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26-11-2020
अहमद पटेल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए भूपेश बघेल, उनके परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर तालुका स्थित पीरामन गांव पहुंचकर वहां राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय अहमद पटेल के परिजनों से मिलकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की।

25-11-2020
अहमद पटेल के निधन से कांग्रेस में रिक्त हुए एक वफादार नेता की कमी की पूर्ति कर पाना असंभव : विकास उपाध्याय 

रायपुर। विधायक विकास उपाधय ने अहमद पटेल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पटेल कांग्रेस में हमेशा संगठन के आदमी माने गए और वे हमेशा सत्ता और प्रचार से खुद को दूर रखना ही पसंद किया। संसदीय सचिव उपाधय ने कहा कि पटेल कांग्रेस में सबसे ताकतवर नेता में से एक थे। इसके बाद भी वे यूपीए सरकार के दौर में केन्द्र में मंत्री के तौर पर शामिल नहीं हुए। उनके निधन से कांग्रेस में रिक्त हुए एक वफादार नेता की कमी की पूर्ति कर पाना असंभव है। विकास उपाध्याय राष्ट्रीय युवक कांग्रेस में जब महासचिव हुआ करते थे, तब अन्य राज्यों के साथ-साथ गुजरात के भी वे प्रभारी थे और वहां की संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट सीधे पटेल को दिया करते थे के दिनों की याद कर उपाध्याय ने कहा कि जो लोग कांग्रेसी संस्कृति को समझते हैं, उनकी नजर में अहमद पटेल हमेशा एक पूंजी रहे।

वे हमेशा सतर्क दिखते और व्यवहार में मिलनसार व्यावहारिक के साथ ही उनकी छवि भी स्वच्छ थी। उपायधय ने कहा अगस्त 2017 में अहमद पटेल कांग्रेस की ओर से पांचवी बार राज्यसभा में भेजे जाने को लेकर बहुत उत्सुक नहीं थे और यह अपने आप में भी अनोखा थाा। क्योंकि कांग्रेस ने इसके पहले किसी भी नेता को पांच बार राज्यसभाा नहीं भेजा था। इसके लिए राजी किया। विकास ने आगे बताते हुए कहा कि 2019 में आम चुनाव के दौरान जब राहुल गांधी कि किस्मत उनका साथ नहीं दे रही थी, ऐसे समय में पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना और उन्हें सहायता पहुंचाने की जिम्मेदारी स्व. पटेल की थी। विकास उपाध्याय उनके साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताते हैं, भारत के सभी राज्यों में जिला स्तरीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में अधिकांश को अहमद पटेल व्यक्तिगत तौर पर जानते थे।

25-11-2020
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ​सहित कई नेताओं ने अहमद पटेल के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट के जरिए अपने शोक संदेश में कहा, “ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। सांसद पटेल न केवल दक्ष सांसद थे, बल्कि उनमें कुशल रणनीतिकार का कौशल और जननेता का जादू भी समाहित था। ” उन्होंने कहा, “ अपने मैत्री भाव के कारण पार्टी के बाहर भी उन्होंने दोस्त बनाए थे। उनके परिजनों और दोस्तों को मेरी संवेदनाएं।” वेंकैया नायडू ने कहा, “राज्य सभा के सदस्य अहमद पटेल के निधन का समाचार पाकर स्तब्ध हूं। वरिष्ठ सांसद  पटेल अपने संसदीय अनुभव, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए जाने जाते थे। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को शांति तथा उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करें।”

पीएम मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा है, “अहमद पटेल के निधन से दुखी हूं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक समाज की सेवा की। अपनी तीक्ष्ण बुद्धि के लिए जाने जाने वाले सांसद  पटेल का कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पुत्र फैजल से बात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। भगवान से प्रार्थना है की अहमद भाई की आत्मा को शांति प्रदान करें। ” गृह मंत्री शाह ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है। अहमद पटेल का कांग्रेस पार्टी और सार्वजनिक जीवन में बड़ा योगदान रहा। मैं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।” 

