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02-06-2020
सीएम बघेल के मार्गदर्शन में

रायपुर/बिलासपुर। करीब 2 महीने से भी अधिक समय से पूरे देश के लोग लॉकडाउन की सख्ती से जूझ रहे हैं। इस दौरान अंतिम यात्रा में अधिक से अधिक मात्र 20 लोगों की मौजूदगी देने के सख्त नियमों और कहीं भी आने-जाने की पाबंदी के कारण लोग इस दौरान स्वर्गवासी हुए अपने परिजनों की अस्थियां परंपरा अनुसार प्रयागराज जाकर पुण्य सलिला गंगा में प्रवाहित नहीं कर सके। अस्थि विसर्जन के लिए प्रयागराज जाने की परंपरा कई पुश्तों से पूरे देश की तरह छत्तीसगढ़ में भी चल रही है। लेकिन लॉक डाउन के दौरान कहीं भी आने-जाने की सख्त मनाही और ट्रेनों बसों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण लोग चाहकर भी अपने स्वर्गवासी परिजनों की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए प्रयागराज नहीं ले जा पाए। ऐसे तमाम लोगों के भावनात्मक लगाव को महसूस करके प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अस्थि कलश यात्रा की योजना बनाई गई। बिलासपुर में उसे सफल बनाने में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी,नगर निगम के महापौर रामचरण यादव, जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, अभय नारायण राय, नगर निगम के सभापति शेख नजीरुद्दीन, राजेश शुक्ला शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद नायक व राजेंद्र शुक्ला समेत सभी कांग्रेसजनों ने समर्पित भाव से काम कर सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसका ही परिणाम था कि आज, मंगलवार दो जून की शाम को बिलासपुर के कांग्रेस भवन से अस्थि कलश लेकर प्रयागराज गई दो बसों में 36 से भी अधिक लोग अपने स्वर्गवासी परिजनों की अस्थियां लेकर रवाना हुए। इनकी रवानगी के पूर्व प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ,महापौर रामशरण यादव आदि ने कांग्रेस भवन के सामने अस्थिकलशों की पूजा कर प्रयागराज जाने वाले लोगों को रवाना किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लीक से हटकर की गई इस पहल की, उनके धुर विरोधी भी सराहना कर रहे हैं। बस समेत सभी जाने वालों की प्रशासकीय अनुमति भी कराई गई। अस्थि कलश यात्रा में प्रयागराज आ रही बसों की बकायदा प्रशासनिक स्वीकृति ली गई है। विजय केशरवानी ने बताया कि बस के साथ ही उसमें जाने वाले सभी लोगों की भी नाम सहित प्रशासनिक अनुमति ली गई है।

01-06-2020
मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन का निर्णय, लॉकडाउन के बाद भी शाम 7 बजे बंद करेंगे दुकान

रायपुर। रायपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन ने लॉकडाउन के बाद भी दुकानों को जल्द बंद करने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सुबह 9 से शाम 7 बजे तक ही दुकान संचालन का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में एसोसिएशन के सदस्यों से सहमति भी मिल गई है। राजेन्द्र जग्गी ने बताया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि दुकानदार अपने घर परिवार और सामाजिक जीवन का आनंद ले पाएं। रायपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन में सभी प्रकार के मिल मशीनरी से संबंधित सामान जैसे एग्रीकल्चर से संबंधित सामान, इंडस्ट्रियल बेरिंग, स्पेयर पार्ट्स, हार्डवेयर से संबंधित सामान आदि की बिक्री की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि शासन का कोई निर्णय शाम 7 बजे से पहले बंद करने का आता है तो उसका भी पालन किया जाएगा।

