GLIBS
05-08-2020
गोधन न्याय योजना के 38 हितग्राहियों को किया 89934 रूपए का भुगतान

भिलाई नगर। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरतलाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है।

निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।

 

04-08-2020
भूपेश बघेल कल खातों में डालेंगे गोबर खरीदी की राशि,46964 विक्रेताओं को होगा 1.65 करोड़ रुपए का भुगतान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की अभिनव गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर का उद्बोधन होगा। मुख्यमंत्री बघेल 3.15 बजे गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारी दोपहर 3.50 बजे राम वन गमन पथ पर प्रस्तुतीकरण देंगे। मुख्यमंत्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक गोबर खरीदी की पहली किश्त की राशि 5 अगस्त को सहकारी बैंक के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही ने 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया था। इसकी कुल राशि 2 रुपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रुपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

इस योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है। इसमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है। गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है। इसमेंं पशुपालकों, किसानों से 2 रुपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

 

01-08-2020
गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को 5 अगस्त तक भुगतान की तैयारियों का जायजा लिया कलेक्टर भीम सिंह ने

रायपुर/रायगढ़। खरसिया क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम-जोबी में आदर्श गोठान और बाड़ी का कलेक्टर भीम सिंह ने निरीक्षण किया। गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त  तक किसानों और पशुपालकों से क्रय किए गए गोबर का भुगतान 5 अगस्त को किये जाने वाली तैयारियों का जायजा लिया।कलेक्टर सिंह ने बाड़ी में आम का पौधा लगाया और बाड़ी में लगाये गये जीमी कांदा के पौधों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्ति और किसान जिनके पास बाड़ी विकसित किये जाने की जगह है उन्हें बाड़ी में लगाये जाने वाले फल व सब्जी के बीज उपलब्ध करावे। शासन की ओर से प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिलावे।
कलेक्टर सिंह ने ग्राम जोबी में निवास करने वाले कुल परिवारों की संख्या तथा कुल पशुओं की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त किया और गौठान में आने वाले पशुओं की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुल पशुओं की संख्या की तुलना प्रतिदिन गोबर खरीदी की मात्रा को बहुत कम बताया, गोबर खरीदी की मात्रा बढ़ाने के लिए पशुपालकों को प्रेरित करने और गोठान से पशुपालकों के घरों की दूरी ज्यादा होने की स्थिति में बैलगाड़ी, रिक्शा या अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं से गोबर गौठान में प्रतिदिन मंगाने के निर्देश दिये।

इस व्यवस्था से कम से कम एक स्थानीय व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध होगा और उसे 25 पैसे प्रति किलो गोबर की दर से भुगतान प्राप्त होगा। कलेक्टर सिंह ने गोठान के चरवाहा अतुल सिंह और उसके सहयोगी को गौठान में आने वाले पशुओं का गोबर एकत्र करने और उसकी तौल कराकर अपने नाम से दर्ज करवाने की समझाइश देकर बताया कि उसे प्रतिमाह 6 से 8 हजार रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। कलेक्टर सिंह ने गोठान में गोबर को व्यवस्थित ढंग से रखने और अतिरिक्त पिट का तत्काल निर्माण प्रारंभ करने के निर्देश दिये।कलेक्टर सिंह ने ग्राम सरपंच, गोठान समिति के अध्यक्ष और सदस्यों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की और स्थानीय युवाओं और युवतियों को गोठान समिति में जोडऩे के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम वासियों की मांग पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने एसडीएम को निर्देशित किया और गांव के स्थानीय निवासी विकलांग व्यक्ति को शासन की ओर से प्राप्त होने वाली सहायता राशि व पेंशन तत्काल स्वीकृत करने और भुगतान करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर सिंह ने अपने प्रवास के दौरान खरसिया क्षेत्र के ग्राम-चोढ़ा में 14 करोड़ 34 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन आदर्श आदिवासी छात्रावास (500 बालक/बालिकाओं ) भवन का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को भवन में फिनिशिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने। और भवन हेण्डओव्हर करने के निर्देश दिये। उन्होंने आदिवासी विभाग के अधिकारियों को आदिवासी छात्रों का प्रवेश पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर सिंह ने ग्राम चोढ़ा में निर्माणाधीन धान चबूतरा के निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को शासकीय अभिलेख में समिति का नाम सुधारने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत रायगढ़ के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.तिग्गा, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ सहित कृषि, पशुपालन और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

01-08-2020
सीधे संग्राहकों के खाते में आएगी बेचे गए गोबर की राशि, पहला भुगतान पांच अगस्त को

