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25-05-2020
छाँन्दनपुर सड़क की हालत ख़राब, ग्रामीणों को हो रही आवागमन में परेशानी

बसना। विकासखंड बसना के छाँन्दनपुर रोड की सड़क की हालत विगत पाँच वर्षों से ख़राब है । इसकी शिकायत क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार की जा चुकी है परंतु आज पर्यन्त इस पर कोई ध्यान नहीं देने से ग्रामीणजनो में निराशा के साथ आक्रोश पैदा होता नजर आने लगा हैं ।बता दें कि उक्त सड़क पीडब्लूडी की है,जिसकी लम्बाई महज़ पाँच किमी है,जो बसना नगर से होते हुए खेमड़ा,छाँन्दनपुर,रेमड़ा होते हुए तिलांजनपुर को जोड़ती है। इस सड़क का निर्माण विगत पंद्रह वर्षों पूर्व शासन द्वारा करवाया गया था। इसके बाद से आज पर्यन्त इस सड़क नवीनीकरण तो दूर मरम्मत तक नहीं हुई। यह सड़क दूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र की सड़कों सी दिखाई देने लगी है। उक्त मार्ग की स्थिति इतनी भयावह है कि इस पर पैदल चलना तक दूभर हो चुका है। यह सड़क विकासखंड बसना और पिथौरा को जोड़ती है,जिससे ग्रामीण अपने रोज़मर्रा के कार्य के लिए ब्लाक मुख्यालय व अन्य कार्यालय अपने कार्यों के लिए जाने में विवश है ।पिथौरा विकासखंड के जनपद सदस्य एवं रेमड़ा निवासी सोहन पटेल से इस सम्बंध मे चर्चा कि गई तो उन्होंने बताया की भाजपा के शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री को सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपा गया था परंतु कुछ नहीं हुआ। अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है राज्य मुखिया सहित प्रमुख कार्यालयों में सड़क निर्माण के संबंध में आवेदन दिया गया परंतु निर्माण तो दूर इसकी मरम्मत पर भी कोई ध्यान नही दे रहा है ।


बता दें कि उक्त सड़क पर छाँन्दनपुर गाँव के पास बने पुल के टूट जाने से आगामी बारिश के समय क्षेत्र के लोगों को आवगमन भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि पुल के टूट जाने से अभी रपटें का निर्माण कर आवगमन जारी है परंतु बारिश होते ही पानी के बहाव से उक्त रपटा भी बह जाएगा,जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इसे समय रहते ना ठीक किया गया तो वे आंदोलन तक कर सकते हैं ।नीता रामटेके (एसडीओ/पीडब्लूडी) ने कहा, पुल निर्माण के लिए टेंडर रीकाल किया गया है और सड़क निर्माण के लिए इसटीमेट बना कर दे दिया गया। शासन से इसकी अभी स्वीकृति नहीं मिली है। 
संजय अग्रवाल की रिपोर्ट

 

 

23-05-2020
क्वारेंटाइन सेंटर में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर प्रवासी मजूदरें को हो रही परेशानी

खरोरा। क्वारेंटाइन सेंटर में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खरोरा के समीपस्थ गांव भैंसमुडी में महाराष्ट्र से लौटे मजदूरों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। गांव में धान खरीदी केंद्र मैदान को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। मजदूरों के रहने के लिए तीन टैंट बनाए गए हैं,जिसमें पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। क्वारेंटाइन सेंटर के पास बड़ी नाली के कारण मच्छरों के प्रकोप से भी मजदूर परेशान हैं। धान खरीदी केंद्र में किसानों का आना जाना लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है।भैंसमुडी के सरपंच जगदीश प्रसाद वर्मा ने बताया कि इस बारे में हमने जनपद सीईओ को जानकारी दी थी। सीईओ को अवगत कराया गया था कि गांव में प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन करने के लिए स्थान नहीं है। वर्मा ने बताया कि सीईओ ने स्कूल में शिफ्ट करने को कहा था लेकिन स्कूल में ग्रामीण मना कर रहे थे इसलिए हमने मजदूरों को धान खरीदी केंद्र में क्वारेंटाइन किया।
 
सुमित सेन की रिपोर्ट

15-05-2020
स्वास्थ्य सचिव ने सभी कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा—डॉक्टर सहित मेडिकल स्टॉफ को आवागमन में ना हो परेशानी

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कोविड एवं नॉन-कोविड चिकित्सा सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए डॉक्टरों एवं पैरा-मेडिकल स्टॉफ के सुगम आवागमन के लिए कलेक्टरों को पत्र लिखा है। उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए राज्यों में कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके कारण डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टॉफ को आने-जाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध और सुचारू संचालन के लिए शासकीय और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, नर्सों व एंबुलेंस के सुगम आवागमन के जरूरी निर्देश जारी करने कहा है।

