GLIBS
31-03-2021
कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, चौबीस घंटे में 53,480 नए मामले, 354 की मौत

नई दिल्ली/रायपुर। देशभर में कोरोना संक्रमण थमने का नाम हीं नहीं ले रही है। बीते चौबीस घंटों में 53,480 नए मामले सामने आएं है। वहीं 354 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। बता दें कि देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 53,480 नए मामले सामने आने से संक्रमण के कुल मामले 1,21,49,335 हो गए हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में 5,52,566 मरीजों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है। वहीं 1,14,34,301 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं। देश में अभी तक 6,30,54,353 लोगों को कोरोना वैक्‍सीन लगाई गई है। कोविड—19 के नियमों की अंदेखी इसके लिए जिम्मेदार है। लोगों में अभी भी कोरोना को लेकर जागरूकता नहीं आई है। अभी भी लोग बगैर मास्क के बाहर घूमते नजर आ रहे हैं। देश के कई शहरों में धारा 144 लागू होने के बावजूद भी जिला प्रशासन और कोरोना का खौफ लोगों में नजर नहीं आ रहा है।

30-03-2021
कोरोना वैैक्सीनेशन से बीमारी के खिलाफ सुरक्षा मिलती है : यूनीसेफ

रायपुर। यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाॅ श्रीधर ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए। इससे बीमारी के खिलाफ सुरक्षा मिल जाएगी। लेकिन यदि वैक्सीनेटेड व्यक्ति को कोरोना संक्रमण होता भी है तो स्थिति उतनी गंभीर नही होगी और अस्पताल मे भर्ती होने की जरूरत नही होगी। उन्होने कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद व्यक्ति को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना, मास्क लगाना, भीड़ से बचना और हाथों की नियमित साबुन पानी से सफाई करना अनिवार्य है। डाॅ श्रीधर ने कहा कि वैक्सीनेटेड व्यक्ति को यदि कोरोना संक्रमण हुआ तो लक्षण नहीं भी होगा लेकिन वे बीमारी के कैरियर हो सकते है। जिसके कारण दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। इसलिए सभी को मास्क लगाना, भीड़ से बचना आवश्यक है। सभी के समन्वित प्रयासों से ही कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।

28-02-2021
Video: 20 ऐसी बीमारी होने पर लगेगा टीका, 1 मार्च से कोविडवैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू

अंबिकापुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपने निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 1 मार्च से कोविड के वैक्सीन का दूसरा चरण प्रारंभ होने जा रहा है। दूसरे चरण में 60 साल से ऊपर के समस्त नागरिक और 45 साल से 59 साल के नागरिक जिन्हें 20 ऐसी बीमारी जो इस प्रक्रिया में शामिल की गई है। उसे पंजीकृत डॉक्टरों से प्रमाण लेकर आने पर वह क्वालीफाइड माने जाएंगे और उनका पंजीयन के साथ साथ उन्हें टीका भी लगाया जाएगा। वही 1 मार्च से छत्तीसगढ़ के 101 केंद्रों में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें 40 निजी क्षेत्र के हैं तो वही 60 सरकारी क्षेत्र  व  निजी क्षेत्र में रायपुर बिलासपुर दुर्ग में पांच पांच निजी हॉस्पिटल का चयन किया गया है,जहां पर टीका लग सकेगा। रायगढ़ राजनांदगांव मैं तीन तीन और धमतरी में 4 केंद्र बनाए गए हैं। वही 16 जिले में एक- एक केंद्र चिन्हकित किया गया है।  यहां निजी हॉस्पिटलों में टीका लग सकेगा। छत्तीसगढ़ में 6 जिले ऐसे हैं जहां निजी हॉस्पिटल पंजीकृत नहीं है वह सरकारी हॉस्पिटलों में लोगों को टीका लगाया जाएगा। हर जिले में एक एक केंद्र ऐसा होगा जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन के माध्यम व पंचायती राज के सचिव अन्य प्रतिनिधियों के माध्यम से पंजीयन होगा और लोगों को लाकर टीका लगवाने की व्यवस्था की जाएगी।  

