GLIBS
29-11-2019
सदन में गूंजा अवैध शराब कारोबार और माफियाओं का मुद्दा, विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव देते हुए की चर्चा की मांग

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने अवैध के कारोबार और शराब माफियाओं के आतंक का मामला उठाते हुए कहा कि अवैध शराब के मामले बढ़ गए है। शराब माफियाओं का राज आ गया है। एक बार फिर प्रदेश में कोचियाराज शुरू हो गया है। शराब दुकानों के सामने मेला लग गया है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि एमआरपी से दस-बीस रुपए ज्यादा लिए जा रहे हैं। पूरा प्रदेश शराब के नशे के गिरफ्त में आ गया है। उड़ता पंजाब की जगह अब उड़ता छत्तीसगढ़ बन रहा है। अजय चन्द्राकर ने कहा कि शराब की घर पहुँच सेवा शुरू हो गई है। जेसीसी विधायक केशव चंद्रा ने कहा कि अवैध शराब की वजह से अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। इसके बाद विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव देते हुए सदन के सभी काम रोककर चर्चा की मांग की।

29-11-2019
राजस्व मंत्री के जवाब को अजय चंद्राकर ने बताया गलत, की समिति से जांच करवाने की मांग

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धमतरी जिले में शासकीय कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण के लंबित प्रकरण का मामला भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने उठाया। उन्होंने कहा हर बार प्रश्न लगाने के दौरान ये बताया जाता है कि इस मामले में पेशी की तारीख तय है। हर बार सवाल लगाने के बाद ही ऐसा जवाब कैसे आता है। आखिर जमीन अधिग्रहण के प्रकरण कब से लंबित हैं? राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया साल 2017-18 से प्रकरण लंबित हैं। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि मंत्री का जवाब गलत है। जमीन अधिग्रहण के प्रकरण इससे पहले से लंबित है। मंत्री सदन में गलत जवाब दे रहे है। इसकी जांच प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति से करा ली जाए? स्पीकर डॉ. चरण दास महंत ने प्रश्न एवं संदर्भ समिति से जांच कराए जाने की मंजूरी दी।

 

29-11-2019
भाजपा विधायक ने सदन में उठाया मध्यान्ह भोजन मामला, कही ये बात...

रायपुर। विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन सदन में बीजेपी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी मध्यान्ह भोजन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि घटिया क्वालिटी का सोया मिल्क बांटा जा रहा है। बदबूदार सोया मिल्क स्कूली बच्चों को दिया जा रहा। अंडा प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में नहीं बांटा गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी सवाल दागते हुए कहा कि बलरामपुर, बस्तर, सुकमा, सूरजपुर, जशपुर जैसे आदिवासी जिलों में सरकार अंडा नहीं पहुंचा पाई है? क्या इन जगहों पर विरोध है? आदिवासी जिलों के बच्चों को सुपोषित करने की बात कहकर सरकार ने अंडे वितरित किये जाने की दलील की थी, फिर इन आदिवासी जिलों में अंडा कैसे नहीं पंहुचाया जा सका। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि अंडे को लेकर कहीं विरोध नहीं है। स्थानीय स्तर पर अंडे वितरण की व्यवस्था की जाती है। डीएमएफ से भी अंडा वितरित किया जा रहा है। अंडा जहां नहीं पहुंच पा रहा है, वहां जल्द व्यवस्था कराई जाएगी।

29-11-2019
सदन में उठा नियमितीकरण और संविलियन का मुद्दा, रेणु जोगी ने कहा - क्या हुआ तेरा वादा

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन सदन में साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रेरकों का मामला जेसीसीजे विधायक रेणु जोगी ने उठाया। उन्होंने पूछा कि चुनाव के पूर्व कांग्रेस ने ये वादा किया था कि प्रेरकों का नियमितीकरण करेंगे या दूसरे विभागों में संविलियन किया जाएगा? लेकिन अब तक नहीं किया गया। रेणु जोगी ने गीत की चंद लाइनों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? इस प्रश्न का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि प्रेरकों की नियुक्ति मिशन मोड पर की गई थी। भारत सरकार ने पत्र लिखकर ये कहा था कि 31 मार्च के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी।

