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24-07-2020
नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने नगरवासियों ने की उचित कदम उठाने की मांग

अंबिकापुर। लखनपुर धीरे धीरे नशे के गढ़ बनता चला जा रहा है। मादक पदार्थों के व्यापार की इस कड़ी में गांजे,नशीली दवाईयों सहित कई प्रकार को नशे की सामग्री लोगों को प्रदाय की जा रही है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई देता है। लखनपुर के विभिन्न वार्डों में कच्ची शराब लोगों को उचित दामों में उपलब्ध है। शाम होते ही इन वार्डो में शराबियों का मेला नजर आता है। नगर में बढ़ते हुए नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और नगर की भलाई के संबंध में ठोस कदम उठाए जाने नगरवासियों ने शासन प्रशासन से उचित कदम उठाए जाने मांग की है।

10-07-2020
नशे के सौदागर को पुलिस ने 3 किलो गांजा के साथ किया गिरफ्तार

रायपुर/बिलासपुर। गांजा बेचने के लिए ग्राहक खोज रहे आरोपी युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है।जानकारी के मुताबिक भरारी में रहने वाला 28 वर्षीय आशीष कुमार गढेवाल आसपास के इलाके में गांजा बेचता था। बीती शाम को भी बेलतरा के अंधियारी पारा के आस-पास घूम-घूम कर गांजा बेच रहा था। सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे रंगे हाथ गांजा बेचते पकड़ा। आशीष कुमार के पास से पुलिस को 3 किलो गांजा मिला है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। ग्रामीण और धार्मिक इलाका होने से इस क्षेत्र में गांजे की खपत है। इसलिए नशे का कारोबार करने वाले कई लोग इलाके में सक्रिय हैं जो उड़ीसा से गांजा लाकर क्षेत्र में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचते हैं।

01-07-2020
नशे में कार चला रही युवती ने मारी बुजुर्ग दंपत्ति की कार को टक्कर

रायपुर। शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित राम मंदिर के सामने दो कारों में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर में कार सवार बुजुर्ग दंपत्ति को चोटे आई हैं। मिली जानकारी के अनुसार राममंदिर के सामने आधी रात को होंडा डब्ल्यूआरवी और बीएमडब्ल्यू एक्सयूवी के बीच जोरदार टक्कर हुई। तेज रफ्तार BMW XUV WB-06-B-6994 एयरपोर्ट की ओर से आ रही थी। वीआईपी रोड टर्निंग तरफ से आ रही होंडा डब्ल्यूआरवी कार CG04-LV-3344 में जोरदार टक्कर मार दी। इससे होंडा कार में सवार गुलमोहर कॉलोनी राम नगर निवासी इंदर सिंह सलुजा और उनकी पत्नी जो अपनी बेटी के घर जा रहे थे। दोनों घायल हो गए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीएमडब्लयू कार चला रही दोनों लड़कियां नशे में थी। ऐसा बताया जा रहा है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने दो युवतियों समेत एक युवक को हिरासत में लिया था लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस को कार्रवाई के लिए कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल अभी तक कार्रवाई की कोई भी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

26-06-2020
बच्चों के दोस्त बनकर नशीले पदार्थों के नशे से निकाल सकते हैं बाहर

रायपुर। नशा केवल शराब और तम्बाकू का ही नहीं होता है बल्कि अफीम, चरस, गांजा, हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का भी होता है जो लोगों को बुरी तरह प्रभावित करता है। नशीले पदार्थों का प्रयोग आज एक विश्वव्यापी समस्या बन चुकी है। देश में मादक पदार्थों के सेवन के प्रति युवा पीढ़ी ग्लैमर लाईफ स्टाइल की झूठी शान दिखाने के चक्कर में अंधी दौड़ में शामिल हो रही है। शहरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। युवा पीढ़ी ज़्यादातर स्कूल-कालेजों के छात्र जीवन में अपने साथियों के कहने या मित्र मंण्डली के दबाव डालने पर या फिर मॉडर्न दिखने की चाह में इनका सेवन शुरू करते हैं। कुछ युवक मादक पदार्थों से होने वाली अनुभूति को अनुभव करने के लिए, तो कुछ रोमांचक अनुभवों के लिए तो कुछ ऐसे लोग होते हैं जो मानसिक तौर पर परेशानी या हताशा के हालात में इनका सेवन शुरू करते हैं। मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाई जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग भी लोग अब तो नशा करने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं।

