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29-11-2019
मुख्यमंत्री ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दिए सुझाव
 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में दैनिक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने कहा है कि प्याज, टमाटर और दाल जैसी वस्तुएं हर व्यक्ति के दैनिक आहार में शामिल होंती है। इसकी लगातार बढ़ रही कीमतों से मध्यम वर्ग और विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों को कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने इन वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य में किए जा रहे उपायों की जानकारी देते हुए दैनिक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार को तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों के संबंध में सुझाव भी दिए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूॅ। प्याज, दाल, टमाटर एवं अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं के खुले बाजार में मूल्य वृद्धि से आम लोग, विशेषकर गरीब परिवारों के लिए जीवन-यापन करना कठिन हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में अप्रैल 2019 में प्याज का रिटेल भाव 20 रूपए प्रतिकिलो था जो बढ़कर वर्तमान में 75 रूपए प्रतिकिलो हो गया है। 

मुख्यमंत्री ने खुले बाजार में प्याज के बाजार भाव की सतत् निगरानी तथा जमाखोरी को रोकने एवं आम लोगों को उचित मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने हेतु राज्य शासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए पत्र में लिखा है कि  छत्तीसगढ़ आवश्यक वस्तु व्यापारी (अनुज्ञापन तथा जमाखेरी पर निर्बंधन) आदेश, 2019 के अंतर्गत प्याज के थोक व्यापारी हेतु 500 क्विंटल तथा कमीशन एजेंट हेतु 100 क्विंटल की अधिकतम स्टॉक लिमिट निर्धारित की गई है। राज्य के 5 जिलों में कार्यरत प्राईस मॉनिटरिंग सेल तथा राज्य मुख्यालय के प्राईस मॉनिटरिंग सेल के जरिए प्याज सहित 22 आवश्यक वस्तुओं के थोक एवं रिटेल बाजार भाव की सतत् निगरानी की जा रही है। प्याज के थोक व्यापारियों के साथ जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर शहर में 7 रिटेल केन्द्र स्थापित कर 70 रूपए प्रतिकिलो की दर से वर्तमान में प्याज का विक्रय कराया जा रहा हैै।

 

उन्होंने पत्र में लिखा है कि इन प्रयासों के बावजूद प्याज के थोक बाजार भाव में निरंतर वृद्धि बनी हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य प्याज की कमी वाला राज्य है तथा राज्य में प्याज की मासिक आवश्यकता 30,000 टन है। राज्य में प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश एवं कर्नाटक राज्य से होती है तथा इन राज्यों में प्याज के थोक भावों में वृद्धि तथा मांग अनुसार आपूर्ति न हो पाने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य में प्याज के मूल्य में अगस्त माह से निरंतर वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार टमाटर के भावों में भी समय-समय पर अप्रत्याशित वृद्धि परिलक्षित होती है।  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आम जनता को मूल्य वृद्धि से राहत दिलाने के लिए केन्द्र को त्वरित उपायों के रूप में भारत सरकार के पास प्याज के उपलब्ध बफर स्टॉक में से नाफेड के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के सभी प्रमुख नगरों में रिटेल काउण्टर खोलकर रियायती दर पर आम लोगों को प्याज का विक्रय करने का सुझाव दिया है। इसी तरह उन्होंने  छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों की आवश्यकता का आकलन कर अन्य देशों से प्याज का तत्काल आयात करने का भी सुझाव दिया है ताकि मांग एवं आपूर्ति में आए अंतर के कारण खुले बाजार में प्याज के मूल्य में हुई वृद्धि को नियंत्रित किया जा सके। बघेल ने दीर्घकालीन उपायों के तहत देश में प्याज की वार्षिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्याज के उत्पादन में वृद्धि को भारत सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जाने और  प्याज उत्पादक किसानों को प्याज की खेती हेतु कृषि आदान लागत में कमी लाने हेतु सब्सिडी देने का सुझाव दिया है। उन्होंने लिखा है कि प्याज के अवैज्ञानिक भंडारण अथवा समुचित भंडारण सुविधा के अभाव में प्रतिवर्ष प्याज की बड़ी मात्रा खराब हो जाती है, जिसके कारण भी इसके कृत्रिम अभाव की स्थिति निर्मित होती है। अतः प्याज के वैज्ञानिक भंडारण हेतु भारत सरकार द्वारा देश के सभी प्याज उत्पादक राज्यों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाए। 


