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14-08-2020
भारत की आस्था शांति में लेकिन आक्रामक प्रयास का वह मुंहतोड़ जवाब देने में है सक्षम :रामनाथ कोविंद

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में धूमधाम नहीं होगी क्योंकि घातक कोरोना वायरस ने सभी गतिविधियों को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कारण सामने आई चुनौतियों का सरकार की ओर से प्रभावी ढंग से जवाब देने का अलौकिक प्रयास किया गया है। अपने संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना योद्धाओं की प्रशंसा करते हुए कहा, वे जीवन बचाने और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के अपने कर्तव्य को निभाने में बहुत आगे निकल गए हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई में हमारे नेता और मार्गदर्शक थे। वे एक राजनेता के रूप में संत थे।युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि 15 अगस्त हमें तिरंगा फहराने के उत्साह से भरता है।

इस समारोह में भाग लेना है और देशभक्ति गीत सुनना है हमें गौरव से भरता है। देश के युवाओं को स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक होने का विशेष गौरव महसूस करना चाहिए। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सीमा गतिरोध के बीच चीन को परोक्ष संदेश देते हुए शुक्रवार को कड़े शब्दों में कहा कि भारत की आस्था शांति में है लेकिन किसी भी आक्रामक प्रयास का वह मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में चीन का नाम लिए बिना कहा, ‘आज जब विश्व समुदाय के समक्ष आई सबसे बड़ी चुनौती(कोविड-19) से एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है, तब हमारे पड़ोसी ने अपनी विस्तारवादी गतिविधियों को चालाकी से अंजाम देने का दुस्साहस किया।

''पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कोविंद ने कहा कि उनके शौर्य ने यह दिखा दिया है कि हमारी आस्था शांति में होने पर भी, कोई अशांति उत्पन्न करने की कोशिश करेगा तो उसे माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा करते हुए, हमारे बहादुर जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। भारत माता के वे सपूत, राष्ट्र गौरव के लिए ही जिए और उसी के लिए मर मिटे। पूरा देश गलवान घाटी के शहीदों को नमन करता है।

 

08-08-2020
प्रधानमंत्री ने राजघाट पर किया राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन किया है। बता दें कि महात्मा गांधी को समर्पित राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की प्रधानमंत्री ने सबसे पहले घोषणा 10 अप्रैल 2017 को गांधीजी के चम्पारण ‘सत्याग्रह’ के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर की थी। यह स्वच्छ भारत मिशन पर एक परस्पर संवाद स्थापित करने के लिए तैयार किया गया अनुभव केंद्र होगा।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राजघाट के पास स्थित आरएसके का दौरा करने के बाद मोदी शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए आरएसके के सभागार में दिल्ली के 36 स्कूली छात्रों से बातचीत की,जो 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बाद वह संबोधन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम आज शाम 4 बजे से शुरू हो चुका है।

 बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान सभागार नंबर एक में दर्शक 360 डिग्री का अनूठा ऑडियो-विजुअल कार्यक्रम दिखाया गया है, जिसमें भारत की स्वच्छता की कहानी यानी दुनिया के इतिहास में लोगों की आदतों में बदलाव लाने वाले सबसे बड़े अभियान की यात्रा दिखाई गई। सभागार नंबर दो में विभिन्न माध्यमों से स्वच्छ भारत के गांधी के सपने को हासिल करने के लिए किए गए कार्यों की कहानी बयां की गई।

 

 

17-06-2020
मंत्रालय परिसर में लगेगी महात्मा गांधी की प्रतिमा, 2 अक्टूबर को अनावरण 

रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ विधानसभा की तर्ज पर मंत्रालय महानदी भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए। भगत ने कहा कि प्रतिमा का अनावरण 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर होना निश्चित किया जाए। भगत ने राज्य के कलाकारों का लंबित मानदेय का भुगतान यथाशीघ्र करने को कहा है। उन्होंने मुक्ताकाश संग्रहालय और अम्बिकापुर स्थित संग्रहालय का रख रखाव और उनके विकास कार्यों की समीक्षा की। भगत ने कहा कि अभिलेखागार को दुरूस्थ कर साफ सुथरा रखा जाए। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राचीन महत्व की चीजों को सहेज कर रखें। छत्तीसगढ़ से संबंधित जो दस्तावेज मध्यप्रदेश से नही आ पाए हैं उसे तुरंत लाने की कार्यवाही की जाए।

उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण, प्रदेश के सभी जिलों में गढ़कलेवा शुरू करने एवं पुरखौती मुक्तांगन में सोलर लाईट लगाने के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति की पहचान को जीवंत बनाए रखने के लिए विभिन्न जिलों में रह रहे आदिवासियों की कला, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन की वीडियोग्राफी करा कर रखा जाए। भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वेबपोर्टल व वेबसाइट के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए। बैठक में संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., संचालक अमृत विकास तोपनो सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

04-06-2020
मनरेगा से बनी डबरी में मछली पालन कर खम्हन ने लॉक डाउन में भी कमाया मुनाफा

रायपुर। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) से हो रहे आजीविका संवर्धन के कार्यों ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है। जीवन-यापन के साधनों को सशक्त कर इसने लोगों की आर्थिक उन्नति के द्वार खोले हैं। कोविड-19 से निपटने लागू देशव्यापी लॉक डाउन के दौर में भी मनरेगा से निर्मित संसाधनों ने हितग्राहियों की आजीविका को अप्रभावित रखा है। नए संसाधनों ने उन्हें इस काबिल भी बना दिया है कि अब विपरीत परिस्थितियों में वे दूसरों की मदद कर रहे हैं।लॉक डाउन में जब लोग रोजी-रोटी की चिंता में घरों में बैठे हैं, तब जांजगीर-चांपा के सीमांत किसान खम्हनलाल बरेठ अपनी डबरी से मछली निकालकर बाजारों में बेच रहे हैं। डबरी के आसपास की जमीन में उगाई गई सब्जियां उन्हें अतिरिक्त आमदनी दे रही हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण पैदा हुए विपरीत हालातों के बीच भी उनका 14 सदस्यों का परिवार आराम से गुजर-बसर कर रहा है। खम्हन लाल की इस बेफिक्री का कारण मनरेगा के तहत उनके खेत में खुदी डबरी है। इस डबरी ने मछली पालन के रूप में कमाई का अतिरिक्त साधन देने के साथ ही बरसात में धान की फसल के बाद सब्जी की खेती को भी संभव बनाया है।जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा विकासखंड के चरौदा गांव के किसान खम्हन लाल के खेत में निर्मित डबरी ने उनके जीवन की दशा और दिशा बदल दी है। मनरेगा के अंतर्गत 20 मीटर लंबी, 20 मीटर चौड़ी एवं 10 मीटर गहरी निजी डबरी ने जीवन आसान कर दिया है। इस डबरी के निर्माण के दौरान खम्हनलाल के परिवार के साथ ही अन्य ग्रामीणों को भी कुल 656 मानव दिवसों का सीधा रोजगार मिला।

खम्हनलाल और उनकी पत्नी ने 38 दिन साथ काम कर 6346 रूपए की मजदूरी प्राप्त की।खम्हनलाल बताते हैं कि डबरी निर्माण के पहले वे धान की फसल के बाद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। लेकिन जब से डबरी बनी है वे धान की खेती के साथ मछली पालन भी कर रहे हैं। डबरी के आसपास चारों ओर सब्जी-भाजी तथा फलों के पेड़ भी लगाए हैं। पिछले दो वर्षों से वे मछली पालन और सब्जी बेचकर सालाना करीब 50 हजार रूपए की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। खम्हन लाल के बेटे बसंत कुमार,जो अभी गांव के सरपंच भी हैं, कहते हैं कि मनरेगा ने उनकी जिंदगी बदल दी है। डबरी ने उनकी आजीविका को स्थायी और सशक्त बनाया है। अभी डबरी के आसपास नमी वाली जगहों पर फल और सब्जियां उगा रहे हैं। यहां हम लोगों ने केला, पपीता, कटहल, मुनगा, अमरूद, हल्दी, मिर्च, लहसुन, तरोई, टमाटर, लौकी, मखना और बरबट्टी लगाया है। लॉक-डाउन में सब्जी की जो भी पैदावार हुई, उसे बाजार में बेचने के साथ-साथ गांव के जरूरतमंद परिवारों को भी दिया है। मुश्किल समय में लोगों की मदद कर सकें, इसका सुकुन है।

13-05-2020
जिला सीईओ ने कडेनार पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

बीजापुर। अन्दरूनी ग्राम पंचायत कडेनार में चल रहे महात्मा गांधी मनरेगा के कार्यों का मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पोषण चंद्राकर ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजना से जुड़े अधिकारी एवं मैदानी अमलो को कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। जहां कभी नक्सली दहशत के कारण निर्माण कार्य बंद पड़े थे वहां ग्रमीणों की मांग पर विगत 2 वर्षों से महात्मा गांधी मनरेगा अंर्तगत कार्य स्वीकृत कर कराये जा रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान महात्मा गांधी मनरेगा योजना यहाँ के जॉबकार्डधारी परिवारों के लिए मददगार साबित हुई।

