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24-04-2020
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय संस्थाओं में अंडा वितरण के लिए मंत्री ने किया वाहन रवाना


रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने शुक्रवार राजधानी के राजातालाब स्थित अपने निवास से कोरोना संकट में दिन-रात काम कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विभागीय संस्थाओं में निवासरत बालक-बालिकाओं और निशक्तों को अण्डा वितरण के लिए वाहन रवाना किया। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निशक्त कल्याण की संस्थाओं को भी अंंडा प्रदान किया जाएगा। पोल्ट्री व्यवसायी और समाजसेवी सिद्धार्थ सूर ने वितरण के लिए 5 हजार अण्डे उपलब्ध कराए हैं। सूर ने कहा है कि लॉक डाउन की अवधि तक वह प्रति सप्ताह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं सहित महिला बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की संस्थाओं के लिए निशुल्क अण्डे उपलब्ध कराएंगे। मंत्री भेड़िया ने कहा कि कार्यकर्ताओं और विभागीय संस्थाओं में स्वेच्छा से अंडा प्रदान किया जाएगा। वैश्विक कोरोना महामारी के कठिन समय में जरूरतमंदों के लिए समाजसेवी निरंतर मदद के लिए आगे आ रहे हैं। महिला बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा जिला प्रशासन और समाजसेवी लोगों की मदद से जरूरतमंद लोगों तक गर्म भोजन और आवश्यक सामग्रीयों का लगातार वितरण किया जा रहा है। उन्होेंने समाजसेवी संस्थाओं और लोगों को जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए धन्यवाद दिया है।

रायपुर के कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं रेडी-टू-ईट फूड वितरण के साथ ही कोरोना आपदा में लोगों को गर्म भोजन पहुंचाने के लिए पैकिंग और वितरण कार्य में भी लगी है। इन कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इन्हें अण्डा वितरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किशोर बाल अधिनियम के अंतगर्त बालक एवं बालिकाओं के लिए रायपुर में संचालित 14 संस्थाओं के 500 अनाथ बच्चों और संप्रेषण गृहों में रह रहे लगभग 100 बच्चों में भी अण्डा वितरित किया जाएगा। अण्डे का वितरण स्वेच्छा से अंडा खाने वालों को किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित पशुचिकित्सक डॉ.मनोज शुक्ला ने बताया कि पोल्ट्री उत्पाद का कोरोना वायरस से कोई सरोकार नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षित है।

17-04-2020
विभिन्न संस्थाओं एवं नागरिकों ने राहत कोष में दी सहायता राशि

कोंडागांव। कोरोना आपदा से उत्पन्न संकट में मदद के लिए व्यवसायी वर्ग एवं सामाजिक संगठनों सहित नौकरीपेशा वर्ग भी दानदाता की श्रेणी में आ रहे हैं। इस क्रम में 16 एवं 17 अप्रैल को जिला आपदा सहायता कोष में संस्थाओं एवं व्यक्तिगत दानदाताओं द्वारा कुल 1 लाख 15 हजार रूपए की सहयोग राशि जमा की गई। इस प्रकार कोविड-19 से लड़ने के लिए प्रशासन को साथ देने के लिए समाज का हर वर्ग मदद के लिए एकजुट और तत्पर हो चला है।
ज्ञात हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसमें सहयोग का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी कड़ी में गुजराती समाज द्वारा 21 हजार, इलेक्ट्रीकल एवं इलेक्ट्रानिक एसोसियेशन द्वारा 11 हजार, व्यवसायी विकल माने द्वारा 5100 तथा ज्योति जैन एवं आरके जैन द्वारा 11 हजार, मण्डी गल्ला व्यापारी संघ द्वारा 51 हजार, मधु तिवारी ने 11 हजार, नगरपालिका महिला स्व-सहायता समूह द्वारा 5 हजार की सहयोग राशि जिला आपदा सहायता कोष में जमा कराई गई है। इस मौके पर कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने इस सहयोग के लिए इन सभी संगठनों और व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया है।

 

