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07-08-2020
प्रदेश में अब तक 625.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 625.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक सूरजपुर जिले में 922.9 मिमी. और सबसे न्यूनतम कबीरधाम में 389.4 मिमी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित की गई जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 459.6 मिमी, बलरामपुर में 627.2 मिमी, जशपुर में 782.6 मिमी, कोरिया में 649.3 मिमी, रायपुर में 563.3 मिमी, बलौदाबाजार में 574.5 मिमी, गरियाबंद में 603.1 मिमी, महासमुन्द में 738.5 मिमी, धमतरी में 563.7 मिमी, बिलासपुर में 673.7 मिमी, मुंगेली में 468.1 मिमी, रायगढ़ में 616.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 533.5 मिमी तथा कोरबा में 809.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 660.2 मिमी, दुर्ग में 566.6 मिमी, राजनांदगांव में 443.9 मिमी, बालोद में 513.4 मिमी, बेमेतरा में 556.3 मिमी, बस्तर में 599.2 मिमी, कोण्डागांव में 907.2 मिमी, कांकेर में 496.1 मिमी, नारायणपुर में 708.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 723.5 मिमी, सुकमा में 614.9 मिमी तथा बीजापुर जिले में 754.0 मिमी औसत दर्ज की गई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 07 अगस्त को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा जिले में 15.9 मि.मी., सूरजपुर में 21.4 मि.मी., बलरामपुर में 5.0 मि.मी., जशपुर में 20.1 मि.मी. तथा कोरिया में 17.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गयी। इसी तरह से रायपुर में 2.0 मिमी, बलौदाबाजार में 7.7 मिमी, गरियाबंद में 11.2 मिमी, महासमुन्द में 7.3 मिमी, धमतरी में 4.8 मिमी, बिलासपुर में 23.7 मि.मी., मुंगेली में 21.7 मिमी, रायगढ़ में 4.7 मिमी, जांजगीर-चांपा में 16.2 मिमी, कोरबा में 33.1 मिमी, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 9.7 मिमी, कबीरधाम में 14.9 मिमी., राजनांदगांव में 2.7 मिमी, बालोद में 1.1 मिमी, बेमेतरा में 18.8 मिमी, बस्तर में 1.9 मिमी, कोण्डागांव में 8.8 मिमी, कांकेर में 4.2 मिमी, नारायणपुर में 5.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 4.8 मिमी, सुकमा में 4.0 मिमी तथा बीजापुर में 4.9 मिमी औसत वर्षा आज रिकार्ड की गई।

27-07-2020
जिले में 0.05 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं: कलेक्टर

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आदेश जारी कर यह स्पष्ट किया है कि जिले में 0.05 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा है कि कतिपय लोगों द्वारा यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जिले में 0.05 एकड़ कृषि योग्य भूमि पर रोक लगाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय द्वारा सितम्बर 2019 में पत्र के आधार पर पटवारी द्वारा हस्तलिखित नक्शे को पंजीयन के लिए मान्य किया जा रहा है। जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि यदि कृषि योग्य अथवा अन्य किसी मद की भूमि पर अवैध प्लाॅटिंग का कार्य चल रहा है,तो उक्त संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत यदि कृषि भूमि पर कृषक अथवा भूमि का स्वामी सद्भाविक रूप से भूमि की खरीदी-बिक्री के लिए नक्शा, खसरा चाहता है, तो हल्का पटवारी बिना विलंब प्रदान करने का आदेश दिया गया है।