जिला अस्पताल पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला ने बताया कोई भी व्यक्ति एक दिन में नशे का आदी नहीं होता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है। शौक धीरे—धीरे आदी बना देता है जब व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आता है। उससे पहले वह कुछ संकेत भी देता है। उन संकेतों को परिवार को समझना बहुत जरूरी होता है। 26 जून को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम "बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान" है। आदी होने से पूर्व लक्षण जो देखे जाते हैं। खेलकूद और रोजमर्रा के कामों में दिलचस्पी न लेना, भूख कम लगना, वजन कम हो जाना, शरीर में कंपकंपी छूटना, आंखें लाल और सूजी हुई लगना, दिखाई कम देना, चक्कर आना, उल्टी दस्त आना, अत्यधिक पसीना आना, शरीर में दर्द लगना, नींद न आना की समस्या, चिड़चिड़ापन, सुस्ती, आलस्य, निराशा, गहरी चिन्ता, सुई के माध्यम से मादक पदार्थ को लेने वालों व्यक्ति को एड्स का खतरा भी रहता है।

पदार्थ जिनका व्यसन होता है :

शराब, (बियर व्हिस्की रम हंडिया महुआ ठर्रा), तंबाकू उत्पाद (तंबाकू बीड़ी बीड़ी सिगरेट गुड़ाखू गुटका नसवार), गांजा चरस, भांग, अफीम, भुक्की, डोडा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक फोर्टविन (पेंटाजोसिन) कोकिन, नींद की गोलियां, सांस के माध्यम से लिए जाने वाले पदार्थ जैसे गैस, पेंट, पेट्रोल, गोंद, डेन्ड्राइड व्हाइटनर। डेन्ड्राइड और व्हाइटनर का उपयोग स्कूल के बच्चे, या सड़कों पर कचरा बिनने वाले बच्चे में ज्यादा देखने को मिलता है क्यूंकि ये आसानी से उपलब्ध होता है, और किसी को शक भी नहीं होता है। मादक पदार्थ को कुछ भागों में बांट सकते हैं। अपशामक, मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ, निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ, उत्तेजक, भांग से निर्मित मादक पदार्थ, अपशामक - मस्तिष्क की सक्रियता कम कर देते हैं। ये पदार्थ हैं, अल्कोहल, सिकोनाल, नेमब्यूटाल, गाडेर्नाल, वैलियम, लिबियम, मैन्ड्रेक्स, डोरिडेन, N10, एलप्रेक्स, नाइट्रो सन, है। मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ - हमारे देखने, सुनने और महसूस करने की क्षमता पर प्रभाव डालते हैं। निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ-अफीम, मॉर्फीन, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शूगर, मेथाजेन, पेथीडीन, मेप्राडीन है।
उत्तेजक - मस्तिष्क के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्रों की सक्रियता बढ़ा देते हैं। जैसे, बैंजोड्रिन, डैक्सेड्रिन, मैथेड्रिन, कोकीन, निकोटीन है। भांग से निर्मित मादक पदार्थ - गांजा, हशीश, चरस नशीले पदार्थ और तस्करी के मामले भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रॉपिक सब्सटनसीज एक्ट (NDPS एक्ट)2014 के अंतर्गत आते हैं। जोलोग नशीले पदार्थों कीतस्करी अथवा व्यापार करते हैं, उनके इस व्यापार/तस्करी से अर्जित की हुए संपत्ति भी सरकार जब्त कर सकती है और सज़ा के साथ-साथ जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। 

क्या कहते हैं आंकड़े :

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे 2015-16के अनुसार छत्तीसगढ़ में 29.86 % लोग तम्बाकू खाने के आदि है जबकि 7.14 % शराब पीने के आदि हैं।

11-05-2020
मोहल्ले के ग्रुप में शराब के नशे में भेजी अश्लील तस्वीरें, पहुंचा जेल, पत्नी व अन्य महिलाएं भी है ग्रुप में

