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14-03-2020
मॉश्चराइजर से स्किन को रोका जा सकता है बेजान और रूखे होने से, आजमाएं यह टिप्स

नई दिल्ली। बदलते मौसम के प्रभाव से स्किन पर दाग-धब्बे, झाइयों, झुर्रियों आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शरीर के साथ स्किन का भी अच्छे से ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा स्किन के ड्राई होने की समस्या की परेशानी होती है। ऐसे में स्किन रूखी-बेजान नजर आने लगती है। इससे बचने के लिए रोजाना बॉडी को मॉश्चराइज करना जरूरी है।

तो चलिए जानते कुछ स्किन केयर टिप्स के बारे में :

कौन सा म़ॉश्चराइज करें इस्तेमाल
अच्छी त्वचा के लिए नियमों में किसी लोशन तथा मॉश्चराइजर का इस्तेमाल शामिल करना चाहिए। एक ऐसा लोशन चुनें,जिसमें बहुत सारे विटामिन्स हो। लोशन ऐसा भी हो जो तेल के बिना हो। आपके रोम छिद्रों को खराब करने वाला न हो। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोई भी लोशन या ब्यूटी प्रॉडक्ट खरीदने से पहले उसका टेस्ट कर लेना चाहिए। बात अगर विटामिन्स की करें तो विटामिन ए, विटामिन बी 5 त्वचा की मजबूती बढ़ाने के साथ नमी बरकरार रखने में मदद करते है। विटामिन सी और विटामिन ई डेड स्किन सैल्स को रिपेयर करने में फायदेमंद होता है। इसके साथ ही त्वचा को हानि पहुंचाने से रोकता है।

कब करें मॉइश्चराइजर?
इसके इस्तेमाल करने का सबसे सही समय नहाने,शेव करने या स्क्रबिंग करने के बाद का माना जाता है। इसे दिन में 2 बार यूज किया जाना चाहिए। यह रिपेयरिंग में मदद करती है। आपके चेहरे, कानों, गर्दन तथा छाती की स्किन मौसमी बदलावों के प्रति संवेदनशील होती है। ये जगह शरीर के इन्य हिस्सों के मुकाबले अधिक तेजी से कोशिकाओं को या त्वचा की परत को झाड़ते हैं। इसलिए खुद को रिपेयर करने के लिए उन्हें मॉश्चराइजर की जरूरत होती है। इसके सात ही लोशन लगाने के समय की जाने वाली मसाज भी ब्लड सर्कुलेशन तथा नई कोशिकाएं बनाने में मदद करती हैं।

स्किन की देखरेख के टिप्स...
अधिक पानी पिएं :
रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी का सेवन करें। माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें
जिस क्लींजर का आप इस्तेमाल करती हैं, वह सौम्य और खूशबू के बिना होनी चाहिए।

बाहर जाने से पहले लगाएं सनस्क्रीन :
अपनी स्किन की सुरक्षा से ज्यादा कुछ भी नहीं होता है। ऐसे में सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचने के लिए घर से बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं। लिप बाम लगाएं जब भी होंठ सूखने की परेशानी हो लिप बाम लगाए। इससे इन्हें मॉश्चर मिलेगा। इसके साथ ही होंठों के कटने- फटने की परेशानी से बचा जा सकता है। अपने हाथों पर अधिक ध्यान दें। बॉडी के बाकी हिस्से के मुकाबले आपके हाथों पर वातावरण का अधिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में हाथ ज्यादा शुष्क दिखाई और महसूस होते है। इसलिए आप जितनी बार भी हाथ धोएं उतनी बार ही हाथों पर क्रीम लगाएं।

 

22-07-2019
स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखती हैं अंकुरित दालें  

नई दिल्ली। दालें किसी भी प्रकार की हो इन्हें अंकुरित करके खाने का अपना ही मजा है। दालों में प्रोटीन, काबोर्हाइड्रेट, विटेमिन-ए और बी पाया जाता है लेकिन अंकुरित होने के बाद इनकी पोषक वैल्यू कई गुना और बढ़ जाती है, इन दानों में विटामिन-सी भी उत्पन्न हो जाता है। विटामिन सी हमारे शरीर की एक बहुत बड़ी आवश्यकता है। अंकुरित हो कर ये दाने फाइबर से भरपूर, पाचक और पोषक हो जाते है। 

तो चलिए जानते हैं अंकुरित दाल बनाने की विधि :

—सबसे पहले अपनी मनपसंद दालों को रात भर पानी में भिगोकर रख दें।
—सुबह उठकर दाल का पानी निकालकर, दाल को छननी में मलमल के कपड़े के साथ ढककर रख दें।
—2 से 3 दिनों के लिए दाल ऐसी ही पड़ी रहने दे, कपड़े को दिन में दो बार बदलते रहें।
—जब दाल अंकुरित हो जाए तो प्रेशर कुकर में 2 से 3 सीटी आने तक दाल पकने दें, साथ में आधा कप पानी भी डाल दें।
—आपकी अंकुरित दाल बनकर तैयार है। इसे नमक-मिर्च डालकर या फिर प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और नींबू डालकर इसकी चटपटी चाट बनाकर खाएं।

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