GLIBS
31-07-2021
देश में कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी का सितंबर में शुरू हो सकता है उत्पादन

नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी का भारत में वैक्सीनेशन तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी प्रोडक्शन शुरू नहीं हुआ है। अब उम्मीद है कि सितंबर से भारत में स्पूतनिक वी का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। शनिवार को रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष ने इस बारे में जानकारी दी। संगठन ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "भारत में स्पूतनिक वी का उत्पादन सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है, हम कोशिश कर रहे हैं कि भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, ग्लैंड फार्मा, हेटेरो बायोफार्मा, पैनेशिया बायोटेक, स्टेलिस बायोफार्मा, विरचो बायोटेक और मोरपेन लेबोरेटरीज जैसी कंपनियों के साथ उत्पादन को लेकर कॉन्ट्रैक्ट किया जाए।


बता दें कि इससे पहले, डॉ रेड्डीज ने कहा था कि रूस में बढ़ते कोरोना के मामलों की वजह से स्पूतनिक वी वैक्सीन आने में देरी हो रही है, ऐसे में अगस्त तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। इससे पहले डॉक्टर रेड्डीज लैब ने भी अपने एक बयान में कहा था कि भारत में स्पूतनिक वी का उत्पादन सितंबर-अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। बता दें कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन को देशभर के 80 शहरों में वैक्सीनेशन के लिए उतारा गया था और अभी तक 2.5 लाख लोगों को इसकी डोज लगाई जा चुकी हैं।

28-07-2021
फिर बढ़े कोरोना के नए केस, चार लाख के करीब पहुंची सक्रिय मरीजों की संख्या

नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस महामारी सक्रिय मरीजों की संख्या चार लाख के करीब पहुंच गई। वहीं इस दौरान 43,654 नए मामले सामने आए हैं और 640 लोगों की इस महमारी से मौत हुई है। इस बीच मंगलवार को 40 लाख 2 हजार 350 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। देश में अब तक 44 करोड़ 61 लाख 56 हजार 659 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 24 घंटों में कोरोना के 43,654 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर तीन करोड़ 14 लाख 84 हजार 605 हो गया है। इस दौरान 41 हजार 678 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद इस महामारी को मात देने वालों की कुल संख्या बढ़कर 3,06,63147 हो गई है। सक्रिय मामले 1336 घटकर तीन लाख 99 हजार 436 हो गए हैं। इसी अवधि में 640 मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर चार लाख 22 हजार 022 हो गया है। देश में सक्रिय मामलों की दर घटकर 1.27 फीसदी, रिकवरी दर बढ़कर 97.39 फीसदी और मृत्यु दर 1.34 फीसदी है।

27-07-2021
इस देश में एक्टिव हैं ‘पाकिस्तान तालिबान’ के 6000 आतंकी

नई दिल्ली/रायपुर। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और अन्य वार्ताकारों की जानकारी का हवाला देते हुए, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान का विदेशी आतंकवादियों के प्रति दृष्टिकोण एक जैसा नहीं रहा है। बता दें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP-टीटीपी) के लगभग 6,000 आतंकवादी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए तैयार एक रिपोर्ट में इस बात की चेतावनी दी गई है। यूएन एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शन मॉनिटरिंग टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, टीटीपी पाकिस्तान विरोधी उद्देश्य वाला आतंकवादी संगठन है। लेकिन ये अफगानिस्तान के अंदर अफगान बलों के खिलाफ तालिबान आतंकवादियों का भी समर्थन करता है। यूएन रिपोर्ट में कहा गया है कि टीटीपी पारंपरिक रूप से अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के पूर्वी जिलों में पाकिस्तान की सीमा के पास मौजूद है। दिसंबर 2019 से अगस्त 2020 तक शहरयार महसूद समूह, जमात-उल-अहरार और हिज्ब-उल-अहरार सहित कई आतंकी समूह टीटीपी में शामिल हो गए। वहीं, खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा ने कथित तौर पर इन आतंकी समूहों के बीच संतुलन बनाने का काम किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन आतंकी समूहों के टीटीपी के साथ आने से इसकी ताकत कई गुना बढ़ गई है। इस तरह आतंकी संगठन के लड़ाकों की संख्या 2500 से 6000 के बीच हो गई है।