 

17-01-2021
संतरा रसीला और फायदेमंद लेकिन जिन्हें मधुमेह हो वे न करें संतरे का सेवन

रायपुर। संतरा का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह बेहद स्वादिष्ट और रसीला फल है। जिसका सेवन आप फल और जूस दोनों के रूप में कर सकते हैं। लेकिन आपको पता है क्या संतरे का सेवन किसके लिए फायदेमंद और किसके लिए खतरनाक है। संतरा में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। जितना विटामिन सी संतरे में होता है उतना शायद ही और किसी फल में होता हो। ये ऐसा फल है जो मानव शरीर के लिए बहुत प्रभावशाली होता है। ठंडी तासीर के साथ शरीर को ताकत देने में भी यह बेहद कारगर है, जिनमें खून की कमी होती है उन्हें संतरे का नियमित सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि जिन लोगों को महुमेह यानी शुगर की समस्या है तो उन्हें भूलकर भी संतरे का सेवन नहीं करना चाहिए। इस बीमारी में संतरे का सेवन काफी खतरनाक हो सकता है। बाकि किसी भी तरह की परेशनी होने पर या परेशानी से बचने के लिए आप संतरे का सेवन कर सकते हैं।

19-12-2020
लोगों का दिल जीतने वाले रेमो डिसूजा ने अपने दिल की बीमारी पर भी जीत हासिल कर ली, अस्पताल से मिली छुट्टी

रायपुर/मुंबई। कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल से छुट्टी मिल गई  है। हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें गंभीर हालत में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, अब वह पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर पहुंच गए हैं। रेमो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए खुद बताया है कि अब वे ठीक हैं। उन्होंने अपने तमाम फैन्स का भी शुक्रिया अदा किया है। हमेशा की तरह इस बार भी रेमो ने एक खास वीडियो के जरिए ये संदेश फैन्स तक पहुंचाया है। वैसे रेमो जब अस्पताल में एडमिट थे, तब उनके दोस्त धर्मेश, पुनीत का काफी साथ रहा था। धर्मेश ने तो कई मौकों पर खुद आगे आकर कोरियोग्राफर का हेल्थ अपडेट दिया था। 

06-12-2020
हिन्दी और मराठी फिल्मों के अभिनेता रवि पटवर्धन का निधन, 200 से ज्यादा फिल्मों में किया था अभिनय

मुंबई। हिन्दी और मराठी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता रवि पटवर्धन का निधन हो गया है। वे 83 साल के थे और पिछले काफी समय से दिल संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार रात से ही उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और रविवार सुबह कार्डियक अरेस्ट से उनका देहांत हो गया। रवि पटवर्धन का जन्म 6 सितंबर 1937 को हुआ था। वह अपने दमदार अभिनय और आकर्षित कर लेने वाले डायलॉग स्टाइल के लिए जाने जाते थे। रवि पटवर्धन ने न केवल फिल्मों में बल्कि कई नाटकों में भी अभिनय किया था। वह 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था।

इसके अलावा मराठी फिल्मों जैसे महानायक वसंत तू, चित्रफिट 3.0 मेगापिक्सल, बिन कामचा नवरा जैसी कई फिल्मों में रवि पटवर्धन ने यादगार भूमिकाएं निभाईं।हिंदी फिल्मों की बात करें तो रवि पटवर्धन ने फिल्म तेजाब में अनिल कपूर के साथ काम किया है। वहीं राजू बन गया जेंटलमैन में शाहरुख खान और हमसे बढ़कर कौन में सैफ अली खान के साथ भी रवि पटवर्धन ने काम किया था। रवि पटवर्धन के मूंछों वाले लुक के कारण अक्सर उन्हें पुलिस कमिश्नर और जज जैसे रोल मिला करते थे। कम ही लोग इस बात से वाकिफ हैं कि रवि पटवर्धन ने फिल्मों और नाटकों में एक्टिंग के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक में काम किया है। 

 

28-10-2020
सर्दियों में सांस की बीमारी वाले मरीजों को बरतनी होगी अधिक सावधानी, युवा भी रखें विशेष ध्यान: डॉ. सुंदरानी