 

26-04-2020
विक्रम उसेंडी का आरोप - बस्तर में मलेरिया का प्रकोप, ओपीडी बंद होने से इलाज में परेशानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने आदिवासी अंचल बस्तर संभाग में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सेवा योजना से कुछ बड़ी बीमारियों को निजी अस्पतालों के इलाज की सूची से अलग कर दिए जाने के प्रदेश सरकार के फैसले पर कड़ा एतराज जताया है। उसेंडी ने कहा कि एक ओर सरकार खुद को आदिवासियों व गरीबों की मसीहा बताती है, वहीं दूसरी ओर अपने गरीब विरोधी होने का परिचय दिया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट कार्ड से प्रदेशभर की जरूरतमंद जनता का नि:शुल्क उपचार हो रहा था। तब बस्तर में मलेरिया, टाइफाइड, चर्मरोग और यूरिन इन्फेक्शन का काफी प्रकोप था और निजी अस्पतालों में मरीजों को इन बीमारियों के नि:शुल्क परीक्षण व इलाज की सुविधा मिल रही थी। लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के सत्तारूढ़ होते ही इन बीमारियों को निजी अस्पतालों के इलाज की सूची से हटाकर केवल सरकारी अस्पतालों में इनके इलाज का आदेश जारी किया।उसेंडी ने कहा कि अब स्थिति यह है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद है और केवल आपात चिकित्सा के लिए ही मरीजों को इन अस्पतालों में प्रवेश मिल रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में मलेरिया, टाइफाइड, चर्मरोग और यूरिन इन्फेक्शन के मरीजों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है और बस्तर के आम आदिवासी-गरीब निजी अस्पतालों में इस सुविधा के बंद होने के कारण अब खुद को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं।
उसेंडी ने कहा कि प्रदेश सरकार तत्काल इन सभी बीमारियों को पुन: निजी अस्पतालों के इलाज की सूची में शामिल करने का आदेश देकर गरीब आदिवासियों के नि:शुल्क इलाज की सुविधा बहाल करे।

 

25-04-2020
Video : डीआईजी ने गरीब परिवारों को दिया 1 माह का राशन

दंतेवाड़ा। लॉक डाउन की वजह से सबसे ज्यादा परेशान दैनिक मजदूरी करने वाले हैं। दैनिक मजदूरी करने वालों के लिए दो वक्त की रोटी मिलाना अब मुश्किल हो गया है। ऐसे में डीआईजी डीएन लाल ने 4 गरीब परिवारों के लिए स्वयं आगे आकर 1 महीने का राशन दिए। डीआईजी ने कहा कि वे और उनकी बटालियन हमेशा ही गरीब परिवारों की मदद के लिए तत्पर है। किसी को भी राशन या स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी परेशानी होने पर तत्काल उन्हें सूचित किया जा सकता है।

20-04-2020
कलेक्टर ने लोगों से कहा, परेशानी के समय में संयम बरतने की जरूरत

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल व पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा प्रशासनिक अमले के साथ सोमवार को कटघोरा के कोरोना संक्रमण प्रभावित पुरानी बस्ती के जामा मस्जिद वाली गली में पहुंची और वहां रह रहे परिवारों के लोगों से उनका हालचाल पूछा।कलेक्टर के साथ इस दौरान एसपी अभिषेक मीणा,एडीएम संजय अग्रवाल, एसडीएम सूर्यकिरण, सीएमएचओ डा.बी.बी.बोडे भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने इस दौरान सभी लोगों को संयम रखने की सलाह दी और कहा कि आप लोगों के घरों में रहने से ही हम सब मिलकर जल्द ही कोरोना की लड़ाई जीत जाएंगे और स्थितियां पहले की तरह ही सामान्य हो जायेगी। कलेक्टर ने लोगों से राशन और दवाईयों की सप्लाई के बारे में भी जानकारी ली। लोगों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर वाट्सएप्प पर मांग बता देने पर सामान घर पहुंचाकर मिल जा रहा है। सामान की कमी की कोई समस्या नहीं है। कलेक्टर ने लोगों से कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सेम्पल लिये जाने की भी जानकारी ली।संक्रमित क्षेत्र के कोर एरिया के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कौशल ने हर घर का सैनिटाइजेशन कराने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराईड दवाई का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र की गलियों, घरों के दरवाजे-खिड़कियों सहित अन्य सामानों का भी पूरी तरह से सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए। किरण कौशल ने इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखने और लॅाक डाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित पुरानी बस्ती गली में मस्जिद से लगभग 10 घर छोड़कर रहने वाले साहू परिवार की 38 वर्षीय एक महिला के बेचैनी होने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की जानकारी कलेक्टर को उसके परिजनों ने दी। कलेक्टर ने तत्काल सीएमएचओ डा.बोडे को महिला का ईलाज कराने के लिए मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.रूद्रपाल सिंह कवर मेडिकल टीम के साथ बीमार महिला के ईलाज के लिए घर पहुंचे। महिला की स्वास्थ्य जांच डाक्टर कंवर ने की। कलेक्टर कौशल ने पुरानी बस्ती में ठीक तरह साफ सफाई व सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए।