01-06-2020
कैबिनेट का फैसला: 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा,किसानों की कर्ज चुकाने की तिथि बढ़ाई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद सोमवार को कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें कई फैसले लिए गए। इसमें कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 से 83 प्रतिशत तक बढ़ाया है। मंत्रिमंडल ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है। वहीं लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय 31 अगस्त कर दिया है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी।प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि किसानों, एमएसएमई और रेहड़ी पटरी वालों पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा को और विस्तार दिया है। सूक्ष्म उद्योगों के लिए सीमा एक करोड़ रुपये का निवेश और पांच करोड़ रुपये का टर्नओवर होगी। 10 करोड़ का निवेश और 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर वाले उद्योग छोटे उद्योमों के अंतर्गत आएंगे। वहीं, 20 करोड़ रुपये निवेश और 250 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले उद्योग मध्यम उद्योगों की श्रेणी में आएंगे।प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है। खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है। इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83 प्रतिशत तक ज्यादा दाम हासिल होगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने स्ट्रीट वेंडर के लिए क्रेडिट स्कीम को अपनी मंजूरी दे दी है।कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को लेकर हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेंहू की खरीद 360 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। धान की 95 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है और साथ ही 16.07 लाख मीट्रिक टन दालों ओर तिलहन की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 फसलों के लिए जो समर्थन मूल्य की सिफारिश थी, उसे मान लिया गया है। अब किसानों को लागत का 50 से 83 प्रतिशत अधिक मिलेगा।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने धान की एमएसपी 1,868 रुपये, ज्वार की 2,620 रुपये, बाजरा की 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। साथ ही मक्का की एमएसपी में 53 फीसदी, मूंगफली में 50 फीसदी, सूरजमुखी में 50 फीसदी, सोयाबीन में 50 फीसदी और कपास में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यदि किसान अपना कर्ज समय पर चुकाता है तो उसे अगली बार 4 फीसदी में ही कर्ज मिलता है। लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक समय दिया था, लेकिन अब उसे और बढ़ाया गया है। अब किसान 31 अगस्त तक कर्ज चुका सकते हैं, उन्हें अगली बाद 4 फीसदी में ही कर्ज दिया जाएगा।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 10,000 करोड़ का एक फंड बनाया गया है, जिसे बाद में 50,000 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा। इस फंड से सरकार अच्छा काम कर रही एमएसएमई में इक्विटी खरीदेगी। इससे उन्हें मजबूती मिलेगी और शेयर मार्केट से उस शेयर को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि हमारे देश में 6 करोड़ एमएसएमई है, जिससे 11 करोड़ रोजगार मिलता है। माइक्रो में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को एक कर दिया गया है। एक्सपोर्ट के टर्नओवर को एमएसएमई की लिमिट से बाहर किया गया है। इससे 2 लाख एमएसएमई को फिर से शुरू करने में फायदा होगा।नितिन गडकरी ने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है और संकट में फंसे एमएसएमई को मदद दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने तवावग्रस्त एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के सबऑर्डिनेट लोन की मंजूरी दे दी है, इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ मिलेगा। 

 

31-05-2020
अब तक 56 स्पेशल ट्रेन से अन्य राज्यों में फंसे 76 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक लौटे छत्तीसगढ़

रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों को वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है। कल तक 56 ट्रेनों के माध्यम से 76 हजार 772 श्रमिक वापस छत्तीसगढ़ लौटे हैं। ट्रेनों सहित अन्य माध्यमों से अब तक 2 लाख 44 हजार 686 श्रमिकों की वापसी हो चुकी है। वर्तमान में ट्रेनों के आने का सिलसिला चालू है। बताया गया कि अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटे श्रमिकों को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक स्थापित कुल 19 हजार 216 क्वारेंटाइन सेंटर में ठहराया गया है। वर्तमान में 2 लाख 3 हजार 581 श्रमिक और परिवार के लोग ठहरे हुए हैं। राज्य में स्थापित क्वारेंटीन सेंटरों की कुल क्षमता 7 लाख 6 हजार 416 है।
क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे श्रमिकों के भोजन, पेयजल, चिकित्सा की व्यवस्था के साथ मनोरंजन के लिए टीवी, रेडियो का इंतजाम भी किया गया है। साथ ही वहां योगा एवं खेलकूद की गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। कई क्वारेंटीन सेंटर में श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए स्थानीय शिक्षित युवाओं के सहयोग से कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बस्ती से दूर सार्वजनिक भवनों, ग्राम पंचायत-शाला भवनों और आश्रमों और छात्रावासों में स्थापित किए गए हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सभी क्वारेंटाइन सेंटरों में आने वाले श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण और स्क्रीनिंग की जा रही है। क्वारेंटाइन सेंटर में कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपायों का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटरों की नियमित साफ-सफाई का प्रबंध किया गया है।