जिला सीईओ ने पंचायत में योजना से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र, मतस्य पालन तालाब अनाज गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना से जुड़े कर्मचारियों को कहा कि वर्तमान समय मे गांव में काम की कमी नहीं होनी चाहिए। गांव के जॉबकार्डधारी परिवारों को आशिक से अधिक मांग आधारित कार्य उपलब्ध कराए। कार्य स्थल पर हाथ धुलाई की व्यवस्था के साथ प्रत्येक मजदूरों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किए जाए साथ ही मास्क अथवा गमछे से मुँह ढके रहने पर ही मजदूरों को काम पर लगाया जाए।

08-05-2020
ग्राम पंचायत बिजनापुरी में मनाया गया रोजगार दिवस

धमतरी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिजनापुरी में 8 मई को रोजगार दिवस मनाकर जॉब कार्डधारियों और ग्रामीणों को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत बिजनापुरी के रोजगार सहायक गुरोत्तम ने बताया कि महात्मा गांधी मनरेगा राज्य कार्यालय से मिले निर्देश के अनुसार प्रत्येक माह ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया जाना है। 8 मई को भी प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोजगार दिवस आयोजन करने के निर्देश जनपद पंचायत सीईओ, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी को दिए गए थे। रोजगार दिवस के माध्यम से जॉब कार्डधारी परिवारों को मनरेगा के तहत मिलने वाले अधिकारों से अवगत कराया गया। इस दौरान मनरेगा के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण कार्यों में ग्रामीणों की सहभागिता अधिक से अधिक बढ़ाने कहा।

रोजगार दिवस आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने मनरेगा के कार्यों में रोजगार प्राप्त करने के लिए जो इस कार्य से वंक्षित है वे मांगपत्र में नाम भरकर भरने की मांग की। इसके साथ कोरोना वायरस के रोकथाम के बारे में भी लोगो को बताया गया, साथ ही मनरेगा कार्य मे मास्क लगा कर और सोशल डिस्टेंट का पालन करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही इस वर्ष ग्राम पंचायत में स्वीकृत कार्यों की जानकारी भी ग्रामवासियों को दिया गया। रोजगार दिवस में सरपंच पोषण रिंकू सेन, उप सरपंच उदय राम देवांगन, सचिव असलम खान, रोजगार सहायक गुरोत्तम, मेट रामकिसुन नागेश, बिटोरिया ध्रुव, तोरण मिनपाल, परस साहू, पंच भोजराज साहू, यशवंत ध्रुव, त्रिवेणी साहू, रामकली ध्रुव, उषा धीवर शामिल हुए।

27-04-2020
मिशन मोड में शुरू करें महात्मा गांधी नरेगा के काम : सीईओ

बीजापुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं, ताकि इस लॉक डाउन के समय ग्रामीणों को काम की कमी ना हो। इसी का नतीजा है कि लॉक डाउन के दौरान भी जिले की ग्रामीण क्षेत्रों में जाब कार्डधारी परिवारों को काम की कमी नहीं हुई। इन ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण हो चुके हों या काम नहीं हो वह भी जल्द कार्य स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पोषण चंद्राकर ने बताया कि लॉक डाउन के पूर्व ही जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत पर्याप्त मात्रा में जल संरक्षण जल संचय के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके कारण कठिन समय में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में काम की कमी नहीं हुई। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासन की मंशा है कि गाँव में काम की कमी नहीं होनी चाहिए। योजना से जुड़े जमीनी स्तर के अमले को पर्याप्त मात्रा में पंचायत में कार्य स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें जल संरक्षण जल संचय एवं व्यक्ति मूलक कार्य जैसे डबरी, कुआँ, मत्स्य पालन तालाब हितग्राही की रुचि अनुरूप गाय शेड, बकरी शेड, मुर्गी शेड आदि कार्यों को जल्द से जल्द स्वीकृति कराने के निर्देश दिए गए हैं।

24-04-2020
मनरेगा कार्य में दो सप्ताह के भीतर 50 हजार श्रमिकों की हुई बढ़ोत्तरी, श्रमिकों के चेहरे पर रौनक...

