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12-01-2021
दो नाबालिग दोस्तों ने की बालक की हत्या, दोनों गिरफ्तार

दुर्ग। जिले के पुलगांव थाना के अंतर्गत पुलगांव बस्ती में सोमवार को थाना में सूचना मिली थी कि शासकीय प्राथमिक शाला पुलगांव के तीसरी मंजिल में एक नाबालिग लड़के की लाश मिली है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित झा के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग विवेक शुक्ला और पुलगांव थाना प्रभारी उत्तर वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। मुआयना के दौरान पता चला कि शव 13 वर्षीय नाबालिग दानेश्वर साहू का है। पुलिस ने बताया कि तीसरी मंजिल पर जाने के लिए कोई भी सीढ़ी वहां पर नहीं है। नाबालिग वहां पर कैसे गया इसका पता लगाया जा रहा था। पुलिस मृतक के  दोस्तों से भी पूछताछ कर रही थी। इस बीच मौके पर एफएसएल की टीम एवं डॉग स्क्वाड भी पहुंची। एफएसएल टीम के प्रभारी डॉ मनोज पटेल ने बताया कि हत्या गले में किसी चीज को बांधकर की गई है और इस हत्या में संभवत 2 से 3 लोग शामिल होने का अनुमान लगाया। इस आधार पर आगे की पूछताछ की जाती रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि मृतक आख़िरी समय में अपने कुछ दोस्तों के साथ देखा गया है। उनसे भी पूछताछ की गई, जिसमें युवकों ने जो कि नाबालिक युवक थे, ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों ही अपचारी बालक जिनकी उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष है ने बताया कि दानेश्वर साहू को हम अक्सर चिढ़ाया करते थे और कल भी उसे चिढ़ा रहे थे। इससे वह गुस्सा होकर गाली देने लगा जिससे उन लोगों को क्रोध आ गया और दोनों ने प्लान किया कि इसे स्कूल की छत पर ले जाते हैं। ऐसा सोचकर उन्होंने उसे स्कूल की छत चलने के लिए तैयार किया। वहां ले जाने के बाद उससे बहस हुई। बहस के दौरान पुनः मृतक ने उन्हें गाली दी। इससे दोनों ने मृतक के गले को हुड वाले जैकेट के लेस को निकालकर मृतक के गले में कसकर बांध कर मार डाला। दोनों नाबालिगों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त लेस को भी आरोपी के शिनाख्त पर घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों अपचारी बालकों को गिरफ्तार कार लिया है।

 

31-12-2020
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली 44 लाख 52 हजार रूपए की राशि

रायपुर। वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्राहकों के हित में सामूहिक सुरक्षा योजना का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। अपर प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ एसएस बजाज ने बताया कि इसके तहत राज्य में चालू वर्ष के दौरान अब तक 371 प्रकरणों में 44 लाख 52 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें स्वीकृत राशि संबंधित हितग्राही के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। गौरतलब है कि सामूहिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत मृतक तेन्दूपत्ता संग्राहक के परिवार के मुखिया अथवा दावेदार को 12 हजार रूपए का भुगतान किया जाता है। इसका संचालन तेन्दूपत्ता संग्राहकों के हित में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जा रहा है। सामूहिक सुरक्षा योजना में जगदलपुर वन वृत्त के अंतर्गत वन मंडल बीजापुर के 5 प्रकरणों में 60 हजार रूपए तथा दंतेवाड़ा वन मंडल के 8 प्रकरणों में 96 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है।

इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत कांकेर वन मंडल के 27 प्रकरणों में 3 लाख 24 हजार रूपए, पश्चिम भानुप्रतापुर वन मंडल के 11 प्रकरणों में एक लाख 32 हजार रूपए, पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंडल के 13 प्रकरणों में एक लाख 56 हजार रूपए, नारायणपुर वन मंडल के 5 प्रकरणों में 60 हजार रूपए तथा केशकाल वन मंडल के 5 प्रकरणों में 60 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। रायपुर वन वृत्त के अंतर्गत गरियाबंद वन मंडल के 29 प्रकरणों में 3 लाख 48 हजार रूपए,धमतरी वन मंडल के 27 प्रकरणों में 3 लाख 24 हजार रूपए, महासमुंद वन मंडल के 23 प्रकरणों में 2 लाख 76 हजार रूपए, बलौदाबाजार वन मंडल के एक प्रकरण में 12 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत जशपुर नगर वन मंडल के 30 प्रकरणों में 3 लाख 60 हजार रूपएए बलरामपुर वन मंडल के 27 प्रकरणों में 3 लाख 24 हजार रूपए, सूरजपुर वन मंडल के 10 प्रकरणों में एक लाख 20 हजार रूपएए मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के 5 प्रकरणों में 60 हजार रूपए तथा सरगुजा वन मंडल के 3 प्रकरणों में 36 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है।

 

21-12-2020
जिले में कोविड-19 जांच की संख्या 1 लाख के पार, संक्रमित मरीजों की त्वरित हो रही पहचान

रायपुर/सूरजपुर। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरएस सिंह के नेतृत्व में जिला सूरजपुर के अधीनस्थ समस्त स्वास्थ्य टीम के दिन-रात निष्ठाभाव से कार्य करते हुए और अपनी जान की परवाह न करते हुए कोरोना से संक्रमित मरीजों की देखभाल और उपचार किया जा रहा हैं। इसके परिणाम स्वरूप आज दिनांक तक कोविड-19 से संबंधित जिले में एक लाख 61 हजार 164 व्यक्तियों का सैंपल लिया जा चुका हैं। सैंपलिंग की संख्या एक लाख पार होने से जिला के लिए राहत की खबर है, जिससे संक्रमित मरीजों की त्वरित पहचान हो जा रही है। साथ ही समयानुसार उनका उपचार किया जा रहा हैं।कोरोना मरीजों के उपचार व्यवस्था के लिए 1 डेडिकेटेड अस्पताल और 6 कोविड केयर सेंटर स्थापित हैं।

इसमें कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा आसानी से मिल रही हैं। साथ ही जिला स्तर पर जिला स्तरीय कोविड कन्ट्रोल रूम स्थापित है,जिससे कंट्रोल रूम के साथ ही साथ डॉक्टर और अन्य स्टॉफ के माध्यम से दूरभाष के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों को प्रतिदिन कॉल कर उनकी स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही हैं।

 

18-12-2020
सिंगर अनूप जलोटा फिर सुर्खियों में, जानिए क्या मामला है इस बार

रायपुर/मुंबई। सिंगर अनूप जलोटा इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। अनूप जलोटा को जल्द ही विक्की राणावत के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में लीड रोल में देखा जाएगा। इस फिल्म में वह सत्य साईं बाबा की भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। इस फिल्म से अनूप जलोटा का लुक सामने आ चुका है। फिल्म का शीर्षक ‘सत्य साईं बाबा’ दिया गया है। बालाकृष्ण श्रीवास्तव के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म में बप्पी लहरी ने संगीत दिया है। फिल्म में अनूप जलोटा के अलावा जैकी श्रॉफ, साधिका रंधावा, गोविंद नामदेव, अरुण बक्शी और मुश्ताक खान जैसे सितारे भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। फिल्म को हिन्दी के अलावा अंग्रेजी, तेलुगु और मराठी भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा। सत्य साईं बाबा की यह बायोपिक 22 जनवरी, 2021 को रिलीज होने के लिए बिल्कुल तैयार है। सत्य साईं बाबा का जन्म 23 नवंबर, 1926 को हुआ था। 14 साल की उम्र में उन्होंने समाज की सेवा के लिए अपने घर को छोड़ दिया था।

