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28-06-2020
सीआरपीएफ जवान की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

दंतेवाड़ा। सीआरपीएफ का एक जवान हरियाणा से छत्तीसगढ़ आया था। जवान का कोरोना टेस्ट कराया गया,जो पॉजिटव निकला। 11 जून को पहुंचे जवान को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। गीदम तहसीलदार प्रीति दुर्गंम ने बताया 24 जून को जवान का सैंपल लिया गया था,जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी के द्वारा अधिकारिक पुष्टि की गई है।

26-06-2020
रोहतक में फिर महसूस किए गए भूकंप के हल्के झटके, एक महीने में 9 बार आ चुका है भूकंप

रोहतक। हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि हरियाणा के रोहतक में 2.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दोपहर बाद 3 बजकर 32 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। बुधवार को भी रोहतक में हल्की तीव्रता के भूकंप आये थे।बता दें कि पिछले कई दिनों से देश के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किये जा रहे हैं। रोहतक में बीते एक महीने में 9 बार भूकंप आ चुका है। आज आए भूकंप में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि भूकंप आने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर भागने जरूर लगे थे।

 

 

21-06-2020
कांवड़ यात्रा पर यूपी,उत्तराखंड, हरियाणा ने लगाया प्रतिबंध

लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा ने संयुक्त रूप से निर्णय लेते हुए 6 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा एक प्रमुख धार्मिक यात्रा होती है। 2019 में, सावन के शुभ महीने में 4 करोड़ से अधिक भक्त हरिद्वार गए थे। सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों त्रिवेंद्र सिंह रावत और मनोहरलाल खट्टर के बीच एक वीडियो-कॉन्फ्रेंस के बाद कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं देने का फैसला आया। योगी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को भी धार्मिक नेताओं, कांवड़ संघों और शांति समितियों को फैसले के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया।

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “मुख्यमंत्री ने कहा है कि धार्मिक नेताओं और कांवड़ संघों को भक्तों से अपील करनी चाहिए कि वे इस वर्ष महामारी के मद्देनजर यात्रा न निकालें। सावन के महीने में शिव मंदिरों में कोविड-19 प्रोटोकॉल को भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है।” सावन के महीने में शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं और राज्य सरकार ने मंदिर में एक समय में पांच श्रद्धालुओं से ज्यादा को जाने देने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। एक बार में पांच से ज्याद भक्त मंदिर के अंदर मौजूद नहीं हो सकते हैं। हरिद्वार, गौमुख और गढ़मुक्तेशवर में गंगा में स्नान के बाद अपने साथ लिए पात्रों में जलभर कर बड़ी संख्या में भक्त शिव मंदिर में उन्हें चल चढ़ाते हैंं।

 

30-05-2020
मोदी सरकार 2.0 का पहला एक साल विफलता,नाकामी का काला अध्याय : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मोदी सरकार के 2.0 के पहले एक साल को विफलता और नाकामी का काला अध्याय कहा है। मरकाम ने कहा है कि कोरोना से निपटने से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर मामले में मोदी सरकार विफल साबित हुई है। 40 करोड़ भारतीयों के गरीबी रेखा के नीचे जाने की स्थिति बनने के लिए मोदी सरकार 2.0 का पहला साल जिम्मेदार है। साम्प्रदायिक दंगे भड़कने और नागरिकता के काले कानून के लिए मोदी के इस एक वर्ष को याद किया जाएगा। महाराष्ट्र बंद, दिल्ली और हरियाणा के चुनावों में भाजपा की हार हुई। हरियाणा में भाजपा अनैतिक गठबंधन करके सरकार बना पाई। यातायात का काला कानून लाया गया,जिसमें भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान है। पूरा देश आज नोटबंदी और गलत तरीके से जीएसटी लागू करने की गलती को भुगत रहा है। अर्थव्यवस्था मांग की बड़ी भारी कमी से जूझ रही है और जिस तरह से सरकार ने 20 लाख करोड़ के जुमले की घोषणा की है, उससे मांग की सृजन की कोई उम्मीद भी नहीं है। आंकड़ों से ये बात स्पष्ट हो गया है कि कोरोना संक्रमण के फैलने के पूर्व ही अर्थव्यवस्था स्लोडाउन फेज में थी। जिस तिमाही के आंकड़े आये हैं उसमें लॉक डाउन सिर्फ एक हफ्ता ही था।

मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार से इन सवालों का जवाब मांगा है। पिछले 4 साल से लगातार गिरती जीडीपी का जिम्मेवार कौन है? बड़े विज्ञापनों के बावजूद मेक इन इंडिया स्कीम धराशायी क्यों हुई? 20 लाख करोड़ के पैकेज गरीबों, मध्यमवर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, निजी नौकरी करने वालों किसी को भी क्यों कुछ नहीं मिला? आर्थिक मामले में ट्रिलियन इकानॉमी की बात करने वाली मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था की चिंताजनक बातों को उजागर करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि 1.4 (माइनस 1 प्वाइंट 4) प्रतिशत की मैन्यूफेक्चरिंग ग्रोथ ये स्पष्टतया दशार्ती है कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। 2020 की मैन्यूफेक्चरिंग विकास दर 0 प्रतिशत ने सरकार के मेक इन इंडिया प्रोग्राम की पूरी पोल खोल दी। फैक्ट्री आउटपुट का 16 प्रतिशत पर पहुंचना स्पष्टतया एमएसएमई सेक्टर की व्यथा को बयान करता है और किस तरह इस सेक्टर से रोजगार के अवसर खत्म हुए, उसकी कहानी बताता है। 0.6 (माईनस 0 प्वाइंट 6) प्रतिशत की औद्योगिक विकास दर स्पष्टतया ये दशार्ती है कि समस्या इकोनॉमी के सारे सेक्टर में है। क्वार्टर आन क्वार्टर जिस तरह से सर्विस सेक्टर नीचे गिरता जा रहा है,जो कि किसी समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की शान हुआ करता था, स्पष्टतया सरकार की गलत नीतियों एवं अपेक्षा की ओर, और लगातार अपेक्षा का चिन्हित करता है। 2.2 (माईनस 2 प्वाइंट 2) प्रतिशत की विकास दर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में स्पष्टतया ये दशार्ती है कि लॉकडाउन के अनाउंसमेंट के पहले ही प्रवासी मजदूरों एवं कामगारों के मध्य भयानक बेरोजगारी उपस्थित थी।

04-04-2020
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने लॉक डाउन के दौरान फंसे राजस्थान और हरियाणा के मजदूरों की व्यवस्था का किया निरीक्षण

रायपुर। लॉक डाउन में फंसे राजस्थान और हरियाणा के मजूदरों के संबंध में हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी से संपर्क स्थापित कर फंसे हुए मजदूरों की जानकारी दी गई। रिजवी से मजदूरों के रूकने,खाने और आवश्यक व्यवस्था किए जाने का निवेदन किया। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने जानकारी प्राप्त होते ही अधिवक्ता शहीद सिद्दकी और मो.ताहिर के साथ तत्काल लॉक डाउन में फंसे राजस्थान एवं हरियाणा के मजदूरों के ठहरने, खाने और आवश्यक व्यवस्था का जायजा लिया।राज्य शासन के निर्देशानुसार धमतरी जिला प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्था शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कचना जिला धमतरी में की गई है। रिजवी ने सभी व्यवस्था, रहन-सहन, सोशल डिस्टेंस, हाइजीन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था का जायजा लिया और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।

04-04-2020
हरियाणा, राजस्थान के 4 मजदूर फरार, अस्थाई सेंटर में थे मजदूर...

