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17-09-2020
छत्तीसगढ़ शिवसेना आज षडयंत्रकारियों का पुतला दहन करेगी

रायपुर। कंगना रनौत पहले भी बीजेपी शासन में छत्तीसगढ़ में मोबाइल वितरण कार्यक्रम में आईं थीं। पिछले 60-70 दिनों से वे फिल्म अभिनेता स्व. सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु को लेकर विवादित बयान दे रही हैं। इससे मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर सार्वजनिक रूप से प्रश्नचिन्ह लग रहा है। इस विवाद से छत्तीसगढ़ शिवसेना का सीधा रिश्ता नहीं है। लेकिन मुंबई में रहकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ की जा रही बयानबाजी आपत्तिजनक है। उक्त आरोप निजी होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय सिंह परिहार ने फिल्म अभिनेत्री कंगना पर लगाया। पत्रकारवार्ता में परिहार ने फिल्म अभिनेत्री द्वारा बीजेपी की छत्र-छाया में मुख्यमंत्री उद्धव के खिलाफ जहर उगलना जारी रखा है। यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गरिमा के विपरीत है। छत्तीसगढ़ शिवसेना 17 सितंबर को षडयंत्रकारियों के खिलाफ पुतला दहन करेगी। बीजेपी कंगना के कंधे का इस्तेमाल कर जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को गिराने का ख्वाब देख रही है, जो असंभव है। उन्होंने कहा कि बीजेपी रातदिन इसी चिंता में है कि कैसे महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। एक चुनी हुई सरकार को हटाने के लिए किए जा रहे षडयंत्र न केवल लोकतंत्र का अपमान है अपितु देश के लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक प्रवृत्ति का परिचायक है। पत्रकारवार्ता में शिवसेना कार्यकर्ता मौजूद थे

13-09-2020
उद्धव ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मेरी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए

मुंबई। कोरोना, कंगना रनौत के कारण सवालों में घिरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र को बदनाम करने का सिलसिला चल रहा है। लेकिन यह कामयाब नहीं होगा। उद्धव ने सुशांत, कंगना पर बात करने के बजाय मराठा आरक्षण और कोरोना पर ज्यादा देर तक बात की। महाराष्ट्र की बदनामी का जो सिलसिला चल रहा है उस बारे में बात करुंगा उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये राज्य मेरा परिवार है। हम चाहे विदर्भ हो या राज्य के दूसरे हिस्से, सभी पर बारी-बारी से ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितने भी राजनीतिक तूफान है, उनका मैं सामना करूँगा। कोई परवाह नहीं है। जनता से उनका यही कहना है कि वे सरकार से खबरदारी लें, जबकि जवाबदारी सरकार देगी। उन्होंने कंगना का नाम लिए बिना कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक साइक्लोन आते रहेंगे और वो उनका सामना करते रहेंगे। उद्धव ने कहा कि कोरोना महामारी आखिरी स्टेज पर है। लेकिन अभी पूरी तरह गई नहीं है।इसलिए घर से बाहर निकलते हुए मास्क पहने और सामाजिक दूरी का पालन करें। उन्होंने कहा कि मास्क नही लगाने पर दंड वसूला जाएगा। अगर दुकानदारों ने सावधानी नहीं बरती तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए पिछले 4 महीने में 3 लाख 60 हजार बेड की संख्या बढ़ाई गई है। 

 

06-09-2020
उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा, अतिरिक्त बल तैनात

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मातोश्री के लैंडलाइन पर शनिवार रात की फोन आया था। फोन पर दूसरी तरफ से बात कर रहे शख्स ने खुद को दाऊद इब्राहिम का आदमी बताया और उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री को बम से उड़ाने की धमकी दी। इसके बाद मातोश्री की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने शनिवार की रात लगभग साढ़े दस बजे दो बार फोन किया,जिसके बाद कालानगर कॉलोनी में स्थित ठाकरे के बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

फोन करने वाला शख्स मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात करना चाहता था, लेकिन ऑपरेटर ने मुख्यमंत्री से शख्स की बात नहीं कराई। इसके बाद उसने पूरे बंगले को बम से उड़ाने की धमकी दी। अधिकारी ने कहा, ‘फोन करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान नहीं बताई और केवल इतना कहा कि वह दाऊद इब्राहिम की तरफ से दुबई से बोल रहा है।इसके बाद स्थानीय पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया और बंगले के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘हम यह पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं कि फोन दुबई से किया गया था या किसी अन्य स्थान से, जांच जारी है।'

 

