GLIBS
19-09-2020
पुरानी पेंशन बहाली के लिए पोस्टकार्ड अभियान चलाएंगे कर्मचारी

रायपुर/कांकेर। पुरानी पेंशन बहाली के​ लिए छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों द्वारा वृहद स्तर पर पोस्टकार्ड अभियान चलकर प्रदेश 21 सितम्बर से 24 सितम्बर तक पोस्टकार्ड अभियान चलाकर प्रधानमंत्री राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए पोस्टकार्ड भेजा जाएगा। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु ने कहा कि देश के साथ साथ छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि सभी पेंशन विहीन साथी तन मन के साथ पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रयास करें ताकि हम जल्द से जल्द पुरानी पेंशन लागू कराने में सफल हो।

उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर तैयारियां पूरी कर रहे हैं। प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी हरिश सन्नाट द्वारा पोस्टकार्ड का प्रारुप तैयार कर सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भेजा जा रहा है ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इस अभियान से जुड़े। कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र के वादे के अनुसार 2004 में नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने हेतु आश्वासन दिया गया है। उस वायदे को पूर्ण करते हुए पुरानी पेंशन शीघ्र बहाल कर कर्मचारी हितैषी सरकार के रूप में आपकी प्रतिष्ठा सदा बढ़ती रहे। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी कर्मचारियों को अधिक से अधिक संख्या में पोस्टकार्ड अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि लाखों की संख्या में पोस्टकार्ड पहुंचे।

19-09-2020
निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम स्थगित

रायपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा जारी आदेशानुसार जिले में नगर पंचायत नरहरपुर का आम निर्वाचन संपन्न कराये जाने के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम आगामी ओदश तक स्थगित कर दिया गया है। निर्वाचक नामावली तैयार किये जाने का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पृथक से जारी किया जायेगा।

16-09-2020
राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत स्थगित

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से 19 सितम्बर को आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।

 

14-09-2020
हाथकरघा संघ के गणवेश प्रभारी हटाए गए, गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी गठित

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित की ओर से गणवेश निर्माण संबंधी शिकायत की जांच के लिए 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के निर्देश पर गठित की गई है। जांच कमेटी इस पूरे मामले की जांच कर 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। गणवेश सिलाई के कार्य में गड़बड़ी की शिकायत के मद्देनजर हाथकरघा संघ के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने गणवेश प्रभारी रामकिसुन देवांगन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार को बीते दिनों गणवेश सिलाई संबंधी शिकायत मिली थी। मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि, गणवेश निर्माण संबंध में मिली शिकायत के अनुसार महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से सिलाई का कार्य स्वयं न कर बंगाल के कारीगरों से गणवेश सिलाई का कार्य कराया जा रहा है।

यह शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है। यह मामला गंभीर और आपत्तिजनक है। इस मामले की जांच एवं स्थल निरीक्षण के लिए चार सदस्यीय जांच कमेटी नियुक्त की गई है। इस जांच कमेटी में मुख्य लेखाधिकारी समीर मिश्रा, महाप्रबंधक अब्दुल अयाज, प्रभारी बिलासा शो रूम संतोष देवांगन और रेडिमेड कक्ष प्रभारी गोविंद देवांगन शामिल है। प्रबंध संचालक राणा ने बताया कि, इस शिकायत के मद्देनजर रामकिसुन देवांगन गणवेश प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उन्हें प्रभारी बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम में कोरबा में पदस्थ किया गया है। जारी आदेश के तहत गोविंद देवांगन प्रभारी कपड़ा गोदाम आमापारा रायपुर को उनके वर्तमान कर्त्तव्य के साथ-साथ आगामी आदेश पर्यन्त तक प्रभारी रेडिमेड कक्ष संघ कार्यालय रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

 

08-09-2020
एथेनॉल निर्माण संबंधी 508 करोड़ की चार प्रस्तावों पर एमओयू, पहली बार स्थापित हो रहे एथेनॉल निर्माण की इकाईयां