रायपुर।  प्रदेश में कोरोना के केस पिछले दो माहों की तुलना में कुछ कम जरूर हुए हैं, लेकिन लोग अभी भी लगातार संक्रमित हो रहे हैं। कोविड डेथ और कोमार्बिडीटी डेथ भी हो रही है। इसीलिए चिकित्सक लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मेकाहारा के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ओपी सुंदरानी का मानना है कि आगामी माहों में ठंड और प्रदूषण के कारण वैसे भी सांस की शिकायतों वाले मरीजों को दिक्कत होती है। यदि इन लोगों को कोविड संक्रमण हो जाएगा तो वह अत्यंत घातक होगा। इसलिए अभी त्यौहार के मौसम में भीड़ से बचने, कोविड अनुकूल व्यवहार करने में ही भलाई है। मास्क लगाएं, दो गज की दूरी और हाथों की सफाई जरूरी है। डॉ सुंदरानी ने युवाओं से विशेष अपील की है कि वे इस नाजुक समय में लापरवाह न बनें, क्योंकि वे संक्रमित होंगे तो परिवार के बुजुर्गों और हाई रिस्क कैटेगरी वाले व्यक्तियों को खतरा रहेगा। डॉ. सुंदरानी ने लोगों में प्रचलित इस बात को भी नकारा है कि कितनी भी सावधानी बरतों ,यह संक्रमण सबको होना ही है। उन्होंने कहा है कि आईसीयू में भर्ती होने से अच्छा है कि लोग कुछ महीने और सावधानी से रहें,क्योंकि संक्रमण एक बार हो जाता है तो वह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमण समाप्त हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य गत समस्याएं रहती ही है।

 

15-10-2020
हैंडवॉशिंग से स्वच्छ होंगे हाथ तो दूर रहेगी हर बीमारी और संक्रमण

रायपुर/दुर्ग। ग्लोबल हैण्डवाशिंग डे 15 अक्टूबर को यानी आज के दिन हर साल मनाया जाता है। ताकि कई बीमारियों से बचाव के लिए साबुन को एक प्रभावी विधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इस खास दिन को मनाने के लिए ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के लिए इस बार की थीम 'हैंड हाइजीन फॉर ऑल' निर्धारित की गई है। वर्तमान महामारी के दौरान रोगों को रोकने में हैंडवॉशिंग की प्रभावशीलता बहुत अधिक है। साबुन से हाथ धोना एक प्रभावी उपाय है जो कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। ग्लोबल हैंडवाशिंग डे-2020 रचनात्मक विचारों को फैलाने पर केंद्रित है जो इस महत्वपूर्ण समय के दौरान लोगों को हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। साबुन से हैंडवॉश करने से आपके हाथों पर मौजूद संक्रमण को हटाने में मदद मिलती है। दुर्ग जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान बताती हैं, कोरोना संक्रमण के बाद काफी हद तक हाथ की स्वच्छता बनाए रखना हमारे व्यवहार में आया है। कई लोगों ने इसे जिम्मेदारी समझकर अपनाया है तो वही कुछ लोग इसे संक्रमण के डर से अपना रहे हैं। सही तरह से हाथ धुलने से हम दस्त, टाइफाइड, निमोनिया, पेट संबंधी रोग, आँख में होने वाले संक्रमण, त्वचा संबंधी रोग आदि से बच सकते हैं।