27-08-2020
परभणी की एपीएमसी में गैर प्रशासक की नियुक्ति को लेकर एनसीपी के साथ मची खींचतान से क्षुब्ध होकर दिया इस्तीफा

रायपुर/मुंबई। महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव उर्फ बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दरअसल जाधव के इस्तीफे को महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी तथा कांग्रेस की मिली जुली सरकार बनने के बाद से जमीनी स्तर पर आपसी सामंजस्य की जगह चलने वाली सियासी खींचतान का ही परिणाम माना जा रहा है। जाधव परभणी में जिंतूर कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के अहम पद पर शिवसेना कार्यकर्ताओं की नियुक्ति चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इस नियुक्ति में एनसीपी ने बाजी मार ली। इससे क्षुब्ध शिवसेना सांसद बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताने के साथ-साथ इस्तीफा भी सौंप दिया है। जाधव ने कहा है कि परभणी की कृषि समिति के गैर प्रशासक पद पर हुई नियुक्ति मेरे लिए बहुत तकलीफदेह होने के साथ ही शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए अपमानजनक है। ऐसी स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ मैं न्याय नहीं कर पा रहा हूं और इसलिए अपना इस्तीफा आपको भेज रहा हूं।

11-07-2020
शरद पवार ने कहा, शिवसेना के बगैर भाजपा नहीं जीत पाती 105 सीटें, 40-50 सीटों पर जाती सिमट

मुंबई। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ की है। शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए गए एक साक्षात्कार के दौरान एनसीपी प्रमुख ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन के दौरान सही समय पर और अपनी "सतर्क" कार्यशैली के दौरान लोगों की परेशानियों को कम किया।

भाजपा पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा कि नेताओं को मतदाताओं का महत्व न समझने की भूल नहीं करनी चाहिए क्योंकि इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे शक्तिशाली नेताओं को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पिछले साल के विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मी पुन: येन’ (मैं दोबारा आऊंगा) के राग की आलोचना करते हुए पवार ने कहा कि मतदाताओं ने सोचा कि इस रुख में अहंकार की बू आ रही है और महसूस किया कि इन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।पवार ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे नीत सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी के सहयोगियों- शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में मतभेदों की खबरों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

बीजेपी को खरी-खरी सुनाते हुए शरद पवार ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ शिवसेना ना होती तो उसे 105 सीटें भी नहीं मिलती। पवार ने कहा, 'मेरा स्पष्ट मत है कि विधानसभा में उनके विधायकों का जो 105 फिगर हुआ, उसमें शिवसेना का योगदान बहुत बड़ा था। उसमें से तुमने शिवसेना को मायनस कर दिया होता, उसमें शामिल नहीं होती तो इस बार 105 का आंकड़ा तुम्हें कहीं तो 40-50 के करीब दिखा होता। भाजपा के लोग जो कहते हैं कि हमारे 105 होने के बावजूद हमें हमारी सहयोगी यानी शिवसेना ने नजरअंदाज किया अथवा सत्ता से दूर रखा।'शिवसेना की तारीफ करते हुए पवार ने कहा कि शिवसेना के काम करने की विशिष्ट शैली है और वह कि कोई काम हाथ में लेने के बाद उसे दृढ़तापूर्वक पूरा करना। 

12-06-2020
उद्धव ठाकरे ने कहा, प्रदेश में दोबारा नहीं लगेगा लॉक डाउन, कहीं भी न लगाएं भीड़

मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि राज्य में लॉक डाउन नहीं लगाया जाएगा। उद्धव ठाकरे के कार्यालय की ओर से किये गये ट्वीट में कहा गया है कि लॉक डाउन की फिर से घोषणा नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे कहीं भी भीड़ न लगाएं और सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। बता दें गुरुवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 3,607 नये मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या 97,648 हो गई। इस महामारी से 152 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 3,590 पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को ठाकरे ने लोगों से पाबंदियों का पालन करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था, अगर लोग पाबंदियों का सम्मान करने में विफल रहे, तो राज्य में एक बार फिर लॉक डाउन लागू करना पड़ सकता है। सीएम ने ये भी कहा था कि लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने की मांग हम केंद्र से कर चुके हैं। लॉक डाउन की वजह से कई लोग फिर से अपनी ड्यूटी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद सड़कों पर लोगों की भीड़ भी देखी जा रही है।. ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोडऩे और बिना मास्क के दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

22-05-2020
विपक्षी दलों की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा, लॉक डाउन से निकलने के लिए सरकार के पास रणनीति नहीं