15-04-2020
हॉस्पिटल संचालक ने पुलिस स्टॉफ को बांटा मेडिकल सेनेटाइजेशन किट

आरंग। विश्वव्यापी कोरोना संकट को देखते हुए नगर में कई समाज सेवकों और संस्थाओं द्वारा कोरोना फाइटर्स के सुरक्षा और जरूरत के लिहाज से कई कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आरंग स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा बुधवार को आरंग थाना प्रभारी सहित पूरे स्टॉफ कोे कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सेनेटाइजेशन किट का वितरण किया गया। इस दौरान लाइफ लाइन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अभिषेक उपाध्याय ने थाना स्टॉफ को अपने कार्य के दौरान संक्रमण से बचने और उसकी भयावहता के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को मेडिकल किट भी प्रदान किया और उन्होंने मेडिकल किट का किस तरह से उपयोग करना है उसका प्रशिक्षण भी दिया। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि संकट के इस मुश्किल घड़ी में देशभर में पुलिस अपनी सराहनीय भूमिका निभा रही है और इस परिस्थिति में हमारा कर्तव्य है कि हम लोग भी इनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाए। इसीलिए हॉस्पिटल के द्वारा मास्क, हैंडवाश, सेनेटाइजर, फिनाइल, डिशवाश और साबुन का किट बनाकर उनको वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा ऐसे 700 किट तैयार किया गया है, जिसे नगर पालिका के कर्मचारी, सफाई मित्रों और सरकारी हॉस्पिटल के स्टाफ को वितरित किया जाएगा।

14-04-2020
सेवाभावी संस्थाओं का कन्हैया ने किया सम्मान, संकट के दौर में योगदान को सराहा

रायपुर। प्रदेश में कोरोना की दस्तक के साथ लागू हुए लॉक डाउन में कोई भूखा ना सोए  मुख्यमंत्री के इस सूत्र वाक्य को चरितार्थ करने में प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों और धार्मिक संस्थाओं ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। संकट के सहयोगी संगठनों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मान देने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल संस्थाओं के कार्य स्थल पहुंच रहे हैं।अग्रवाल ने कहा कि लॉक डाउन में हजारों घरों में चूल्हे जलने की स्थिति नहीं थी,हजारों परिवार राशन के अभाव में थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आव्हान पर इसकी व्यवस्था करने प्रशासन के साथ जनसेवी संगठनों ने अपना सबकुछ अर्पित कर रायपुर ही नहीं प्रदेश में किसी को भूखे नहीं सोने दिया।

उन्होंने कहा कि खुद का व्यापार कारोबार बंद हो,उसके बावजूद सेवा का जज्बा लिए काम करने वालों का आभार शब्दों में व्यक्त नहीं हो सकता पर उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना भी जरूरी है। हमने संस्थाओं के कार्यस्थल में जाकर ही सम्मान पत्र देकर आभार व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि प्रथम दिवस छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज, हमर संगवारी हमर चिन्हारी, गायत्री प्रज्ञा मंडल चांगोराभाठा, मांअंबा एकवीरा फाउंडेशन ब्रह्मपुरी,गायत्री प्रज्ञा पीठ कुशालपुर, गायत्री प्रज्ञा मंडल डीडी नगर,समता परिवार सुराना भवन, देवांगन समाज टिकरापारा इकाई, योगेश साहू एवं साथियों की जारी सेवा प्रकल्प स्थल पर ही जाकर आभार व्यक्त किया गया। सम्मान पत्र देकर सेवा प्रकल्प को लगातार जारी रखने निवेदन किया गया।

13-04-2020
सामाजिक संस्थाओं को हतोत्साहित कर रही सरकार : बृजमोहन

रायपुर। वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने नगरीय प्रशासन विभाग,छत्तीसगढ़ के उस आदेश पर आपत्ति जताई है,जिसमें समाजसेवी संस्थाओं को गरीबों की मदद करने से रोका जा रहा है।  बृजमोहन ने कहा कि कोरोना संकट से निबटने के लिए हुए लॉक डाउन में रोजी मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों प्रभावित हुए है। ऐसे परिवारों को विभिन्न छोटी-बड़ी समाजसेवी संस्थाएं बढ़-चढ़कर मदद कर रही है। उनके द्वारा बस्तियों में घर-घर जाकर जरूरतमंदों को राशन दवाई आदि सामग्रियां आदि पहुंचाई जा रही है। समाजसेवी संस्थाओं के इस कार्य से सरकार की सहूलियत बढ़ी है, जहां तक उनकी पहुंच नहीं है वहां तक भी सेवाभावी लोग पहुंचकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूसरी तरफ सरकारी सिस्टम इस आपदा राहत में भी अपने ढर्रे पर ही चल रहा है। सरकारी राहत सामग्री नहीं मिलने की ढेरों शिकायतें हमें मिल रही है। बावजूद नगरी प्रशासन विभाग द्वारा समाजसेवी संस्थाओं द्वारा गरीबों को बांटने के लिए जुटाई गई सामग्री प्रशासन के माध्यम से बंटवाने का सरकारी निर्णय समझ से परे हैं। अगर उन्हें लगता है को समाजसेवी संस्थाए लॉक डाउन और सोशल डिसटेंसिंग के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है तो उनसे बात करें, संस्थाओं का पासिंग सिस्टम मजबूत करें। पर ऐसा निर्णय समाजसेवी संस्थाओं को हतोत्साहित करने वाला है।  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार को अपने इस निर्णय पर पुनः विचार कर आदेश वापस लेना चाहिए।

