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20-03-2020
काम नहीं आई तिकड़में, कानूनी दांव पेंच और दुष्प्रचार, सब पर भारी पड़ा साथियों का असन्तोष, ले डुबा सरकार

भोपाल/रायपुर। तमाम राजनीतिक और कानूनी दांवपेच के बावजूद कमलनाथ अपनी सरकार बचाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। उनके संकट मोचन व खास सिपहसलार दिग्विजय सिंह ने तो फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। और यह भी मान लिया है कि वे अपने बागी विधायकों से संपर्क करने में नाकाम रहे। यानी कल तक जो उनकी पार्टी के सदस्य थे उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से बात तक करना जरूरी नहीं समझा। आखिर ऐसी क्या वजह थी जो इतनी कड़वाहट उनके बीच आ गई। उनका असंतोष ना केवल पार्टी बल्कि सरकार को भी ले डूबा है मध्यप्रदेश में। अब सभी राजनीतिक दलों को इस बात पर भी गौर करना पड़ेगा कि पार्टी के भीतर के असंतोष को हल्के में ना लिया जाए। अगर साथियों की अनदेखी की कीमत सरकार गवा कर चुकानी पड़े तो यह किसी भी सूरत में फायदेमंद सौदा नजर नहीं आता। बहरहाल कमलनाथ की सारी तिकड़में कानूनी दांवपेच सब बेकार जाते नजर आ रहे हैं। उनके दुष्प्रचार का हथियार भी बेअसर ही साबित हुआ है। और धन के दुरुपयोग का आरोप तो अब राजनीतिक पार्टियों को एक दूसरे पर लगाना ही नहीं चाहिए क्योंकि कोई दूध का धुला नहीं है।

15-03-2020
मध्यप्रदेश : 16 मार्च को होगा फ्लोर टेस्ट, मौजूदा सरकार को साबित करना होगा बहुमत

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा में 16 मार्च को कांग्रेस सरकार का शक्ति परीक्षण होगा। राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भाजपा ने राज्यपाल लालजी टंडन को ज्ञापन सौंप कर 16 मार्च से पहले ही विधानसभा का सत्र बुलाकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार को अविलंब विश्वास मत साबित करने के निर्देश देने की मांग की थी।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा के साथ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद बताया,'हमने राज्यपाल से अल्पमत में आई कमलनाथ सरकार को अविलंब विश्वास मत सिद्ध करने के निर्देश देने की मांग की है।" उन्होंने कहा,'हमने राज्यपाल से यह भी अनुरोध किया है कि विश्वास मत पर मतदान ध्वनि मत से ना होकर डिवीजन एवं बटन दबाकर किया जाए तथा सदन की सारी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाए।" गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिधिंया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र भेजा था। सिंधिया समर्थक विधायकों के कथित तौर पर कांग्रेस से बागी होने से मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार संकट में आ गई है। 

11-03-2020
Video : भूपेश बघेल ने कहा- बिल्ली के भाग से छींका नहीं टूटता, अभी तो कमलनाथ के दांव सामने आने बाकी  

रायपुर। मध्यप्रदेश दंगल और ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ  तो मजबूरियां रही होंगी,वरना कोई यूं ही बेवफा नहीं होता।  ऐसा है कि बिल्ली की भाग से छींका नहीं टूटता। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस से जाने वाले जो लोग हैं, हमेशा हमने देखा है कि गुर्राते हुए जाते हैं और दुम दबाकर आते हैं। ऐसे अनेक उदाहरण है जो बड़े जोर शोर से शोर मचाते हुए गए और दुम दबाकर वापस आए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पार्टी हाईकमान से चर्चा करने बुधवार सुबह नई दिल्ली रवाना हुए। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्यसभा के प्रत्याशी तय करना है, 13 मार्च अंतिम तारीख है। छत्तीसगढ़ से दो राज्यसभा सदस्य चुने जाने हैं और दोनों कांग्रेस से ही जाएंगे।

11-03-2020
डैमेज कंट्रोल से पहले ही हार मान ली कांग्रेस ने लक्ष्मण सिंह ने कहा एकजुट होकर मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