 

15-04-2020
प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के वार्षिक परीक्षा की स्थिति स्पष्ट करे सरकार : वैभव ठाकुर

रायपुर। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं कोरोना संक्रमण के कारण स्थगित की गई थी, जिसको लेकर कोई भी गाइड लाइन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वैभव ठाकुर ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए। छात्रों की परेशानी सामने रखी है। मानसिक तनाव की स्थिति से छात्रों को गुजरना पड़ रहा है। कॉलेजों और विवि के वार्षिक परीक्षाओं की स्थिति स्पष्ट करें। 3 मई लॉक डाउन खत्म होने के बाद की परीक्षाओं के तिथि टाइम टेबल घोषित करें, जिससे छात्र असमंजस में ना रहे और परीक्षाओं की तैयारी कर सके अन्यथा प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों के एकेडमिक कैलेंडर पूरी तरह ध्वस्त होने के साथ-साथ छात्रों का भविष्य भी खराब हो सकता है।

04-04-2020
गरीब मजदूरों को लॉकडाउन में परेशानी, कलेक्टर ने पैकेट बनाकर राशन देने की अपील

रायपुर। लॉक डाउन में गरीब और जरुरतमंद लोगों के लिए जिला प्रशासन ने दानदाताओं को पैकेट में राशन देने की अपील की है। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि गरीब मजदूरों, रोज कमाने खाने वालों को लॉकडाऊन के कारण राशन की परेशानी हो रही है। इस दिशा में पहले से लगातार कार्य किया जा रहा है पर इस दिशा में और प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने दानदाताओं से अपील की है कि वे राशन राहत पैकेट बना कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं ताकि इसे जरूरतमंदों में नि:शुल्क बांटा जा सके। राशन राहत पैकेट में 5 किलो चावल, आधा किलो दाल व बेसन, 2 किलो आटा व आधा किलो नमक का पैकेट की खाद्य सामग्रियां दी जानी है। कलेक्टर भारतीदासन ने कहा कि इसके लिए दानदाता राशन राहत पैकेट इंडोर स्टेडियम बूढ़ापारा रायपुर में बने राहत राशन भंडार केन्द्र में सहायक नोडल अधिकारी केदार पटेल से मोबाईल नंबर 94255-02970 में और स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्रा से मोबाईल नंबर 9685792100 में संपर्क कर दे सकते हैं।

29-03-2020
गरीबों को राशन वितरण करने पहुंचीं विधायक देवती कर्मा,जिपं अध्यक्ष ने की लोगों से घरों में रहने की अपील

दंतेवाड़ा। नोवल कोरोना वायरस के चलते पूरा देश मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे संकट के दौर में देहाड़ी मजदूर और निचले तबके के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आज रविवार को दंतेवाड़ा के निचली बस्तियों में निवासरत लोगों को राशन बांटने विधायक देवती कर्मा,जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा,जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह गौतम,छबिंद्र कर्मा पहुंचे। राशन का वितरण करने पहुंची विधायक देवती महेंद्र कर्मा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में हम सबको साथ मिलकर रहना है। सरकार द्वारा जारी किए हुए दिशा निर्देश का पालन करना है। अपने घरों में रहकर ही इस वायरस से बचा जा सकता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में 21 दिनों का लॉक डाउन हमारी सुरक्षा के लिए ही किया है। आप सभी घर में रहकर इस वायरस को खत्म करने में अपना योगदान दें। जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह गौतम ने भी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी प्रदेशवासियों का ख्याल रखते हुए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि लोगों को कोई परेशानी ना हो। जरूरत पड़ने पर ही आप सभी घर से बाहर निकले। लोगों को जागरूक करें कि घर में रहना ही सच्ची देश सेवा है। इस दौरान एल्डरमेन गीतांजलि कुशवाहा,इंदिरा ठाकुर,आरआई लोकेश कसेर,थाना प्रभारी सौरभ सिंग मौजूद थे।