डॉ. चौहान का कहना है कि हाथ धुलने का सही तरीका दो मिनट तक साबुन से छह चरणों में हाथ धोना चाहिए। इसमें सबसे पहले सीधे हाथ पर साबुन लगाकर रगड़ना, उसके बाद उल्टे हाथ, फिर मुट्ठी, इसके बाद अंगूठे, तथा अंत में नाखून और कलाई धोनी चाहिए। इस तरह से अगर हम अपने हाथों को धोएंगे तो निश्चित रूप से 90 प्रतिशत तक बीमारियों से बच सकते हैं। यह संक्रमण से बचाव का बहुत छोटा मगर प्रभावी कदम है। द स्टेट ऑफ हैंड वॉशिंग की 2016 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्र में 54 प्रतिशत आबादी शौचालय के बाद हाथ धोती है, वही सिर्फ 13 प्रतिशत आबादी  खाना बनाने से पहले और 27 प्रतिशत बच्चों को खाना खिलाने से पहले हाथ धोती है। दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में 94 प्रतिशत लोग शौचालय के बाद हाथ धोते है, 74 प्रतिशत खाना बनाने से पहले और 79 प्रतिशत बच्चों को खाना खिलाने से पहले हाथ धोते हैं।

हाथ धोने की अच्छी आदत है जरूरी : 

महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग जिले के रसमड़ा सेक्टर की महिला पर्यवेक्षक शशि रैदास ने बताया, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को हाथ धुलाते हुए इसे अच्छी आदतों में शामिल करने के लिए जागरूक किया जाएगा। हाथ की स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत ही आवश्यक है। हाथों को स्वच्छ रखने से कई संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए बचपन से ही बच्चों में साबुन से अच्छी तरह हाथ धुलाई करने की आदत डालनी चाहिए ताकि कई तरह की बीमारियों से बचा जा सके। ग्लोबल हैण्डवाशिंग डे के उपलक्ष्य में आज आंगनबाड़ी केंद्र दमोदा की कार्यकर्ता बिंदू कल्यारे, आंगनबाड़ी केंद्र की खुरसुल क्रमांक-2 की कार्यकर्ता रामेश्वरी साहू, रमसड़ा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता जानकी निषाद, सिलोदा की कार्यकर्ता ललिता राजपूत और कोटनी की रत्नी साहू व पीपरछेड़ी की कार्यकर्ता उत्तम कुंवर ने बच्चों व महिलाओं के हाथ धुलवाए। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को शौच के बाद, खाना बनाने व खाने से पहले, मुंह, नाक व आँखों को छूने के बाद, खाँसने व छींकने के बाद, घर की साफ-सफाई करने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद व पालतू जानवरों से खेलने के बाद हाथ धोने के बारे में बताया।

20-09-2020
स्टेमिना बढ़ाने के लिए केला, खट्टे फल, पीनट बटर और बादाम का करें सेवन...

रायपुर। लोग स्टेमिना बढ़ाने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं, लेकिन कई बार ऐसा हो नहीं पाता है। दरअसल आपको बस अपने खान-पान पर ध्यान देना है ताकि आप किसी तरह की थकावट या फिर शारीरिक परेशानी या फिर तनाव या बीमारी को सहन करने की क्षमता आ जाए। 

केला : केले में अच्ची मात्रा में फाइबर और नेचुरल शुगर होते हैं। इसके खाने आपको एनर्जी मिलती है जो आपका स्टैमिना बढ़ाती है। केले में थाइमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन ए और विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में आप इसका सेवन जरूर करें।

पीनट बटर : पीनट बटर में ओमेगा 3 फैट्स काफी मात्रा में पाए जाते हैं। ये आपकी ऊर्जा को बढ़ाते है और साथ ही आपकी मांसपेशियों को मजबूती देते हैं। हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर पीनट बटर को आप ब्राउन ब्रेड के साथ खा सकते हैं ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

खट्टे फल : खट्टे फलों में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है, लेकिन इन फलों में कुछ ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिसमें शर्करा, फाइबर, पोटैशियम, फोलेट, कैल्शियम, थायामिन, नियासिन, विटामिन बी 6 और विभिन्न प्रकार के केमिक्लस मौजूद होते हैं। ऐसे में आप संतरा, नींबू, आंवला का सेवन करें।

हरी पत्तेदार सब्जियां : यह आपके शरीर में लौह तत्व की कमी को पूरा करती हैं। खासतौर से स्टेमिना बढ़ाने के लिए हरी सब्जियां फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा यह आपके शरीर में वि‍टामिन ए, कैल्श‍ियम और अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति भी कर सकती हैं।