रायपुर। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार अभी गिरी भी नहीं है और कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि  कांग्रेसी एकजुट होकर विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हार होने से पहले लक्ष्मण सिंह का हार मान लेना हैरानी का सबब है। इससे पहले हैरान कर देने वाला बयान दिया था दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मनाने की बजाय उन्होंने यह कह दिया था जो कांग्रेसी है वह कांग्रेस में रहेगा। इसे सिंधिया के असन्तोष की आग में घी डालने वाला बयान माना जा रहा है। उसके बाद अब लक्ष्मण सिंह का ये बयान यह बताने के लिए काफी है कि कांग्रेस ने कमलनाथ की सरकार को बचने कोशिश ही नहीं की।

11-03-2020
मध्य प्रदेश सरकार खतरे में, कमलनाथ ने बुलाई आपात बैठक,कांग्रेस के 14 विधायक बेंगलुरु पहुंचे

रायपुर। मध्यप्रदेश में शह और मात का खेल लगता है आखिरी दौर में पहुंच गया है। सरकार बनने के बाद से जोर आजमाइश का दौर चला आ रहा है, जो अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। कांग्रेस के 14 विधायक बेंगलुरु पहुंच गए हैं। उधर कमलनाथ ने आपात बैठक बुला ली है, जिसमें दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हो रहे हैं। अचानक बुलाई बैठक सरकार पर मंडरा रहे खतरे की ओर इशारा कर रही है। उधर ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक सिसोदिया ने 2 दिन पहले सिंधिया की उपेक्षा का खामियाजा भुगतने की बात कही थी, जो आज सामने नजर आ रही है। बहरहाल देखना यह होगा कि क्या कमलनाथ इस संकट को भी मैनेज कर पाते हैं या फिर उनके हाथ से देश का दिल मध्यप्रदेश निकल जाएगा।

07-03-2020
भाजपा विधायक के रिसॉर्ट पर चला बुलडोजर, संजय पाठक बोले - बदले की भावना से की गई कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ में प्रशासन ने भाजपा विधायक संजय पाठक के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाया है। प्रशासन का कहना है कि रिसॉर्ट को धवस्त करने से पहले भूमि अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने रिसॉर्ट को ध्वस्त कर दिया। वहीं, संजय पाठक का कहना है कि यह सरकार द्वार बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। बता दें कि संजय पाठक का नाम कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में भी आया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी मामले में शामिल होने से इनकार किया था।

संजय पाठक का कमलनाथ से मिलने से इनकार, कहा- मुझे अगवा करने की कोशिश हुई

इससे पहले भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं भाजपा का हिस्सा था, मैं भाजपा का हिस्सा हूं और हमेशा भाजपा में रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात नहीं की है। कल रात मुझे अगवा करने की कोशिश की गई। इस राजनीतिक खेल में मुझे उम्मीद है कि मेरा अपहरण या हत्या नहीं होगी। मुझ पर बहुत दबाव डाला जा रहा है। मैं हमेशा भाजपा में रहूंगा।

05-03-2020
मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक संजय पाठक की दो खदानों को किया गया सील

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में सियासी गलियारों में अफरा-तफरी मची हुई है। कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि भाजपा नेता विधायकों के खरीद-फरोख्त करने की कोशिश में लगी है। वहीं बीजेपी की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रह चुके विधायक संजय पाठक की दो खदानों को बुधवार को सील कर दिया गया है। संजय पाठक खनन के बड़े कारोबारी है। बता दें कि पाठक पर आरोप है कि उसने कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार को गिराने के लिए कुछ विधायकों को बहलाया फुसलाया और हरियाणा की एक होटल में ले जाने के लिए किए गए चार्टेड प्लेन एवं वहां ठहरने के लिए पैसे का बंदोबस्त किया। मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता हितेश बाजपेयी ने कहा कि आदेश में कहा गया है 4 मार्च 2020 को सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के ग्राम अगरिया खसरा नंबर 1093 और दुबियारा खसरा नंबर 628/1, पर मेसर्स निर्मला मिनरल्स को स्वीकृत आयरन ओर की खदानों को फिर से बंद करने के आदेश जारी कर दिया गया है।

10-12-2019
कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ पर साधा निशाना, हनी ट्रैप मामले को लेकर कही ये बात...

इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हनी ट्रैप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हनी ट्रैप के मामले में बड़े-बड़े अफसरों के नाम है जिनके इशारे पर कमलनाथ नाच रहे हैं। बहुत ही जल्दी वह अफसर भी बेनकाब होंगे, अगर नहीं होते हैं तो हम करेंगे। यह बातें कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस वार्ता मे पत्रकारों मे चर्चा के दौरान कही। बीजेपी नेता के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत गर्म होने की संभावना है।

 

18-11-2019
केंद्रीय मंत्री के बयान पर पलटवार-कागजी घोड़े नहीं दौड़ाती कमलनाथ सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में बाढ़ और बारिश से आई आपदा के बाद अब राहत राशि के लिए मारामारी मची हुई है। कांग्रेस धरना-प्रदर्शन सब कर चुकी है। वह कह रही है केंद्र सरकार मदद नहीं कर रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कांग्रेस सरकार पर बिना सर्वे रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगा दिया है। बता दें कि मध्यप्रदेश के एक बड़े हिस्से में इस बार बारिश और बाढ़ ने त्रासदी के हालात खड़े कर दिए हैं। मालवा के कई इलाकों में करोड़ों का नुकसान हुआ। राहत के नाम पर दो महीने से केंद्र और राज्य सरकार में ठनी हुई है। सीएम कमलनाथ ने एक बार पीएम मोदी और एक बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर सोलह हजार करोड़ रुपए देने की मांग की। सीएम कमलनाथ ने केंद्र को बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान और बर्बादी की रिपोर्ट सौंपी लेकिन एक महीने बाद भी केंद्र ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। कांग्रेस ने केंद्र के रवैये के खिलाफ दो बार धरना देकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

राज्य की मांग पर केंद्र के मंत्री का बयान आया है। केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना सर्वे और आंकलन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही आपदा के लिए केंद्र से मिलने वाली एडवांस राशि के इस्तेमाल का ब्यौरा भी नहीं दिया है। ऐसे में केंद्र से मांग रखना नियम प्रक्रिया के बाहर है। राहत राशि के लिए लगातार केंद्र पर दबाव बना रही कांग्रेस सरकार अब केंद्रीय मंत्री के बयान पर भड़क उठी है। प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कमलनाथ सरकार कागजी घोड़े नहीं दौड़ाती है। केंद्र भेदभाव की सियासत कर रही है। प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद सीएम कमलनाथ ने केन्द्र सरकार से 21 अक्टूबर को दूसरी बार मेमोरंडम सौपकर तत्काल 6621.28 करोड़ की राहत देने की मांग की थी। उस मेमोरंडम में बाढ़ के कारण 55 लाख लोगों के प्रभावित होने और बड़े स्तर पर नुकसान की जानकारी दी गई थी।

10-11-2019
मध्यप्रदेश : युवा मंत्री जीतू पटवारी को मिला फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री का सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री का सम्मान दिया गया। मंत्री जीतू पटवारी को सर्वश्रेष्ठ मंत्री का सम्मान व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली और ऑउटपुट के लिए दिया गया। इस मौके पर सीएम कमलनाथ और एमपी कांग्रेस ने ट्वीटर के माध्यम से जीतू को बधाई दी। इस मौके पर जीतू ने कहा कि दिल्ली में "फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री" अवार्ड पाकर अभिभूत हूं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के जनमानस की सेवा की असीम प्रेरणा, राहुल गांधी के जनसमर्पण और मुख्यमंत्री कमलनाथ के मार्गदर्शन से इस मुकाम तक पहुंचा हूं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश की जनता के विश्वास के लिए हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं। मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने भी जीतू पटवारी को बधाई दी है।

जीतू पटवारी को सम्मान मिलने के बाद सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा,विधानसभा में मेरे साथी और मंत्री जीतू पटवारी को "फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री" अवार्ड के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं। वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी जीतू पटवारी को बधाई दी है। एमपी कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल में लिखा, मंत्री जीतू पटवारी को सर्वश्रेष्ठ मंत्री का सम्मान व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली और ऑउटपुट के लिये दिया गया। बधाई एवं मंगलकामनाएं। बता दे कि फेम इंडिया पत्रिका तथा एशिया पोस्ट के संयुक्त तत्वाधान में एक सर्वे के आधार पर वर्ष 2019 में देश के 21 उत्कृष्ट मंत्रियों को सम्मानित किया गया है। इसमें व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और ऑउटपुट के आधार पर सम्मान के लिए मंत्रियों का चयन किया गया है, जिसमें एमपी के इकलौते मंत्री जीतू पटवारी का नाम शामिल किया गया है।

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