धमतरी। कचना में रोके गए हरियाणा-राजस्थान के 64 मजदूरों में से चार युवक स्कूल की खिड़की तोड़कर फरार हो गए है, जिनकी तलाश की गई पर वे नही मिले। दरअसल लाॅक डाउन के कारण इन्हें कचना के स्कूल में ठहराया गया था। कोरोना वायरस के चलते देश भर में लागू लॉकडाउन के बाद काम बंद होने से पांच महीने से अपने घर बार से दूर रह रहे राजस्थान, हरियाणा के 64 मजदूर ट्रक में सवार होकर उड़ीसा से वापस लौट रहे थे तभी बिरेझर चौकी अतंर्गत आने वाले ग्राम कचना में रोक दिया गया था। रोके गए मजदूरों को कचना के शासकीय हाई स्कूल में ठहराया गया है। ग्रामीण एवं प्रशासन इनकेे खाने-पीने रहने-बसने की पूरी व्यवस्था स्कूल में की है। वही निगरानी बीच-बीच में आला अफसर कर रहे है। बुधवार की रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद सब अपने-अपने कमरे में चले गए तभी इन मजदूरों में से हरियाणा के आसिफ खान, राजस्थान के यादिल सहुन और राहुल छत जाने के लिए बनी सीढ़ी में पहुंच खिड़की के ग्रील निकालकर 12 फीट ऊंचे दीवाल फांदकर फरार हो गए। इसकी जानकारी तब हुई जब वहां उपस्थित कर्मचारियों ने सभी की गिनती की गई। गिनती में चार युवक कम पाया गए पूछने पर उनके साथियों ने भाग जाने की बात कही। इसके बाद आसपास तलाश की गई लेकिन चारों की पता नहीं चल पाया है। इधर स्कूल में हरियाणा और राजस्थानी मजदूरों की व्यवस्था में लगे लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा यहां तमाम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है, लेकिन उनका भागना समझ से परे।

11-03-2020
आखिर विश्वास मत से पहले क्यों नजरबंद कर लिया जाता है विधायकों को क्या खुद में विश्वास के काबिल नहीं

रायपुर। भाजपा ने अपने सारे विधायकों को गुरुग्राम हरियाणा भेज दिया है और कांग्रेस अपने सारे विधायकों को जयपुर भेज रही है। इससे पहले भी विश्वास मत साबित करने से पहले सभी पार्टियां अपने-अपने विधायकों को एक साथ रखती आई है। सभी पार्टियां अपने विधायकों को किसी न किसी सुरक्षित ठिकानों पर रवाना कर देती है। खास करके अपनी पार्टी की सरकार वाले इलाके में आखिर क्या जरूरत पड़ती है। विश्वास मत के पहले अपने ही विधायकों को इकट्ठा कर नजरबंद रखने की क्या खुद पार्टियों को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं होता या विधायक विश्वास के लायक नहीं होते या फिर टूट-फूट या खरीद प्रो का अंदेशा पार्टी के प्रति विश्वास से ज्यादा मजबूत होता है। विधायकों को इस तरह इकट्ठा कर एक साथ ले जाना नजरबंद रखना उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। आम आदमी में भी इस तरह की नजरबंदी राजनीति के प्रति कोई अच्छी धारणा नहीं बनाती है। बेहद हैरान करने वाली बात है त्रिपाठी जिस पर आंख बंद कर भरोसा कर अपने टिकट देती है, जिताने के लिए तमाम हथकंडे अपनाती है, उसी जीते हुए विधायक पर विश्वास मत हासिल करने के समय विश्वास नहीं करती, शायद यह विश्वास पर संकट राजनीतिक पार्टियों के लिए नहीं आम आदमी के लिए भी है इसीलिए वह राजनीति पर अब कम भरोसा करने लगा है।

05-03-2020
पेटीएम ने अपने कर्मचारियों को दी दो दिनों की छुट्टी, जानिए क्यों...

नोएडा। पेटीएम के एक कर्मचारी के घातक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद कंपनी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित अपने पांच और हरियाणा के गुड़गांव में स्थित अपने एक दफ्तर को दो दिनों के लिए बंद रखने की गुरुवार को घोषणा की। पेटीएम ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कर्मचारी के संक्रमित होने और दफ्तर बंद होने से उसकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि पेटीएम के सभी छह कार्यालयों को सेनिटाइजेशन (साफ-सफाई) के लिए बंद किया गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दो दिनों की छुट्टी पर भेज दिया है। कंपनी ने बताया कि उसका कर्मचारी हाल ही में इटली से छुट्टी मना कर लौटा था।

उन्हें जरूरी उपचार दिया जा रहा है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हम उनके परिवार को भी जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं। हमने एहतियाती कदम उठाते हुए उनकी टीम के सदस्यों को जरूरी चेकअप करने की सलाह दी है। पेटीएम ने कहा, हमने सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से ही काम) करने की सलाह दी है और कार्यालय को सेनिटाइज्ड किया जा रहा है।” कंपनी ने कहा है, “इसकी वजह से हमारे प्रतिदिन के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पेटीएम की सेवा पहले की तरह ही चालू रहेंगी।