यदि नक्शे का बटांकन नहीं हुआ है, तो पटवारी हस्तलिखित मैनुअल नक्शा प्रदान करेगा।आदेश में कहा गया है कि कृषि योग्य भूमि अथवा अन्य मद की भूमि खरीदी-बिक्री असद्भाविक रूप से हो रही है, तो पटवारी ऐसे भूमि के नक्शे, खसरे की नकल देने के लिए भूमि स्वामी को मौखिक रूप से मना नहीं करेंगे। पटवारी द्वारा उल्लेखित किया जाएगा कि तहसीलदार के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रकरण अवैध प्लाॅटिंग की जांच के लिए प्रेषित किया गया है। अतः नक्शा खसरा नहीं प्रदान किया जा सकता है, इसकी लिखित सूचना आवेदक को प्रदान करें। असद्भाविक खरीदी-बिक्री से तात्पर्य है भूमि का गैर कृषि कार्यों में प्रयोग जैसे अवैध प्लाॅटिंग, अवैध काॅलोनियों का निर्माण इत्यादि के प्रयोजन के लिए भूमि की खरीदी-बिक्री। सामान्यतः ऐसे भूखण्ड में रोड, बिजली के खम्भे, बाउण्ड्रीवाॅल इत्यादि का निर्माण पाया जाता है,जो कि अनियमित एवं अवैध काॅलोनी की श्रेणी में आता है।कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि अपने हल्के के भीतर यदि कृषि योग्य भूमि पर गैर कृषि कार्य किया जा रहा है, तो हल्का पटवारी का दायित्व है कि तहसीलदार को निर्धारित प्रारूप में सूचना दें।

तहसीलदार पटवारी से यह प्रतिवेदन लें कि कृषि योग्य भूमि का यदि उपविभाजन अवैध काॅलोनी विकसित करने के लिए लिया जा रहा है तो इसका विस्तृत प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रेषित करें। यदि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को यह समाधान हो जाता है कि भूमि के उप विभाजन, गैर कानूनी काॅलोनी विकसित करने में किया जा रहा है, तो ग्राम पंचायत के मामले में छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (काॅलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्ते) नियम, 1999 के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्षम प्राधिकारी है। अवैध कालोनी नियंत्रण के संबंध में विहित प्रावधानों का उपयोग करते हुए जब तक जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है, तब तक ऐसे चिन्हांकित खसरों की खरीदी-बिक्री अथवा नक्शा, खसरा हल्का पटवारी द्वारा प्रदान न करने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लिखित में रोक लगा सकता है। यदि भूमि नगरीय क्षेत्रों से संबंधित है, छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम तथा नगरपालिका (काॅलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्ते) नियम, 2013 के तहत आयुक्त एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी को जांच करने का अधिकार प्रदान किया गया है।

जब तक ऐसे खसरों की जांच नहीं होती है, कि खसरा अवैध काॅलोनी का हिस्सा तो नहीं है? तब तक ऐसे खसरों के नकल प्रदायगी पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रोक लगा सकता है। यदि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समाधान हो जाता है कि प्रश्नाधीन खसरा अवैध काॅलोनी का हिस्सा है, तो उक्त खसरा एवं नक्शा के नकल प्रदायगी पर जांच पूरी होने तक रोक लगा सकता है।बताया गया है कि उक्त परिस्थितियों के अलावा कृषि योग्य भूमि के 0.05 एकड़ भूमि के नक्शा, खसरा की प्रतिलिपि की प्रदायगी, जमीनों के खरीदी-बिक्री पर किसी भी प्रकार का रोक नहीं है। संदिग्ध खसरों के संबंध में तहसीलदार संलग्न प्रपत्र अनुसार जानकारी एकत्रित करें। अपने हल्के के भीतर कृषि अथवा अन्य भूमि के असद्भाविक उपविभाजन अवैध काॅलोनी निर्माण के संबंध में सूचना प्रदान करने का प्राथमिक दायित्व हल्का पटवारी का है। कलेक्टर ने हल्का पटवारी एवं संबंधित अधिकारी को उक्त अनुसार निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

26-07-2020
प्रदेश में अब तक 517.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज

रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए प्रदेश स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून से अब तक प्रदेश में 517.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के अनुसार आज 26 जुलाई को सवेरे रिकार्ड की गई वर्षा की जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में 4.8 मिमी, सूरजपुर में 7.7 मिमी, बलरामपुर में 3.0 मिमी, जशपुर में 2.3 मिमी, कोरिया में 5.9 मिमी, बलौदाबाजार में 2.7 मिमी, महासमुंद में 21.5 मिमी, बिलासपुर में 8.0 मिमी, मुंगेली में 26.0 मिमी तथा रायगढ़ में 12.1 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। जांजगीर चांपा में 9.4 मिमी, कोरबा में 1.5 मिमी, गौरेला-पेंड्रा-मारवाही में 1.1 मिमी, कबीरधाम में 5.0 मिमी, राजनांदगांव में 0.5 मिमी, बालोद में 0.4 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा में 4.4 मिमी, बस्तर में 0.9 मिमी, कोण्डागांव में 4.4 मिमी, कांकेर जिले में 0.4 मिमी, नारायणपुर में 8.6 मिमी तथा बीजापुर में 2.6 मिमी औसत वर्षा आज रिकार्ड की गई।