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की पूरे देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण संबंधी 507 करोड़ 82 लाख रुपए के चार प्रस्तावों पर एमओयू संपन्न हुआ। इन इकाईयों की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख 17 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल निर्माण की है, जिसके लिए लगभग 3 लाख 50 हजार टन धान की आवश्यकता होगी। चारों इकाईयों में 583 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इन इकाईयों में से दो इकाईयां मुंगेली और एक-एक इकाईयां जांजगीर-चांपा तथा महासमुंद में स्थापित होंगे। इन एमओयू पर राज्य शासन की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ तथा संबंधित एथेनॉल निर्माण इकाई के उद्योगपतियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया। 

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाईयों के स्थापना के लिए बधाई तथा शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन एथेनॉल निर्माण इकाईयों से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यहां एथेनॉल निर्माण की इकाईयों की स्थापना होने से राज्य में धान के आधिक्य का पूरा-पूरा उपयोग होगा। इसका राज्य में गरीब आदिवासी किसानों सभी वर्ग के लोगों को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण की इकाई की स्थापना संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान सीमेंट, बिजली और स्टील प्लांट आदि के रूप में तो विख्यात है ही, लेकिन अब यहां एथेनॉल निर्माण की इकाई से छत्तीसगढ़ की खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाई की स्थापना यहां किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर राज्य सरकार द्वारा की गई है। राज्य में धान खरीदी, उत्पादन तथा निष्पादन की प्रक्रिया सतत् रूप से चलने वाली है। एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित होने से राज्य की आर्थिक व्यवस्था को विशेष गति मिलेगी। इस दौरान एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित करने वाले उद्योगपतियों से इकाईयों की स्थापना को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए भी कहा गया। इसमें राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया। 

राज्य में एथेनॉल निर्माण के लिए एमओयू संपन्न हुए चार इकाईयों में से मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टीलरीज लिमिटेड कुम्हारी द्वारा उक्त परियोजना में 157 करोड़ 50 लाख रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 100 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उक्त इकाई द्वारा 36 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल और 1825 किलोलीटर अशुद्ध स्प्रीट के उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मेसर्स चिरंजीवनी रियलकॉम प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर द्वारा उक्त परियोजना में 130 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 118 लोगों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 1.80 करोड़ लीटर एथेनॉल, 1.80 करोड़ लीटर ई.एन.ए. तथा 14 हजार 400 टन डीडीजीएस वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मेसर्स क्यूबिको केमिकल्स प्रायवेट लिमिटेड भिलाई द्वारा उक्त परियोजना में 122 करोड़ 32 लाख रूपए पूंजी निवेश किया जाएगा।

इससे 222 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। इकाई द्वारा 33 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मेसर्स श्याम वेयरहाउसिंग एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड द्वारा उक्त परियोजना में 98 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 93 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 30 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह, राज्य महिला आयोग की अघ्यक्ष  किरणमयी नायक, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव डॉ. एम.गीता, सचिव आर. प्रसन्ना, नीलेश क्षीरसागर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

31-08-2020
खादी तथा ग्रामोद्योग के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए मोबाइल वैन का शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से उत्पादित सामग्रियों की मार्केटिंग के लिए मोबाइल वैन का विधिवत शुभारंभ किया। इस मोबाइल वैन के माध्यम से खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों का प्रचार-प्रसार और विक्रय को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक राजेश राणा उपस्थित थे। बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप प्रदेश के ग्रामीण अंचल में लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वृहद पैमाने पर कुटीर उद्योग की स्थापना का लक्ष्य है। इसके लिए ग्रामीण अंचल के युवक-युवतियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित एवं उनके द्वारा उत्पादित सामग्रियों को मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इसी कड़ी में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने तथा लोगों के बीच इसको लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से मोबाइल वैन शुरू की गई है, जो शहर-शहर, गांव-गांव जाकर बोर्ड के उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार और विक्रय करेगी।
राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामोद्योग बोर्ड के 9 उत्पादन केंद्र हैं। विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्व-वित्तपोषित, वित्त पोषित एवं महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित ग्रामोद्योग सामग्रियों का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय खादी ग्रामोद्योग भंडार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना के प्रकोप के चलते लोग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों को क्रय करने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग भंडार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि मोबाइल वैन के माध्यम से ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों को लोगों तक घर बैठे पहुंचाया जाए। खादी ऑन मोबाइल वैन इसी कड़ी में एक प्रयास है। राजेन्द्र तिवारी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 26.61 करोड रुपए की अनुदान सहायता प्रदाय कर 833 इकाइयों की स्थापना कर, इसके जरिए 7096 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। इसी तरह मुख्यमंत्री स्व-रोजगार कार्यक्रम के तहत 6 करोड़ 94 लाख 83 हजार रुपये की अनुदान सहायता मुहैया कर राज्य में 661 इकाइयों की स्थापना के माध्यम से 3966 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में बोर्ड के इन प्रयासों से खादी वस्त्रों एवं ग्रामोद्योग के उत्पाद के प्रति लोगों की रूचि बढ़ेगी। ग्रामीण अंचल के युवक और युवतियों को रोजगार मुहैया होगा। वह आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनेंगे।