20-10-2020
रैम्प और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत के मूल्य में कमी आने की संभावना, 319 खदानों में निविदा जारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर रेत की सुचारू आपूर्ति तय करने के लिए खनिज विभाग की ओर से इस वर्ष प्रदेश में कुल 107 रेत भण्डारण अनुज्ञा स्वीकृत की गई है। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में रेत के अवैध उत्खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जुर्माना भी वसूल किया गया है। खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन के 37 प्रकरण, अवैध परिवहन के 1726 प्रकरण और अवैध भण्डारण के 26 प्रकरण दर्ज करते किए गए हैं। संबंधितों से 2 करोड़ 7 लाख 49 हजार 89 रुपए समझौता राशि की वसूली भी की गई है। विभाग ने बताया है कि वर्तमान में प्रदेश में कुल 319 रेत खदानों में निविदा जारी की गई है। कुल 210 रेत खदानों में पर्यावरण सम्मति प्राप्त होने के बाद अनुबंध के बाद ये खदानें संचालित की जा रही हैं और शेष रेत खदानों में पर्यावरण सम्मति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान समय में प्रदेश के सभी जिलों में रेत खदान आबंटन के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। वर्तमान में भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 10 जून से 15 अक्टूबर तक वर्षाऋतु में रेत खनन को प्रतिबंधित किया गया था। वर्षाऋतु के पूर्व प्रदेश में रेत का औसतन मूल्य 5000-7000 रुपए प्रति हाइवा (10 घनमीटर) था। वर्षाऋतु के दौरान प्रदेश में प्रतिवर्ष रेत के मूल्य में बढ़ोत्तरी होती है, इस दौरान रेत की सुचारू आपूर्ति किए जाने के लिए इस वर्ष खनिज विभाग ने विशेष प्रयास कर प्रदेश में कुल 107 रेत भंडारण अनुज्ञा स्वीकृत किया गया। चूंकि भण्डारण अनुज्ञप्ति क्षेत्र में सीमित भण्डारण क्षमता होने के कारण रेत की कीमतों में आंशिक वृद्धि देखी गई है। वर्षाकाल के बाद अधिकतर जिलों के कई रेत खदानों में वर्तमान में पानी भरा हुआ है और कई रेत खदानों में रैम्प और पहुंच मार्ग मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इन रेत खदानों में आगामी दिनों में लोडिंग और परिवहन का कार्य आरंभ हो जाएगा, जिससे मूल्य में और कमी आने की संभावना है।

वर्षा ऋतु के पूर्व और वर्षा ऋतु के दौरान विभिन्न जिलों में रेत के मूल्यों की तुलनात्मक जानकारी निम्नानुसार है। वर्षा ऋतु के पूर्व रायपुर जिले में रेत का मूल्य 8000 रुपए से 9000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 16000 से 17000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 9000 से 9500 रुपए हो गया है। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत पश्चात रेत की कीमत 7000 से 8000 रुपए संभावित है। इसी तरह बिलासपुर जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 6000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 10000 से 12000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 7000 से 8000 रुपए हो गया है रैम्प निर्माण एवं पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 5000 से 7000 रुपए संभावित है। बस्तर जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 6000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 7000 से 8000 रुपए हो गया था। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 4000 से 5000 रुपए संभावित है। राजनांदगांव जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 7000 रुपए से 8000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 9000 से 10000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 8000 से 9000 रुपए हो गया है और रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 7000 से 8000 रुपए संभावित है। इसी तरह जांजगीर-चांपा जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 7000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 9000 से 10000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 4500 से 7000 रुपए हो गया है। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 4000 से 5000 रुपए संभावित है।

14-10-2020
नारायणपुर कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में तेजी से हो रहे बाड़ी और उद्यानिकी के विकास कार्य

रायपुर/नारायणपुर। किसान बाड़ी विकास कार्यक्रम से किसानों को हो रहा लाभ। बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं नारायणपुर जिले के किसान। कलेक्टर अभिजीत सिंह के कुशल मार्गदर्शन में जिले में उद्यानिकी कार्यक्रम विशेषकर बाड़ी विकास कार्य तीव्र गति से संचालित किये जा रहे हैं। उद्यानिकी विभाग नारायणपुर में राज्य पोषित एंव राष्ट्रीय कृषि विकास योजना संचालित है। वर्ष 2020-21 में राज्य पोषित योजनान्तर्गत 36 हेक्टेयर रकबे में आम पौध रोपण कार्य कराया गया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत कृषकों को केला के पौध 5 हेक्टेयर एंव पपीता पौध 15 हेक्टेयर रकबे में रोपण कार्य प्रगति पर है। मनरेगा योजनान्तर्गत 27 गोठानों में 5400 पौधों का रोपण कार्य कराया गया है। 