कोरबा। गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर की राशि संग्राहकों के बैंक खातों मे सीधे जमा होगी। गोबर खरीदी की राशि का किसी भी संग्राहक को नगद भुगतान नहीं होगा। इसके लिए संग्राहकों के को-ऑपरेटिव बैंक में खाते खोले जा रहे है। संग्राहकों के खाते खोलने के लिए गोठान समितियों के सदस्य, कृषि, पशुपालन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी कर्मचारी मदद कर रहे हैं। गोठान समितियों के खाते भी को-ऑपरेटिव बैंक में ही खोले जा रहे हैं ताकि गोबर से बने वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से मिली राशि सीधे खातों में जमा की जा सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार गोबर संग्राहकों को खरीदे गए गोबर का पहला भुगतान पांच अगस्त को किया जाएगा।

हरेली त्यौहार से शुरू हुई गोधन न्याय योजना के तहत कोरबा जिले मे अब तक पशुपालकों से दो लाख 39 हजार किलो गोबर की खरीदी गोठान समितियों ने की है। जिले में गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपए प्रति किलो की दर से दो सौ गोठानो में गोबर की खरीदी की जा रही है। अभी तक पंजीकृत साढ़े तीन हजार गोबर संग्राहकों से खरीदे गए गोबर की मात्रानुसार राशि चार लाख 97 हजार रुपए उनके खाते में सीधे जमा की जाएगी। जिले में अभी प्रतिदिन औसतन दस हजार किलो गोबर की खरीदी की जा रही है। गोठान में खरीदे गए गोबर को सुरक्षित रखा जा रहा है। गोबर को पंद्रह दिन बाद वर्मी कम्पोस्ट टांके में डालकर जैविक खाद बनाया जाएगा। गोबर संग्राहकों का पंजीयन तेजी से किया जा रहा है।

पूरे प्रदेश सहित जिले मे 20 जुलाई को हरेली त्यौहार पर शुरू हुई योजना के पहले दिन ही जिले में पांच हजार किलो से अधिक गोबर की खरीदी की गई। जिले की दो सौ गोठानों में हर दिन गोबर खरीदी की जा रही है। गोबर संग्राहकों की ओर से बेचे गए गोबर का पूरा हिसाब भी रखा जा रहा है। बेचे गए गोबर के हिसाब के लिए सभी गौ-संग्राहकों को गोबर खरीदी कार्ड दिए गए हैं। कार्डों में हर दिन खरीदे गए गोबर की मात्रा और राशि की इंट्री कर गोबर संग्राहकों और गोठान प्रभारी के हस्ताक्षर भी लिए जा रहे है। कलेक्टर किरण कौशल ने कृषि और पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गोठानो का निरीक्षण करने, गोबर खरीदने की सभी व्यवस्थाएं करने के साथ-साथ खरीदे गए गोबर की पूरी जानकारी प्रतिदिन जिला पंचायत के गोठान सेल में देने के निर्देश भी दिए है।

सीईओ ने बताया कि गोबर संग्राहक के पंजीयन कार्ड में गोठान का नाम, गोठान कोड, जनपद पंचायत का नाम, हितग्राही का कोड नंबर, गोबर विक्रेता का नाम, पिता/पति का नाम, वर्ग, गोबर विक्रेता का खाता क्रमांक आईएफएससी कोड, बैंक का नाम, बैंक खाता का नाम, मोबाईल नम्बर, राशन कार्ड क्रमांक दर्ज किया जाएगा। इससे एक ही प्रपत्र में हितग्राही की विस्तृत जानकारी संग्रहित हो जायेगी, जिसके परिणाम स्वरूप गोबर बिक्री के भुगतान में शीघ्रता एवं सुलभता होगी, जिसका सीधा लाभ हितग्राहियों को मिलेगा।

31-07-2020
सराहनीय पहल, बालिकाओं ने बनाई गोबर से राखी, दीये और गणेशजी की मूर्ति

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना से प्रभावित होकर बेमेतरा जिले के श्रीराम कृष्ण गौशाला समिति अध्यक्ष अनिल सिंघानिया ने बालिकाओं को बताया कि गोबर से राखी, दीये और गणेशजी की मूर्ति कैसे बनाना है, जहाँ पांच बालिकाओं की मदद से राखी व दीये बनाये, बनाये दीये व राखी का विक्रय कर नागरिकों को गोबर के महत्व को बताया। साथ ही बताया कि आगे गौशाला में दीपावली के मद्देनजर अधिक से अधिक संख्या में गोबर के दीये बनाये जायेंगे। वही बालिकाओ ने बताया कि गोबर से एक राखी बनाने में 10 मिनट लगता है। बनाने की विधि भी आसान है। बालिकाओं की बनाई गई राखी को गौशाला के अध्यक्ष अनिल सिंघानिया ने राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास को बेमेतरा गौ अभ्यारण्य निरीक्षण के दौरान किये। वही महंत सहित कई  नागरिकों ने राखी देख बच्चों को प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