25-08-2020
न्यूज वेबसाइटों को इम्पैनलमेंट करने प्रारूप निर्धारित, आवेदन 10 सितम्बर तक लिए जाएंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की न्यूज वेबसाइट एवं पोर्टल को विज्ञापन देने के लिए इम्पैनलमेंट किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग के द्वारा इस सबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस संबंध में बताया गया है कि राज्य की ऐसी न्यूज वेबसाइट एवं पोर्टल जिनका डीएव्हीपी में इम्पैनलमेंट नहीं है उन्हें छत्तीसगढ़ में इंम्पैनल किया जाएगा। इंम्पेनलमेंट के लिए निर्धारित प्रारूप में 26 अगस्त से 10 सितम्बर 2020 तक ऑनलाइन आवेदन जमा किये जा सकते हैं। आवेदन प्रारूप और इस संबंध में नियम शर्ते जनसम्पर्क विभाग की वेबसाईट jansampark.cg.gov.in पर उपलब्ध रहेगी। डीएव्हीपी में इंपैनल न्यूज वेबसाइटों को  डीएव्हीपी की दर और मांपदंड के आधार पर विज्ञापन दिए जा सकेंगे।

डिजिटल माध्यम की उपयोगिता एवं आवश्यकता के परिप्रेक्ष्य में राज्य के भीतर/राज्य के बाहर से संचालित न्यूज वेबसाइट/वेबपोर्टल के लिए प्रदर्शन विज्ञापन आवश्यकता, उपयोगिता, अवसर और बजट उपलब्धता के आधार पर स्वीकृत किये जाएंगे। नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी न्यूज वेबसाइट को शासकीय विज्ञापन प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं होगा। डीएव्हीपी में सूचीबद्ध/पंजीकृत/इम्पैनल पोर्टल/वेबसाईट को डीएव्हीपी द्वारा निर्धारित दर/ गाइडलाइन/नियमों के अनुसार विज्ञापन दिया जायेगा। ऐसे वेबसाईट/पोर्टल जिनका डीएव्हीपी में पंजीयन नहीं है, उनको जनसपंर्क विभाग द्वारा इम्पैनल किया जायेगा। इम्पैनलमेंट की अवधि एक वर्ष की होगी, जिसके नियमित अंतराल पर पुनः समीक्षा का अधिकार समिति को होगा। समीक्षा में उचित न पाए जाने पर संबंधित पोर्टल/वेबसाईट का इम्पैनलमेंट समाप्त करने का अधिकार भी समिति को होगा।
 