वर्ष 2019-20 में 666 बाड़ियों का लक्ष्य निर्धारित था, जिसका कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें प्रति बाड़ी 1000 रू. के मापदण्ड में 346 रू. के फल पौध जिसमें नीबू, अमरूद, कटहल, आम, 150 रू. के सब्जी बीज एंव कंद खरीफ मौसम में ,रबी मौसम में प्रति बाडी 250 रू. का सब्जी बीज एंव जायद मौसम में 254 रू. प्रति बाडी में सब्जी बीज का वितरण किया है। वर्ष 2020-21 में इस जिले को 1560 नवीन बाड़ियों का लक्ष्य निर्धारित है। इनका चयन 41 गौठानों के अंतर्गत किया गया है। जिसमें प्रति बाड़ी 1000 रू. के मापदण्ड से 346 रू. का फल पौध, 150 रू. का सब्जी बीज खरीफ मौसम में, 250 रू. का सब्जी बीज रबी मौसम में एंव 254 रू. जायद में सब्जी बीज वितरण किया जा रहा है। बाड़ी विकास येाजनानतर्गत प्रति बाडी कृषकों द्वारा 80-100 किग्रा. विभिन्न प्रकार की साग सब्जी का उत्पादन किया जा रहा है। इन सभी कार्यों का निरीक्षण उद्यान विभाग के अधिकारियों की ओर से किया जा रहा है।

28-09-2020
कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में कुल 1058 बेड, 224 मरीजों का उपचार जारी, 834 बेड रिक्त    

जांजगीर चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार के निर्देशन में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कोविड अस्पताल और 9 कोविड केयर सेंटर में कुल 1058 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें से 224 बेड पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है और 834 बेड रिक्त है। कोविड अस्पताल और 9 कोविड केयर सेंटर्स में स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकाल अनुसार समुचित व्यवस्था की गई है। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल सहित कोविड केयर सेंटर्स सें सोमवार को 78 मरीज समुचित उपचार के पश्चात स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। साथ ही 4 सेंटर्स में कुल 16 नए मरीजों की भर्ती किए गए है। कोविड केयर सेंटर्स के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया ने बताया कि 28 सितंबर को शाम 4.30 बजे की स्थिति मे जिला अस्पताल परिसर के कोविड अस्पताल में 80 बेड उपलब्ध है, जिनमें 67 मरीज भर्ती है।

इसी प्रकार आईटीआई कुलीपोटा में 150 बेड हैं,जिनमें 15 मरीजो का उपचार जारी हैं। आकांक्षा परिसर जर्वे में 100 बेड की क्षमता है, वहां पर 13  मरीजों का उपचार जारी है। दिव्यांग स्कूल पेण्ड्रीभाठा में 128 बेड की व्यवस्था है,जिस पर 14  में मरीज भर्ती हैं। कृषि महाविद्यालय बालक छात्रावास भवन जर्वे के 35 बेड  में सभी रिक्त हैं। शासकीय एमएमआर महाविद्यालय चांपा में 130 बेड की व्यवस्था है,जिनमें 10 पर मरीज भर्ती  है। शासकीय क्रांति कुमार भारती महाविद्यालय जेठा सक्ती में 60 बेड उपलब्ध है, इनमें 22 मरीज भर्ती है। शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम धौराभाठा डभरा में 100 बेड है, जिनमें 26 में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। आईटीआई अकलतरा में 125 बेड हैं जिनमें 52 मरीज भर्ती हैं और आईटीआई भवन महुदा-बलौदा मे 150 बेड की व्यवस्था की गई है,जिसमे 5 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में उपलब्ध बेड की संख्या प्रतिदिन जिले की वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in/ में उपलब्ध कराई जा रही है।