  मुख्यमंत्री ने प्रत्येक वर्ष भारत सरकार द्वारा किसानों से प्याज की सरकारी खरीदी कर न्यूनतम 5 लाख टन का बफर स्टॉक का निर्मित करने तथा प्याज के कमी वाले महिनों विशेषकर मानसून के सक्रिय रहने से लेकर आगामी फसल के बाजार में आने तक, बफर स्टॉक में से खरीदी दर पर प्याज राज्यों को वितरण हेतु उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार के पास प्याज का बड़ा बफर स्टॉक उपलब्ध होने की स्थिति में खुले बाजार में प्याज की जमाखोरी एवं कालाबाजारी की आशंका समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में टमाटर की प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की आवश्यकता बताते हुए पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 64 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है तथा प्रतिवर्ष 11 लाख टन का उत्पादन होता है। किन्तु राज्य में टमाटर संबंधी प्रोसेसिंग यूनिट के अभाव में टमाटर उत्पादक किसान को बम्पर फसल की स्थिति में उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं हो पाता है। भारत सरकार द्वारा राज्य में टमाटर की फसल को बढ़ावा देने तथा किसानों को इसका उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों को विशेष रियासत और सब्सिडी दी जानी चाहिए।   बघेल ने पत्र में लिखा है कि इन तात्कालिक एवं दीर्घकालीन सुझावों से छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों में प्याज, टमाटर एवं अन्य दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की मांग अनुसार उचित आपूर्ति संभव होगी तथा किसानो को भी उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। 

26-11-2019
राजभवन में सौंपे गए 17 लाख आग्रह पत्र, अंतर की राशि किसानों के खातों में होगी जमा : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश के किसानों, व्यापारियों एवं आमजनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्राप्त लाखों आग्रह पत्रों को आज मंगलवार को राजभवन में जमा किया गया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में राजभवन तक पदयात्रा की।  लगभग 17 लाख आग्रह पत्र राज्यपाल अनुसुईया उइके के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंचाने राजभवन में जमा करवाये गए। ये आग्रह पत्र केंद्र की मोदी सरकार से केंद्रीय पूल में राज्य के किसानों द्वारा उपार्जित धान का चावल खरीदने एवं धान खरीदी पर बोनस की अनुमति की मांग को लेकर प्रदेश के किसानों, व्यापारियों एवं आमजनता ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र प्रेषित किए गए हैं। 
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में लगातार प्रदेश भर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम आग्रह पत्रों का आना जारी था, जिसमें प्रदेश भर से प्रधानमंत्री के नाम लगभग 17 लाख पत्र राजीव भवन पहुंचे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों द्वारा किसानों, व्यापारियों व आमजनों तक पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम आग्रह पत्र लिखवाए गए थे। इन्हीं आग्रह पत्रो ंको राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं कांग्रेसजन राजीव भवन से राजभवन पहुंचे। रोजगार कार्यालय के पास सभी को रोक लिया गया, इसके बाद पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, पीसीसी के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, पीसीसी महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता का एक प्रतिनिधि मंडल राजभवन पहुंचा और अपने साथ लाए गए लाखों आग्रह पत्रों को राजभवन में जमा करवाया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से प्रेषित छत्तीसगढ़ के लगभग 17 लाख किसानों का हस्ताक्षर युक्त पत्र राज्यपाल के माध्यम से भेजा जा रहा है । मरकाम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि यदि समर्थन मूल्य से अधिक कीमत पर यदि छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदती है तो केंद्रीय पूल पर 32 लाख मीट्रिक टन चावल नहीं खरीदा जाएगा।  मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार किसानों के प्रति गंभीर है, जो वादा किया था उसे पूरा करना चाहती है। छत्तीसगढ़ के किसानों को जो कीमत 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल अपने कहा है,वह हम देना चाहते हैं लेकिन केंद्र सरकार रोक लगा रही है। हमारी सरकार ने जो कहा है वह वादा पूरा करेगी। पीसीसी अध्यक्ष मरकाम ने कहा कि डॉ. मनमोहन सरकार थी तब 2004 से 2014 तक केंद्रीय पूल में छत्तीसगढ़ का चावल खरीदती थी। दो बार मनमोहन सरकार ने समर्थन मूल्य भी दिया और बोनस भी दिया था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 2014 में भी बोनस दिया था, भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में भी हारने के डर से बोनस दिया था। मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि अब केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसके विरोध में आज किसानों का समर्थन पत्र सौंपा गया है। हमारी सरकार नहीं बनी थी,तब 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई थी1750 रुपए में। 17 दिसंबर को कांग्रेस सरकार बनने के बाद 1200 करोड़ रुपए से अधिक हमने, 1750 से अतिरिक्त जो     राशि अंतर की थी सीधे किसानों के खाते में भेजी गई थी। इस बार भी 1815 में धान खरीदी कर रहे हैं, अतिरिक्त राशि जो अंतर की राशि है उसे किसानों के खातों में जमा किया जाएगा।       