सामान्यतः निम्नलिखित शर्ते पूर्ण करने वाले पोर्टल/वेबसाईट को समिति द्वारा इम्पैनलमेंट के लिए अनुशंसा की जायेगी-छत्तीसगढ़ राज्य के न्यूज वेबसाइटों का इम्पैनलमेंट 01 वर्ष की अवधि के लिए होगा। इम्पैनल्ड के लिए विगत 06 माह के दौरान न्यूज वेबसाइट की औसत यूनिक यूजर संख्या 50 हजार होनी चाहिए। इस दौरान एवरेज सेशन डयूरेशन न्यूनतम 30 सेकेण्ड होना चाहिए। प्रत्येक वेबसाइट/पोर्टल के अपने होम पेज पर वेबसाइट/पोर्टल के स्वामी, संचालक, संपादक का नाम मोबाईल नंबर, ई मेल, संपादकीय कार्यालय का पता प्रदर्शित होना चाहिए। उन्हें प्रतिदिन अपनी वेबसाइट्स/पोर्टल को अपडेट भी करना होगा। न्यूज वेबसाइट कम से कम एक वर्ष से ऑनलाइन हो। इस अवधि के दौरान वेबसाइट का नाम और इंटरनेट का पता (URL) नहीं बदला गया हो। राज्य की गतिविधियों को प्राथमिकता से अपलोड करने वाले वेबसाइट/वेबपोर्टल को विज्ञापन देने में प्राथमिकता दी जायेगी। पत्रकारिता के स्थापित मूल्यों के विरूद्ध समाचार प्रकाशित करने वाले अश्लील/झूठे/मनगढ़ंत किसी संस्था या व्यक्ति को झूठे आधार पर बदनाम करने वाले समाचारों को प्रकाशित करने वाले पोर्टल/ वेबसाइट को समिति की अनुशंसा पर इम्पैनलमेंट सूची से बाहर किया जा सकेगा। इसके साथ-साथ समिति उपलब्ध तकनीकी साधनों यथा-विश्वसनीय टैरिफ एनालायसिस टूल अथवा अन्य किसी माध्यम से मासिक दृश्य संख्या यूजर संबंधी रिपोर्ट की पुष्टि कर सकेगी।

24-08-2020
नीति आयोग ने सराहा : आकांक्षी जिले सुकमा में पशुधन के संरक्षण,सवंर्धन और चारे की व्यवस्था बेहतर

रायपुर। नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य के आकांक्षी जिला सुकमा में पशुओं के संरक्षण, संवर्धन और चारे की बेहतर व्यवस्था की सराहना की है। नीति आयोग ने सुकमा जिले में पशुओं को विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए डोर-टू-डोर संचालित टीकाकरण अभियान और बारिश के दिनों में पशुओं के लिए चारे का बेहतर प्रबंध की प्रशंसा की है। इस संबंध में अपने ट्विटर हेण्डल से ट्वीट किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के सूदूर वनांचल के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पशुधन की रक्षा और चारे की बेहतर व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि सुकमा जिले ने देश में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के 82 गौठानों में पशुओं के लिए नेपियर घास (हरा चारा) और पर्याप्त मात्रा में धान पैरा की व्यवस्था तय करने के लिए पशुधन विकास विभाग की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की है।
उल्लेखनीय है कि, आकांक्षी जिला सुकमा में वर्ष 2019-20 में 3 लाख 11 हजार पशुओं के टीकाकरण के लक्ष्य के विरुद्ध 4 लाख 10 हजार पशुओं को विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियों जैसे - गलघोटू, एकटंगिया से बचाने के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण किया गया। टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों को गहन प्रशिक्षण और प्रत्येक विकासखंड में 25-25 क्लस्टर बनाए गए थे। जिले में पोल्ट्री वैक्सीनेशन के तहत 52 हजार से अधिक मुर्गियों का टीकाकरण किया गया। सुकमा जिले में 2800 कृत्रिम गभार्धान के लक्ष्य के विरुद्ध 2960 का लक्ष्य हासिल किया। बैकयार्ड कुक्कुट पालन, सूकर पालन तथा मादा वत्सोपादन योजना में भी सुकमा जिले ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। जिले में 50 महिला समूहों को शबरी लेयर फार्मिंग के तहत लाभान्वित किया गया है। इन समूहों की ओर से किए जा रहे मुर्गी पालन से प्राप्त होने वाले अण्डे, जिले के आंगनबाड़ियों, छात्रावासों और आश्रमों में सप्लाई किए जा रहे हैं। इससे जिले में कुपोषण की दर को कम करने में मदद मिली है।

19-08-2020
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक नर तथा एक मादा वनभैंसा का जन्म...

