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09-09-2020
कांटेक्ट ट्रेसिंग कार्य में लापरवाही,कलेक्टर के आदेश पर 12 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन के आदेश पर कांटेक्ट ट्रेसिंग कार्य में लापरवाही के कारण 12 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि, छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशानुसार कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य यथाशीघ्र और किसी भी दशा में कोरोना पॉजिटिव मरीज की जानकारी होने पर 6 घंटे के भीतर करने, क्वारेंटाइन व सैंपलिंग की जानी है। आदेश के परिपालन में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कार्य में 12 कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। 12 कर्मचारी ना ही अब तक न्यू सर्किट हाउस  ऑडिटोरियम में उपस्थित हुए हैं और ना ही सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन किया है। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने नदारद 12 कर्मचारियों को नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के समक्ष उपस्थित होने व कारण बताओ नोटिस का जवाब 3 दिन के भीतर देने कहा है।

30-08-2020
अनलॉक 4 : छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी की गाइडलाइन, आवश्यकता होने पर निजी आयोजनों में शर्तों का पालन अनिवार्य

रायपुर। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अनलॉक-4 के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि, नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण के लिए अनलॉक-4 को 30 सितंबर  तक संशोधित रूप में लागू करने के संबंध में गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के परिपालन में सभी विभागीय सचिवों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई तय करने को कहा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण पर प्रभावी रोक के लिए निजी आयोजन सामान्यत: न किए जाने के लिए जनसाधारण को सलाह दी जाए। यदि अपरिहार्य कारणों से ऐसे आयोजन किए जाने की आवश्यकता हो तो सोशल, फिजिकल डिस्टेंस, फेसमास्क, थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवाश और सैनिटाइजर सहित सावधानियां बरतते हुए आयोजन किए जाने की सलाह दी जाए। साथ ही यह भी तय करें कि आयोजन स्थल पर सामान्य क्षमता 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्तियों की संख्या न हो। संलग्न दिशा-निर्देश में निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्तियों को भाग न लिया जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागीय सचिवों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और सभी विभागाध्यक्षों को अनलॉक-4 लागू करने के संबंध में गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश भेजकर उनसे आवश्यक कार्रवाई तय करने कहा है। आदेश की कापी देखने के लिए क्लिक करें   

 

27-08-2020
 विभागों के अधीन गठित समितियों में एक महिला सदस्य को रखना अनिवार्य, आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त विभागों के अधीन गठित साक्षात्कार, चयन, पदोन्नति और छानबीन समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का पृथक-पृथक प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया है। इन समितियों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए अब एक महिला सदस्य को रखा जाना अनिवार्य किया गया है। बता दें कि, गत दिवस मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। इसके परिपालन में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर सहित शासन के समस्त विभाग, सभी विभागाध्यक्ष, सभी संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रेषित कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।

 

30-07-2020
मनिंदर कौर को ग्रामोद्योग और वाणिज्यिक कर, महावर को दुर्ग संभागायुक्त और अब्दुल कैसर को पंचायत की जिम्मेदारी

रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 3 आईएएस अधिकारियों के प्रभार में परिवर्तन के संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार डॉ मनिंदर कौर द्विवेदी को प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग विभाग और वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन को छोड़कर) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे एम गीता सचिव ग्रामोद्योग विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी। गौरव द्विवेदी प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन को छोड़कर) से मुक्त होंगे। वहीं त्रिलोक चंद महावर को संभाग आयुक्त दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है। इससे जीआर चुरेन्द्र दुर्ग संभागायुक्त के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे। आईएएस अब्दुल कैसर हक विशेष सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है और मनरेगा रायपुर के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

 

20-07-2020
Breaking:  मंत्रालय और सभी विभाग अध्यक्ष कार्यालय 7 दिन रहेंगे बंद, आदेश जारी 

रायपुर। मंत्रालय के विभागों के संचालन के संबंध में पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है। राज्य शासन ने सोमवार को निर्णय लिया गया है कि मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों का संचालन 22 जुलाई से 28 जुलाई तक की अवधि में नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव (मंत्रालय) और सभी विभागाध्यक्ष को इस संबंध में सूचित किया गया है। यह निर्देश नवा रायपुर, अटलनगर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों और रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों पर भी लागू होगा। मंत्रालय और विभागाध्यक्षों के कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी घर से शासकीय कार्य संपादित करेंगे। सदैव मोबाइल/टेलीफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क में बने रहेंगे। आवश्यकता होने की स्थिति होने पर उन्हें कार्य पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया जाएगा। साथ ही आवश्यक नस्तियों और डाक के लाने-ले जाने व संचालन के लिए व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष निर्देश यथावत लागू रहेंगे।

 

 

20-07-2020
प्रशिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के निर्देश

रायपुर। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने कोविड-19 के नियंत्रण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करते समय भी शारीरिक-सामाजिक दूरी के संबंध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा प्रशिक्षण संस्थानों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के सचिवों, सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि अत्यंत आवश्यक होने पर प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण पूर्वानुमति प्राप्त कर ही आयोजित किए जाएं। विभाग ने सभी संबंधितों को इन निर्देशोंके बारे में सूचित कर इनका पालन सुनिश्चित करने कहा है।

 

20-07-2020
प्रतिबंधात्मक क्षेत्रों में खुलेंगे ये शासकीय कार्यालय, आदेश में आंशिक संशोधन

रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने कोरोना नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक आदेशों से प्रभावित क्षेत्र में शासकीय कार्यालयों के संचालन के लिए संशोधित निर्देश जारी किए हैं। पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए राज्य शासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश से प्रभावित क्षेत्र में स्थित शासकीय कार्यालयों का संचालन प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभावी रहने की अवधि तक नहीं करने के निर्देश दिए हैं। किंतु इन क्षेत्रों में कोरोना वायरस से निपटने में शामिल तथा विभिन्न आवश्यक सेवाओं जैसे पुलिस, स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल, फायर ब्रिगेड, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बिजली व्यवस्था, जेल, पेयजल आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएं पूर्वानुसार संचालित रहेंगी। पंजीयन कार्यालयों के संचालन की अनुमति रहेगी। इस संबंध में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग द्वारा पृथक से आदेश जारी किया जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश केवल प्रतिबंधात्मक आदेश से प्रभावित क्षेत्र की सीमा में स्थित शासकीय कार्यालयों और विभिन्न विभागों के अंतर्गत निगम, मंडल, आयोग एवं अन्य प्रशासकीय इकाईयों पर लागू होंगे। ये निर्देश केवल प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभावी रहने की अवधि तक ही प्रभावी रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के सचिवों, सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को संशोधित परिपत्र जारी करते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को घर से शासकीय कार्य संपादित करने एवं पूरे समय मोबाइल, टेलीफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क में रहने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए निर्देशित करने कहा है। उन्हें आवश्यक नस्तियों व डाक लाने-ले जाने एवं इसके संचालन के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधितों को नए निर्देशों के बारे में सूचित कर इनका पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व में जारी शेष निर्देश यथावत लागू रहेंगे।

 

18-07-2020
प्रतिबंधात्मक इलाकों के शासकीय कार्यालयों में तृतीय और चतुर्थ कर्मचारियों की उपस्थिति होगी कम, निर्देश जारी

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण को रोकने छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह ने सभी विभागों के भारसाधक सचिवों, कलेक्टर, संभाग आयुक्त, विभाग अध्यक्ष को पत्र भेजकर निर्णय से अवगत कराया है। पत्र के मुताबिक कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेशों से प्रभावित क्षेत्र में शासकीय कार्यालयों के संचालन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि नोवेल कोरोना वायरस की स्थिति को नियंत्रित करने जिला स्तर पर प्रशासनिक आवश्यकता के दृष्टिगत जिला कलेक्टर की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश के माध्यम से कड़ाई की जा सकती है। शासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित शासकीय कार्यालयों के संचालन में तृतीय और चतुर्थ कर्मचारियों की उपस्थिति एक तिहाई होगी। इसके लिए रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी पूर्वानुसार कार्य करेंगे। शासकीय कार्यालय में कार्यालय प्रमुख के की अनुमति के बिना आगंतुकों का प्रवेश नहीं होगा। सभी शासकीय कार्यालयों में फेस मास्क का उपयोग, सोशल व फिजिकल डिस्टेसिंग के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों में सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई की व्यवस्था सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से पूर्व की भांति का जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग का पत्र देखने क्लिक करें 

18-07-2020
अवैधानिक पदोन्नति तत्काल रोके सरकार,अन्यथा व्यापक असंतोष फैलने के लिए होंगे जिम्मेदार : सच्चिदानंद उपासने

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानन्द उपासने ने कहा कि मंत्रालय के उन कर्मचारियों की सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा ऐसे दर्जनों कर्मचारियों की पदोन्नति की अनुशंसा की जा रही है जिन्हें उच्चस्तरीय छानबीन समिति ने अपनी रिपोर्ट में फर्जी जाति प्रमाण के आधार पर नौकरी करना पाया था और जिन्हें उच्च न्यायालय ने भी अयोग्य करार दिया था। उपासने ने कहा कि फिर भी ऐसे कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने के बजाय यह सरकार पदोन्नति देने जा रही है। प्रदेश सरकार बताए कि यह अनुशंसा किस आधार पर की गई है? उपासने ने कहा कि गत वर्ष विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह सार्वजनिक घोषणा मंच से की थी कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर जिन कर्मचारियों ने नौकरी प्राप्त कर ली है उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा व पदोन्नति भी नहीं दी जाएगी। उपासने ने मुख्यमंत्री बघेल से मांग की है कि सभी कर्मचारियों  के हितों में अपनी घोषणा व जांच समिति  की रिपोर्ट के आधार पर यह अवैधानिक पदोन्नति तत्काल रोकें अन्यथा मंत्रालय कर्मचारियों में व्यापक असन्तोष फैलने के लिए प्रदेश सरकार ही जिम्मेदार होगी।

 

17-07-2020
Breaking:  अब इन्द्रावती भवन में भी लेनी होगी प्रवेश की अनुमति,आदेश जारी

रायपुर। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर महानदी मंत्रालय भवन की तरह अब इन्द्रावती भवन में भी बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है।  इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि, इन्द्रावती भवन (विभागाध्यक्ष कार्यालय) में केवल विभागाध्यक्ष की अनुमति से ही उन्हीं कार्यालय में बाहरी व्यक्ति प्रवेश कर सकेंगे। जिस कार्यालय के लिए उन्हें अनुमति दी गई है। बाहरी व्यक्तियों का बिना अनुमति किसी भी कार्यालय में प्रवेश पूर्णतः वर्जित होगा। सचिव सामान्य प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को उक्त निर्देश का कड़ाई से पालन तय करने के निर्देश दिए है।

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