25-11-2019
पीएम मोदी का आरोप-सत्ता के लिए कांग्रेस एंड कंपनी ने किया नक्सलियों का इस्तेमाल

गुमला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेदिनीनगर के बाद गुमला के पुगु हवाईअड्डा मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2014 और आज के गुमला में काफी अंतर है। तब यहां नक्सलवाद, असुरक्षा और हिंसा के मुद्दे छाये रहते थे. लेकिन आज राज्य सरकार और सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र को भय के वातावरण से करीब-करीब मुक्त कर दिया है।  नक्सलवाद की चुनौती को खत्म करने में हमारी सरकारें इसलिए सफल हो पा रही हैं, क्योंकि हमारी नीयत साफ है. कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकारों की नीति और नीयत दोनों में खोट था। वे नक्सलवादियों को अपनी राजनीति के लिए उपयोग भी करते थे और फिर उनके खिलाफ लड़ाई का दिखावा भी करते थे। पीएम ने कहा कि पहले की सरकारें गुमला जिले को नक्सल प्रभावित मानकर उसके हाल पर छोड़ दिया था। इसे पिछड़ा मानकर यहां के अफसरों को और भी हताश किया था  लेकिन भाजपा ने गुमला जिले को उन 112 जिलों में शामिल किया, जो विकास की गति में थोड़ा पीछे रह गए। इन जिलों को पिछड़ा नहीं, आकांक्षी जिला कहा गया। यहां निवेश आए, रोजगार के नए अवसर बनें, युवाओं को बाहर न जाना पड़े, ये हमारी कोशिश है लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने झारखंड को बदनाम करने की कोशिश की। पीएम ने कहा कि भाजपा का ये संकल्प है कि 2024 तक देश के हर घर को जल से जोडऩा है।  इस मिशन का बहुत बड़ा लाभ आदिवासी समाज को मिलने वाला है।

 

24-11-2019
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य के लिए अलग बजट का हो प्रावधान: राज्यपाल  

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके रविवार को राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में शामिल हुई। राज्यपाल उइके ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष छत्तीसगढ़ के विभिन्न मुद्दों की जानकारी दी। राज्यपाल ने बैठक में कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बिजली की सुविधाओं के लिए अलग बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए। इस संबंध में सामाजिक संगठनों ने भी मुलाकात के दौरान यह मांग की थी। राज्यपाल ने सम्मेलन में सरगुजा और बस्तर में आदिवासी विश्वविद्यालय खोले जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने गरियाबंद जिले के ग्राम सुपेबेड़ा में किडनी रोग से प्रभावितों की समस्या को साझा किया। उन्होंने बताया कि सुपेबेड़ा में कई पुरूष और महिलाएं किडनी की बीमारी से पीड़ित है। इस कारण से वहां पर कुछ मौतें भी हुई हैं। इस संबंध में जानकारी मिलने पर गरियाबंद जिले के ग्राम सुपेबेड़ा के दौरे पर गई और प्रभावितों से मुलाकात की। साथ ही प्रशासन से उनके इलाज और शुद्ध पेयजल प्रदान करने के लिए सुविधाएं देने के लिए को कहा। फलस्वरूप राजधानी रायपुर में किडनी के बीमारी के मरीजों के लिए निःशुल्क इलाज की और रहने की व्यवस्था की गई है। साथ ही अन्य कदम भी उठाए गए हैं। राज्यपाल ने सम्मेलन में नक्सल संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने  केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सल समस्या के शीघ्र समाधान करने के लिए उठाए जा रहे कदम के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बैठक में जनजातीय सलाहकार परिषद का अध्यक्ष गैर राजनीतिक को बनाएं जाने परिषद में सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि को शामिल किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उइके ने 5वीं अनुसूची क्षेत्र में पेशा कानून के शीघ्र क्रियान्वयन करने का भी आग्रह किया। इसके बाद राज्यपाल ने विभिन्न सामाजिक संगठनों से हुई मुलाकातें, कुलपतियों की बैठक सहित अन्य किए गए कार्यों की जानकारी दी।