 

06-04-2020
दिव्यांगजन और बुजुर्गोें की सहायता के लिए संस्थाओं और संगठनों को जारी होंगे ई-पास

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में लॉकडाउन लागू किया गया है। ऐसी परिस्थिति में दिव्यांगजन और बुजुर्गों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रसन्ना आर. ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के इच्छुक गैर सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आवासीय कल्याण संघों को लॉकडाउन में आवागमन के लिए सी.जी.कोविड-19 ई-पास की अनुमति प्रदान करने के लिए कहा है। राज्य आयुक्त ने दिव्यांग और वृद्धजन की सहायता के लिए इच्छुक सभी गैर सरकार संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आवासीय कल्याण संघों से कहा है कि वह सीजी कोविड-19 एप के माध्यम से आवागमन के लिए अनुमति प्राप्त कर सकते है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक सेवा प्रदाताओं को लॉकडाउन के समय आवागमन की अनुमति के लिए सीजी कोविड-19 ई-पास जारी करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए काम करने वाले एनजीओं को भी ई-पास प्रदान करने का प्रावधान है। केन्द्रीय समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नई दिल्ली ने भी दिव्यांगजन को आवश्यक सेवाओं जैसे भोजन, दवाईयों इत्यादि की पहुंच को सुलभ किए जाने के लिए गैर सरकारी संगठनों और सिविल सोसायटी संगठनों, आवासीय कल्याण संघों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने कहा है।

25-03-2020
सामाजिक संस्थाओं की मदद से निराश्रित और बेसहारा लोगों तक पहुँचाया जा रहा भोजन

रायपुर। राज्य  शासन द्वारा नोवल कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रदेश को बंद किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बंद के दौरान समाज कल्याण विभाग ने जिला प्रशासन और सामाजिक सहयोग से राजधानी रायपुर में रेल्वे स्टेशन के आसपास 150 बेसहारा और निराश्रित लोगों तक भोजन पहुंचाया। सामाजिक संस्था सिक्ख फोरम और मंदबुद्धि बच्चों के आकांक्षा लायंस स्कूल ने भोजन तैयार करने, भोजन की सुरक्षित पैकिंग और वितरण में सहयोग किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐसे बेसहारा लोगों का चिन्हांकन कर उनके लिए भोजन सहित आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

27-01-2020
मानवीय संवेदनाओं की भावना से जरूरतमंद लोगों के हित में काम करना प्रेरणादायक: अनुसुईया उइके

रायपुर। मानवीय संवेदनाओं की भावना के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों के हित में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को समाज में हमेशा सम्मान मिलता है। व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम इतिहास में अमर हो जाते है। मानव सेवा के लिए कार्य करने वाले लोगों को सब याद करते हैं। यह बड़ा पुण्य का काम होता है। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने सोमवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम, राजनांदगांव में दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ शिक्षण-प्रशिक्षण सह पुनर्वास संस्थान ‘अभिलाषा’ के रजत जयंती वर्ष समारोह में इस आशय के यह विचार व्यक्त किए।