29-07-2020
गोबर बेचने वालों को 15 दिन में भुगतान सुनिश्चित करने कलेक्टर अम्बिकापुर संजीव झा ने ज़िम्मेदारी तय की

रायपुर/अम्बिकापुर। गोधन न्याय योजना का समुचित क्रियान्वयन करने और गोबर बेचने वाले पशुपालकों को 15 दिवस में भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्टर संजीव कुमार झा ने विकासखण्डवार तहसीलदार व नायब तहसीलदार को दायित्व सौंपा है। जारी आदेशानुसार अम्बिकापुर विकासखंड के लिए तहसीलदार ऋतुराज बिसेन व नायब तहसीलदार सबरीभूषण मण्डावी, लुण्ड्रा विकासखण्ड के लिए तहसीलदार विजयेन्द्र सारथी व नायब तहसीलदार मुखदेव यादव, बतौली विकासखण्ड के लिए प्रभारी तहसीलदार देवेंद्र चौधरी। नायब तहसीलदार  वेदराम चतदुर्वेदी, सीतापुर विकासखण्ड में तहसीलदार प्रवीण भगत। नायब तहसीलदार सूर्यकांत साय, विकासखण्ड मैनपाट के लिए तहसीलदार  उमा राज व नायब तहसीलदार अमरनाथ श्याम, लखनपुर विकासखंड के लिए तहसीलदार शिवानी जायसवाल और कमलावती सिंह, उदयपुर विकासखण्ड के लिए तहसीलदार अनिकेत साहू व नायब तहसीलदार सुभाष शुक्ला को दायित्व सौंपा गया है।

 

27-07-2020
सुराजी गांव योजना से बढ़ेंगी महिलाओं की आमदनी

भिलाई। सुराजी गांव योजना न केवल ग्रामीण, बल्कि शहरी क्षेत्र की स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम भी बनाएंगी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना का बेहतर क्रियान्वयन के लिए महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त  ऋतुराज ने शासन की तीन योजनाएं गोधन न्याय योजना, रोका छेका और शहरी गौठान को आपस में सम्मिलित कर शहरी गौठान के माध्यम से क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की है। आयुक्त ने सभी जोन आयुक्त को नई रूपरेखा के मुताबिक शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्यन के निर्देश दिए हैं। आयुक्त के निर्देश के मुताबिक जोन क्रमांक-1 के आयुक्त सुनील अग्रहरि ने कार्य शुरू कर दिया है। गोधन न्याय योजना, रोका छेका और शहरी गौठान सहित तीनों योजनाओं को कोसा नगर स्थित शहरी गौठान के गतिविधियों में शामिल कर योजना को सफल बनाने में जुट गए हैं।

उज्जवला महिला स्व सहायता करेंगी गौठान का संचालन

कोसा नगर स्थित शहरी गौठान का संचालन अब वार्ड-9 की उज्जवला महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। रूचि की अभिव्यक्ति के तहत निगम प्रशासन ने स्व सहायता समूह से आवेदन आमंत्रित किया था। आवेदन के अनुसार उज्जवला समूह कोहका को शहरी गौठान के मवेशियों का देखभाल और योजनाओं का क्रियान्वयन एवं संचालन की जिम्मेदारी दी है। जोन आयुक्त ने शनिवार को समूह की महिलाओं को गौठान की गतिविधियों से अवगत कराया। गायों की देखभाल, चारा उत्पादन, पंजीकृत पशुपालकों से गोबर क्रय एवं भुगतान की प्रक्रिया, वर्मी कंपोस्ट के लिए टंकी निर्माण, हरा चारा और सब्जी भाजी उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया।

शहरी गौठान में तैयार होंगी अगरबत्ती

जोन आयुक्त अग्रहरि ने बताया कि स्व सहायता समूह की महिलाएं शहरी गौठान में गोबर से कंडे और वर्मी कंपोस्ट के अलावा राखी, अगरबत्ती भी बनाएंगी। नेपियर घास और गन्ना के संकरण से तैयार की गई यंशवत घास का उत्पादन करेंगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में निगम के अधिकारियों का दल गुणवत्ता युक्त वर्मी कंपोस्ट और यशवंत घास उत्पादन का प्रशिक्षण लेने धमधा विकासखंड के ग्राम पंचायत नंदवाय गई थी। जहां गुणवत्त्ता युक्त जैविक खाद बनाने और चारा उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया।

जोन के 61 पशुपालकों से खरीद चुके हैं 15033 किलो गोबर

गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जोन के 61 पशुपालकों ने पंजीयन कराया है। उससे अब तक 15033 किलोग्राम गोबर क्रय किया जा चुका है। 5 अगस्त से पहले सभी पशुपालकों को गोबर के मूल्य का भुगतान बैंक के माध्यम करने की तैयारी की जा रही है।