24-11-2019
प्रधानमंत्री मोदी से राज्यपाल ने की मुलाकात

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने रविवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
 

24-11-2019
कांंग्रेसियों ने ढोल नगाड़ों के साथ सांसद निवास का किया घेराव

महासमुन्द। रविवार दोपहर 1.30 बजे जिला कांग्रेस कमेटी ने सांसद चुन्नीलाल साहू के लोकसेवा केन्द्र निवास का घेराव करते हुए, केन्द्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसान विरोधी चेहरा जनता के सामने आ गया है। वहीं महासमुंद के भाजपा सांसद चुन्नीलाल साहू किसानों के प्रति हमदर्दी ना रखते हुए संसद में किसान विरोधी बात करते हुए मोदी के राग में राग अलाप रहे है। कांग्रेस भवन से कांग्रेसी रैली के शक्ल में सांसद चुन्नीलाल साहू के निवास पहुंचने के लिए निकले थे। जिन्हे पुलिस ने रास्ते में पुलिस वाहन अड़ाकर रोकने का प्रयास किया लेकिन कांग्रेसी नहीं रूके और सांसद लोकसेवा केन्द्र की ओर बढ़ गये। इस बीच कांग्रेसियों और पुलिस की झड़प भी हो गई।

महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य रविवार को सांसद के निवास लोकसेवा केन्द्र ढोल नगाड़े के साथ पहुंच और केन्द्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए किसानों के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए लिखे पत्र को सांसद प्रतिनिधियों को सौंपा है। कांग्रेसियों का केन्द्र सरकार पर आरोप है कि राज्य कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार समर्थन मूल्य 1815 से अधिक कीमत 2500 में धान खरीद रही है लेकिन मोदी सरकार केन्द्रीय पूल में चावल नहीं खरीद रही है। किसानों का धान केन्द्रीय पूल के मुताबिक ना खरीद कर मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

23-11-2019
​​​​​​​राज्यपाल नई दिल्ली में आयोजित गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस में हुईं शामिल 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके शनिवार को राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उद्घाटन भाषण के साथ राज्यपाल और उपराज्यपालों का सम्मेलन प्रारंभ हुआ। सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संबोधित किया। इस सम्मेलन में झारखंड के राज्यपाल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, मेघालय, त्रिपुरा, असम एवं मिजोरम के राज्यपालों के उप समूह ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू तथा अन्य राज्यों के राज्यपाल उपस्थित थे।

23-11-2019
किसानों और व्यापारियों के अब तक 13,44,743 पत्र राजीव भवन पहुंचे

रायपुर। प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि कांग्रेसजनों द्वारा घर-घर जाकर किसानों को 2500 रुपए दिये जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान पूरे प्रदेश में जोरों पर चल रहा है। यह अभियान घर-घर जाकर चलाया जा रहा है। आज इस बयान के जारी करने के समय तक 13,44,743 पत्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में प्राप्त किये जा चुके हैं। त्रिवेदी ने बताया कि कांग्रेस कंट्रोल रूम में जिलों और ब्लाक से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनके अतिरिक्त तीन लाख से भी अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं, जो सोमवार तक प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन को प्राप्त हो जायेंगे। 

बता दें कि रायगढ़ जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष अरूण मालाकार के नेतृत्व में रायगढ़ जिले के कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किसानों के द्वारा लिखे गये 1 लाख 5 हजार पत्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सौपें। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव शिवसिंह ठाकुर, किरण सिन्हा, चंद्रवती साहू, रायगढ़ जिला महामंत्री विकास शर्मा, सारंगढ़ युवा कांग्रेस विधासभा अध्यक्ष महेन्द्र गुप्ता, सारंगढ़ ब्लाक महामंत्री पीतांबर पटेल, तरूण सोनी, सर्वजीत सिंह ठाकुर उपस्थित थे। 
 

