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18-02-2020
कैनवास पर छत्तीसगढ़ को अलग-अलग अंदाज में उतार दिया कलाकारों ने, महंत घासीदास संग्रहालय में लगा है रंगों का मेला

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के कलाकारों की कलाओं से जनता को परिचित कराने वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन महंत घासीदास संग्रहालय में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में कलाकारों ने अलग-अलग विषय चुन कर अपनी कला के अनोखे रंगों की छटा बिखेरी है। कलाकारों ने अपने चित्रों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण भारत के बीच फैलते तनाव, भू-अधिग्रहण, नक्सल समस्या, नदियों का निजीकारण, खाद्यान्न वितरण, छत्तीसगढ़ का जन-जीवन यहां के उत्सव, छत्तीसगढ़ का लोकरंग, आदि को बहुत ही ख़ूबसूरती से कैनवास पर उतारा है। आयोजक दीपक वर्मा ने बताया कि लगभग 60 कलाकारों ने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया है। विगत 11 सालों से इस प्रकार का आयोजन लगातार किया जा रहा है और हर हाल यहां आने वाले लोगों की संख्या बड़ी है। इस तरह के आयोजन कराने का उद्देश्य कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कलाकारों को इस तरह के प्रदर्शनी के लिए कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है ये दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा कि राजधानी में भी ऐसा एक वर्कशॉप होना चाहिए। इसमें बाहर के आर्टिस्ट आकर छत्तीसगढ़ के आर्टिस्ट को टिप्स दे। नेशनल लेवल पर वर्कशॉप का आयोजन करने पर विचार करना चाहिए।

 

 

13-02-2020
एनएचआरसी की ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग सम्‍पन्‍न

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा 13 फरवरी को न्‍यू सर्किट हाउस, रायपुर में 'ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग' का आयोजन किया गया।'ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग’ का उद्घाटन एनएचआरसी के अध्‍यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने किया। इस अवसर पर एनएचआरसी सदस्य ज्योतिका कालरा और डॉ. डीएम मुले, महासचिव, जयदीप गोविंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। उद्घाटन कार्यक्रम में न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने कहा कि नियमित समय पर जन सुनवाई एससी तथा एसटी और समाज के अन्य कमजोर वर्ग को त्वरित न्याय के लिए मंच प्रदान करती है। त्वरित न्याय के लिए शिकायतकर्ता और अधिकारी एक स्थान पर आते हैं और पीड़ितों के सामने झुक जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा के लिए मानव अधिकार रक्षक महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर छत्‍तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त विभाग अमिताभ जैन ने उल्लेख किया कि यह छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद आयोग का पहला शिविर था। राज्य एक गरीब राज्य है, जिसमें अनुसूचित क्षेत्र के साथ 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की आबादी अनुसूचित क्षेत्र (159 में से 85 आदिवासी ब्लॉक) है। राज्य का पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान है। वे मलेरिया से निपटने में एक बड़ी समस्या के रूप में शामिल हैं। राज्य में गरीबी का स्तर अधिक है, दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय स्तर 22 प्रतिशत के मुकाबले प्रतिशत है। एनएचआरसी के सेक्रेटरी जनरल जयदीप गोविंद ने कहा कि एनएचआरसी शिकायतों को प्रस्तुत करने और शिकायतों के निवारण की सुविधा के लिए एचआर नेट पोर्टल का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है।

 

 

16-01-2020
छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने गुरूवार को छत्तीसगढ़ राज्य के पांचवी विधानसभा के नववर्ष 2020 में आयोजित प्रथम सत्र के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अल्प समय में अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से जो गौरवशाली परम्पराएं स्थापित किए हैं, वह इस विधानसभा के इतिहास में सुनहरे पन्ने के रूप में दर्ज हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज इस विधानसभा में आने का मेरा पहला अवसर है, जिसकी सुखद अनुभूति मुझे भावुक भी कर रही है और एक नई ऊर्जा से ऊर्जित भी कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ विधानसभा की कीर्ति-पताका को ऊंचा करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि आप सब प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में अपना योगदान पूरे मनोयोग से करें, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।