24-07-2020
छत्तीसगढ़ में जून माह से अब तक 507.4 मिमी औसत वर्षा,बिलासपुर में सर्वाधिक  

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक की स्थिति में 507.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सरगुजा जिले में 12.1 मिमी, सूरजपुर में 12.3 मिमी, बलरामपुर में 20.7 मिमी, जशपुर में 13.9 मिमी, कोरिया में 14.7 मिमी, रायपुर में 8.3 मिमी, बलौदाबाजार में 21.9 मिमी, गरियाबंद में 29.2 मिमी, महासमुंद में 5.0 मिमी, धमतरी में 22.2 मिमी, बिलासपुर में 55.6 मिमी, मुंगेली में 13.8 मिमी और रायगढ़ में 7.0 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। जांजगीर चांपा में 11.7 मिमी, कोरबा में 30.0 मिमी, गौरेला-पेंड्रा-मारवाही में 44.3 मिमी, दुर्ग में 2.3 मिमी, कबीरधाम में 16.2 मिमी, राजनांदगांव में 2.7 मिमी, बालोद में 4.7 मिमी, बेमेतरा में 44.7 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी तरह शुक्रवार को बस्तर में 1.1 मिमी., कोण्डागांव में 43.0 मिमी., कांकेर जिले में 22.6 मिमी, नारायणपुर में 6.0 मिमी., दंतेवाड़ा में 8.5 मिमी, सुकमा में 6.9 मिमी. और बीजापुर में 16.9 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।

17-07-2020
छत्तीसगढ़ में अब तक 448.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज

रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 448.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई। जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 17 जुलाई को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा जिले में 0.2 मि.मी., सूरजपुर में 5.6 मि.मी., जशपुर में 7.8 मि.मी., तथा कोरिया में 5.2 मि.मी., औसत वर्षा रिकार्ड की गयी। रायपुर जिले में 2.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 3.5 मि.मी., गरियाबंद में 5.4 मि.मी., महासमुंद में 6.2 मि.मी. तथा धमतरी में 13.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी तरह से बिलासपुर में 2.0 मि.मी., मुंगेली में 1.7 मिमी, रायगढ़ में 3.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 6.4 मि.मी., कोरबा में 10.0 मि.मी., तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई। दुर्ग में 1.3 मि.मी., राजनांदगांव में 4.7 मि.मी., बालोद में 7.2 मि.मी. तथा बेमेतरा में 2.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। बस्तर जिले में 7.6 मि.मी., कोण्डागांव में 8.9 मि.मी., कांकेर जिले में 7.3 मि.मी., नारायणपुर में 30.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 10.8 मि.मी., सुकमा में 3.5 मि.मी., और बीजापुर जिले में आज 14.8 मि.मी., औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

16-07-2020
राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी 

रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित व्यक्तियों को राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह आर्थिक सहायता जिला कलेक्टरों के माध्यम से पीड़ितों को स्वीकृत की जाती है। बेमेतरा जिले के बेरला तहसील के ग्राम बहेरघट निवासी रीना निषाद की सर्प काटने से मृत्यु होने पर, तहसील बेरला के ग्राम सण्डी निवासी दुलेश्वरी की सर्प के काटने से, तहसील बेरला के ग्राम खर्रा निवासी आदर्श वर्मा की तालाब में डूबने से, ग्राम भिंभौरी निवासी शिवकुमार की तालाब में डूबने से तथा तहसील नवागढ़ के ग्राम हाथाडांडू निवासी चितरेखा पाल की आग में जलने से मृत्यु होने पर परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह से महासमुंद जिले के विकासखंड के ग्राम बोईरगांव निवासी तीजबाई विश्वकर्मा की मृत्यु आग में जलने से होने पर उनकी पुत्री लक्ष्मी विश्वकर्मा एवं अग्नि उर्फ किरन विश्वकर्मा को संयुक्त रूप से चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई हैं।