समूह की महिलाएं ऐसे बनेंगी सक्षम

- निगम के सभी जोन में लोकल एरिया फाउडेंशन या सिटी लेवल फाउंडेशन के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा शहरी गोठान का संचालन किया जाएगा। जो समूह गौठान का संचालन की जिम्मेदारी लेगी। रोका-छेका अभियान चलाकर सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों को पकड़कर शहरी गौठान में लाया जा रहा है। जब मवेशी को छुड़ाने के लिए उनका मालिक आएगा तो उससे मवेशी देखभाल के एवज में जुर्माना लिया जाएगा। जुर्माना की राशि समूह के खाते में जमा होगी।
- गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों का पंजीयन कर गोबर क्रय किया जाएगा। उस गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार जैविक खाद के रूप में बिक्री की जाएगी। इससे जो आय होगी। वह राजस्व भी समूह के खाते में जमा होगी।
- शहरी गोठान में महिलाओं को गोबर से अगरबत्ती, राखी, कंडे सहित अन्य वस्तु तैयार की जाएंगी। इन वस्तुओं की बिक्री पर जो आय होगा। वह राशि भी महिला समूह के खाते में जमा होगी।
- महिलाएं शहरी गोठान के चारा प्रक्षेत्र में हरा चारा यशवंत घास का उत्पादन और सब्जी भाजी की खेती कर सकेंगी। उसकी बिक्री भी उनके आय का हिस्सा होगी।

26-07-2020
मुख्यमंत्री से महिला समूहों ने की मुलाकात, भेंट किए गोबर और बांस से बने उत्पाद

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में धमतरी जिले के ग्राम छाती के मल्टीयूटीलिटी सेंटर बिहान की महिला सदस्यों ने सिहावा विधायक डॉ.लक्ष्मी ध्रुव के नेतृत्व में मुलाकात की। इस अवसर पर समूह की सदस्यों ने मुख्यमंत्री बघेल को गोबर एवं बांस से बने उत्पाद भेंट किए और गोधन न्याय शुरू करने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने समूह द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की और उनके निरन्तर प्रगति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को छाती मल्टीयूटीलिटी सेंटर आने का न्यौता भी दिया। धमतरी जिले की छाती मल्टीयूटीलिटी सेंटर बिहान की सदस्यों ने बताया कि वहां लगभग 15 स्व-सहायता समूह की 165 महिलायें कार्यरत हैं। स्वावलंबी स्व-सहायता समूह की सदस्य एवं नगरी जनपद सदस्य दुर्गेश नन्दिनी साहू ने बताया कि उनका यह समूह गत 3 वर्षों से कार्यरत है। उनका समूह गोबर से गणेश की प्रतिमा, गमला, झूमर, एवं अन्य गौ उत्पाद बनाता है। समूह की महिलाओं ने बताया कि छाती मल्टीयूटीलिटी सेंटर का शुभारंभ दो माह पूर्व हुआ था और अब सेंटर में 165 महिलाएं जुड़ी कार्यरत हैं। इस सेंटर में बाँस से ट्री गॉर्ड निर्माण का कार्य भी स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है।

प्रति नग ट्री गॉर्ड के निर्माण से एक महिला को 100 रुपये की आमदनी होती है और एक महिला प्रतिदिन 3 से 4 ट्री गॉर्ड का निर्माण करती है। समूह से जुड़ी महिलाओं को इसके अलावा उत्पादन से प्राप्त मुनाफे में भी लाभांश मिलता है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है और अब वे अपने परिवार की मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति में सक्षम हो पाई हैं। ज्ञानदीप स्व-सहायता समूह की सदस्य लक्ष्मी चंद्राकर और कमला बाई ने बताया कि उनका समूह गोबर से राखी, गणेश, गमला और बाँस से पेपरवेट, चूड़ी-कंगन तथा महिलाओं के लिये सौन्दर्य प्रसाधन बनाता है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 12 हजार 5 सौ राखी के विक्रय से समूह को 5 लाख 50 हजार रुपये का आय प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि गोबर से निर्मित इन राखियों में जामुन, टमाटर एवँ फलों के बीज डाले गए हैं, जिन्हें गमलों में रोपा जा सकता है। समूह के द्वारा श्ओजश् नामक ब्राण्ड से लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन टी का भी उत्पादन किया जा रहा है। इस ग्रीन टी में लेमन ग्रास, तुलसी, अदरक, लौंग और गिलोय का सम्मिश्रण है। जो कोरोना महामारी के इस काल में इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804