राज्यपाल उइके ने कहा कि मेरे लिए यह अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि नये वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्यकलापों की शुरूआत एक विशेष अवसर के रूप में हो रही है, जिससे हमें भारत के महान और पावन संविधान के प्रति अगाध निष्ठा, प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। इससे हमें संविधान के प्रति अपने कर्तव्य निभाने का अवसर मिला है। भारतीय संविधान में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की समय-सीमा बढ़ाये जाने के लिए जो निर्धारित प्रक्रिया है, उसे पूरा करने में आपकी भागीदारी दर्ज होना, निश्चय ही बड़े सौभाग्य का विषय है। राज्यपाल ने कहा कि मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों को बेहतर जिन्दगी की रोशनी दी है। इन वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और इन्हें संविधान प्रदत्त अधिकारों से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता ने मेरी सरकार के प्रति विश्वास के एक नये युग की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी परम्परा के अनुरूप लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की चुनौती स्वीकार करेगी। राज्यपाल ने कहा कि आप सबकी सक्रियता और योगदान से ही लोकतंत्र का यह मंदिर जनता जनार्दन की आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल होगा।

31-12-2019
स्वच्छता सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन उत्कृष्ट, यह रहा रैंक

रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा प्रथम पाली स्वच्छ सर्वेक्षण लीग 2020 के रिजल्ट घोषित किए गए। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 दो पालियों में किया जा रहा है। द्वितीय पाली की फाइनल प्रतियोगिता 4 जनवरी से प्रारंभ होगी। आज घोषित नतीजों में छत्तीसगढ़ राज्य में बहुत ही अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता में प्रथम राज्य होने के गौरव को बरकरार रखा है। नतीजों को देखें तो 25 हजार से कम जनसंख्या वाले राज्य के समस्त शहर ईस्ट जोन के टॉप 130 में शामिल हुए है। 50 हजार से 1 लाख की जनसंख्या वाले शहरों में समस्त 6 शहर ईस्ट जोन के टॉप 6 रैंक अर्जित किए है। इसी प्रकार 1 लाख से 10 लाख की जनसंख्या मे समस्त शहर ऑल इंडिया टॉप 50 शहर में अपना स्थान बनाए रखे हैं। रायपुर शहर 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर क्वॉर्टर-1 में 18 रैंक एवं क्वॉर्टर-2 में 26 रैंक अर्जित किया है। इस श्रेणी में कुल 49 शहरों ने भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के शहरों की यह उपलब्धि भारत सरकार एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा बेस्ट प्रैक्टिस घोषित की गई परियोजना मिशन क्लीन सिटी, स्वच्छता श्रृंगार, सुविधा-24 आदि परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण प्राप्त हुई। विभागीय मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने राज्य की इस उपलब्धि पर नागरिकों को धन्यवाद एवं शभकामनाएं देते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के फाइनल मुकाबले में समस्त नगरीय निकायों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए निर्देशित भी किया। यह नतीजे शहरों द्वारा प्रस्तुत प्रोग्रेस के विरूध्द सिटीजन फीडबैक के आधार पर तैयार किए गए है। प्रथम पाली लीग के नतीजे निम्नानुसार है। क्वॉर्टर-1 (अप्रैल 2019 से जून 2019) एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या में बिलासपुर तीसरा रैंक, कोरबा पांचवा रैंक, रायगढ़ 12वा रैंक, अंबिकापुर 15वा रैंक, जगदलपुर 18वा रैंक, राजनांदगांव 19वा रैंक, दुर्ग 35वां रैंक एवं भिलाई 39वां रैंक प्राप्त किया। उल्लेखनीय है की राज्य के 6 शहर ऑल इंडिया रैंकिंग के श्रेष्ठ 20 शहरों में शामिल है। क्वॉर्टर-2 (जुलाई 2019 से सितम्बर 2019) एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या में अंबिकापुर 5वा. रैंक, बिलासपुर 15वां रैंक, राजनांदगांव 18वा. रैंक, दुर्ग 38वां.रैंक, भिलाई 40वां रैंक, जगदलपुर 41वा.रैंक, रायगढ़ 42वा.रैंक, कोरबा 47वां. प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि राज्य के इस श्रेणी के समस्त 8 शहर ऑल इंडिया रैंकिंग के श्रेष्ठ 50 शहरों में शामिल है। क्वॉर्टर-1 (अप्रैल 2019 से जून 2019) 50 हजार से एक लाख की जनसंख्या में चिरमिरी पहला रैंक, भिलाई-चरौदा दूसरा रैंक, महासमुंद तीसरा रैंक, धमतरी चौथा रैंक, बीरगांव पांचवा रैंक एवं भाटापारा छठवा रैंक प्राप्त किया। भारत सरकार द्वारा इस श्रेणी के शहरों की जोनल रैंकिंग घोषित की गई है,जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य का परचम लहरा रहा है। क्वॉर्टर-2 (जुलाई 2019 से सितम्बर 2019) 50 हजार से एक लाख की जनसंख्या में-भिलाई- चरौदा पहला रैंक, चिरमिरी दूसरा रैंक, बीरगांव तीसरा रैंक महासमुंद चौथा रैंक, धमतरी पांचवा रैंक एवं भाटापारा छठवा रैंक प्राप्त किया। क्वॉर्टर-1 (अप्रैल 2019 से जून 2019) 25 हजार से 50 हजार की जनसंख्या में कवर्धा पहला रैंक, तिल्दा नेवरा दूसरा रैंक, जामुल तीसरा रैंक, कोण्डागांव चौथा रैंक एवं डोंगरगढ़ पांचवा रैंक, कांकेर छठवां रैंक, कुम्हारी सातवा रैंक, बैकुंठपुर आठवां रैंक, बलौदबाजार नवां रैंक, बेमेतरा दसवा रैंक प्राप्त किया। इस श्रेणी में कुल 18 शहरों को सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि इस श्रेणी के छत्तीसगढ़ के समस्त शहर टॉप 20 में स्थान अर्जित किए। क्वॉर्टर-2 (जुलाई 2019 से सितम्बर 2019) 25 हजार से 50 हजार की जनसंख्या में-जशपुरनगर पहला रैंक, कांकेर दूसरा कांकेर छठवा रैंक, कवर्धा तीसरा कांकेर छठवा रैंक, कोण्डागांव चौथा कांकेर छठवा रैंक, डोंगरगढ़ पांचवा रैंक के साथ क्वॉर्टर-1 की तरह ही राज्य के इस श्रेणी के सभी शहर टॉप 20 में स्थान अर्जित किए है।