26-07-2021
छत्तीसगढ़ में 1.17 करोड़ से अधिक लोगों ने लगवाई वैक्सीन, 9510885 लोगों को लगा पहला डोज

रायपुर। कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक (25 जुलाई तक) एक करोड़ 17 लाख 18 हजार 460 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के 95 लाख 10 हजार 885 लोगों को पहला टीका और 22 लाख 7 हजार 575 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में 3 लाख 9 हजार 151 स्वास्थ्य कर्मियों, 3 लाख 16 हजार 876 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 50 लाख 74 हजार 644 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 38 लाख 10 हजार 214 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। इसी तरह 2 लाख 44 हजार 353 स्वास्थ्य कर्मियों, 2 लाख 25 हजार 192 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 16 लाख 25 हजार 780 व 18 से 44 आयु वर्ग के 1 लाख 12 हजार 250 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 87 प्रतिशत नागरिकों और 18 से 44 आयु वर्ग के 28 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। इसी तरह 72 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 77 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 28 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं।

25-07-2021
सीडीएस बिपिन रावत ने चीनी घुसपैठ पर कहा, देश को म्यांमार में कड़ी निगरानी रखने की जरूरत

नई दिल्ली/रायपुर। देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी सीडीएस बिपिन रावत ने म्यांमार में कड़ी निगरानी रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि 'रोहिंग्या शरणार्थियों का इस्तेमाल कट्टरपंथी इस्लामी समूहों की ओर से क्षेत्र में अशांति फैलाने और शांति और सुरक्षा को कमजोर करने के लिए किया जा सकता है।' जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि देश को म्यांमार में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है, जहां फरवरी में सैन्य तख्तापलट के बाद देश पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जाने के बाद चीन अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। 'उत्तर पूर्व भारत में अवसर और चुनौतियां' विषय पर इंडियन मिलिट्री रिव्यू की ओर से नई दिल्ली में आयोजित एक वेबिनार में बोलते हुए जनरल रावत ने कहा, 'सड़क, रेल और ऊर्जा गलियारों के निर्माण के लिए चीन की बीआरआई (बेल्ट एंड रोड पहल) को म्यांमार पर प्रतिबंधों के साथ और अधिक गति से अपना काम करने का अवसर मिला है।'

23-07-2021
देश की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाला है 1991 से भी मुश्किल समय :  डॉ.  मनमोहन सिंह

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश की इकॉनमी के लिए 1991 से भी मुश्किल वक्त आने वाला है। पूर्व पीएम और जानेमाने अर्थशास्त्री ने 1991 के ऐतिहासिक बजट के 30 साल पूरा होने के मौके पर शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालात के मद्देनजर आगे का रास्ता उस वक्त की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में एक राष्ट्र के तौर पर भारत को अपनी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करना होगा। मनमोहन सिंह 1991 में नरसिंह राव की अगुवाई में बनी सरकार में वित्त मंत्री थे और 24 जुलाई, 1991 को अपना पहला बजट पेश किया था। इस बजट को देश में आर्थिक उदारीकरण की बुनियाद माना जाता है। उन्होंने उस बजट को पेश किए जाने के 30 साल पूरे होने के मौके पर कहा, '1991 में 30 साल पहले, कांग्रेस पार्टी ने भारत की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण सुधारों की शुरुआत की थी और देश की आर्थिक नीति के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया था। पिछले तीन दशकों के दौरान विभिन्न सरकारों ने इस मार्ग का अनुसरण किया और देश की अर्थव्यवस्था तीन हजार अरब डॉलर की हो गई और यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।''


सिंह ने एक बयान में कहा, 'अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अवधि में करीब 30 करोड़ भारतीय नागरिक गरीबी से बाहर निकले और करोड़ों नई नौकरियों का सृजन हुआ। सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ने से स्वतंत्र उपक्रमों की भावना शुरू हुई,जिसका परिणाम यह है कि भारत में कई विश्व स्तरीय कंपनियां अस्तित्व में आईं और भारत कई क्षेत्रों में वैश्विक ताकत बनकर उभरा।' उनके मुताबिक, ''1991 में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत उस आर्थिक संकट की वजह से हुई थी, जिसने हमारे देश को घेर रखा था, लेकिन यह सिर्फ संकट प्रबंधन तक सीमित नहीं था। समृद्धि की इच्छा, अपनी क्षमताओं में विश्वास और अर्थव्यवस्था पर सरकार के नियंत्रण को छोड़ने के भरोसे की बुनियाद पर भारत के आर्थिक सुधारों की इमारत खड़ी हुई।


