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04-11-2019
राज्योत्सव: स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी स्टॉल में जाकर खनिजों के बारे में ले रहे जानकारी

रायपुर। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए राज्योत्सव में लगाए गए खनिज साधन विभाग का स्टॉल जिज्ञासा और कौतूहल का केन्द्र बना हुआ है। स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी और युवा यहां प्रदर्शित डोलोमाइट, ग्रेफाइट, बॉक्साइट, बेन्डेट हेमेटाइट क्वार्टजाइट, गेलेना जैसे अनेक बहुमूल्य खनिज पदार्थों को देखने का अवसर मिल रहा है तथा इन खनिजों के बारे में दिलचस्पी के साथ जानकारी भी ले रहे हैं। साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में खनिज गतिविधियों एवं योजनाओं की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है। खनिज साधन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रक्रिया के सरलीकरण के उद्देश्य से विभाग द्वारा वेब बेस्ड ‘खनिज ऑनलाईन पोर्टल का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। पोर्टल के तहत प्रदेश में एसईसीएल, एनएमडीसी, बीएसपी, बाल्को, हिंडालको सहित अनेक सीमेंट संयंत्रों एवं क्रशर, वॉशरी संचालकों द्वारा सफलतापूर्वक खनिज आधारित व्यवसाय का संपादन किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के तहत प्रथम फेज में मुख्य खनिज तथा कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूनापत्थर खानों में सिंगल पॉइंट पेमेंट, ऑनलाईन आवेदन, ई-परमिट, ई-ट्रांजिट पास, खनिज वाहनों का ई-पंजीयन इत्यादि सुविधाओं से जहां एक ओर इस कार्य में संलग्न व्यवसायियों, संस्थानों का कार्य व्यवस्थित एवं सरलीकृत हो गया है। वहीं वर्ष में विभाग को भी खानों के रेगुलेशन में भी सुविधा हुई है। खनिज ऑनलाईन पोर्टल में माह अक्टूबर 2019 तक कुल 108 लीज होल्डर्स, 159 लायसेंसी, 2520 एण्ड यूजर्स एवं 51 हजार 740 वाहन सफलतापूर्वक पंजीकृत होकर कार्य कर रहे हैं। पोर्टल से पांच हजार 611 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है एवं 31 लाख से अधिक ई-ट्रांजिट पास जारी किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि आईटी क्षेत्र में हो रहे सतत बदलावा एवं खनिज ऑनलाइन योजना अंतर्गत वर्तमान में संचालन की उपर्युक्त स्थित, ट्रांजेक्शनल फैक्ट्स के अलावा इसके अंतर्गत प्रमुख व्यवस्था, स्टेकहोल्डर्स की सुविधा एवं पोर्टल को और प्रभावी करने के उद्देश्य से खनिज ऑनलाईन 2.0 प्रस्तावित किया गया है। प्रस्तावित खनिज ऑनलाईन 2.0 परियोजना में नये मॉड्यूल जैसे मोबाइल एप्लीकेशन, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम, कमाण्ड कंट्रोल सेंट्रल जैसे विभिन्न नवाचार के साथ खान एवं खनिज संबंधी सम्पूर्ण कार्य डिजिटल और पेपरलेस करते हुए खनिज ऑनलाइन को अपने नए स्वरूप में बहुआयामी और सारे हितधारको के लिए सरल बनाया जा रहा है। 

03-11-2019
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ के मूल नियम में किये गये संशोधनों के संकलन का किया विमोचन 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीएमएफ के मूल नियम में अब तक किए गए संशोधनों के संकलन का विमोचन राज्योत्सव के दौरान खनिज विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान किया। राज्योत्सव के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी में खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ के स्टॉल में सभी वर्ग के लोगों की अपार भीड़ उमड़ रही है। खनिज संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा खनिज नमूनों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रीगणों द्वारा पैवेलियन का भ्रमण किया गया तथा प्रदर्शनी की सराहना की। डीएमएफ के नियम के नवीन संशोधन 14 अगस्त 2019 को राज्य शासन द्वारा किया गया है। मूल नियम मे अब तक किये गये संशोधन का संकलन कर इसका विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं विभागीय विशेष सचिव की गरिमामयी उपस्थिति मे खनिज विभाग के स्टाल मे किया गया। छत्तीसगढ़ में खनिजों के प्रचूर भण्डार है, जो राज्य के विकास की धुरी है। इस राज्य में अनेक महत्वपूर्ण खनिज आधारित वृहत उद्योग कार्यशील है और खनिज आधारित उद्योगों को अपार संभावनाएं है। खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना तथा परिचालन के लिए आवश्यक मूलभूत संभावनाएं भी प्रदेश में उपलब्ध है। प्रदेश में प्रमुख रूप से कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, डोलोमाइट, बाक्साइट, टिन अयस्क, हीरा एवं स्वर्ण है। इनके अलावा भी विभिन्न औद्योगिक महत्व के खनिज, जेमस्टोन तथा भवन निर्माण हेतु उपयोगी खनिज प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। 
राज्य में देश का लगभग 19.6 प्रतिशत लौह अयस्क (4031 मिलियन टन), 18 प्रतिशत कोयला (54912 मिलियन टन), तथा 8959 मिलियन टन चूना पत्थर के भण्डार उपलब्ध हैं। देश का 11 प्रतिशत सीमेंट छत्तीसगढ़ में उत्पादित होता है। देश को 13 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति छत्तीसगढ़ से होती है। देश के कुल खनिज उत्पादन मेें छत्तीसगढ़ 16 प्रतिशत का योगदान देता है। छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिज रेत से संबंधित नियमों में संशोधन कर नवीन नियम ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2019‘ बनाया गया है। जिसके तहत नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के द्वारा पारदर्शिता के साथ रेत खदानों का आबंटन किया जा रहा हैं। प्रथम चरण में नवीन नियम के तहत प्रदेश स्तर पर 168 रेत खदानों हेतु एनआईटी जारी कर रेत खदान आबंटन हेतु खुली निविदा पारदर्शी तरीके से किया जाकर 02 वर्षाें हेतु खदान आबंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 
     
 

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