05-03-2020
मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक संजय पाठक की दो खदानों को किया गया सील

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में सियासी गलियारों में अफरा-तफरी मची हुई है। कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि भाजपा नेता विधायकों के खरीद-फरोख्त करने की कोशिश में लगी है। वहीं बीजेपी की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रह चुके विधायक संजय पाठक की दो खदानों को बुधवार को सील कर दिया गया है। संजय पाठक खनन के बड़े कारोबारी है। बता दें कि पाठक पर आरोप है कि उसने कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार को गिराने के लिए कुछ विधायकों को बहलाया फुसलाया और हरियाणा की एक होटल में ले जाने के लिए किए गए चार्टेड प्लेन एवं वहां ठहरने के लिए पैसे का बंदोबस्त किया। मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता हितेश बाजपेयी ने कहा कि आदेश में कहा गया है 4 मार्च 2020 को सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के ग्राम अगरिया खसरा नंबर 1093 और दुबियारा खसरा नंबर 628/1, पर मेसर्स निर्मला मिनरल्स को स्वीकृत आयरन ओर की खदानों को फिर से बंद करने के आदेश जारी कर दिया गया है।

01-03-2020
बटन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 8 मजदूर झुलसे, दो की हालत गंभीर

नई दिल्ली। हरियाणा के सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक बटन फैक्ट्री में भीषण आग गई। इस हादसे में आठ मजदूर झुलस गए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से झुलसे दोनों मजदूरों को दिल्ली के जीबी पंत हॉस्पिटल रेफर किया गया है। प्राथमिक जानकारी के आधार पर आग लगने का कारण शार्ट सर्किट को बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक आग फैक्ट्री में सुबह छह बजे के करीब लगी। आग लगने का पता क्विक रिस्पांस टीम को उस समय लगा जब वह दौरा कर रही थी तो टीम ने फैक्ट्री से धुआं उठता देखा। इसके तुरंत बाद आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए गए। वहीं दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची। अभी भी आग को बुझाने का प्रयास जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त फैक्ट्री में 12-13 मजूदर मौजूद थे। वहीं इस दौरान क्विक रिस्पांस टीम के गुरदीप ने जान पर खेलकर एक मजदूर की जान बचाई और उसे छत के रास्ते बाहर निकाला। फैक्ट्री कुंडली के फेज-4 के सेक्टर 54 में स्थित है। 

27-02-2020
दिल्ली हिंसा पर भाजपा मंत्री का विवादित बयान, कहा- दंगे होते रहते हैं, यह जीवन का हिस्सा

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में हो रही हिंसा पर हरियाणा से भाजपा मंत्री रणजीत चौटाला ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दंगे तो होते रहते हैं और ये जिंदगी का हिस्सा है। मंत्री रंजीत चौटाला का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब दिल्ली हिंसा से मौत के आंकड़ों में लागातार इजाफा हो रहा है और यह 34 पर पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार में मंत्री रंजीत चौटाला ने कहा 'दंगे होते रहते हैं। पहले भी होते रहे हैं, ऐसा नहीं है। जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई तो पूरी दिल्ली जलती रही। ये तो पार्टी ऑफ लाइफ है, जो होते रहते हैं।

 

 

19-02-2020
ड्रग तस्करों पर छापेमारी करने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला, 7 घायल

नई दिल्ली। हरियाणा और पंजाब की सीमा से सटे सिरसा जिले में ड्रग तस्करों पर छापेमारी करने के लिए गई पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर दी। बता दें कि ग्रामीणों के हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। छापेमारी करने आई बठिंडा पुलिस का पहले तो ग्रामीणों ने काफी विरोध किया इसके बाद उन्होंने पुलिस की टीम पर हमला बोल दिया जिसमें 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक सूचना के आधार पर पुलिसकर्मी वहां पहुंचे हुए थे। सभी सादी वर्दी में थे। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने कहा कि उनका कोई भी धंधा नशा तस्करी से जुड़ा हुआ नहीं है। जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने जब सख्ती की तो ग्रामीण उग्र हो गए और उन पर हमला कर दिया जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई कर दी। पुलिसकर्मियों की पिटाई में ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने लाठी डंडों के साथ पुलिसकर्मियों की पिटाई की।

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