भारत सरकार के इस पत्र के बाद राज्य ने चार बार केंद्र को प्रेरकों की कार्य अवधि बढ़ाने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? वादा निभाना पड़ेगा, नहीं तो विपक्ष में आना पड़ेगा। जोगी ने कहा कि हर सवाल पर मंत्री भारत सरकार का हवाला दे रहे हैं। प्रेरकों की नौकरी बनी रहेगी ये वादा तब के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने किया था। कांग्रेस ने किया था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हर बात पर राज्य सरकार कहती है भारत सरकार जिम्मेदार है।

28-11-2019
डॉ. चरणदास महंत ने सदन में पेश की मिसाल, जानिए क्या...

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को नगर पालिका निगम का संशोधन बिल सदन में पेश किया गया। इसमें ध्वनि मत पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विपक्ष के ना शब्द को तवोज्ज दी और सदन में मिसाल पेश की।
उन्होंने मान्य परंपरा पर ध्यान न देते हुए नगर पालिक निगम संशोधन विधेयक पर ना के स्वर के कहने पर विपक्ष को बोलने का अवसर दिया। बता दें कि यह वही संशोधन विधेयक है,जिसके सदन से पास होने पर महापौर और अध्यक्ष पद के लिए प्रदेश में अप्रत्यक्ष प्रणाली प्रभावी हो जाएगा। किसी बिल को पारित करने का जो प्रचलन है वह ध्वनि मत है। कांग्रेस बहुमत में हैं और वे हां कहते हैं तो तेज होता है, विपक्ष की ना संख्याबल के आधार पर कमजोर होती है और प्रस्ताव पास हो जाता है।

विपक्ष ने इस बिल के पेश होने पर आपत्ति की तो आसंदी ने कहा “अरे ना ला त बोल मैं फेर बोले बर देहूं न जी” आसंदी ने हां और ना में पक्ष माँगा और विपक्ष के ना को महत्व देते हुए उन्हें इस मामले पर बोलने का अवसर दिया। विधेयक को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक बिल पर आपत्ति दर्ज कराई। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर सरकार से जवाब माँगा और विधेयक को मंज़ूरी दे दी। इस तरह पक्ष के साथ विपक्ष को सदन में बिल पर बोलने की अनुमति देकर विधानसभा अध्यक्ष ने मान्य परंपरा के इतर एक अनूठी पहल की है।

28-11-2019
विधानसभा में उठा धान खरीदी का मुद्दा, भाजपा ने सदन से किया वॉकआउट

रायपुर। विधानसभा में गुरूवार को शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा धान खरीदी का मुद्दा उठाते हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने की घोषणा को किसानों के साथ धोखा बताया, जिस पर पक्ष-विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया। सदन में धान खरीदी का मुद्दा कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने उठाया। उन्होंने पूछा कि सेंट्रल पूल में कितना चावल केंद्र खरीदेगी? खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि केंद्र के साथ अब तक एग्रीमेंट नहीं हुआ है। चावल कितना जमा होगा इसका निर्धारण अब तक नहीं हुआ है। इस पर धनेंद्र साहू ने पूछा कि क्या कारण है कि केंद्र ने अब तक सेंट्रल पूल में चावल लेने अपनी सहमति नहीं दी है? क्या वजह बताई है केंद्र सरकार ने? मंत्री भगत ने कहा कि 2018-19 में धान खरीदी 80 लाख मीट्रिक टन हुई थी। केंद्र सरकार ने कुछ शर्त रखी थी। पिछले साल राज्य सरकार ने 2500 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की थी, लेकिन खरीफ फसल 2020 के लिए अनुमानित उपज 85 लाख मीट्रिक टन जाएगा। केंद्र ने शर्त रखी है कि यदि तय एमएसपी से ज्यादा दर पर खरीदी की जाएगी तो सेंट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा।