19-11-2019
हरित क्रांति लाकर इंदिरा गांधी ने अनाज के मामले में देश को स्वालंबी बनाया : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मंगलवार को यहां न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ में कार्यरत स्वैच्छिक संस्थाओं के संगठन वानी द्वारा इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित विकास सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम बघेल ने कहा कि आज इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर पूरा राष्ट्र उन्हें नमन कर रहा है। उन्होंने जो काम किया है, वह हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। इंदिरा गांधी ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए शिकारी कंपनी, राजा महाराजा जो शिकार करते थे उस पर भी प्रतिबंध लगाया। हरित क्रांति उन्होंने लागू की,परमाणु परीक्षण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण और सबसे बड़ी उपलब्धि अनाज के मामले में उन्होंने देश को स्वालंबी बनाया है। सीएम बघेल ने कहा कि इसके साथ ही इंदिरा गांधी की सबसे बड़ी उपलब्धि, पाकिस्तान के दो टुकड़े करके उन्होंने बांग्लादेश का निर्माण किया, इतिहास में ऐसा उदाहरण दूसरा दिखाई नहीं देता। इस महान नेत्री को पूरा राष्ट्र नमन करता है और हम सब, छत्तीसगढ़ सरकार भी इंदिरा गांधी के बताए रास्ते पर चलकर  यहां के लोगों के विकास और उत्थान का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने पीएससी परीक्षा को लेकर आ रही जीरो ईयर की बातों को नकारते हुए कहा कि यह दुष्प्रचार किया जा रहा है, कोई  जीरो ईयर  घोषित नहीं किया गया है। किसानों के लिए सीएम ने कहा कि एक तरफ बोनस देने के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और दूसरी ओर उनका अनाज नहीं खरीदा जा रहा है। चावल भी नहीं खरीदा जा रहा है। पराली जलाने को लेकर भी समस्या आ रही है। पंजाब और हरियाणा में जो हो रहा है, पराली को कंपोस्ट खाद में बदला जाना चाहिए। चुनाव प्रचार में झारखण्ड जाने को लेकर बोले सीएम ने कहा कि झारखंड के लिए बड़ी जिम्मेदारी एआईसीसी द्वारा दी गई है।  सीएम बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फिर पत्र लिखकर धान खरीदी पर चर्चा करने के लिए समय मांगा गया है। 

19-11-2019
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को फिर लिखा पत्र, चावल केन्द्रीय पूल में लेने पुन: किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान उपार्जन करने और 32 लाख मीट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लेने का आग्रह किया गया है। साथ ही सीएम बघेल ने राष्ट्रीय स्तर के इस अत्यावश्यक आर्थिक विषय पर चर्चा के लिए  शीघ्रातिशीघ्र मिलने के लिए समय देने का भी आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि यदि भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं की जाती है, तो राज्य को वर्ष 2017 और वर्ष 2018 की भांति ही उपार्जन के एमओयू की शर्तों में शिथिलता प्रदान की जाए ताकि राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का समूचित मूल्य दिलाया जा सके। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के इस अत्यावश्यक आर्थिक विषय पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से शीघ्र अतिशीघ्र मिलने हेतु समय प्रदान करने का भी पुन: अनुरोध किया है। 