रायपुर/कोरबा। शराब के नशे में अश्लील तस्वीरें खींचकर मोहल्ले के ग्रुप में पोस्ट करना एक युवक को महंगा पड़ गया। दरअसल मोहल्ले वालों ने एक ग्रुप बनाया था, जिसमें आरोपी की पत्नी भी जुड़ी हुई है। उस ग्रुप में युवक ने नशे की हालत में अश्लील तस्वीरे खीचकर पोस्ट कर दी। जब नशा उतरा तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्योंकि मोहल्ले की महिलाओं एवं उनके पतियों ने थाने जाकर मामले की शिकायत दर्ज करा दी थी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्रान्तर्गत कोहड़िया बस्ती का है। जहां की मोहल्ले की महिलाओं ने आपसी चर्चा और मेल-जोल बनाये रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है।

ग्रुप में महिलाओं के साथ-साथ उनके पतियों को भी जोड़े हैं। ग्रुप की एक सदस्य के पति चंदू ने शराब के नशे में आपत्तिजनक तस्वीर खींचकर ग्रुप में पोस्ट कर दिया। इस पोस्ट की जानकारी होने पर पत्नी ने पति पर अपनी कसर तो उतारी ही, ग्रुप की महिलाओं और पुरुषों सदस्यों ने भी आपत्ति जताते हुए इसकी शिकायत कोतवाली थाने में कर दी। थाने से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी खिलाफ मोहल्ले की महिलाओं द्वारा की गई लिखित शिकायत और अश्लील पोस्ट संबंधी प्रमाण के बाद प्रथम द्ष्टया भादवि की धारा 292, 509(ख) तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध घटित होना पाए जाने से पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

10-05-2020
नशे और आर्थिक तंगी के कारण बढ़ रही घरेलू हिंसा : डॉ. अविनाश शुक्ला

रायपुर। घरेलू हिंसा बढऩे को लेकर स्पर्श क्लीनिक के मनोरोग चिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला का कहना है इनमें नशे की पूर्ति नहीं होने से चिड़चिड़ापन और आर्थिक तंगी को प्रमुख माना जा रहा है। साथ ही लॉक डाउन के कारण लोग इन दिनों लोग सामान्य से ज्यादा तनाव में हैं। व्यापारी, श्रमिक या कोई भी हो लॉक डाउन में काम बंद होने से आर्थिक बोझ व कोरोना वायरस को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता के बीच सोशल डिसटेंसिंग में पुरुष वर्ग द्वारा घरों से बाहर नहीं निकलने से तनाव महसूस कर रहे हैं। घरों में 24 घंटे रहने से वक्त तो ज्यादा मिल रहा है परिवार के लिए लेकिन पति-पत्नी के बीच रिलेशनशीप में सौहाद्र नहीं है। छुटियों के बीच दूसरे शहर घूमने जाने का प्लान और बच्चों का स्कू‍ल नहीं होने से दिनभर घर में माहौल उबाऊ होने लगा है।

इस वजह से भी पति-पत्नी के बीच विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। मनोरोग चिकित्सक डॉ. शुक्ला ने बताया कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉक डाउन की स्थिति ने सभी की दिनचर्चा को बदलकर रख दिया है। ऐसे में घरों में बढ़ते आपसी तनाव यानी घरेलू हिंसा को खत्म करने के लिए पति–पत्नी के बीच बातचीत के तौर तरीकों में कुछ नयापन का एहसास होना चाहिए। एक दूसरे के भावनाओं का आदर करना चाहिए। किसी बात पर ठेस लगने जैसे कठोर भाषा का प्रयोग करने से बचना चाहिए। जो पत्नी को पसंद नहीं ऐसा कार्य बार-बार नहीं करना चाहिए। पत्नी् को बच्चों के सामने नहीं डांटना चाहिए बल्कि उनकी प्रशंसा करना चाहिए। जरुरत पड़े तो आपसी मतभेद को खत्म करने के लिए मैरीज काउंसलर से भी परामर्श लेना चाहिए।

08-05-2020
शराब के नशे में युवक को उतारा मौत के घाट, पढ़े पूरी खबर..