 

27-03-2020
 व्यापारी मनमाने दाम पर बेच रहे समान, गरीब लोगों को हो रही परेशानी

महासमुन्द। 22 मार्च के बाद से पूरे देश में लॉक डाउन कर लोगों को घर के अंदर रखा गया है और जनता भी सरकार के इस फैसले का स्वागत कर अपने-अपने घरों में बैठी है। लेकिन महासमुन्द के मौका परस्त कुछ व्यापारीयों ने इस विपदा के वक्त भी लूट मचा रखी है। सब्जी बाजार में सब्जी व्यवसायी मनमाने तरिके से सब्जी के दामों में बठोत्तरी कर सब्जी बेच रहे है वहीं किराना दुकान और प्रोविजन स्टोर्स के संचालक भी मौके का फायदा उठाते हुए तेल, शक्कर, चावल, दाल, आलू प्याज के दामों में बढ़ोतरी कर काला बाजारी में लगे हुए है। पिछले 6 दिन से लॉक डाऊन है, जिला प्रशासन के आदेशानुसार जरूरी वस्तुओं खाद्य पदार्थ और मेकिडल स्टोर्स को छूट दे रखी है कि वह अपने दुकान सुबह 9 बजे से 5 बजे तक संचालित कर जनता का सहयोग करें लेकिन व्यापारी सहयोग के बजाय उल्टा लूट मचा रखी है। पूरे जिले में इस तरह की सूचना मिल रही है और शासन प्रशासन ने अभी तक ऐसे कालाबाजी व्यापारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बढ़ते चले जा रहे है। आलू प्याज, दाल, चावल, तेल, सब्जी की कीमतों में बढ़ोत्तरी से समाज के गरीब तबके लोगों को काफा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

गौरतलब है कि शहर में ऐसे कई बस्तियां है जहां गरीब वर्ग के लोग निवास करते है जो अपने परिवार को चलाने के लिए रिक्शा चलाते है, कुछ हमाली करते है, बूट पालिश करते है, कुछ दिहाड़ी मजदूरी करते है, कुछ लोग शहर के भीतर गुमटियों और ठेले में सामान बेच कर अपने और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है।  लॉक डाउन के बाद से इन मजदूर वर्गो के लोगों का काम बंद हो गया है, घर से बाहर निकल नहीं सकते क्योंकि कोरोना का भय है वहीं इन व्यापारियों की वजह से इन्हें रोज खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त राशि खर्च करना पड़ रहा है। आज एक रिक्शा चालक ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से रिक्शा बंद है घर में सब्जी के लिए पैसे नहीं है। आलू खरीदने पहुंचा था जो 30 रुपए किलो में बिक रहा है। यह देख उसे बड़ी निराशा हुई और वह दुकानदारों से कहने लगा कि ऐसा मत करो यार, इस वक्त तो छोड़ दो तो इस पर आलू बेचने वाले ने कहा कहीं भी चले जाओ, यही दाम मिलेगा, आज कल मार्केट में आलू प्याज का यही दाम चल रहा है। 

महासमुन्द कलेक्टर सुनील जैन से आज इस बाबत मोबाइल से सूचना देकर शिकायत की गई तो उन्होंने कहा है कि मामले की जांच करवाता हूं।

26-03-2020
कोरोना विशेष : खांसी बुखार और सांस लेने में हो परेशानी तो डॉक्टर की सलाह लें

रायपुर। कोविड-19 नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने पर आपको अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आपको खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी है तो आप नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। डॉक्टर से सलाह और उपचार ले इतना ही नहीं आप जिन-जिन व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क में रहे हैं। उनकी जानकारी डॉक्टर को भी दें। अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें।

23-03-2020
एन-95 मास्क केवल स्वास्थ्य कर्मी ही लगाएं : निहारिका बारिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए उपयोग में होने वाले मास्क की बाजार में हो रही कमी और अस्पतालकर्मियों को भी मास्क नहीं मिल पाने के कारण असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा है कि मास्क लगाने की जरूरत केवल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को है। इसके अतिरिक्त वे मरीज जिनको खांसी और है। इसके अलावा जो अस्पताल जा रहे हो, उन्हें भी लगाने की जरूरत है। यदि आप अस्पताल कोई अन्य परेशानी के लिए जा रहे हो, तो मास्क लगाने की कोई जरूरत नहीं है। एन-95 मास्क सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी जो लैब में काम कर रहे हो वे ही लगाएं।

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