30-05-2020
क्वारेंटाइन सेन्टरों में प्रवासी मजदूरों के लिए बेहतर व्यवस्था, लोगों की किया जा रहा शिक्षित

रायपुर। राज्य शासन द्वारा लॉकडाउन के कारण वापस आए श्रमिकों को कोरोना वायरस से सुरक्षा की दृष्टि से 14 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटरों में रहने की व्यवस्था की गई है। इन प्रवासी श्रमिकों के लिए सभी सेंटरों में बेहर इंतजाम किया गया है। बेमेतरा जिले में अन्य राज्यों से आए 25 हजार 505 प्रवासी मजदूर जिले के एक हजार 26 क्वारंटाइन सेन्टरों में ठहरे हुए हैं। इन प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच, खान-पान के अतिरिक्त एवं मनोरंजन की व्यवस्था की जा रही है। 14 दिनों के क्वारंटाइन काल में मजदूरों का मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, खेल गतिविधयों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। क्वारंटाइन सेंटरों में पौधारोपण, पुस्तक पाठन, निरक्षर महिलाओं एवं बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है। जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा क्वारंटाइन सेन्टरों में पुस्तक मैग्जीन की व्यवस्था की गई है। पौधारोपण कर गांवों को हराभरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर से जाने के पश्चात सभी प्रवासी मजदूरों को अपने घरों में पौधारोपण करने करने प्रेरित कर वन-धन की महत्ता से अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम मटका के क्वारंटाइन सेन्टर में नीम, आम, अशोक, अमरूद आदि वृक्षारोपण किया गया।

 

26-05-2020
डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे मजबूत होकर 75.66 पर पहुंचा

नई दिल्‍ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की मजबूती के साथ रुपया 75.66 के स्‍तर पर बंद हुआ। दरअसल रुपये में ये मजबूती दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने और लॉकडाउन में दी गई छूट बढ़ने से वृद्धि को गति मिलने की उम्मीद से आई है।गौरतलब है कि अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया सुधार के साथ 75.69 के स्‍तर पर खुला और कारोबार के दौरान मजबूत बना रहा। कारोबार के अंत में ये पिछले बंद भाव के मुकाबले 29 पैसे मजबूत होकर 75.66 के स्‍तर पर बंद हुआ।उल्‍लेखनीय है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 75.95 पर बंद हुआ था। बता दें कि सप्‍ताह के पहले दिन ईद-उल-फितर की वहज से करंसी बाजार बंद था। वहीं विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने और दुनियाभर में लॉकडाउन में ढील दिये जाने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई और स्थानीय मुद्रा रुपये को मजबूती मिली।

 

26-05-2020
भीषण गर्मी में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को फ्री में मिलेगी रेल नीर

नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन 4.0 में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए प्रवासी मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाया जा रहा है। इस बीच रेलवे की तरफ से एक ऐसी खबर आई है जो प्रवासी मजदूरों को थोड़ा राहत जरूर देगी। बता दें कि अब प्रवासी मजदूरों की प्यास को बुझाने का काम रेलवे करेगा। रेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि अब हर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों को खाने के साथ 4 बोतल रेल नीर का पानी मुफ्त में दिया जाएगा। यही नहीं अगर यात्रा ज्यादा लंबी है तो 5 बोतल पानी मुफ्त में दिया जाएगा। बता दें रेलवे विभाग के द्वारा यह फैसला बढ़ती गर्मी व पारे के कारण लिया गया है। इस तरह की गर्मी में नॉन ऐसी डिब्बों में सफर करना काफी कठिन हो जाता है। इस कारण रेलवे अब श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में पानी की व्यवस्था करने में जुटी हुई है। आईआरसीटीसी के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो रेल नीर के पानी के बोतलों की पूरे देश में कहीं भी कमी नहीं होने वाली है। क्योंकि इसके लिए सभी प्लांटों में काम फिर से शुरू किया जा चुका है।