रायपुर। शहर में इन दिनों पुलिस का भय समाप्त होता नजर आ रहा है। लॉक डाउन में राजधानी के खमतराई थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरगांव में शराब के नशे में एक युवक ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। मिली जानकारी के अनुसार देवराज साहू उर्फ गोल्लर ने शंकर सेन की हत्या कर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस संपूर्ण मामले की जांच में जुुटी हुई है।

 

08-05-2020
 शराब के नशे में धुत बदमाशों ने की महिला से दुष्कर्म की कोशिश,विरोध करने पर किया आग के हवाले

रायपुर/बिलासपुर। शराब के नशे तीन बदमाश एक घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगे। महिला के विरोध करने पर बदमाशों ने मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी। इसके कारण वह बुरी तरह से झुलस गई। फिलहाल सिम्स में महिला का उपचार चल रहा, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार घटना मोरगा चौकी क्षेत्र के एक गांव की है। 27 वर्षीय महिला घर पर किराना दुकान चलाती है। दो दिन पहले वह रात लगभग 10 बजे घर पर अकेली थी। इस बीच तीन बदमाश महिला के घर पहुंचे और सामान खरीदने के बहाने दरवाजा खुलवाया।

इसके बाद उसके पति के बारे में पूछताछ की। महिला ने युवकों को बताया कि उसका पति बाहर गया है। यह सुनकर तीनों युवकों ने बदनियती से छेड़छाड़ करने लगे और उसके घर के अंदर घुस गए। आरोपियों ने महिला से दुष्कर्म करने का प्रयास किया, महिला के विरोध करने पर मिट्टी तेल महिला पर डालकर तीनों वहशियों ने आग लगा दी। चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग को बुझाया। सूचना मिलने के बाद उसका पति भी घर लौटा। करीब 60 फीसदी झुलस चुकी महिला को सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर गिद्धमुड़ी गांव के शरद मसीह उम्र 35, प्रीतम पैकरा 22 साल और सरोज कुमार 33 को गिरफ्तार किया है।

05-05-2020
दोस्तों ने छीने पैसे तो शराब के नशे में पुलिस चौकी पहुंचा युवक, खुद को किया आग के हवाले

नई दिल्ली। यूपी के हापुड़ जिले की पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने शराब पीने के बाद पुलिस चौकी के पास पहुंच कर खुद को आग लगा ली। चौकी इंचार्ज ने दौड़ कर जलते युवक की आग बुझाई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। 40 दिन बाद खुले शराब के ठेके की लेकर जहां भीड़ उमड़ने पर पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। वहीं देर शाम कस्बा निवासी एक युवक शराब पीने के बाद छिजारसी पुलिस चौकी के पास पहुंच गया। अपने ऊपर कोई पदार्थ डालकर आग लगा ली। युवक को जलता देख चौकी में तैनात दरोगा ने दौड़ लगा दी। दरोगा ने युवक को बचाते हुए किसी तरह आग बुझाई। इस दौरान दरोगा भी झुलस गए। पुलिस ने झुलसे युवक को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। सीओ पिलखुवा ने बताया कि युवक शराब के नशे में अपने दोस्तों के साथ जुआ खेल रहा था। उसका आरोप है कि उसके दोस्तों ने उसका पैसा और मोबाइल छीन लिया। वापस न करने पर उसने खुद को आग लगाई है। सीओ ने बताया कि युवक 20 प्रतिशत जला है जो अब खतरे से बाहर है।

23-04-2020
श्रमिकों को दिया तनाव मुक्ति और नशे से उभरने के परामर्श

रायपुर । राजधानी रायपुर के आश्रय स्थलों में ठहरे हुए प्रवासी श्रमिकों को अवसाद, चिंता, बेचैनी और घबराहट से दूर करने के लियें नियमित रूप ज़िला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत परामर्श प्रदान किया जा रहा है ।
अब तक ज़िले के विभिन्न आश्रय स्थलों में रुके छत्तीसगढ के अलावा अन्य राज्यों के लगभग 300 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को ज़िला मानसिक स्वास्थ्य द्वारा गठित दल के माध्यम से परामर्श दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने बताया जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत परामर्श तीन सदस्य दल का गठन किया गया है,जो नियमित रुप से प्रवासी श्रमिकों के लियें बने आश्रय स्थलों पर जा कर सेवाएं प्रदान किया जा रहा है। ज्यादातर श्रमिक लॉक डाउन की चिंता को लेकर डिप्रेशन में है।