क्वॉर्टर-1 ( अप्रैल 2019 से जून 2019) 25 हजार से कम जनसंख्या वाले शहर लैलूंगा पहला रैंक, सीतापुर दूसरा रैंक, बगीचा तीसरा रैंक, खरसिया चौथ रैंक, कुनकुरी पांचवा रैंक अर्जित किया। इस श्रेणी के शहरों में भारत देष में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए, राज्य के समस्त शहर टॉप 135 रैंक में अपना स्थान बनाया। इसी प्रकार क्वॉर्टर-2 (जुलाई 2019 से सितम्बर 2019) में गुण्डरदेही पहला रैंक, धरमजयगढ़ दूसरा रैंक, छुरीकला तीसरा रैंक, शिवपुर चरचा चौथा रैंक, कोंटा पांचवा रैंक अर्जित किया एवं समस्त शहर टॉप 140वीं रैंक में अपना स्थान बनाए।उल्लेखनीय है कि, मिशन क्लीन सिटी योजना में एसएलआरएम सेंटर का उन्नयन जनघोषणा पत्र का एक महत्वपूर्ण बिन्दु है तथा राज्य सरकार द्वारा सॉफ सफाई से संबंधित परियोजनाओं को एसएचजी के माध्यम से क्रियान्वित किया जाना प्राथमिकता के विषय में रखी है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से लगभग 9000 गरीब महिलाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है एवं कुछ माह पूर्व ही मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं के मानदेय में हजार रूपये की वृध्दि करते हुए, प्रतिमाह का मानदेय 6000 किया गया है। इस सफलता पर विभागीय सचिव अलरमेलमंगई डी द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन में भागीदार समस्त सफाईकर्मियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों/कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी है। साथ ही फीड बैक प्रदान करने के लिए राज्य की जनता को धन्यवाद दिया है।
 

 

13-12-2019
प्रदेश में अब 22 लघु वनोपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी खरीदी 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अनुमोदन उपरांत राज्य शासन द्वारा प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की भी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इस आशय का परिपत्र मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित वन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इन्हें मिलाकर राज्य में अब कुल 22 लघु वनोपजों की खरीदी की जाएगी। इनमें पहले के 15 लघु वनोपजों सालबीज, हर्रा, इमली बीज सहित, चिरौंजी गुठली, महुआ बीज, कुसुमी लाख,रंगीनी लाख, कालमेघ,बहेड़ा,नागरमोथा,कुल्लू गोंद,पुवाड़,बेलगुदा,शहद तथा फूल झाडू शामिल हैं। इसके अलावा 7 लघु वनोपजों में महुआ फूल (सूखा), जामुन बीज (सूखा), कौंच बीज, धावई फूल (सूखा) करंज बीज, बायबडिंग और आंवला (बीज रहित) शामिल हैं। 