उन्होंने कहा, ''मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैंने कांग्रेस में कई साथियों के साथ मिलकर सुधारों की इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई। इससे मुझे बहुत खुशी और गर्व की अनुभूति होती है कि पिछले तीन दशकों में हमारे देश ने शानदार आर्थिक प्रगति की। परंतु मैं कोविड के कारण हुई तबाही और करोड़ों नौकरियां जाने से बहुत दुखी हूं।'' उन्होंनें कहा कि आगे का रास्ता 1991 के संकट की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। एक राष्ट्र के तौर पर हमारी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करने की जरूरत है, ताकि हर भारतीय के लिये स्वस्थ और गरिमामयी जीवन सुनिश्चित हो सके।

 

21-07-2021
Breaking : देश में बर्ड फ्लू से 12 साल की बच्ची की गई जान

नई दिल्ली/रायपुर। कोविड-19 के बीच अब देश में बर्ड फ्लू का खतरा भी मंडरा रहा है। दिल्ली के एम्स अस्पताल में एक 12 साल के बच्चे की बर्ड फ्लू की वजह से मौत हो गई है। ये देश में बर्ड फ्लू की वजह से इंसान की मौत का पहला मामला देखा जा रहा है। बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है। इस बीमारी का वैज्ञानिक नाम H5N1 है। हालांकि ये बीमारी पक्षियों में एक से दूसरे को फैलती है। रेयर केस में पक्षियों के संपर्क में रहने वाले लोगों को ये बीमारी हो सकती है। हालांकि देश में अभी तक बर्ड फ्लू से इंसान की मौत का कोई केस नहीं था।

21-07-2021
Breaking : टिक टॉक की देश में जल्द ही हो सकती है वापसी, मूल कंपनी बाइटडांस कर रही अफसरों से बातचीत

नई दिल्ली/रायपुर। टिक टॉक जल्द ही देश में वापसी कर सकता है, क्योंकि इसकी मूल कंपनी बाइटडांस ने पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स के महानियंत्रक के साथ शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ऐप के लिए एक ट्रेडमार्क दायर किया है। देश में वापसी के लिए इसका नया नाम 'टिक टॉक' हो सकता है। बाइटडांस ने 'टिक टॉक' ट्रेडमार्क एप्लिकेशन 6 जुलाई को दाखिल की है। इसमें इसकी सर्विस की जानकारी दी गई है। हालांकि इसके अलावा टिक टॉक की संभावित वापसी को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। खबरों के मुताबिक, टिकटॉक को देश में वापस लाने के लिए बाइटडांस सरकार से बातचीत कर रही है। चीनी कंपनी ने अधिकारियों को यह भी आश्वासन दिया कि वह नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए काम करेगी।

21-07-2021
देश को आज ही के दिन पहली महिला राष्ट्रपति मिली प्रतिभा ताई पाटिल वे राजस्थान की राज्यपाल भी रही

रायपुर। आज ही के दिन देश को प्रतिभा पाटिल के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति मिलीं। उनका कार्यकाल 2007 से लेकर 2012 तक चला। प्रतिभा पाटिल कांग्रेस पार्टी के साथ काफी लम्बे समय से जुड़ी रहीं और राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते समय वो राजस्थान की राज्यपाल थीं। प्रतिभा पाटिल अपने कार्यकाल के दौरान वे कई बार खबरों में रहीं। कभी कार प्रयोग को लेकर तो कभी पोस्‍ट रिटायरमेंट के लिए बन रहे बंगले पर। साड़ी और बड़ी सी बिंदी लगाने वाली यह साधारण पहनावे वाली महिला राजनीति में आने से पहले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रही थी। उन्होंने जलगांव के मूलजी जेठा कालेज से एमए और मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कालेज से कानून की पढ़ाई पूरी की थी।

