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29-11-2019
गरियाबंद जिले में मवेशियों में फैली अज्ञात बीमारी, पशुपालक दहशत में

गरियाबंद। गरियाबंद जिले में बीते एक महीने से पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है और यह पशु मालिकों में भारी दहशत का कारण बनी हुई है। बीमारी की शुरुआत पशुओं के शरीर में सूजन से होती है जो धीरे धीरे घाव में तब्दील हो जाती है। फिर कुछ दिन बाद पशु चारा खाना छोड़ देता है। किसानों के मुताबिक इस बीमारी से अब तक कई जानवरों की मौत  हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओडि़शा सीमा से लगे 20 गांवों में 100 से अधिक जानवर इस बीमारी से पीडि़त हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। ग्रामीणों की मानें तो देवभोग और मैनपुर इलाके के अधिकांश गांवों में ये बीमारी अपनी दस्तक दे चुकी है। पशु चिकित्सक भी बीमारी को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति में है, अभी तक वे बीमारी का नाम भी पता नहीं लगा पाए हैं। पशु चिकित्सकों ने बीमार पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही इलाज होने की बात कह रहे है। फिलहाल डॉक्टर मक्खियों और मच्छरों से ये बीमारी फैलने का दावा कर रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए बीमार पशुओं को एंटीबायटिक दवाइयां दे रहे है।


 

20-11-2019
कलेक्टर-एसपी की सबसे बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ 55 लाख का ओडि़शा का धान जब्त

गरियाबन्द। अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में ओडि़शा के धान माफियाओं के यहां छापे मारकर गरियाबंद कलेक्टर और एसपी ने 1 करोड़ 55 लाख रुपए का धान बरामद किया है। जब्त धान को ओडि़शा से आधी कीमत पर लाकर यहां समर्थन मूल्य पर 2500 में खपाने की तैयारी थी। इतनी बड़ी मात्रा में ओडि़शा का धान देखकर कलेक्टर व एसपी हैरान रह गए। अकेले ग्राम पीतलखूंटी के एक धान माफिया के यहां से लगभग 1 करोड़ रुपए का धान बरामद हुआ। कलेक्टर श्याम धावड़े एवं पुलिस अधीक्षक एमआर आहिरे ने ओडि़शा सीमा से लगे गांवों में पहुंचकर लोगों से पूछकर लगभग 7 व्यापारियों के यहां छापा मारा जिनमें से 5 के यहां अवैध रूप से संग्रहित किया गया धान मिला। कुछ व्यापारियों ने पहले उसे अपना धान बताया मगर रिकॉर्ड में उन्होंने धान उगाया ही नहीं था। बता दें कि गरियाबंद जिले की 60 प्रतिशत  सीमा ओडि़शा राज्य से लगती है। ओडि़शा में धान की कीमत काफी कम होने के चलते वहां से लगभग 13 सौ रुपए में खरीद कर गरियाबंद जिले की सीमा पर स्थित धान खरीदी समितियों में खपाने का प्रयास सालों से किया जाता रहा है लेकिन धान का समर्थन मूल्य बढऩे से धान माफियाओं का लाभ कई गुना अधिक बढ़ गया है जिसके फेर में किसी भी स्थिति में यह ओडि़शा का धान लाने के प्रयास में रहते हैं । ऐसे में चोरी-छिपे ओडि़शा से लाए गए 16000 क्विंटल धान आज एक ही दिन में कलेक्टर और एसपी ने छापा मारकर बरामद किया। प्रदेशभर की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। कलेक्टर और एसपी ने कार्रवाई आगे और तेज करने की बात कही है और किसी भी शर्त पर गरियाबंद जिले की मंडियों में ओडि़शा का धान नहीं बिकने देने की बात कही है।

 

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