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2019-20 में भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत घोषित दर पर अब 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की खरीदी होगी। इन सात लघु वनोपजों में से महुआ फूल (सूखा) को 17 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। इसी तरह जामुन बीज (सूखा) को 36 रूपए प्रति किलोग्राम, कौंच बीज को 18 रूपए प्रति किलोग्राम तथा धावई फूल (सूखा) को 32 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। करंज बीज को 19 रूपए प्रति किलोग्राम, बायबडिंग को 81 रूपए प्रति किलोग्राम और आंवला (बीज रहित) को 45 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा प्रबंध संचालक शुक्ला ने यह भी बताया कि राज्य में इन 22 लघु वनोपजों की 950 करोड़ रूपए की उपज का संग्रहण वनवासियों द्वारा किया जाता है और इसे हाट बाजारों में बिक्री के लिए लाया जाता है। 

13-12-2019
वन महानिदेशक 14 से 16 दिसंबर तक के लिए राज्य अतिथि घोषित

रायपुर। राज्य शासन द्वारा वन महानिदेशक तथा केंद्रीय विशेष सचिव पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन सिद्धांत दास को उनके छत्तीसगढ़ राज्य के प्रवास 14 से 16 दिसम्बर तक की अवधि के लिए राज्य अतिथि घोषित किया गया है। इस आशय का आदेश शुकवार को मंत्रालय महानदी भवन स्थित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। 

09-12-2019
नेता प्रतिपक्ष कौशिक कीे अमेरिकी कोंसुलेट जनरल से मुलाकात

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से अमेरिकी काॅन्सल जनरल डेविड जे. रेंज से अपने आनंद नगर निवास में सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण विकास की संभावनाओं के लिए हुआ है। हम लगातार 15 वर्षो से सरकार में थे और हमारी जवाबदारी यहां सबको विकास की मुख्यधारा से जोेड़ने का था और अब हमारी भूमिका भी प्रतिपक्ष होने के नाते दोहरी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कृषि, उर्जा, खनिज पर आधारित उद्याोगों को लेकर संभावनाएं है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने नाइजीरिया में अपहृत कर लिये गए दम्पत्ति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

 

 

07-12-2019
जीएसटी के सरलीकरण के लिए स्टेकहोल्डर से लिए जा रहे फीडबैक

रायपुर। केंद्रीय जीएसटी एवं राज्य जीएसटी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में स्टेकहोल्डर्स फीडबैक दिवस का आयोजन किया गया। शनिवार 7 दिसम्बर को नवीन विश्राम गृह सिविल लाइन में यह कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने की। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान आयुक्त, केन्द्रीय जीएसटी बी.बी. महापात्रा मौजूद रहे। राज्य कर आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी व्यापारी वर्ग, टैक्स कंसल्टेंट, चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ मिलकर इस नए रिटर्न प्रणाली के संदर्भ में फीडबैक लिया है। अब प्रशिक्षण सत्र भी हुआ ताकि अच्छा समन्वय बन सके। व्यापारियों को बताया गया कि 5 करोड़ से नीचे व्यापार करने वालों के लिए प्रणाली को सरल और सुगम किया जा रहा है। फीडबैक फॉर्म का वितरण किया गया है। जैसे जैसे फीडबैक आएगा केन्द्र को भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जीएसटी के सरलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक अप्रैल 2020 से जीएसटी के अंतर्गत नए रिटर्न प्रणाली को लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। नए रिटर्न प्रणाली के अंतर्गत फाइल किए जाने वाले रिटर्न का ट्रायल वर्जन, जीएसटी के वेबसाइट पर तथा सभी रजिस्टर्ड करदाताओं के लॉगिन पर उपलब्ध है। जीएसटी के सभी स्टेकहोल्डर्स अर्थात व्यापारी, वकील, कर सलाहकार तथा चार्टर्ड एकाउण्टेंट से इन नए रिटर्न को भरने तथा इसके संबंध में सुझाव देने की अपील, राज्य कर आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा की गई है। जिससे नए रिटर्न प्रणाली को लागू करने के पूर्व ही इसकी कमियों का पहचान कर उन्हें दूर कर लिया जाए। नई रिटर्न प्रणाली की जानकारी के लिए 1 से 6 दिसम्बर तक तथा सभी वृत्त कार्यालयों में व्यापारी, कर सलाहकार, वकील, एकाउण्टेंट तथा चार्टर्ड एकाउण्टेंट इत्यादि स्टेकहोल्डर्स को बुलाकर उनसे ट्रायल रिटर्न भरवाए जाने का निर्देश राज्य कर आयुक्त ने दिया था।