 

25-05-2020
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एयर इंडिया से कहा-लोगों की करनी चाहिए चिंता, विमान में बीच की सीट छोड़े खाली

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण पिछले लगभग दो महीने से देश में जारी लॉकडाउन के बीच सोमवार से घरेलू विमान सेवाओं  को शुरू कर दिया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस एसए बोबडे ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 'क्या कोरोना वायरस ये सोच कर काम करेगा कि वो घरेलू विमान में है या विदेश से आने वाले विमान में।' उन्होंने सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को याद दिलाते हुए कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का नियम सरकार ने ही बनाया था और इससे समझौता नहीं हो सकता।सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया से साफ तौर पर कहा है कि अगले 10 दिनों तक पूर्ण उड़ाने चलाई जा सकती हैं लेकिन दस दिन बाद एयर इंडिया के विमान में बीच की सीट को खाली छोड़ना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना हर किसी के लिए अनिवार्य है। चूंकि 10 दिन के टिकट की बुकिंग पहले से हो चुकी हैं, इसलिए 10 दिन बाद बीच की सीट खाली छोड़ना अनिवार्य है।वहीं दूसरी तरफ इस पर केंद्र सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि विदेशी विमानों की कमी है। जबकि ज़्यादा से ज़्यादा पैसेंजर को भारत वापस लाना है। इस कारण सभी सीटों पर बुकिंग की जा रही है। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि जो टिकट बुक हुए हैं उसको कैंसल करके आने वाली उड़ानों के लिए किया जा सकता है।बता दें कि भारत सरकार 'वंदे भारत मिशन' के तहत दुनिया के अन्य देशों में फंसे भारतीय नागरिकों आज से विमान से वापस ला रही है। इसके तहत एयर इंडिया के सभी सीटों पर टिकट बुक किए गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एयर इंडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें लोगों की चिंता करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्य सीट को खाली नहीं रखने का सर्कुलर परेशान करने वाला है।

 

25-05-2020
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की बेटी ने अलका लाम्बा पर दर्ज कराया केस

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लाम्बा पर पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की बेटी ने केस दर्ज करवाया है। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप कांड में सजा काट रहा है। कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने रविवार को उन्नाव पुलिस से अलका लाम्बा के खिलाफ शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अलका लांबा और एक अन्य व्यक्ति ने अपने ट्विटर अकाउंट से विवादित और भ्रामक ट्वीट किए हैं।एफआईआर दर्ज होने के बाद अलका लाम्बा ने ट्वीट कर इस पर प्रतिक्रिया दी और बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है।

अलका लाम्बा ने ट्वीट कर लिखा, 'पूरे लॉकडाउन के दौरान कुछ और हुआ हो या ना हुआ हो पर एफआईआर जमकर हुई हैं। सुनने में आया है कि दो अर्जियां तो मेरे खिलाफ भी थाने में आ चुकीं हैं। बसपा और बीजेपी जोर लगा के हईशा।''शिकायत में पूर्व विधायक की बेटी ऐश्वर्या ने यह भी लिखा है, अलका लाम्बा व धरणा पटेल ने पिता (पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर) व चाचा (विधायक के छोटे भाई) को जमानत दिए जाने का फर्जी ट्वीट पोस्ट कर प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

25-05-2020
राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों के बाद सुनी कैब ड्राइवर्स की समस्या