 

धमतरी। विश्वव्यापी नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन के मद्देनजर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चल कार्यों में दो सप्ताह के भीतर 50 हजार श्रमिकों की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके साथ ही प्रत्येक जाॅब कार्डधारी परिवार के एक व्यक्ति को 01 अप्रैल 2020 से 190 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 30 दिन का काम मिलने पर मजदूर के खाता में 5700 रूपये की राशि जमा हो जाने से श्रमिकों के चेहरे पर रौनक आई है। कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी के निर्देश पर जिले में मनरेगा के तहत मांग आधारित कार्य डबरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, गौठान निर्माण, आंगनबाड़ी निर्माण, नरवा इत्यादि कार्य शुरू कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदाय किया जा रहा है। सभी मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने सहित सुरक्षा की दृष्टि से फेस मास्क अथवा गमछे का इस्तेमाल, स्वच्छता के लिए हैण्डवाॅश अथवा साबुन से धुलाई करते हुए कार्य कर रहे हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी  नम्रता गांधी ने बताया कि मनरेगा के तहत सभी कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें लगे अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक से संपर्क कर मनरेगा कामों का जायजा लिया जा रहा है।

02-04-2020
प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को लिखा पत्र, कोविड-19 में ग्रामीणों की आजीविका सुरक्षित करना जरूरी

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कोरोना संक्रमण से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत व्यक्तिमूलक और आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्रमुखता से स्वीकृत कर प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कम संख्या में श्रमिकों की जरूरत वाले अधिक से अधिक कार्यों को स्वीकृत कर काम शुरू करने कहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यस्थल पर कोरोना संक्रमण से बचने सभी सुरक्षात्मक उपायों और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा है कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधारभूत संघटकों में से एक महत्वपूर्ण संघटक है।

योजना के प्रावधानों के अनुसार पंजीकृत परिवारों के वयस्क सदस्यों द्वारा काम की मांग किए जाने पर अधिकतम 15 दिनों में रोजगार प्रदान किया जाना आवश्यक है। प्रमुख सचिव ने पत्र में कहा है कि कोविड-19 के कारण लॉक-डाउन के दौर में ग्रामीणों की आजीविका सुरक्षित करना जरूरी है। इसलिए इससे बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मनरेगा कार्य शुरू किए जाएं। राज्य में योजना के तहत पंजीकृत 39 लाख 56 हजार परिवारों में 89 लाख 20 हजार श्रमिक हैं। इनमें से 32 लाख 82  हजार परिवारों के 66 लाख पांच हजार श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से सक्रिय रूप से रोजगार मिलता है।

 

29-02-2020
आयकर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस, बोले सुधांशु त्रिवेदी-क्या इंकम टैक्स से जुड़ी है सरकार की राजनीतिक अस्थिरता?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग की दबिश के विरोध में कांग्रेस के घेराव और बयानबाजी पर भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया है। प्रदेश में आयकर की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री सहित अन्य नेताओं ने आयकर की कार्रवाई को राजनीतिक अस्थिरता से जोड़ा था। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इंकम टैक्स से राजनीतिक अस्थिरता कैसे आ सकती है। तो क्या उनकी राजनीतिक अस्थिरता इंकम से जुड़ी हुई है। सरकार के सभी विभाग अपनी क्षमता और स्वतंत्रता के आधार पर व्यावसायिक दक्षता के अनुसार कार्य कर रहे हैं। उसको लेकर किसी भी प्रकार का आक्षेप उठाना उचित नहीं है यदि किसी को आपत्ति है तो फोरम्स हैं। यह संवैधानिक व्यवस्थाएं हैं।

विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रम में रायपुर पहुंचे सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सांस्कृतिक राष्ट्र एवं बदलते सामाजिक, राजनैतिक परिदृश्य पर वक्तव्य दिया। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर त्रिवेदी ने बेबाकी से अपनी राय रखी। दिल्ली में सीएए पर हो रहे आंदोलन पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत में अनेक आंदोलन हुए लेकिन ये सबसे विचित्र है। हर आंदोलन में एक प्रतिनिधि होता है और एक मांग होती है। जब श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन था तो श्रीराम जन्मभूमि न्यास की भी एक समिति थी, और तथाकथित बाबरी मस्जिद की भी एक एक्शन कमेटी थी। आपातकाल के दौरान आंदोलन हुआ तो जयप्रकाश उसके संयोजक थे। आजादी के पहले कांग्रेस की स्पष्ट मांग थी कि मुस्लिम लीग से ब्रिटिश सरकार बात ना करे। लेकिन यहां जो एनआरसी के नाम पर बवाल कर रहे हैं। भारत सरकार स्पष्ट रूप से सदन में कह चुकि है कि कोई ड्राफ्ट ही नहीं है यहां खत तो छोड़िए लिफाफा भी नहीं है। मजबून को लेकर बवाल किया जा रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि संदेह उत्पन्न होता है कि शाहीन बाग का विषय जब समाधान की ओर जा रहा था तब अचानक वहीं विषय दूसरी ओर आकर हिंसात्मक रूप ले लेता है। संदेह और अधिक गहरा गया है कि यह संयोग नहीं प्रयोग था।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा आज राजधर्म की बात कर रही हैं। जब उनका राज था तब असम और राजस्थान के मुख्यमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री हुबहु यही कह रहे थे तो सीएए एक्ट में कहा गया है। नवम्बर 1947 में जवाहर लाल नेहरु की अध्यक्षता में कांग्रेस का प्रस्ताव और सितम्बर 47 में महात्मा गांधी का वक्तव्य देख लीजिए। त्रिवेदी ने कहा कि हम अपनी बात पर कायम हैं लेकिन कांग्रेस का धर्म राज में कुछ और राज पाने के लिए कुछ और हो जाता है। राजकाज की बात छोड़कर यदि राष्ट्रधर्म की बात करें तो स्थितियां ज्यादा बेहतर हो सकती हैं। दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने संवेदनशील माहौल में आज तक कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने शांति बनाए रखने या संयम की अपील नहीं की है। लेकिन उकसाने वाले बयान दिए गए हैं। एक दौर में कांग्रेस कहती थी कि सरकार चलाना उन्हीं को आता है अब देश की जनता ने एक दशक में अच्छी तरह जवाब दे दिया है कि सरकार चलाना कितना आता है कितना नहीं।
त्रिवेदी ने कहा कि लम्बे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं आता है। परिपक्व विपक्ष का आचरण कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी के पुराने उदाहरणों से सीखना चाहिए।