19-11-2019
अच्छी सड़कें आर्थिक विकास का पैमाना : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को राजधानी रायपुर में एक हजार 983 करोड़ रूपए की सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा एडीबी सहायता से प्रत्येक विभिन्न जिलों में 13 सड़कों का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। इनकी कुल लंबाई 479 किलोमीटर है। इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी राज्य के तीव्र आर्थिक विकास में सड़कों की महत्वूपर्ण भूमिका होती है। इसलिए अच्छी सड़कों को विकास का पैमाना माना जाता है। इन सड़कों के बनने से जिला मुख्यालयों सहित गांव-कस्बे अच्छी सड़कों से जुड़ेंगे वहीं आवागमन की बेहतर सुविधा भी लोगों को मिलेगी। छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए हमारी सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार आदि के क्षेत्र में अनेक योजनाओं को लागू कर इसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अनेक नई-नई योजनाएं भी बनाई गई है। इनके साथ कई सड़कों के उन्नयन तथा निर्माण कार्य को काफी तादात में लिया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि कोरबा से बिलासपुर मार्ग के सुधार और मरम्मत कार्य के लिए 30 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी दी गई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री से चर्चा हुई है और उसे गति देने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है। उन्होंने सड़कों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किए जाने के लिए विशेष जोर दिया। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के लिए अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करना जरूरी है। इसके तहत क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक सड़क, भवन तथा पुल-पुलिया आदि निर्माण कार्यों को तेजी से स्वीकृत कराए जा रहे है। उन्होंने बताया कि एडीबी लोन-3 के अंतर्गत प्रदेश में लगभग तीन हजार 500 करोड़ रूपए की राशि के 25 सड़कों के उन्नयन तथा पुनर्निर्माण कार्य स्वीकृत है। जिसके तहत 870 किलोमीटर लंबाई के सड़कों का पुनर्निर्माण तथा उन्नयन कार्य किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में आज 13 सड़कों के पुनर्निर्माण तथा उन्नयन के लिए भूमिपूजन किया गया। 


मुख्यमंत्री ने जिन सड़क परियोजनाओं के उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया, इनमें 287.44 करोड़ रूपए की लागत से रायपुर के टिकरापारा-सेजबहार-सेमरा-भखारा-धमतरी मार्ग, 148.76 करोड़ रूपए की लागत से गरियाबंद जिले में पाण्डुका-जतमई-घटारानी-गायडबरी-मड़ेली-मुड़ागांव मार्ग, 149.47 करोड़ रूपए की लागत से बलौदाबाजार, रायपुर एवं महासमुंद जिले के घोटिया-पलारी-वटगन-गिधपुरी-चिखली-समोदा-अछोला-तुमगांव मार्ग, 157.35 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव जिले में बिहरीकला-दनगढ़-सोमाटोला-गोटाटोला-खड़गांव मार्ग शामिल हैं। इसी प्रकार 88.09 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव एवं बालोद जिले के डोंगरगांव-खुज्जी-पिनकापार-जेवरतला मार्ग, 154.35 करोड़ रूपए की लागत से महासमुंद जिले के लम्बर-बोड़ेसरा-बिरकोल-सिंघोरा मार्ग, 102.55 करोड़ रूपए की लागत से दुर्ग एवं बालोद जिले के अण्डा-रनचिरई-जामगांव मार्ग, 142.57 करोड़ रूपए की लागत से बालोद एवं दुर्ग जिले के करहीभदर- निपानी-मोखा-बटरेल-जामगांव मार्ग, 126.95 करोड़ रूपए की लागत से धमतरी एवं गरियाबंद जिले के कुरूद-मेघा-मगरलोड-अमलीडीह-धौंराभाटा-खिसोरा-पाण्डुका मार्ग और 111.96 करोड़ रूपए की लागत से बिलासपुर जिले के मंगला से भैसाझार मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा 93.53 करोड़ रूपए की लागत से मुंगेली जिले के लोरमी-पैजनिया-मसना-मसनी- जरहागांव मार्ग, 282.39 करोड़ रूपए की लागत से रायपुर एवं धमतरी जिले के बुढ़ेनी-नयापारा- परसवानी-मगरलोड-मोंहदी-बोरसी-भोयना मार्ग और 137.40 करोड़ रूपए की लागत से जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ जिले के सक्ती-टुण्ड्री मार्ग शामिल हैं। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया और विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, लक्ष्मी ध्रुव, विनोद चन्द्रकार,धरमजीत सिंह, रामकुमार यादव, विकास उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