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों से बातचीत के बाद अब कैब ड्राइवर्स की समस्याएं सुनी। उन्होंने  कैब सर्विस उबर ड्राइवर से की बातचीत की। सोमवार को राहुल गांधी ने कैब चालक परमानंद से बातचीत की हालांकि उनके बीच क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी नहीं दी गई है।इसकी एक फोटो राहुल गांधी ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है, जिसमें वह उबर ड्राइवर से बात कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने 16 मई को दिल्ली के सुखदेव विहार में फ्लाईओवर के पास लॉकडाउन के दौरान फंसे कुछ प्रवासी मजदूरों से बातचीत की थी, जिसके बाद उन्होंने प्रवासियों से बातचीत की एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की थी।राहुल गांधी ने जो फोटोज शेयर की है, जो एक स्टैंडअलोन की दुकान के पास क्लिक की गई। इसमें राहुल गांधी और उबर ड्राइवर सड़क पर कुर्सियों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।

राहुल ने फोटो शेयर करते हुए अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, "दिल्ली के एक उबर ड्राइवर परमानंद के साथ आज सुबह एक अद्भुत बातचीत हुई, जिसमें उनकी समस्याओं के बारे में और उनके जैसे कई अन्य लोगों के बारे में बात की जो समस्या का सामना कर रहे हैं।"बता दें कि मल्टीनेशनल कैब सर्विस कंपनी उबर ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों लोगों को नौकरियों निकाल दिया है, क्योंकि कोरोनो वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण सर्विस बंद दी। दिल्ली में लगभग दो महीने के लॉकडाउन के बाद पिछले हफ्ते कैब सेवाएं फिर से शुरू की गई हैं।

22-05-2020
 रायपुर एयरपोर्ट प्रबंधन ने 25 मई से 30 जून तक उड़ने वाले विमानों की लिस्ट जारी

रायपुर। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में घरेलू विमान सेवा को नियम व शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 25 मई से उड़ान भरने की तैयारी शुरू हो गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने 25 मई से 30 जून तक उड़ने वाले विमानों की लिस्ट भी जारी कर दी है।

22-05-2020
कोरोना संकट: दुबई की 70 प्रतिशत कंपनियां अगले 6 महीने में हो सकती हैं बंद

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। विश्व भर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले 50 लाख के पार हो गए है। वहीं 200 से अधिक देशों में कोरोना फैल चुका है। इस महामारी के कारण के कई देशों में लॉकडाउन लागू है। इसके बावजूद महामारी थमती दिखाई नहीं दे रही है। इस घातक वायरस की वजह से लाखों लोग अपनी जान तो गंवा ही रहे हैं अब लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।दुनिया कोरोना महामारी के संकट का सामना कर रही है। कोरोना का कहर दुबई में भी जारी है। दुनिया के सबसे अमीर शहरों में शुमार दुबई भी इस महामारी की आंधी में ढहता दिखाई दे रहा है। दुबई चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कोरोना संकट के कारण होने वाले असर को लेकर एक सर्वे किया है। सर्वे में कहा गया है कि अगले छह महीने में कोविड-19 महामारी के कारण दुबई के 70 प्रतिशत बिजनेस बंद हो सकते हैं।

छोट और मंझोले बिजनेस तबाह

गुरुवार को जारी इस सर्वे में कहा गया है कि यहां की 90 फीसदी से अधिक कंपनियों को इस साल के पहले तीन महीनों में भारी नुकसान हुआ है। कंपनियों की सेल और टर्नओवर पर बुरा असर पड़ा है। चिंता की बात यह है कि पूरी दुनिया में आर्थिक सुस्ती के हालात पैदा हो गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मंझोले उद्योगों पर पड़ा है।दुबई में हर साल दुनिया भर के लोग घूमने और छुट्टियां बिताने आते हैं। इस वजह से यहां पर्यटन उद्योग काफी बड़ा है। कोरोना वायरस की वजह से पर्यटन पूरी तरह बंद हो गया है और इस क्षेत्र की कंपनियां डूबने के कगार पर हैं। इसके अलावा रियल स्टेट की आधी से ज्यादा कंपनियां, होटस-रेस्त्रां मालिकों और रिटेल बिजनेस का काम पहले ही 70 फीसदी तक कम हो गया है। आने वाले दिनों में हालात और भी खराब होने वाले हैं।

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