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष वृहद मात्रा में राज्य की आवश्यकताओं और केन्द्रीय पूल के लिए धान का उपार्जन किया जाता है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर रूपए 2500 प्रति क्विंटल किए जाने और इस वर्ष केन्द्रीय पूल में 32 लाख मीट्रिक टन चावल छत्तीसगढ़ से प्रदाय किए जाने के लिए पूर्व में मेरे द्वारा आपको इस साल 5 जुलाई, 25 अक्टूबर और 30 अक्टूबर 2019 को पत्र लिखे गए हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किए जाने के लिए इस वर्ष भी धान उपार्जन की कार्यवाही आरंभ होने वाली है,परंतु खाद्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 24 अक्टूबर को यह सूचित किया गया है कि भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि किसानों को दिए जाने की स्थिति में केन्द्रीय पूल के लिए चावल एवं धान प्राप्त नहीं किया जाएगा। मैं आपके ध्यान में लाना चाहूंगा कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिए जाने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में मैदानी स्तर पर समृद्धि और विकास गतिमान हुआ है और निर्माण, वाहन क्रय आदि क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर मंदी के प्रभाव से छत्तीसगढ़ अछूता रहा है। इस दृष्टि से भी स्पष्ट है कि समर्थन मूल्य में वृद्धि तथा किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाए जाने से आर्थिक व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस संबंध में मैंने आपसे मिलने का भी प्रयास किया परंतु आपसे अभी तक भेंट नहीं हो पाई है। आपके कार्यालय से प्राप्त सुझाव के अनुक्रम में मैंने माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री और माननीय खाद्य मंत्री से बीते 14 नवम्बर को पुन: भेंट कर इस संबंध में निवेदन किया है, परंतु अभी तक भारत सरकार द्वारा उपार्जन के संबंध में किए गए निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि धान का कटोरा के नाम से विख्यात छत्तीसगढ़ में यदि केन्द्र सरकार के निर्णय के अनुक्रम में उपार्जन प्रभावित होता है तो उसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम होंगे। इस विषय पर मैंने राज्य के समस्त सांसदों, समस्त राजनैतिक दलों एवं विभिन्न किसान संगठनों से बीते 5 नवम्बर को विस्तृत चर्चा की। चर्चा के दौरान  उपस्थित व्यक्तियों, राजनैतिक दलों एवं किसान संगठनों द्वारा एक मत से 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान उपार्जन किए जाने का समर्थन किया गया। उपरोक्त परिस्थितियों में मैं आपसे पुन: आग्रह करता हूं कि पूर्व मे प्रस्तुत मेरे प्रस्तावों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2500 रुपए प्रति क्विंटल दर पर धान उपार्जन किए जाने और 32 लाख मीट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में प्राप्त किए जाने के लिएआवश्यक निर्देश देने का कष्ट करें। यदि भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं की जाती है, तो राज्य को वर्ष 2017 और वर्ष 2018 की भांति ही उपार्जन के एमओयू की कण्डिका-1 की शर्तों में शिथिलता देने का निर्देश दें, ताकि राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य दिया जा सके। 

19-11-2019
प्रधानमंत्री के नाम पत्र राजीव भवन में आना जारी, महासमुंद से आए 1 लाख पत्र

रायपुर। कांग्रेसियों द्वारा इन दिनों घर-घर जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पत्र लिखे जा रहे हैं। किसानों, व्यापारियों और आमजनों से प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान पूरे प्रदेश में जोरों पर चल रहा है। यह अभियान घर-घर जाकर चलाया जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं अध्यक्ष संचार विभाग, शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि गत13 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक के दिन तक सात लाख किसानों के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पत्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंच चुके थे। महासमुंद जिला कांग्रेस अध्यक्ष आलोक चंद्राकर के नेतृत्व में महासमुंद जिले के कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किसानों के द्वारा लिखे गये 1 लाख पत्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सौंपे हैं। अन्य जिलों से भी किसानों के प्रधानमंत्री के नाम पत्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लगातार मिल रहे हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान उपार्जन करने और 32 लाख मीट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लेने का आग्रह किया है। 

14-11-2019
राहुल गांधी का राफेल पर झूठ बेनकाब : सरोज पाण्डेय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पाण्डेय ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राफेल पर मोदी सरकार को दिए क्लीन चिट पर कहा कि यह सत्य की जीत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से फिर यह साबित हुआ है कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने के लिए बड़ा से बड़ा भी झूठ बोल सकती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस के जिस सबसे भद्दे नारे पर जनता ने तो अपना फैसला सुनाया था, उस नारे पर कोर्ट में भी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की माफी स्वीकार होने पर कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगना चाहिए। पाण्डेय ने कहा कि देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि तक से ऐसा खिलवाड़ केवल कांग्रेसी ही कर सकती है। आज  न्यायालय के आदेश से स्पष्ट है कि राफेल मामला पुन: सुनवाई लायक नहीं था लेकिन तत्कालीन राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव जीतने के लिए मोदी जी पर कीचड़ उछाला, वह निंदनीय है। पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश का मस्तक ऊंचा रखने के लिए अपना एक-एक मिनट देश को समर्पित किया है। उनकी नीति सबके विकास के साथ सबका विश्वास जीतने की रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने तो पहले ही राहुल गांधी को नकार दिया था ।अब कांग्रेस पार्टी मूल्यों पर आधारित राजनीति करे अन्यथा उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं होगा। सांसद पाण्डेय ने कहा कि एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि एनडीए सरकार भ्रष्टाचार से मुक्त है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए झूठ का सहारा लिया, वह कृत्य शर्मनाक है।

 

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