GLIBS
16-03-2020
एक बार फिर अपने ट्वीट के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर

 

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर की एक्टिंग का हर कोई दीवाना है। एक बार फिर से स्वरा अपने ट्वीट की वजह से ट्रोल हो रही है। स्वरा काफी समय से केंद्र सरकार के सीएए और एनआरसी के फैसले का विरोध कर रही है। वहीं कई राजनेता भी सरकार के इस फैसले के खिलाफ बोलते रहते हैं। हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीएए और एनआरसी को लेकर अपने ट्विटर अकाउंट एक वीडियो साझा किया। उनका ये वीडियो दिल्ली विधानसभा से जुड़ा है, जिसकी स्वरा भास्कर ने तारीफ की और ट्रोल हो गई। केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा था कि अगर देश के राष्ट्रपति और गृहमंत्री ने कह दिया है कि एनआरसी आएगा तो जाहिर सी बात है, आएगा ही ना।' उन्होंने आगे कहा कि, भगवान की दया से अभी तक कोरोना वायरस हमारे यहां इतना फैला नहीं है, लेकिन इसको लेकर हमारे देश में भी काफी चिंता है। लोगों के मन में कई सवाल है, सभी पार्टियो और नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए। इस समय हमारे देश में बेरोजगारी बड़े स्तर पर बढ़ी हुई है, लेकिन पूरा देश 'सीएए', 'एनआरसी', 'एनपीआर' के पीछे पड़ा हुआ है। इससे देश में बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं होगा हमें नागरिकता साबित करनी पड़ेगी क्यों इससे किसका फायदा होगा।

इसे लेकर स्वरा ने केजरीवाल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मास्टर स्ट्रोक बहस अरविंद केजरीवाल सर ने 'सीएए', 'एनआरसी', 'एनपीआर' को प्वाइंटआउट किया और ये भी बताया कि कैसे तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पूरा प्रोजेक्ट न सिर्फ मुस्लिम विरोधी है बल्कि इंसान विरोधी भी है।' स्वरा के इस ट्वीट पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रही है।  

08-03-2020
सीएए विरोध पर योगी सरकार के कदम से हाई कोर्ट नाराज, पूछा - किस नियम के तहत लगाए गए पोस्टर

लखनऊ। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएए के विरोध में हुई हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगाए गए हैं। इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। इस मामाले में आज रविवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर सुनवाई करेंगे। चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर ने योगी सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। कोर्ट ने पूछा कि किस नियम के तहत पोस्टर लगाए गए। हाई कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और डीएम को सुबह अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। गौरतलब है कि रविवार को ज्यादातर आपातकालीन मामलों की सुनवाई होती है। हाई कोर्ट ने इस मामले में भी आपातकालीन सुनवाई का फैसला किया है। आपको बता दें पिछले साल 19 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा हुई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके जवाब में यूपी सरकार ने उपद्रव में शामिल लोगों से नुकसान की वसूली करने का फैसला किया था।

03-03-2020
देशभर में एक अप्रैल से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण, अब की जाएगी हाउसलिस्टिंग

नई दिल्ली। सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर जारी विरोध के बीच एक अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है। इस बार जनगणना में हाउसलिस्टिंग भी की जाएगी। यानी घर के सदस्यों की संख्या के साथ देशभर में मौजूद घरों के विवरण को भी दर्ज किया जाएगा। इसे लेकर रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय ने अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, 'जनगणना अधिनियम, 1990 के नियम 6 ए के साथ पढ़ी गई जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3ए और धारा 17ए द्वारा प्रदान की गई शक्तियों के अभ्यास में, केंद्र सरकार ने घोषणा करती है कि जनगणना 2021 में हाउसलिस्टिंग भी की जाएगी। देशभर में एक अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2020 के बीच इस प्रक्रिया को किया जाएगा।'

 

01-03-2020
एनआरसी-सीएए के खिलाफ सरकार से विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ बचाओ आंदोलन ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर को मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरएसएस संचालित सरकार अपनी विभाजनकारी नीतियों को थोप कर पूरे देश और आम जनता को साम्प्रदयिक दंगो में झोंकना चाहती हैं। सीबीए ने दिल्ली में हुए दंगों को संघ और भाजपा द्वारा प्रायोजित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदेश भर में चल रहे आंदोलनों को मजबूत करने का फैसला किया है। इसके साथ ही उसने छत्तीसगढ़ विधानसभा में इसके विरोध में प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। इस संबंध में सीबीए का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगा।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन की इस बैठक में वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम, पूर्व विधायक व आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुंजाम, कामरेड सी आर बक्शी, माकपा राज्य सचिव संजय पराते, समाजवादी नेता आंनद मिश्रा, जिला किसान संघ के सुदेश टेकाम, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मजदूर-किसान समिति) के रामाकांत बंजारे, छत्तीसगढ़ किसान सभा के नंदकुमार कश्यप, अधिवक्ता शालिनी गेरा, भारत जन आंदोलन के विजय भाई और जनसाय पोया सहित विभिन्न जनसंगठनों के नेता मौजूद थे। 