बादाम : बादाम विटामिन ई, आहार फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। जो स्टेमिना बढ़ाने में फायदेमंद हो सकते हैं। बादाम में मैंगनीज और पोटेशियम भी पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने और रक्त शर्करा को कंट्रोल करने में भी मददगार हो सकते हैं।

17-09-2020
कोरोना टेस्ट कराने से कतरा रहे लोगों से डॉ. शिवगोपाल ने की अपील-अपनों और दूसरों को सुरक्षित रखने कराएं जांच

कवर्धा। कोरोना योद्धा डॉक्टर शिवगोपाल ने लोगों को जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तुरंत जांच करवाएं, अपने साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए, सर्दी खांसी बुखार होने पर। इससे आप स्वयं और आपका परिवार व मोहल्लेवासी सुरक्षित रहेंगे।  जितनी जल्दी बीमारी का पता चलेगा, उतना अच्छा होगा। जितना देर में पता चलेगा, उतना आप और आपके परिवार और मोहल्ले वासियों के लिए खतरा है। अपने नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में तुरंत जाकर जांच करवाएं। सर्दी खांसी बुखार होने होने पर क्वारेंटाइन होना चाहिए।

क्वारेंटाइन क्यों जरूरी है जानें :

यदि हम संक्रमित होते हैं तो क्वारेंटाइन रहना क्यों महत्वपूर्ण है, यह समझें। अगर हम सही नियम क्वारेंटाइन का प्लान करते हैं, तो अपने परिवार और जन समुदाय को संक्रमण होने से बचा सकते हैं। इसलिए जब भी संक्रमित हो तो पूरी शत-प्रतिशत क्वारेंटाइन नियम का पालन करें। यह ना सोचें कि मेरे को लक्षण है या नहीं, क्योंकि आप किसी ऐसे व्यक्ति को संक्रमित करेंगे,जिनका इम्यूनिटी सिस्टम पहले से कमजोर है या पहले से उनकों कोई बीमारी है। आप उनकी जान को खतरे में डाल सकते हैं। 

दूसरों की सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी : 
क्या आप चाहते हैं कि, आप के कारण किसी का जीवन खतरे में रहें। तो आप शत प्रतिशत ईमानदारी से क्वारेंटाइन का पालन करें। दूसरे के जीवन को खतरों में ना डालें ,यह सोचना बहुत महत्वपूर्ण है कि, हमारे कारण कोई और संक्रमित मत हो। सभी की बॉडी की इम्युनिटी सिस्टम अलग-अलग होती है। आने वाले समय में दूसरों की सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह समय पूरी तरह सुरक्षित रहने का है।

लापरवाही ले सकती है जान : 

कोरोना को आसान ना लें, ना समझें। जांच कराना ही जरूरी है। यह पूरी बीमारी इम्यूनिटी पर डिपेंड हैं। जैसे हम संक्रमित हैं और किसी कम्युनिटी वाले में पहले से बीमारी है और उनके संपर्क में आते हैं और उनकों संक्रमित करते हैं, तो उनके जान को खतरा है। इस तरह जाने अनजाने में हम कई व्यक्तियों को जान को जोखिम में डाल सकते हैं। यह समय सिर्फ अपने आप को सुरक्षित रखने का है,क्योंकि जब हम सुरक्षित रखेंगे तो दूसरे को सुरक्षित रख सकते हैं। 
पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत :
नियमित दिनचर्या में हाथ को बार-बार धोना, घर से बाहर निकलने से पहले मास्क का उपयोग करना, सामने वाला अगर मास्क ना पहना है तो उनकों मास्क पहनने के लिए बोलना, बिना मास्क पहने वाले व्यक्तियों से नियमित दिनचर्या में वातार्लाप ना करना, घर आने से पहले शूज चप्पल को एक जगह निकाल के रखना, हाथ की धुलाई करना, इन सभी बातों का ध्यान रखना अभी सबसे महत्वपूर्ण है। घर में बुजुर्ग व्यक्ति की सुरक्षा करना,इनकों सुरक्षित रखने के लिए हमें सुरक्षित रहना है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804