20-07-2021
बालको देश के गैर सूचीबद्ध शीर्ष 150 कंपनियों में शामिल

कोरबा। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने देश के शीर्ष 150 गैर सूचीबद्ध कंपनियों की सूची मे शामिल किया है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने वर्ष 2021 के लिए देश की शीर्ष 500 कंपनियों की सूची जारी की है। सूची में उन कंपनियों को शामिल किया गया है,जो पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा गवर्नेंस के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए व्यवसाय को नए आयाम दे रहे हैं। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने ‘भारत के शीर्ष 500 कंपनी’ की अपनी सूची में विभिन्न क्षेत्रों से देश के उन प्रमुख कंपनियों को शामिल किया है,जो अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस वर्ष की थीम है ‘‘लेइंग द फाउंडेशन फॉर एन ईएसजी रेडी कॉरपोरेट इंडिया’’। विश्वस्तरीय प्रबंधन, उच्च गुणवत्ता के एल्यूमिनियम उत्पादन, ग्राहक संतुष्टि, नवाचार, सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन, गवर्नेंस, कुल आय, लाभप्रदता, बाजार पूंजीकरण आदि मानदंडों के आधार डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की सूची में बालको को स्थान मिला। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति कहते हैं कि ऐसे सम्मान पर्यावरण, सामुदायिक उत्तरदायित्व एवं गवर्नेंस के मानदंडों के प्रति बालको के मनोबल को मजबूती देते है। औद्योगिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन, सामुदायिक विकास तथा बेहतरीन प्रशासन के प्रति बालको कटिबद्ध है। देश की सतत उन्नति में योगदान के लिए बालको ने अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा दिया है।
सामुदायिक विकास के क्षेत्र में बालको ने जिला प्रशासन और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के समन्वयन में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई है। स्थानीय स्तर पर ही 5000 से अधिक एमएसएमई बालको की प्रगति से जुड़े हैं। ‘शून्य क्षति, शून्य अपशिष्ट, शून्य उत्सर्जन’ नीति के अनुरुप बालको व्यवसाय के उच्च मानदंडों का पालन करता है। प्रचालन क्षेत्र से लगे गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना विकास की परियोजनाओं से जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिल रही है। साढ़े पांच दशकों में बालको की भागीदारी से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं।

 

20-07-2021
प्रतिबंधित डॉग पिटबुल हुआ बेकाबू, बच्चे को काटा, मकान मालिक पर एफआईआर दर्ज 

जयपुर/रायपुर। देश में प्रतिबन्ध के बावजूद कुछ राज्यों में पिटबुल डॉग को पालने की अनुमति है। यह डॉग बेहद खतरनाक प्रजाति का होता है और गुस्से में अपने मालिक को भी काटने से पीछे नहीं हटता। इस प्रजाति के डॉग का एक मामला राजस्थान के जयपुर से सामने आया है। प्रतिबंधित डॉग पिटबुल ने जयपुर के एक वीवीआईपी इलाके में 11 साल के बच्चे को 32 जगह काट दिया। बच्चे को गंभीर हालत में सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नगर निगम ने पिटबुल को अपनी कस्टडी में ले लिया है। दरअसल अजमेर रोड के हनुमान वाटिका में दुर्गेश हाड़ा के घर पर माली का काम करने वाले जगदीश मीणा के घर के गैरेज में रहते थे। वह गार्ड का भी काम करते थे। उनका बच्चा खेलते-खेलते पिटबुल के पास चला गया। इसके बाद उसके रोने और चिल्लाने की आवाज आई तो मां भागी-भागी घर से निकली।

मां ने बच्चे को देखा तो कुत्ते ने बेटे को जबड़े में जकड़ कर काट रहा था। उसके बाद पड़ोसियों को आवाज लगाई। इसके बाद किसी तरह बच्चे को पिटबुल के जबड़े से छुड़ाया गया। पुलिस ने मकान मालिक पर लापरवाही और माली को धमकाकर चुप रहने के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। नगर निगम के एनिमल शाखा ने पिटबुल को अपने कस्टडी में ले लिया है। नियम के अनुसार इस तरह के डॉग को रखने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है, मगर मकान मालिक का कहना है कि उसका रिश्तेदार अंकुर डॉग को दिल्ली ले जाने के लिए लाया था। जयपुर नगर निगम के निवाले शाखा के चेयरमैन अरुण वर्मा ने बताया कि इस नस्ल के डॉग को पालने पर जयपुर में पाबंदी है। देश के कई राज्यों में पाबंदी है। 12 मई को कर्नाटक में इस डॉग ने एक युवक की जान ली थी और अमेरिका में तो हर साल पिटबुल के अटैक के कारण 50 जानें जाती है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804