15-07-2020
राज्य में अब तक 435.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज,सूरजपुर में सर्वाधिक

रायपुर। प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा सूरजपुर जिले में 612.9 मिमी. और सबसे न्यूनतम कबीरधाम में 240.9 मिमी औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 435.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित की गई जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 280.0 मिमी, बलरामपुर में 384.5 मिमी, जशपुर में 494.6 मिमी, कोरिया में 412.3 मिमी, रायपुर में 424.2 मिमी, बलौदाबाजार में 414.9 मिमी, गरियाबंद में 459.1 मिमी, महासमुन्द में 587.6 मिमी, धमतरी में 436.6 मिमी, बिलासपुर में 410.7 मिमी, मुंगेली में 324.3 मिमी, रायगढ़ में 413.9 मिमी, जांजगीर-चांपा में 356.8 मिमी तथा कोरबा में 557.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 461.6 मिमी, दुर्ग में 476.9 मिमी, राजनांदगांव में 330.0 मिमी, बालोद में 398.5 मिमी, बेमेतरा में 379.0 मिमी, बस्तर में 451.5 मिमी, कोण्डागांव में 596.4 मिमी, कांकेर में 356.6 मिमी, नारायणपुर में 475.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 523.9 मिमी, सुकमा में 434.2 मिमी तथा बीजापुर जिले में 503.0 मिमी औसत दर्ज की गई है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 15 जुलाई को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा जिले में 1.8 मि.मी., सूरजपुर में 28.0 मि.मी., बलरामपुर में  15.5 मि.मी., जशपुर में 10.0 मि.मी., तथा कोरिया में 19.0 मि.मी., औसत वर्षा रिकार्ड की गयी। रायपुर जिले में 22.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 19.6 मि.मी., गरियाबंद में 16.9 मि.मी., महासमुंद में 2.3 मि.मी. तथा धमतरी में 22.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी तरह से बिलासपुर में 5.3 मि.मी., मुंगेली 22.7 मि.मी., रायगढ़ में 17.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 7.0 मि.मी., कोरबा में  8.2 मि.मी., तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 35.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई। दुर्ग में 25.1 मि.मी., कबीरधाम में 14.4 मि.मी., राजनांदगांव में 5.1 मि.मी., बालोद में 5.7 मि.मी. तथा बेमेतरा में 16.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। बस्तर जिले में 40.7 मि.मी., कोण्डागांव में 22.7 मि.मी., कांकेर जिले में 7.0 मि.मी., नारायणपुर में 20.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 30.2 मि.मी., सुकमा में 38.6 मि.मी., और बीजापुर जिले में आज 42.8 मि.मी., औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

 

15-07-2020
झुलस कर,कुंए और तालाब में डूब कर जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से आपदा पीड़ितों को सहायता पहुंचे जाती है। विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे आकाशीय बिजली गिरने, बाढ़, अतिवृष्टि, पानी में डूबने, जहरीले जंतुओं के काटने सहित अन्य प्राकृतिक दुर्घटनाओं से पीड़ित व्यक्तयों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आर्थिक अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जाती है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जिला कलेक्टरों के माध्यम से यह सहायता उपलब्ध कराई जाती है। धमतरी जिले की कुरूद तहसील के ग्राम अटंग निवासी राजकुमारी साहनी की आग से झुलस जाने पर मृत्यु होेने से, नगरी तहसील के ग्राम अमरीपारा के निवासी लखमुराम की मृत्यु तालाब के पानी में डूब जाने से परिजनों को सहयता पहुंचाई और ग्राम डोकल निवासी मंगतीन बाई की मृत्यु कुंआ में डूबने से होने पर उनके परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक अनुदान सहायता पीड़ित परिजनों को स्वीकृत की गई है। इसी तरह से कांकेर जिले की पखंजूर तहसील की श्रृष्टि मंडल की मृत्यु पानी में डूबने से हो जाने पर मृतक के माता-पिता को चार लाख रूपए की आर्थिक अनुदान सहायता स्वीकृत की गई है।