28-11-2019
सदन में गरमाया शराब बिक्री का मामला, जानिए क्या कहा अजीत जोगी ने

रायपुर। जेसीसी (जे) विधायक धरमजीत सिंह ने विधानसभा में शीतकालीन सत्र के शून्यकाल में शराब बिक्री का मामला उठाया। उन्होंने कहा शराब की बिक्री को लेकर सदन में हुई कार्यवाही और आकंड़ों का आबकारी का अधिकारी बाहर खंडन कर रहा है। उन्होंने कहा मैंने मंत्री और अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दिया है। सदन की विशेषाधिकार कमेटी द्वारा इस मामले की जांच की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री और जेसीसी विधायक अजीत जोगी ने भी कहा कि हमारी इज्जत को बचाइए। यह सदन की अवमानना है। इस पर व्यवस्था आनी चाहिए। वहीं अजय चन्द्राकर ने कहा कि यह दुख की बात है। संसदीय कार्यमंत्री भी इसे संज्ञान नहीं ले रहे।

28-11-2019
बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में उठाया बॉडी स्टेरॉयड इंजेक्शन और हैल्थ सप्लीमेंट्स प्रोटीन पाउडर का मुद्दा

रायपुर। विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बॉडी स्टेरॉयड इंजेक्शन व हैल्थ सप्लीमेंट्स प्रोटीन पाउडर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई नियम राज्य में नहीं है, जिसके चलते युवा इसका अधिकाधिक उपयोग करके अपनी सेहत बिगाड़ रहे है। हमारे शहर रायपुर का युवा संदीप सिंह ठाकुर मौत के गाल में समा गया है। ध्यानाकर्षण सूचना में बृजमोहन ने कहा की संदीप ने मुंबई के फिटनेस ट्रेनर निलेश परमार और सुमित राय चौधरी द्वारा बिना शारीरिक जांच एवं गलत अनुपात में शक्तिवर्धक दवाई के सेवन की सलाह लेकर उन्हीं से खरीद कर सेवन करने लगा, जिससे उनका स्वास्थ्य बहुत ज्यादा खराब हो गया था। बृजमोहन ने कहा कि युवाओं द्वारा लिए जा रहे सप्लीमेंट्स में कई प्रकार की धातुएं मिली हुई होती हैं। वह धातुएं शरीर को नुकसान करती हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक वह सप्लीमेंट्स खाद्य विभाग के अंतर्गत आयेगा या औषधि विभाग के अंतर्गत आयेगा यह भी नियम प्रदेश में नहीं है। उन्होंने कहा कि सेहत सेहत बनाने के लिए कई युवा सप्लीमेंट्स के भरोसे है। खाना बंद करके उनका पूरा शरीर बर्बाद हो रहा है। इसके बारे में हमको गंभीर होना पड़ेगा। अगर हम सदन से कुछ तय करेंगे तो मुझे लगता है कि केंद्र सरकार भी ठोस कदम उठाएगी।

28-11-2019
राजभाषा दिवस पर सदन में छत्तीसगढ़ी में हुआ कामकाज, संसदीय कार्य मंत्री ने कही ये बात...  

रायपुर। विधानसभा शीतकालीन सत्र का चौथा दिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर छत्तीसगढ़ी भाषा को समर्पित रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आसंदी ने सबको आग्रह किया कि सभी छत्तीसगढ़ी में प्रश्न करें और जवाब दें और साथ ही उन्होंने सबको राजभाषा दिवस की बधाई भी दी। संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि प्रदेश गठन होने के बाद पहली बार प्रदेशवासियों को लग रहा है कि छत्तीसगढ़ छतीसगढ़ियों का है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा पूर्व सरकार ने छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया। लेकिन जिस तरह से छत्तीसगढ़ी की भाषा को अपनाना था, उस तरह से नहीं अपनाया गया। भाषा बनने के बाद छत्तीसगढ़ी को जिस तरह लागू होना था नहीं हो पाई। छत्तीसगढ़ी जब तक कामकाज की भाषा नहीं बनेगी सम्मान नहीं मिलेगा।

संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 19 साल हो चुके है, लेकिन इस प्रदेश की जनता को इस एक साल में लगा कि उनका यह अपना छत्तीसगढ़ राज्य है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब शपथ ली किसानों के घर में खुशहाली आई। करोड़ों रुपए का कर्जा माफ हुआ। 2500 रुपए में धान की खरीदी हुई। छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार मनाने की परंपरा शुरू हुई। छत्तीसगढ़वासियों को 19 साल बाद लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है।

उन्होंने अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बहुत दिनों से अरपा पैरी के धार छत्तीसगढ़ महतारी का बंदना गांव में कोई भी कार्यक्रम करो, शहर में कोई भी कार्यक्रम करो, इससे शुरुआत हुई। वह किसी को नहीं पता था कि उसका इतना महत्व है। यह गांव-गांव में कला संस्कृति को जानने वाला इससे बहुत प्रेम है, लेकिन सदन में सत्र शुरू होने से पहले वंदे मातरम के साथ अरपा पैरी का जब शुरू हुआ तब यह लगा अरपा पैरी का महत्व ओर बढ़ गया। छत्तीसगढ़ी में सब चर्चा करेंगे तो यह छत्तीसगढ़ी भाषा के सम्मान होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़िया गुरतुर बोली है। संसद में मैंने छत्तीसगढ़िया बोली में एक बार कुछ कह था तो अटल जी ने मुझसे पूछा था इसका मतलब बताओ।

 

07-11-2019
 संविधान दिवस 26 नवंबर और समरसता दिवस 14 अप्रैल को होंगे विशेेष कार्यक्रम

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संविधान दिवस और समरसता दिवस के आयोजन के संबंध में कार्यक्रमों के निर्धारण एवं जरूरी तैयारियों के संबंध में चर्चा किया गया। संविधान दिवस का आयोजन 26 नवम्बर को मनाया जाना है और समरसता दिवस बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रैल 2020 को मनाई जाएगी। मंडल ने भारतीय संविधान के प्रमुख आधारभूत तथ्यों के प्रति जागरूकता लाने, अभियान के रूप में 26 नवम्बर 2019 से 14 अप्रैल 2020 तक विभिन्न कार्यक्रम करने के निर्देश दिए है। इसके तहत विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संविधान दिवस 26 नवम्बर के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्य के समस्त ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा और भारत के संविधान के सम्मान में शपथ ली जाएगी। 26 नवम्बर से 14 अप्रैल तक की अवधि में राज्य के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रतिदिन एक-एक मूल कर्त्तव्य और मूल अधिकारों की जानकारी दी जाएगी और उनसे संबंधित चर्चा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से भारत के संविधान को जानने-समझने का अवसर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को उपलब्ध कराया जाए। समरसता दिवस 14 अप्रैल 2020 को राज्य स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव ने भारतीय संविधान के गरिमा के अनुरूप कार्यक्रमों के रूपरेखा का निर्धारण और उससे जुड़ी तैयारियों के क्रियान्वयन के निर्देश दिए है।
उल्लेखनीय है कि भारत में हर साल 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान सभा द्वारा भारत देश के संविधान को 26 नवम्बर 1949 को स्वीकार किया गया था। भारत देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था। भारतीय संविधान के जनक डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जन्म तिथि 14 अप्रैल को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया जाता है। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास सुब्रत साहू, सचिव संसदीय कार्य सोनमणी बोरा, सचिव खेल एवं युवा कल्याण सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग डीडी सिंह, सचिव विधानसभा चंद्रशेखर गंगराड़े, सीईओ चिप्स देवसेनापति, संचालक स्कूल शिक्षा  एस.प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804