GLIBS
05-03-2021
गोबर खरीदी और भुगतान के जवाब से असंतुष्ट भाजपा नेताओं ने किया वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी और भुगतान का मामला उठाया। इस मामले में भाजपा नेताओं ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के दिए उत्तर से असंतुष्ट होकर वॉकआउट कर दिया। प्रश्नकाल में आज भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने यह मामला उठाते हुए मंत्री से पूछा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत किस-किस जिले में कितना गोबर खरीदा गया और किस-किस मद से कितना-कितना भुगतान किया गया। इसके जवाब में कृषि मंत्री चौबे ने बताया कि इस योजना अंतर्गत योजना प्रारंभ से 15 फरवरी 2021 तक समस्त 28 जिलों में कुल 40.359 लाख क्विंटल गोबर क्रय किया गया और गोधन न्याय योजनांतर्गत कुल राशि 7752.13 लाख का भुगतान किया गया है। भाजपा नेता शिवरतन शर्मा ने मंत्री से यह भी जानना चाहा कि प्रदेश में खरीदे गए गोबर से किस-किस जिले में कितना वर्मी कम्पोस्ट तैयार हुआ और वर्मी कम्पोस्ट कितनी मात्रा और किमत में किन संस्थाओं को बेचा गया। इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खरीदे गए गोबर से समस्त 28 जिलों में कुल 70044.18 क्विं. वर्मी कम्पोस्ट तैयार हुआ और कुल 40643.41 क्विं. वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय विभिन्न संस्थाओं को किया गया। इसकी राशि 397.61 लाख रुपए।

शिवरतन शर्मा ने मंत्री से पूरक प्रश्न किया कि भुगतान किस-किस मद से किया गया है और एजेंसी में नियुक्ति का आधार क्या है। इसके जवाब में मंत्री चौबे ने कहा कि पंचायती राज्य अधिनियम के तहत पंचायत के लोगों की ही प्रापर्टी और और पंचायत की समिति से ही खरीदी की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि गोधन न्याय योजना से ही भुगतान किया जाता है। इस पर शिवरतन शर्मा ने कहा कि मंत्री जी सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान के लिए ग्राम पंचायतों पर दबाव डाला जा रहा है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इस मामले में प्रश्न किया कि गोधन न्याय योजना मद से पिछले वर्ष 2019-20 में और 2020-21 के बजट में कितनी राशि का प्रावधान किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि इसके लिए ही हमने सेस लगाया है। मंत्री के इस उत्तर के बाद भाजपा सदस्यों ने मंत्री के उत्तर से असंतुष्टता दिखाते हुए वॉकआउट कर दिया।

26-02-2021
सदन में गूंजा किसानों की आत्महत्या का मामला,कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का पांचवा दिन हंगामेदार रहा। किसानों की आत्महत्या का मामला सदन में गूंजा। भाजपा के सदस्यों ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया। दरअसल नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्नकाल के दौरान कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से पूछा कि अप्रैल 2020 से  1 फरवरी तक तक प्रदेश में कितने किसानों की आत्महत्या की है? कौन दोषी पाया गया व क्या कार्रवाई की गई? कृषि मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में बताया कि 141 किसानों ने आत्महत्या की है। धनीराम मरकाम केशकाल जिला कोंडागांव के प्रकरण में अभिलेख दुरुस्ती व फसल गिरदावरी में त्रुटी मिलने पर पटवारी डोंगर नाग को सस्पेंड किया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक पटवारी को सस्पेंड किया जाता है, ये कहां तक उचित है।

25-02-2021
हंगामेदार रहा प्रश्नकाल, मंत्री शिव डहरिया के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की शुरुआत हंगामेदार रही। गुरुवार को प्रश्नकाल 5 प्रश्नों में ही सिमट गया। विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी की थी। पहले धान खरीदी और चावल के उठाव के मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। इसके बाद एक सावल के जवाब से असंतुष्ट भाजपा के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) किया। दरअसल प्रश्नकाल के दौरान धमतरी विधायक रंजना साहू ने नगर निगम धमतरी के संबंध में सवाल उठाया। रंजना साहू ने कहा कि एक सवाल का दो-दो जवाब देकर गुमराह किया जा रहा है। इस पर मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया ने सदन में जवाब दिया। विपक्ष ने जवाब से असंतुष्ट होकर नारेबाजी की और बहिर्गमन किया।

17-12-2020
रक्षा समिति की बैठक से राहुल गांधी के वॉकआउट पर केंद्रीय मंत्री ने कहा- अलग ‘हरकतों’ में उलझे हैं कांग्रेस नेता

नई दिल्ली। रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक बुधवार को  हुई थी। इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वाॅकआउट कर दिया था। राहुल गाँधी के वाॅकआउट को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वह 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की वर्षगांठ के अवसर की गंभीरता को छोड़कर अन्य ‘चीजों’ में व्यस्त थे। पुरी ने ट्वीट किया कि ”साल 1971 की शानदार जीत के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देने और इस अवसर को गंभीरता से लेने के बजाय राहुल गांधी रक्षा मामले की संसदीय समिति की बैठक छोड़कर जाने जैसी ‘हरकतों’ में उलझे हुए हैं।”

बीजेपी सांसदों के बयान पर राहुल गांधी का कहना था कि बैठक में जनरल बिपिन रावत समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बैठे हुए हैं और उन्हें ही सुरक्षा बलों के ड्रेस स्टाइल के बारे में फैसला लेना चाहिए, क्योंकि हर सुरक्षा बल और उनकी यूनिट का गौरवशाली इतिहास रहा है। राहुल गांधी ने कहा था कि हम राजनीतिक लोग हैं और हम सुरक्षा बलों की ड्रेस और बैच पर फैसला लेने वाले कोई नहीं हैं।