इसमें सबसे ज्यादा घर जाने की चिंता और नशे की आदत के कारण बेचैनी और घबराहट महसूस कर रहे हैं,जिसको दूर करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा उन्हें सलाह दी जा रही है ।मनोचिकित्सक डॉ.अविनाश शुक्ला ने बताया प्रवासी श्रमिकों से सामान्य बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझकर उन्हें उचित परामर्श दिया जा रहा है और साथ ही एक साथी को दूसरे साथी की जिम्मेदारी देकर आपसी समन्वय कर व्यवहारिक दोस्ती बनाने की बात समझाई जाती है। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर आपस में अपने अपने अनुभवों को साझा करने की भी सलाह दी जा रही है ताकि आश्रय स्थलों पर स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके। प्रवासीजनों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच करते हुए उनमें से कुछ आश्रित जनों में अवसाद चिंता एवं मादक पदार्थों के न मिल पाने के कारण होने वाली परेशानियों की जांच की गई एवं उनको उचित परामर्श देते हुए सपोर्टिव साइकोथेरेपी,स्लीपहाइजीन और रिलैक्सेशन के बारे में बताया गया ।मनोवैज्ञानिक ममता गिरी गोस्वामी ने बताया सर्वप्रथम कोरोना वायरस के खतरे और बचाव के विषय में बताया जा रहा है।

साथ ही श्रमिकों की काउंसलिंग कर उन्हें आश्रय स्थल में साफ सफाई सोशल डिस्टेंसिंग और आपसी व्यवहारिक वातावरण बनाने की सलाह दी जा रही है। मुख्य रूप से लोगों में परिवार से मिलने के प्रति चिंता ज्यादा है,जिसको समझाइश देकर और वीडियो कॉलिंग पर बात करवा कर उनके तनाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।सोशल वर्कर तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ कि नेहा सोनी ने बताया ज्यादातर श्रमिक नशे की आदत के कारण बेचैनी से परेशान है। नशे की आपूर्ति न होना से भी उनको अवसाद हो रहा है।

26-10-2019
थप्पड़ मारने पर दो मजदूरों को चाकुओं से गोद डाला

नई दिल्ली। स्वरूप नगर इलाके में शुक्रवार रात निर्माणाधीन मकान में तैनात गार्ड और उसके परिचित ने थप्पड़ मारने पर ठेकेदार के बेटे राजमिस्त्री रवि (29) और मजदूर सुनील कुमार (25) की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस दोनों को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मजदूर सुनील को मृत घोषित किया। इलाज के दौरान बेटे रवि ने भी दम तोड़ दिया। गार्ड जय सिंह को मौके पर दबोच लिया गया, जबकि उसका साथी धर्मेंद्र फरार हो गया। पुलिस के अनुसार कादीपुर इलाके में रवि पिता राम सिंह, मां, पत्नी, दो बेटियों और दो भाइयों सतेंद्र व शशि के साथ रहता था। सुनील भी पड़ोस में पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता था। राम सिंह मकान निर्माण का ठेका लेते हैं। रवि पिता के काम में हाथ बंटाने के साथ-साथ राजमिस्त्री का काम करता था। सुनील मजदूर था। पुलिस को रात करीब 11 बजे सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल के पास निर्माणाधीन मकान में दो युवकों को चाकू मारने की सूचना मिली। पुलिस घायलों को पास के अस्पताल ले गई। जांच में पता चला कि मकान में तैनात गार्ड जय सिंह और उसके परिचित धर्मेंद्र ने कहासुनी के दौरान दोनों को चाकू मारा है। पुलिस ने जय सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि धर्मेंद्र फरार है। पूछताछ में जय सिंह ने कहा कि शुक्रवार रात रवि सामान की जांच करने आया था। जय सिंह और धर्मेंद्र खाना बना रहे थे, इसलिए दरवाजा खोलने में देरी हो गई। इससे गुस्साए रवि ने उसे एक थप्पड़ मार दिया। इसे लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। रवि ने सुनील को बुला लिया। कहासुनी बढ़ी और धर्मेंद्र ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वह फरार हो गया। जय सिंह ने खुद को बेकसूर बताया। घटना के दौरान वहां पहुंचे राम सिंह ने आरोप लगाया कि जय सिंह के इशारे पर ही धर्मेंद्र ने दोनों पर चाकू से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, राम सिंह ने पीतमपुरा के रहने वाले राकेश जैन का चार मंजिला मकान बनाने का ठेका लिया था। रवि राजमिस्त्री था। शुक्रवार रात वह शराब के नशे में सीमेंट, ईंट व अन्य सामान की जांच करने पहुंचा था। वहां उसकी गार्ड के सहयोगी धर्मेंद्र से कहासुनी हो गई।

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