-2020
विदेशी मदिरा दुकान मगरलोड मुख्य मार्ग पर स्थानांतरित...

धमतरी। वर्ष 2017-18 से मदिरा दुकानों के संचालन का दायित्व राज्य शासन के उपक्रम छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है। इसके तहत विदेशी मदिरा दुकान मगरलोड का संचालन एक ही परिसर में पाण्डुका रोड स्थित किराये के भवन में किया जा रहा था। एक ही परिसर में स्थापित होने के कारण भीड़भाड़ की स्थिति निर्मित होने की आशंका बनी रहती थी। जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत करते हुए आबकारी नीति 2020-21 के अनुसार एक ही परिसर में संचालित मदिरा दुकानों को राजस्व हित में व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त स्थल पर पृथक-पृथक संचालित किये जाने के निर्देश हैं। मदिरा दुकान के सुचारू संचालन तथा प्रतिस्पर्धी दर पर व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त भवन किराये पर लिये जाने के लिए नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य के अनुमोदन केे पश्चात् विदेशी मदिरा दुकान मगरलोड को आज से मुख्यमार्ग (मगरलोड मेघा कुरूद मार्ग) पर स्थानांतरित कर संचालन प्रारम्भ किया गया है।

 

08-11-2020
अब अधिक संख्या में मछली पकड़कर भी दुखी नहीं होगा मालिकराम,न मछलियां होंगी खराब और न होगा घाटा

रायपुर। ग्राम सेरीखेड़ी में रहने वाले मालिक राम को राज्य शासन की ओर से संचालित योजना से आइस बॉक्स और तराजू-बाट मिला है। गत दिवस जिला न्यायालय में आयोजित ई-मेगा कैम्प में कलेक्टर डॉॅ.एस भारतीदासन और जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम कुमार तिवारी ने आइस बाक्स प्रदान किया है। अब मालिक राम खुश है। उसे उम्मीद ही नहीं भरोसा भी है कि मछली पकड़ने के बाद इस आइस बाक्स में बिक्री के बाद बची हुई मछलियों को ताजी रख सकता है। इससे उसे घाटा भी नहीं सहना पड़ेगा। बता दें कि भले ही मत्स्य पालक का नाम मालिक राम है, लेकिन वर्षों से उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपने गांव के पास ही डैम में मछली पकड़कर आसपास बेच आता है। मछली बिक्री से जो आमदनी होती है, उसी से ही उसका और परिवार का घर खर्च चलता है। मालिक राम को अपने घर का खर्च सही ढंग से चलाने सुबह से ही बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कई बार जाल में उतनी मछलियां नहीं फंसती, जितनी वह उम्मीद लगाए रहता था।  मालिकराम उस दिन दुखी होता तो था लेकिन उसकी पीड़ा तब और अधिक बढ़ जाती थी जब कभी वह पूरी मेहनत कर अधिक मछलियां जाल में पकड़ लेता था। अधिक संख्या में पकड़ी गई मछलियां बिक्री नहीं होने पर खराब हो जाती थी। मालिक राम के साथ ऐसा कई बार हुआ। इससे उसे घाटा भी सहना पड़ता था।
मालिकराम आइस बॉक्स लेना तो चाहता था लेकिन ले नहीं पाता था। आखिरकार एक दिन उन्होंने अपनी पीड़ा मत्स्य विभाग को बताई। मत्स्य विभाग ने उसे गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत आइस बॉक्स और बाट  प्रदान किया। आइस बॉक्स मिलने पर खुशी जताते हुए मालिक राम ने कहा कि वह आस-पास के बाजारों में अपनी मछलियां बेचने जाता है। मछली पकड़ने के बाद उसे अब मछली को सुरक्षित रखना आसान होगा और खराब होने का डर भी नहीं रहेगा। आइस बाक्स नहीं होने से मछलियां खराब हो जाती थी। कई बार मछलियां खराब हो जाने की डर से वह आनन-फानन में बहुत कम दर पर मछलियां भी बेच आता था। जिससे उसे घाटा उठाना पड़ता था। यह सुविधा मिलने से उसकी आर्थिक स्थिति सुविधा जाएगी। मालिकराम को तराजू बाट भी नि:शुल्क प्रदान किया गया है।

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