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में शुक्रवार को विपक्षी दलों की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में सोनिया गांधी ने कहा, सरकार लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को लेकर असमंजस में है और ना ही उसने इससे निकलने की कोई रणनीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 20 लाख करोड़ रुपये का विशाल पैकेज देश के लिए एक क्रूर मजाक बन गया है।बैठक में चर्चा की शुरुआत से पहले नेताओं ने ‘अम्फान’ चक्रवात के कारण मारे गए लोगों की याद में कुछ पल मौन रखा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शिवसेना प्रमुख एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार, द्रमुक नेता एमके स्टालिन, राजद नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला समेत करीब 20 राजनीतिक दलों के नेता शामिल रहे।

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इस बैठक से दूर रहीं हैं।कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए गत 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगने के बाद बड़ी संख्या में श्रमिक बड़े शहरों से अपने घर जाने के लिए पैदल निकले। कई जगहों पर हुई दुर्घटनाओं में कई मजदूरों की मौत भी हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर प्रवासी श्रमिकों से जुड़े इस संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है।सोनिया गांधी ने लॉकडाउन से बाहर आने के लिए सरकार के पास कोई रणनीति नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि संकट के इस समय भी सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक सीमित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में संघवाद की भावना को भुला दिया गया है और विपक्ष की मांगों को अनसुना कर दिया गया।उन्होंने कहा,‘कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध को 21 दिनों में जीतने की प्रधानमंत्री की शुरुआती आशा सही साबित नहीं हुई। ऐसा लगता है कि वायरस दवा बनने तक मौजूद रहने वाला है। मेरा मानना है कि सरकार लॉकडाउन के मापदंडों को लेकर निश्चित नहीं थी ।

उसके पास इससे बाहर निकलने की कोई रणनीति भी नहीं है।’उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करने और फिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पांच दिनों तक इसका ब्यौरा रखे जाने के बाद यह एक क्रूर मजाक साबित हुआ। सोनिया के मुताबिक, हममें से कई समान विचारधारा वाली पार्टियां मांग कर चुकी हैं कि गरीबों के खातों में पैसे डाले जाएं, सभी परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाए और घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को बस एवं ट्रेन की सुविधा दी जाए। हमने यह मांग भी की थी कि कर्मचारियों एवं नियोजकों की सुरक्षा के लिए ‘वेतन सहायत कोष’ बनाया जाए। हमारी गुहार को अनसुना कर दिया गया।उन्होंने कहा,‘ कई जानेमाने अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि 2020-21 में हमारे देश की विकास दर -5 प्रतिशत हो सकती है।

इसके नतीजे भयावह होंगे।’ सोनिया ने कहा, मौजूदा सरकार के पास कोई समाधान नहीं होना चिंता की बात है, लेकिन उसके पास गरीबों एवं कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति करूणा का नहीं होना हृदयविदारक बात है।’उन्होंने आरोप लगाया, ‘सरकार ने खुद के लोकतांत्रिक होने का दिखावा करना भी छोड़ दिया है। सारी शक्तियां पीएमओ तक सीमित हो गई हैं। संघवाद की भावना,जो हमारे संविधान का अभिन्न भाग है, उसे भुला दिया गया है। इसका कोई संकेत नहीं है कि संसद के दोनों सदनों या स्थायी समितियों की बैठक कब बुलाई जाएगी।’ सोनिया ने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा, ‘रचनात्मक आलोचना करना, सुझाव देना, और लोगों की आवाज बनना हमारा कर्तव्य है। इसी भावना के साथ हम बैठक कर रहे हैं।’ 

 

14-05-2020
विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए उद्धव ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आठ अन्य लोग राज्य विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। इसी के साथ सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर छाया संवैधानिक संकट टल गया। मालूम हो कि महाराष्ट्र की नौ विधान परिषद सीटों के लिए 14 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार शहबाज राठौर का नामांकन रद्द हो गया था। इसके अलावा चार उम्मीदवारों ने मंगलवार को ही अपने नाम वापस ले लिए थे। इस तरह से नौ सीटों के लिए सिर्फ नौ उम्मीदवार ही बचे थे।

 इसके चलते सभी निर्विरोध चुन लिए गए।एनसीपी ने दो सीटों के लिए चार उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल कराए थे। एनसीपी से अतिरिक्त नामांकन भरने वाले किरण पावस्कर और शिवाजीराव गरजे दोनों ने मंगलवार को अपना नाम वापस ले लिया था। इसके साथ ही एनसीपी के शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था। शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नीलम गोर्हे विधान परिषद के लिए चुनावी मैदान में थीं। कांग्रेस से राजेश राठौर उम्मीदवार थे।