 

02-09-2020
सूरजपुर में 35वां नेत्रदान पखवाड़ा शुरू,कलेक्टर रणवीर शर्मा के निर्देशन में चल रहा है जागरूकता अभियान

रायपुर/सूरजपुर । कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर जिले में 35 वें नेत्रदान पखवाड़ा की शुरूआत की गई है। इसमें इस बार का थीम हैं, ‘हॉस्पिटल रेट्रवल प्रोग्राम‘। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए इस बार देश में 35वाॅ.राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक जिला व ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आरएस सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसदेई में नेत्रदान पखवाड़ा का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने विचार विमर्श किया गया।

इसी उद्देश्य को लेकर दृष्टिहीनता कार्यक्रम के तहत बच्चों और प्रजनन आयु समूह मे आंखों की कॉर्निया, पुतली से नेत्रहीनता रोकथाम के लिए राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा प्रतिवर्ष मनाया जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसदेई के नेत्र सहायक अधिकारी मारुति नंदन चक्रधारी ने चर्चा में बताया कि नेत्रहीन व्यक्ति को मृत्यु के पश्चात नेत्रदान करना महादान है,जिससे ऐसे व्यक्ति की जिंदगी रौशन हो सकती हैै। इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि नेत्रदान करने का संकल्प लें व नेत्रहीन लोगों के जीवन में नेत्र ज्योति का प्रकाश देकर जीवन को सफल बनाएं।

14-08-2020
9 किलो गांजा पकड़ाया,आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अवैध गांजा की तस्करी रोकने सभी थाना क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर छुईखदान थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा अपने स्टाफ के साथ अनुविभागीय अधिकारी के मार्गदर्शन में एक कंपनी के पास आरोपी सूरज वर्मा निवासी ग्राम टेकापार थाना छुईखदान के घर के कोठार से 9 किलो गांजा प्लास्टिक की बोरी में रखा बरामद किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया,जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

 

07-06-2020
फिल्म 'अपराजित अयोध्या' का निर्देशन करेंगीं कंगना रनौत

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने पिछले साल अपनी फिल्म 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' को डायरेक्ट किया था। अब वो एक और फिल्म का निर्देशन करने जा रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने नए प्रोजेक्ट को लेकर अनाउंसमेंट की है। वो 'अपराजित अयोध्या' फिल्म को डायरेक्ट करेंगी, जिसे केवी विजयेंद्र प्रसाद ने लिखा है, जो बाहुबली सीरीज और मणिकर्णिका फिल्म की स्क्रिप्ट लिख चुके हैं। ये मूवी प्रसिद्ध राम मंदिर के मामले के इर्दगिर्द है, जिसका कंगना निर्देशन करती नजर आएंगी।ये फिल्म कंगना रनौत के प्रोडक्शन हाउस के तहत प्रोड्यूस होगी। एक्ट्रेस ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा, 'मेरे लिए फिल्म निर्देशित करने की योजना नहीं थी। मैंने इसे एक परियोजना के रूप में शुरू किया था, जिसे मैंने अवधारणा स्तर से काम किया था।

मैं इसे प्रोड्यूस करना चाहती थी, जबकि निर्देशन की भूमिका कोई और निभाता। मैं उस समय काफी बिजी थी। इसके डायरेक्शन के बारे में सोचने के लिए समय नहीं था, लेकिन केवी विजयेंद्र प्रसाद ने जो स्क्रिप्ट शेयर की थी, वह एक बड़े कैनवास पर सेट की गई फिल्म थी। कुछ हद तक ऐतिहासिक फिल्म की तर्ज पर, जिसे मैंने पहले निर्देशित किया था। मेरे सहयोगी साथी भी उत्सुक थे कि मैं इसे निर्देशित करूं। आखिरकार, मुझे भी लगा कि अगर मैं इस फिल्म को पसंद करती हूं तो शायद यह सबसे अच्छा हो। तो, यह सब व्यवस्थित रूप से हुआ।'

 

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