14-11-2019
भूपेश बघेल ने प्रदेश के सांसदों को लिखा पत्र, राज्य हित का ध्यान रखने का किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी सांसदों को पत्र लिखकर संसद के शीतकालीन सत्र में राज्य हित से जुड़े मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाने की अपेक्षा और आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के हित में समय-समय पर अनेक मांगों, समस्याओं, प्रकरणों और सहायता से संबंधित विषय केन्द्र शासन के संज्ञान में लाए गए है। संसद के शीतकालीन सत्र के अवसर पर आप राज्य हित के विषयों पर तथ्यों, आंकड़ों तथा तर्कों के साथ चर्चा करें। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी सांसदों को पत्र के साथ राज्य हित से संबंधित केन्द्र स्तर पर परिशीलन योग्य प्रकरणों की जानकारी के संकलन की पुस्तिका भी उपलब्ध करायी है।

उन्होंने उम्मीद प्रकट की कि इस जानकारी के उपयोग करते हुए सांसद राज्य हित के पक्षों को पुरजोर तरीके से यथासमय संसद में उठाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्रेषित जानकारी में प्रमुख रूप से राज्य सरकार द्वारा केन्द्रों को भेजे गए प्रकरण और जिन प्रकरणों में कार्यवाही लंबित है को शामिल किया गया है। इनसे विशेष रूप से धान खरीदी और कृषि से संबंधित, कोल ब्लाक से संबंधित, वन अधिकार पट्टे से संबंधित साथ ही ऐसे बहुत सारे विषय जिनमें मुख्यमंत्री या संबंधित विभागों द्वारा पत्र लिखा गया है और उन प्रकरणों में केन्द्र से कार्यवाही अपेक्षित है।

01-11-2019
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की दी बधाई, पढ़िए क्या लिखा....

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर शुक्रवार 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की प्रदेश के निवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया है-प्राकृतिक सौंदर्य के धनी राज्य छत्तीसगढ़ के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि विविध संस्कृतियों की संगम स्थली वाला यह प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़े...

31-10-2019
छत्तीसगढ़ निर्माण कर किया प्रदेश का चहुंमुखी विकास : डॉ रमन सिंह

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ राज्य के 20वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के बेहतर भविष्य और सर्वतोमुखी कल्याण की कामना की है।  भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ प्रदेश के चहुंमुखी विकास का जो सपना संजोया था, भाजपा के पूर्ववर्ती शासनकाल में उस सपने को साकार करने की दिशा में हमने कोई कसर नहीें छोड़ी। किसानों, गरीबों, आदिवासियों समेत समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के काम हुए और भुखमरी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार बेरोजगारी, बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को खत्म कर एक कारगर प्रक्रिया के तहत प्रदेश को विकास के प्रतिमान के रूप में हमने प्रदेश को देश-विदेश के नक्शे में पहचान दिलाई। डॉ. सिंह ने इसके लिए प्रदेशवासियों के आत्मीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हम पूर्व प्रधानमंत्री व राज्य निमार्ता स्व. अटल जी के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करें और प्रदेश को सुख समृद्धि व बेहतरी की दिशा में बढ़ाने के लिए संकल्पित हों।  राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि दो दशक पहले के बदहाल छत्तीसगढ़ की तकदीर और तस्वीर संवारने के अब तक हुए प्रयासों को अधिक विस्तार और तेज गति प्रदान करने के लिए हमें प्रतिज्ञाबद्ध होना है। हमें विश्वास है कि हमने राज्य के परिवेश और सामाजिक व आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, वह प्रदेश को एक नई पहचान के साथ विकास के शिखर पर स्थापित करेगा।

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