01-03-2020
लॉ यूनीवर्सिटी में हुआ युवा संसद का आयोजन, नितिन भंसाली ने किया छात्रों से संवाद

रायपुर। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय "एचएनएलयू" में आयोजित 2 दिवसीय युवा संसद में कांग्रेस नेता नितिन भंसाली शामिल हुए। उन्होंने युवाओं से देश के महत्वपूर्ण विषयों पर सीधा संवाद किया। भंसाली ने कहा की देश मे अभी सीएए या एनआरसी पर नही बल्कि आर्थिक संकट, महिला सुरक्षा, महंगाई एवं बेरोजगारी जैसे मूलभूत मुद्दों पर बातचीत एवं कार्य करने की ज़रूरत हैं। एचएनएलयू के मंच से भंसाली ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मांग रखी की लोवर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पर्याप्त संख्या में न्यायधीशों की नियुक्ति की जाए।

इसके साथ ही लोवर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक सारे आपराधिक मामलों की सुनवाई ओर उसके निर्णय की समय सीमा निर्धारित किये जाने की भी मांग की।
नितिन भंसाली ने छात्रों से कहा कि मुझे खुशी हो रही है की आज का युवा समय व्यर्थ करने की जगह देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। भंसाली ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहाँ की देश की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए आप सभी को आगे आना होगा और बेहतर कल के लिए काम करना होगा।


 

01-03-2020
कोलकाता में गरजे अमित शाह,कहा- हम नागरिकता देना चाहते हैं,ममता दीदी क्यों कर रही विरोध

कोलकाता। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कोलकाता में गृहमंत्री अमित शाह ने  जनसभा को संबोधित किया। यहां अमित शाह ने टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक बार फिर सीएए को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सीएए लेकर आएं,लाखों बंगालियों को इससे नागरिकता मिलती है। ममता दीदी ने इसका विरोध किया। बंगाल में दंगे कराएं, ट्रेनें जला दी गई, रेलवे स्टेशन जला दिया गया। मैं सवाल पूछने आया हूं कि हम नागरिकता देना चाहते हैं और आप इसका विरोध क्यों कर रही हो। आपको घुसपैठिए ही अपने लगते हैं। मैं बताने आया हूं कि 70 साल से जो शरणार्थी यहां आए हैं हम उनको नागरिकता देकर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में जहां प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ वहां भव्य मंदिर बनाने के लिए हम 500 साल से लड़ रहे थे। अब पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर को तीर्थ स्थल बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा और ममता राम मंदिर बनने के बीच में रोड़ा बने थें। अमित शाह ने कहा कि जब पीएम मोदी सीएए लेकर आए तो टीएमसी फिर से कांग्रेस और कम्युनिस्टों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वे अल्पसंख्यकों को इस डर से भर रहे हैं कि वे अपनी नागरिकता खो देंगे। मैं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को आश्वस्त करता हूं कि सीएए केवल नागरिकता प्रदान करता है और कुछ भी नहीं लेता है। यह आपको किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा। शाह ने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं,'दलितों ने किसी भी तरह से आपके साथ कैसा अन्याय किया है? जब हम उन्हें नागरिकता देना चाहते हैं तो आप क्यों विरोध कर रहे हैं?'

29-02-2020
स्कूली बच्चों ने निकाली रैली, शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस...

राजनांदगांव। जिले के अम्बागढ़ चौकी में 28 फरवरी को स्कूली बच्चों को बुलाकर सीएए और एनआरसी के समर्थन में रैली निकाली गई। एक ओर राज्य सरकार इसका विरोध कर रही है। वहीं दूसरी ओर शासकीय स्कूल के बच्चों ने रैली निकाली। रैली की अनुमति किसने दी यह जांच का विषय बना हुआ है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमे सूचना मिली है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब आने पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही के लिए शासन को भेजा जाएगा।


 

29-02-2020
Breaking : सुधांशु त्रिवेदी आज रायपुर में, विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में शामिल होंगे

रायपुर। राज्यसभा सांसद और प्रख्यात वक्ता सुंधाशु त्रिवेदी शनिवार शाम विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे शनिवार शाम साढ़े 4 बजे गुजराती समाज सभागृह, गुजराती स्कूल देवेन्द्र नगर में होने वाली संगोष्ठी में अपनी बात रखेंगे। संगोष्ठी का विषय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं बदलता हुआ सामाजिक, राजनैतिक परिदृश्य है। सुधांशु त्रिवेदी के इस दौरे पर देश और प्रदेश के हालात को देखते हुए सभी की निगाहें टिकी हुई है। चाहे देश में इस वक्त सीएए, एनआरसी या एनपीआर का मुद्दा हो या प्रदेश में आईटी का छापा, इस मुद्दों पर भी वे अपनी बात रख सकते हैं या उनसे चर्चा हो सकती है। भाजपा नेता सुंधाशु त्रिवेदी एक अच्छे राजनीतिक विश्लेषक भी हैं, वे तमाम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रख सकते हैं।