रायपुर। राज्य के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 18 अगस्त का दिन यादगार हो गया जब यहां वनभैंसा के कुनबा में दो नए मेहमान आए। दो मादा वनभैंसा में से एक मादा वनभैंसा ने सुबह 8 बजे मादा बच्चा तथा दूसरे मादा वनभैंसा ने रात्रि 9 बजे नर बच्चे को जन्म दिया। अपर मुख्य प्रधान वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) अरूण पाण्डेय ने बताया कि सभी जच्चा-बच्चा वनभैंसा स्वस्थ हैं। इनका स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरी दवाइयां तथा पोषक आहार उपलब्ध कराया गया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य का राजकीय पशु वनभैंसा दुर्लभ तथा संकटग्रस्त वन्यजीवों में शामिल हैं। इस दृष्टि से राज्य के वनभैंसों का विशेष महत्व है और उनके संरक्षण तथा संवर्धन के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 10 वनभैंसे है, जिसमें 9 नर वनभैंसा तथा एक मादा वनभैंसा है। उन्होंने बताया कि वनभैंसों के संबंध में वाईल्ड लाईफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के साथ गवर्निंग कौंसिल की चौथी बैठक सितंबर 2009 में आयोजित की गई थी। इसमें सलाह दी गई थी कि जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे नर वनभैंसों तथा पालतू मादा वनभैंसा के क्रास से उत्पन्न हुए बच्चों में भी वनभैंसों के जीन है, इन्हें भी संरक्षित करने की जरूरत है। इस कड़ी में वनभैंसा जुगाड़ तथा जांगड़ा गांव के दो मादा वनभैंसा से क्रास तथा उत्पन्न हुए मादा वनभैंसा की पहचान की गई थी। इसके पश्चात् ये दोनों मादा वनभैंसा राजा नाम के वनभैंसे से भी क्रास हुई और उनसे दो मादा पड़िया का जन्म हुआ। पिछले वर्ष इन्हें उनके बच्चे सहित लाकर उंदती-सीतानदी टायगर रिजर्व के पृथक बाड़े में रखा गया और मोहन नाम के नर वनभैंसा से उनका प्रजनन कराया गया। उक्त दोनों मादा वनभैंसा ने 18 अगस्त को दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है।

 

07-08-2020
शोध परियोजनाओं के लिए अभिरूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित, अनुसंधान प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 तक

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग द्वारा शोध परियोजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ में कार्यरत उच्च शिक्षण संस्थाओं, ख्याति प्राप्त अनुसंधान संस्थाओं एवं अनुसंधान कर्ताओं से शोध, अनुसंधान परियोजनाओं और अध्ययन प्रस्तावों के लिए अभिरूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। राज्य के प्रासंगिक विषयों पर अनुसंधान परियोजनाएं प्रारंभ करने, अध्ययन करने के लिए ईच्छुक पात्र अनुसंधानकर्ता, संस्थाएं, संगठन निर्धारित प्रपत्र में अपना प्रस्ताव ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन ई-मेल आईडी ms.cgspc@gov.in पर सदस्य सचिव राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ को भेज सकते हैं। अनुसंधान प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2020 को शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। पात्रता, आवेदन प्रपत्र, अनुसंधान दिशा-निर्देश आदि के बारे में विस्तृत विवरण राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ वेबसाइट http://spc.cg.gov.in/ में देखा जा सकता है।

 

07-08-2020
छत्तीसगढ़ राज्य व कांकेर जिले की युवतियों को सेना में भर्ती का सुनहरा मौका,भर्ती के लिए जारी हुई अधिसूचना

रायपुर /कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य सहित कांकेर जिले के युवतियों को थल सेना में भर्ती होने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल सीएमएस बाबू ने बताया कि भारतीय सेना में सोल्जर जनरल ड्यूटी (महिला सैन्य पुलिस) की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है, योग्य और इच्छुक उम्मीदवार जो इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं वे आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से 27 जुलाई से 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और  उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं या समकक्ष परीक्षा किसी भी विषय में 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804