 

12-07-2020
छत्तीसगढ़ में जून माह से अब तक 397.3 मिलीमीटर औसत बारिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक कुल 397.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने  राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित प्रदेश के विभिन्न जिलों में 12 जुलाई की सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के आंकड़े जारी किए हैं। सरगुजा में 9.5 मिमी, सूरजपुर में 6.5 मिमी, बलरामपुर में 17.4 मिमी, जशपुर में 12.8 मिमी, कोरिया में 3.3 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई। रायपुर जिले में 3.3 मिमी, बलौदाबाजार में 9.2 मिमी, गरियाबंद में 3.3 मिमी, महासमुंद में 11.1 मिमी और  धमतरी में 0.1 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी तरह बिलासपुर में 9.3 मिमी, मुंगेली 0.7 मिमी, रायगढ़ में 12.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 13.0 मिमी, कोरबा में 17.8  मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 0.5 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई। दुर्ग में 2.9 मिमी, कबीरधाम में 6.0 मिमी, राजनांदगांव में 1.4 मिमी और बेमेतरा में 2.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। बस्तर जिले में 5.6 मिमी, कोण्डागांव में 4.4 मि.मी., नारायणपुर में 0.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1.1 मिमी, सुकमा में 1.3 मिमी और बीजापुर में आज 3.3 मिमी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

09-07-2020
कांकेर और कोंडागांव के आपदा प्रभावित 5 लोगों के लिए 20 लाख की आर्थिक सहायता मंज़ूर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्राकृतिक दुर्घटनाओं के कारण आपदाग्रस्त व्यक्तियों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से  कांकेर और कोण्डागांव जिले के पांच आपदा प्रभावित व्यक्तियों को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। विपदाग्रस्त परिवारों में कोंडागांव जिले की तहसील बड़ेराजपुर के ग्राम किबड़ा के हेमलाल गाज गिरने से और ग्राम कोरहोबेड़ा के बिसउराम की मृत्यु सांप के काटने से होने पर चार-चार लाख रूपए आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। तहसील केशकाल के ग्राम कलेपाल की दिनेश्वरी की मृत्यु गाज गिरने से तथा ग्राम उमला की राधिका की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसी तरह से उत्तर बस्तर कांकेर जिले की तहसील कांकेर के ग्राम कुलगांव के देवेश कोरेटी की मृत्यु नदी के पानी में डूबने से हो जाने पर उनके राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपए आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

 

07-07-2020
प्रदेश में अब तक 368.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज

रायपुर। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून से अब तक 368.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 7 जून को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा में 13.3 मिमी, सूरजपुर में 23.8 मिमी, बलरामपुर में 21.4 मिमी, जशपुर में 23.5 मिमी, कोरिया में 25.5 मिमी, रायपुर में 0.3 मिमी, बलौदाबाजार में 27.2 मिमी, गरियाबंद में 3.9 मिमी, महासमुंद में 3.5 मिमी, धमतरी में 8.5 मिमी, बिलासपुर में 14.4 मिमी, मुंगेली में 11.7 मिमी, रायगढ़ में 5.0 मिमी, जांजगीर चांपा में 13.4 मिमी, कोरबा में 29.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 18.1 मिमी और दुर्ग में 0.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इसी प्रकार राजनांदगांव में 8.4 मिमी, बालोद में 6.2 मिमी, बेमेतरा में 4.6 मिमी, बस्तर में 2.1 मिमी, कोण्डागांव में 5.8 मिमी, कांकेर में 15.4 मिमी, नारायणपुर में 6.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 7.9 मिमी और बीजापुर में 9.8 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

06-07-2020
आसमान में बिजली की चमक के दौरान शॉवर लेने से बचे,जानिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं...