28-02-2020
नागरिकता कानून पर लोगों को उकसा कर दंगे करवा रहा विपक्षी दल : अमित शाह  

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर पहुंचे। बैठक के बाद उन्होंने भुवनेश्वर में एक रैली को संबोधित किया जिसमें नागरिकता कानून को लेकर मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाया। अमित शाह ने कहा, विपक्ष संशोधित नागरिकता कानून पर झूठ क्यों फैला रहा है? मैं फिर कहना चाहता हूं कि सीएए के जरिए किसी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं ली जाएगी क्योंकि ये कानून नागरिकता देने का है, लेने का नहीं। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वी भारत के विकास के दरवाजे खोले, कांग्रेस पिछले 55 साल में जो करने में विफल रही, उसे हमने पांच साल में कर दिया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नागरिकता कानून पर लोगों को उकसा कर दंगे करवा रहा है। उन्होंने सीएए के समर्थन में आयोजित भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, 'विपक्ष के लोग संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भ्रांति फैला रहे हैं कि संशोधित नागरिकता कानून से मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी।'

शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 70 सालों से लटके कुछ मसलों का समाधान किया है जिसमें अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाना शामिल है। उन्होंने कहा कि मोदी अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में एक बहुत बड़ी योजना लाए हैं, जिसके तहत 2024 तक देश के हर घर में नल से स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाना है। गृह मंत्री ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के बाद मैं पहली बार ओड़िशा आया हूं। मैं भाजपा की तरफ से आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने 8 सीटों पर हमे विजय दिलाई।' 

 

25-02-2020
दिल्ली में हिंसा रोकने अमित शाह हुए असफल,घटना के पीछे भाजपा नेताओं के बिगड़ैल बोल: कांग्रेस

रायपुर। दिल्ली में हुए हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सीएए,एनआरसी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा के नेता लगातार सार्वजनिक मंचों के माध्यम से गोलीबारी को जायज ठहराने में लगे रहे। वे गोली मारो के नारे लगवाते रहे इसका ही परिणाम है कि आज दिल्ली में हिंसा हुई है। पुलिस कांस्टेबल की शहादत पथराव से नहीं गोली से हुई है।  पुलिस कांस्टेबल की शहादत के लिए गोली चलाने वाला अपराधी जितना जिम्मेदार है, उतना ही सार्वजनिक मंच से गोली मारने के लिये उकसाने वाले भी जिम्मेदार हैं। हिंसा में शामिल लोगों के साथ हिंसा भड़काने उत्तेजक भाषण देने वालो पर भी सख्त कार्रवाई की मांग प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में हिंसा होना और हिंसा को रोक पाने में सरकारी तंत्र के विफल होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

 

25-02-2020
दिल्ली में हो रही हिंसा पर स्वरा भास्कर ने किया ट्वीट, लिखा - आगे बढ़ों और पत्थर फेंको, दिल्ली पुलिस के लिए तालियां

नई दिल्ली। सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर दिल्ली के ब्रह्मपुरी और मौजपुर इलाके में तीसरे दिन भी पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शन जारी है। रविवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसक प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस बीच स्वरा भास्कर ने प्रदर्शनकारियों का सपोर्ट करते हुए एक ट्वीट किया है। इसके बाद उनकी आलोचना की जा रही है। स्वरा ने एक ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा है- आगे बढ़ों और पत्थर फेंको... दिल्ली पुलिस के लिए तालियां। कर्तव्य की उपेक्षा के चलते तुमने एक अपने को खोया है। स्वरा यहां शहीद दिल्ली पुलिस के हवलदार रतनलाल की बात कर रही हैं। स्वरा ने जिस ट्वीट का रिप्लाई किया उसमें लिखा था- यहां कुछ समन्वय की स्थिति दिख रही है। "आगे बढ़ो और पत्थर फेंको," एक पुलिसकर्मी कानून के समर्थन में प्रदर्शनकारियों पर चिल्लाते हुए दौड़ रहा है। एक इवेंट के दौरान स्वरा ने ये भी कहा था कि अगर मैं राजनेता होती तो मैं सबसे पहले देशद्रोह का कानून हटाती क्योंकि आज के जमाने में ये बहुत चलन में है। मुझे लगता है आज कल हम देशद्रोह का आरोप ऐसे बांटते हैं जैसे मंदिर में प्रसाद। बता दें कि कुछ समय पहले ही स्वरा भास्कर फिल्म इंडस्ट्री के तमाम कलाकारों के साथ सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करती नजर आई थी। 

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804