त्रिवेदी ने कहा कि यह वही छत्तीसगढ़ है जहां कांग्रेस बड़े बहुमत से जीत कर आई है। कांग्रेस राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की जीत के पहले कहती थी कि ईवीएम में गड़बड़ है। चुनाव आयोग तक पर उंगली उठा रहे थे। जीत गए तो ईवीएम भी ठीक है और चुनाव आयोग भी ठीक है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की मात्र 8 सीटें आई लेकिन जिस पार्टी की 72 सीटें आई चुनाव परिणाम से 12 घंटे पहले वो चुनाव आयोग पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे थे। सरकार की संवैधानिक संस्थाओं पर राजनैतिक कारणों से और राजनैतिक पूर्वाग्रह के आधार पर आक्षेप नहीं करना चाहिए।

 

25-02-2020
डिफेंस डील पर भारत-अमेरिका के बीच तीन अरब डॉलर का सौदा, जानें प्रेस वार्ता में मोदी-ट्रंप ने क्या कहा

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा का मंगलवार को दूसरा दिन है। अपने दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को राजघाट पर श्रद्धांजलि देकर की। इसके बाद हैदराबाद हाउस दिल्ली में ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ने तीन अरब डॉलर के रक्षा समझौतों पर मुहर लगा दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत पर सहमति बनी है। इसके अलावा, दोनों देशों कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने में सहयोग करने को सहमत हुए। संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद में सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप का जैसा स्वागत हुआ, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। हमने भारत-अमेरिकी संबंधों को व्यापक वैश्विक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रतिबिंब है। पीएम मोदी ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर बातचीत पर दोनों देशों के बीच समहति बनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद के समर्थकों को जवाबदेह ठहराने की खातिर प्रयास बढ़ाने का फैसला किया है। हमारे बीच नशीले पदार्थों की तस्करी पर काबू करने के लिए नई प्रणाली पर सहमति बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि तेल और गैस के लिए अमेरिका भारत का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि इंडस्ट्री 4.0 और 21वीं सदी की अन्य उभरती टेक्नालजीज़ पर भी इंडिया-यूएस पार्टनरशिप, इनोवेशन और इंटरप्राइज के नए मुक़ाम स्थापित कर रही है। भारतीय प्रोफेशनल्स के टैलेंट ने अमरीकी कम्पनीज की टेक्नोलॉजी लीडरशिप को मजबूत किया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने हैदराबाद हाउस में कहा, 'पिछले दो दिन, खासकर कल स्टेडियम में, यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। वहां इतनी तादाद में लोग मौजूद थे शायद मेरे मुकाबले आपके (पीएम मोदी) लिए ज्यादा। 125 हजार लोग वहां मौजूद थे। हर बार जब मैंने आपका उल्लेख किया, तो उन्होंने खुशी जाहिर की। लोग आपको यहां बहुत प्यार करते हैं।' उन्होंने कहा कि हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने में सहयोग करने को सहमत हुए हैं। साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हमने तीन अरब डॉलर के रक्षा समझौतों को अंतिम रूप दिया है। हमने 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत में स्थिति पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच यह बातचीत व्यापक व्यापार सौदा करने पर फोकस था।

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