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) से बचने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक व्यवस्था और कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टरों को स्थानीय स्तर पर, स्थानीय भाषा में विभिन्न सुरक्षा युक्तियों के प्रदर्शन करने और लोगों को बचाव की प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के नगरीय निकायों, पंचायतराज संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, रेसीडेन्ट वेलफेयर एसोसियेशन, ग्राम सभाओं, चिकित्सा पेशेवरों और स्थानीय निकायों को आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानियों की व्यापक जानकारी देने, विशेष कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जानकारी दे सकें।

जानिए बचाव के लिए क्या करना है आपको

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने तीव्र गरज और आकाशीय बिजली से बचने के उपाए बताएं हैं। बताया गया कि यदि घर पर हैं तो बचने के लिए आसमान के बदलते रंग और बढ़ती हवा के वेग पर नजर रखें। गड़गडाहट सुनाई दे तो इससे सावधान रहें। आकाशीय बिजली के संपर्क में आने से बचें। अद्यतन और चेतावनी निर्देशों के लिए स्थानीय मीडिया पर निगरानी रखकर जानकारी प्राप्त करते रहें। घर के अंदर रहें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और अपने घर के बाहर की वस्तुओं को सुरक्षित रखें। यह सुनिश्चित करें कि बच्चे और पालतु जानवर अंदर ही रहें। अनावश्यक बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें। पेड़ की लकड़ी या किसी भी अन्य मलबे को हटा दें जो दुर्घटना का कारण बन सकता है।

जानिए बचाव के लिए क्या नहीं करना है आपकों  

स्नान के लिए शॉवर के उपयोग से बचें और बहते पानी से दूर रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि धातु के पाइप के साथ आकाशीय बिजली प्रवाहित हो सकती है। दरवाजे, खिड़किया, फायरप्लेस, स्टोव, बाथटब या किसी अन्य विद्युत कंडक्टर से दूर रखें। कॉर्डेड फोन और अन्य बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचें, जो बिजली का संचालन कर सकते हैं। घर के बाहर खुले मैदान पर हैं तो तुरंत सुरक्षित आश्रय पर जाएं, धातु संरचना या धातु की चादर के साथ निर्माण जैसे आश्रय से बचें। आदर्श रूप से एक निचले क्षेत्र में आश्रय खोजें और सुनिश्चित करें कि चुना गया स्थान बाढ़ की संभावना से परे हो। अपने आप को छोटा बनाने के लिए पैरों को एक साथ रखें और सिर नीचे रखें। आपकी गर्दन के पीछे खड़े बाल संकेत कर सकते हैं कि आकाशीय बिजली निकटस्थ हैं। जमीन पर सपाट खडे न रहें। यह एक बड़ा लक्ष्य बना देगा। सभी उपयोगिता लाईनों फोन, पावर आदि धातु की बाड़ी पेड और पहाड़ी से दूर है। इसी तरह पेड़ों के नीचे शरण न ले, जहां आकाशीय बिजली गिरने की संभावना हो सकती है। रबर-सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा का कोई साधन नहीं है। साइकिल, मोटरसाइकिल या खेत में उपयोग करने वाले वाहनों से दूर रहे,जो आकाशीय बिजली को आकर्षित कर सकते हैं। नौका विहार या तैराकी कर रहे हो तो जितनी जल्दी हो सके सुरक्षित शरण ले लें। तूफान के दौरान अपने वाहन में तब तक रहें जब तक की मदद नहीं आती है या तूफान गुजर नहीं जाता है। वाहन की खिड़कियां बंद होनी चाहिए और पेड़ों से वाहन दूर पर पार्क करें।

इलाज के लिए इन बातों का रखें ध्यान

ऐसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं, जो आकाशीय बिजली गिरने से घायल हुआ हो। हो सके तो बेसिक प्राथमिक उपचार दें। आकाशीय बिजली की चपेट में आने वाले लोगों को कोई विद्युत आवेश नहीं होता है। उन्हें सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है। टूटी हुई हड्डियों, सुनने और आंखों की रोशनी कम होने की जांच करें। आकाशीय बिजली का शिकार व्यक्ति अलग-अलग डिग्री तक जल सकते हैं, प्रभावित शारीरिक स्थान, चोट की जांच आवश्य करें।

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