राज्यपाल ने कहा कि अभिलाषा संस्था द्वारा मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित होकर कार्य किया जा रहा है। संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष अब्दुल्ला युसूफ और उनके सहयोगियों का यह कार्य प्रेरणा दायक है। युसूफ जैसे व्यक्ति समाज में बहुत कम होते हैं। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। इस संस्था के जरिए दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने और उनकी जिंदगी को नई दिशा देने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संस्था के प्रयासों से आज अनेक युवा शासकीय सेवाओं में भी हैं, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में अपने हुनर का प्रदर्शन कर संस्था का नाम रौशन कर रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों में बैठी हीन भावना को दूर कर सामान्य व्यक्ति के रूप में जीवनयापन करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत होती है। दुनिया भर में दिव्यांगजनों को विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों के बारे में संस्था के बच्चों को बताया जाना चाहिए। दिव्यांग बच्चों में कमाल की क्षमता होती है। अपनी क्षमता की बदौलत वे भी जीवन में ऊचांईयां प्राप्त कर सकते हैं। राज्यपाल ने अभिलाषा संस्था को आर्थिक और अन्य रूप में सहयोग करने वालों की भी तारीफ करने हुए कहा कि जो लोग इस तरह की संस्थाओं की मदद करते हैं, ईश्वर उनकी मदद करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि मैं अपने अनुभव से कहती हूं कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहां के लोग सहज और सरल हैं। यहां के लोगों की वाणी की मिठास मन को बहुत भाती है। उन्होंने कहा कि राजभवन आने के बाद मेरी कोशिश है कि राजभवन से कोई निराश न लौटे। हर व्यक्ति के लिए राजभवन का दरबार सहजता से खुला रहता है। मेरी कोशिश होगी कि सबके मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ के निवासियों के सुख, शांति, समृद्धि के लिए कार्य कर सकूं।

महापौर हेमा देशमुख ने अभिलाषा की रजत जयंती अवसर पर सबको बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि यह संस्था हिम्मत से आगे बढ़ती चली गई है। 25 वर्ष का सफर गौरवशाली है। दिव्यांग बच्चे ईश्वर के रूप होते है। देशमुख ने संस्था को हर संभव सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। लोकसभा सांसद  संतोष पाण्डेय ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने सभी बाधाएं बौनी हो जाती हैं। पाण्डेय ने संस्था के लंबे सफल सफर के लिए संस्थापक प्रमुख युसूफ की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता बाधक नहीं होती, जरूरत, हिम्मत और हौसले के साथ आगे बढने की होती है।

राज्यपाल उइके ने कार्यक्रम में अभिलाषा की 25 वर्ष की यात्रा पर केन्द्रित ब्रोशर का विमोचन किया। उन्होंने संस्था से निकलकर शासकीय सेवारत तथा खेल के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले अनेक युवाओं का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। कार्यक्रम में संस्था को आर्थिक और अन्य संसाधनों के रूप में सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया। समारोह की अध्यक्षता राजनांदगांव नगर निगम की महापौर  हेमा देशमुख ने की। समारोह में लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

03-11-2019
राज्योत्सव के तीसरे दिन 8 विभूतियों और संस्थाओं को दिया गया राज्य अलंकरण

 रायपुर। राज्योत्सव के तीसरे दिन रविवार को साइंस कॉलेज मैदान में 8 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत और अलंकरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण प्रदान किया। इस दौरान अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले चार पुलिस कर्मियों को शौर्य पदक भी दिए गए। राज्य अलंकरण के अंतर्गत सामाजिक समरसता के लिए रायपुर के रामजी लाल अग्रवाल को महाराजा अग्रसेन सम्मान और मछली पालन के लिए माना कैंप रायपुर के सुदीप दास को बिलासा बाई केंवटिन सम्मान से विभूषित किया गया। संस्कृत भाषा के लिए खैरागढ़ के प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी पीयूष को संस्कृति भाषा सम्मान, पत्रकारिता के लिए नई दिल्ली के रवीश कुमार को पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मक सम्मान, अपराध अनुसंधान के लिए दल्लीराजहरा थाने के निरीक्षक मनीष सिंह परिहार को पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान तथा श्रम के क्षेत्र में एनटीपीसी लारा रायगढ़ और भिलाई के  प्रशांत शेखर शर्मा को संयुक्त रूप से महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव सम्मान प्रदान किया गया। सरगुजा के गाराम पैकरा को शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान और मुंगेली के अभ्यारण्य शिक्षण समिति को डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान से विभूषित किया गया।

अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले चार पुलिस कर्मियों को राज्योत्सव में आज शौर्य पदक भी प्रदान किए गए। उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा और आरक्षक कृषलाल साहू को मरणोपरांत शौर्य पदक से सम्मानित किया गया। शहीद वर्मा और साहू की पत्नी ने यह पदक ग्रहण किया। सहायक उपनिरीक्षक सुरेश कश्यप तथा प्रधान आरक्षक ताती मुकेश को भी उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य पदक प्रदान किया गया।
 

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