 

10-05-2020
एमएलसी चुनाव में उद्धव ठाकरे का चुना जाना तय, कांग्रेस ने वापस लिया उम्‍मीदवार का नाम

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे निर्विरोध विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बनने वाले हैं, क्योंकि कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार हटाएगी। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अपने दूसरे प्रत्‍याशी राज किशोर मोदी का नाम वापस लेगी। इससे पहले उद्धव ठाकरे के लिए उस समय मुश्किल बढ़ गई थी, जब कांग्रेस ने भी महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में दूसरा उम्मीदवार खड़ा कर दिया था। लेकिन अब उद्धव ठाकरे के लिए राहत की खबर है कि राज्‍य में उनकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्‍मीदवार के नाम वापस लेने का विचार कर लिया है। गौरतलब है कि 21 मई को होने वाले चुनाव के लिए उम्‍मीदवारों की नाम वापसी की आखिरी तारीख 14 मई तय की गई है। मुख्यमंत्री ठाकरे 11 मई को नामांकन दाखिल करेंगे। इस चुनाव में विपक्षी दल भाजपा ने चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। 

 

25-03-2020
महाराष्ट्र : जीवनावश्यक वस्तुओं के परिवहन में लोगों की पुलिस करेगी सहायता

मुंबई। मुबंई में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 112 पहुंच गई है। देश में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे है। कोरोना वायरस के चलते 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जीवनावश्यक वस्तुओं लाने-ले जाने में किसी तरह की समस्या आती है, तो पुलिस के 100 नंबर पर डायल करे। साथ ही मुख्यमंत्री ने सुझाव भी दिया कि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति करने वाली कंपनी से संबंधित लोग अपने वाहन पर अपनी कंपनी का नाम का स्टीकर लगाकर चले। अपने पास सभी कागजात रखें। पुलिस पूरा सहयोग करेगी। पुलिस आवश्यक वस्तुओं से भरे गाड़ियों को नहीं रोकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि और अनाज से जुड़ी परिवहन सेवाओं को नहीं रोका गया है। जीवनावश्यक वस्तुओं से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को बंद नहीं किया जाएगा। जीवनावश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर भी रोक नहीं लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पुलिस से कहना चाहूंगा कि हमने लोगों को जीवन जीने से नहीं रोका है, बल्कि जीवन जीने की शैली में बदलाव किया है। इसीलिए हम सभी को समझदारी और बढ़ानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों की सीमा को सील कर दिया गया है।

22-03-2020
कोरोना वायरस से देश में 7वीं मौत, सूरत में 65 वर्षीय बुजुर्ग ने तोड़ा दम

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जंग लड़ रही है। देश में जनता कफ्र्यू का लोगों ने व्यापक समर्थन किया। इधर खबर आ रही है कि कोरोना वायरस के चलते सूरत में 65 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ा। इससे देश में कोरोना वायरस से मरने वाले की संख्या का आकड़ा 7 पहुंच गया है। बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस के कारण 11 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 275,944 का आंकड़ा पार कर चुकी है। देश में संक्रमित मामलों की संख्या 324 हो गई है, जबकि इस महामारी से 7 लोग मौत के शिकार भी हुए हैं। फिलहाल केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी वायरस के खात्मे के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही हैं। कोरोना वायरस के कारण दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोरोना के केस बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए धारा 144 लगाने के अलावा कोई चारा नहीं है। विदेश से आने वाला कोई भी विमान मुंबई में नहीं लैंड कर पाएगा। इधर केंद्र सरकार ने देश भर में मेट्रो सेवाओं को 31 मार्च तक बंद करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 मार्च सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन का ऐलान किया।

 

19-03-2020
कोरोना वायरस : देश में पीड़ितों की संख्या बढ़कर 177 हुई, सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 49 मरीज

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। देश भर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 177 हो गई है। अभी तक कोरोना से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वही महाराष्ट्र में कोविड-19 के दो और पॉजिटिव केस पाए गए हैं। यानी कि महाराष्ट्र में संक्रमित रोगियों की कुल संख्या 49 हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सर्वाधिक कोरोना वायरस पीड़ित राज्य है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का संकट बढ़ रहा है। गुरुवार को कोरोना संक्रमण  के चार और मामले सामने आए हैं। राज्य में इस महामारी से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या अब बढ़कर 49 हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वर्तमान हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी से चर्चा की है। इस बीच मशहूर हाजी अली दरगाह को भी बंद कर दिया गया है।

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