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18-02-2020
छत्तीसगढ़ में खेलोें के साथ साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है : उमेश पटेल

रायपुर। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहां के भूपेश बघेल सरकार प्रदेश में खेलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की पूरी कोशिश कर रही है। उमेश पटेल दुर्गा महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव के मुख्यअतिथि थे। उन्होंने कहा कि अभी सरकार ने खेल आयोग का गठन किया है,जो युवाओं की बेहतरी के लिए है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य गीत अरपा पैरी के धार से हुई। छात्रों ने वार्षिकोत्सव में अपनी कला का जमकर प्रदर्शन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य राकेश तिवारी ने कहां मेरिट में आने वाले छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। गोल्ड मेडल दानदाताओं द्वारा प्रदत्त राशि से दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र छात्राओं को साल भर वार्षिक महोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह का इंतजार रहता है। वे खूब तैयारियां करते हैं और अपनी कला का प्रदर्शन करते है।

13-12-2019
ट्रांसजेंडर बच्चे को देखें तो उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा करें, दोस्त बनाएं : विद्या राजपूत 

रायपुर।  महिला उत्पीड़न शिकायत कमेटी और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में दुर्गा महाविद्यालय में शुक्रवार को तृतीय लिंग समुदाय के लिए संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्यअतिथि वक्ता के रूप में विद्या राजपूत, सदस्य तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड और रवीना बरिहा सदस्य तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित थे। एलजीबीटी सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धांत कुमार बेहरा और अंकित दास भी विशेष वक्ता के रूप में कार्यशाला में उपस्थित हुए। रवीना बरिहा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से  तृतीय लिंग समुदाय का इतिहास, सर्वोच्च न्यायालय का दिशा-निर्देश, वैज्ञानिक प्रमाण और छत्तीसगढ़ के शासन के दिशा निर्देशों को अवगत कराया।  इसी तरह विद्या राजपूत ने बचपन से लेकर युवावस्था और वृद्धावस्था तक होने वाले किन्नर समुदाय के समस्याओं से उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों जानकारी प्रदान की। विद्या राजपूत में शिक्षकों और छात्रों से आह्वान किया कि यदि वह कोई ट्रांसजेंडर बच्चे को देखें तो उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की कोशिश करें और उसे अपना सबसे अच्छा दोस्त बनाए।
सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धांत कुमार बेहरा ने तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्ति को स्कूल और कॉलेज में होने वाली समस्याओं के बारे में बताया। सिद्धांत ने सेक्सुअल डायवर्सिटी और जेंडर डायवर्सिटी को विस्तार से समझाया। अंकित दास ने बताया कि  एक  तृतीय समुदाय का बच्चा भेदभाव और स्वीकार्यता नहीं मिलने के कारण बचपन में बहुत ज्यादा मानसिक तनाव से गुजरता है। यदि हम बचपन से ही ट्रांसजेंडर बच्चे को सपोर्ट करें तो उसका भविष्य निश्चित रूप से बहुत अच्छा बनेगा। अंकित दास ने कहा कि जब से वह अपने आप को स्वीकारा है तब से वह बहुत आत्मविश्वास के साथ जी रहा है। कार्यशाला के अंत में दुर्गा महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने अपने विचार रखें। छात्रों के मन में उठने वाले सवालों का भी जवाब अतिथि वक्ताओं ने दिया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने समुदाय के सभी लोगों का मोमेंटो देकर स्वागत किया और अच्छे भविष्य के लिए बधाई दी।

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