15-09-2020
एलएसी विवाद पर चर्चा करने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस ने किया वॉकआउट, कहा- सवालों से डर रही सरकार

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर चर्चा की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। बताया गया कि कांग्रेस सांसद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से सवाल करना चाहते थे। स्पीकर से अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पार्टी के नेताओं का कहना है कि सदन की परंपरा के अनुसार प्रमुख मुद्दों पर बहस की जानी चाहिए लेकिन सरकार उनके सवालों से डरी हुई है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इंडो-चाइना वार के वक्त की याद दिलाते हुए कहा कि तब इस मुद्दे पर सदन में दो दिन लगातार चर्चा हुई थी। चौधरी ने कहा कि हम संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन से भारत-चीन विवाद पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। जब हमे पता चला कि (सरकार के लोग) चर्चा करने नहीं देंगे तो हमने अपनी बात रखने का हरसंभव प्रयास भी किया।चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि सरकार प्रमुख मुद्दों पर सदन में चर्चा का ट्रेडिशन फॉलो करे। उन्होंने कहा कि साल 1962 में अटल बिहारी वाजपेयी भारत-चीन युद्ध पर चर्चा की मांग कर रहे थे।

तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इस मुद्दे पर दो दिन की चर्चा के लिए तैयार हो गए थे। हम चाहते हैं कि इस परंपरा का पालन हो और सरकार भारत-चीन गतिरोध के मुद्दे पर सदन में चर्चा करे।कांग्रेस नेता ने कहा कि रूल 190 के अंतर्गत मैंने दो नोटिस दिए थे लेकिन हमारी अपील पर सुनवाई नहीं हुई। सरकार हमारे सवालों से डरती है इसलिए हमें चर्चा की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की लेकिन वह हमारे बहादुर सैनिकों के लिए प्रस्ताव के दौरान वह गैर-मौजूद क्यों थे? प्रधानमंत्री अपने उस बयान से घबराए हुए हैं,जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारी जमीन का एक टुकड़ा भी किसी के कब्जे में नहीं है और कोई हमारे क्षेत्र में नहीं घुस आया है।चौधरी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी (केंद्र सरकार की) एक के बाद एक मीटिंग तो होती है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता है। चौधरी के समर्थन में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। गोगोई ने कहा कि हमारे नेता अधीर रंजन चौधरी जवानों के साथ एकजुटता का संदेश देना चाहते थे। वह चीन को भी कड़ा संदेश देना चाहते थे कि वह हमारे धैर्य की कड़ी परीक्षा न ले। लेकिन दुर्भाग्य से सरकार को लगता है कि केवल वह ही सेना के समर्थन में कुछ भी बोल सकती है।

 

 

30-11-2019
महाराष्ट्र : उद्धव सरकार ने सदन में हासिल किया बहुमत,पक्ष में पड़े 169 वोट

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। फ्लोर टेस्ट के दौरान उद्धव ठाकरे सरकार के समर्थन में कुल 169 विधायकों के वोट पड़े। जबकि सरकार को विश्वासमत के दौरान बहुमत के लिए जो जरूरी आंकड़ा है वो 145 होना चाहिए। इससे पहले, फ्लोर टेस्ट के दौरान भाजपा के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट किया। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नियमों के खिलाफ अधिवेशन बुलाया गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से विधानसभा की कार्यवाही शुरू क्यों नहीं हुई। प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे ने कहा राज्यपाल के मंजूरी से ही यह अधिवेशन बुलाया गया है और यह नियमों के अनुसार है तो आपका प्वाइंट खारिज किया जाता है।

महाराष्ट्र में गठबंधन शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने मिलकर बनाया है। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा,जिसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। नए विधानसभा अध्यक्ष इसके बाद विधानसभा में नेता विपक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। बता दें कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। ठाकरे के अलावा छह अन्य मंत्रियों शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस से दो-दो ने भी शपथ ली थी।

 

28-11-2019
विधानसभा में उठा धान खरीदी का मुद्दा, भाजपा ने सदन से किया वॉकआउट

रायपुर। विधानसभा में गुरूवार को शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा धान खरीदी का मुद्दा उठाते हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने की घोषणा को किसानों के साथ धोखा बताया, जिस पर पक्ष-विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया। सदन में धान खरीदी का मुद्दा कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने उठाया। उन्होंने पूछा कि सेंट्रल पूल में कितना चावल केंद्र खरीदेगी? खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि केंद्र के साथ अब तक एग्रीमेंट नहीं हुआ है। चावल कितना जमा होगा इसका निर्धारण अब तक नहीं हुआ है। इस पर धनेंद्र साहू ने पूछा कि क्या कारण है कि केंद्र ने अब तक सेंट्रल पूल में चावल लेने अपनी सहमति नहीं दी है? क्या वजह बताई है केंद्र सरकार ने? मंत्री भगत ने कहा कि 2018-19 में धान खरीदी 80 लाख मीट्रिक टन हुई थी। केंद्र सरकार ने कुछ शर्त रखी थी। पिछले साल राज्य सरकार ने 2500 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की थी, लेकिन खरीफ फसल 2020 के लिए अनुमानित उपज 85 लाख मीट्रिक टन जाएगा। केंद्र ने शर्त रखी है कि यदि तय एमएसपी से ज्यादा दर पर खरीदी की जाएगी तो सेंट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804