ओम बिरला ने अपने शोक संदेश में कहा, “ वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं राज्यसभा सांसद अहमद पटेल का निधन दुखद है। वह सभी से मधुर संबंध रखने वाले व्यक्तित्व थे और सभी दलों के नेताओं से उनकी सद्भावना रही।” उन्होंने कहा, “उनके निधन से उत्पन्न शून्य की पूर्ति असम्भव है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ”सोनिया गांधी ने यहां जारी शोक संदेश में कहा , “अहमद पटेल के रूप में मैंने अपना एक ऐसा सहयोगी खो दिया है, जिसका जीवन कांग्रेस को समर्पित रहा है। उनकी ईमानदारी, समर्पण और काम के प्रति जो निष्ठा रही है वह उन्हें दूसरों से अलग नेता के रूप में स्थापित करती है।” उन्होंने कहा , “ मैंने एक ऐसा निष्ठावान सहयोगी और मित्र खो दिया है, जिसका विकल्प संभव नहीं है। मैं उनके निधन से सदमे में हूं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।” बता दें कि पटेल का बुधवार तड़के तीन बजे निधन हो गया। उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके पुत्र फैसल ने ट्विटर पर अपने पिता के निधन की जानकारी साझा की। इकहत्तर वर्षीय पटेल अक्टूबर में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें 15 नवंबर को मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

25-11-2020
अहमद पटेल के निधन पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने व्यक्त की संवेदना

रायपुर। राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के निधन पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पटेल का निधन अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को यह वियोग सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

03-07-2020
अहमद पटेल के घर ईडी भेजना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ को लेकर शुक्रवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कोरोना महामारी के समय पटेल को ‘परेशान करने के लिए’ ईडी को भेजना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कोरोना महामारी के बीच में अहमद पटेल को परेशान करने के लिए ईडी को भेजना यह दिखाता है कि इस सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। प्रियंका ने कहा,‘हजारों लोगों की मौत हो रही है, हमारे स्वास्थ्यर्मी सहयोग से जुड़े कदम उठाए जाने के लिए परेशान हैं, अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित संकट का सामना कर रही है, चीनी हमारे क्षेत्र में घुस रहे हैं, हमारे सैनिक मारे जा रहे हैं। यह सरकार अपना समय खर्च करने में कहां व्यस्त है।’उन्होंने कहा, ‘कहा जाता है कि संकट के समय लोगों का असली स्वभाव सामने आता है। ऐसे लगता है कि यह कहावत इस सरकार पर फिट बैठती है।’ गौरतलब है कि ईडी ने संदेसरा ब्रदर्स बैंक धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल से उनके आवास पर गुरुवार को करीब 10 घंटे तक पूछताछ की।

 

05-01-2020
महाराष्ट्र सरकार में हुआ मंत्रालयों का बंटवारा, जाने किसे मिले कौन से विभाग

मुंबई। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 30 दिसंबर को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। शनिवार शाम को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। देर रात राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को उद्धव ठाकरे की तरफ से मंत्रालयों के बंटवारे की सूची मंजूरी के लिए भेजी गई थी। जिस पर आज सुबह उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को वित्त मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अनिल देशमुश को गृह मंत्री बनाया गया है। यहां जानिए कौन सी पार्टी को कौन-कौन से मंत्रालय मिले

एनसीपी को मिले ये विभाग

अनिल देशमुख- गृह विभाग
अजित पवार- वित्त व नियोजन
जयंत पाटिल- सिंचाई विभाग
छगन भुजबल- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
दिलीप वल्से पाटिल- आबकारी और श्रम मंत्रालय
जीतेंद आव्हाद- आवास
राजेश टोपे- स्वास्थ्य
राजेंद्र शिंगणे- खाद्य एवं औषधि प्रशासन
धनंजय मुंडे- सामाजिक न्याय

कांग्रेस की झोली में आए ये विभाग

नितिन राउत- ऊर्जा
बालासाहेब थोराट- राजस्व
वर्षा गायकवाड़- स्कूली शिक्षा
यशोमति ठाकुर- महिला और बाल कल्याण
केसी पाडवी - आदिवासी विकास
सुनील केदार- डेयरी विकास व पशुसंवर्धन
विजय वड्डेटीवार- ओबीसी कल्याण
असलम शेख- कपड़ा, बंदरगाह
अमित देशमुख- स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति
शिवसेना के हिस्से आए ये विभाग
आदित्य ठाकरे- पर्यावरण, पर्यटन
एकनाथ शिंदे- नगरविकास
सुभाष देसाई- उद्योग
संजय राठोड़- वन
दादा भुसे- कृषि
अनिल परब- परिवहन, संसदीय कार्य
संदीपान भुमरे- रोजगार हमी (ईजीएस)
शंकरराव गडाख- जल संरक्षण
उदय सामंत- उच्च व तकनीकी शिक्षा
गुलाब राव पाटिल- जलापूर्ति

शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने राज्य में मंत्रियों के विभागों के वितरण को लेकर चर्चा की थी। उद्धव ठाकरे ने नवंबर में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ कांग्रेस के दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। 

16-12-2019
सांकेतिक विरोध करने धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी सहित कांग्रेसी नेता

नई दिल्‍ली। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंसक विरोध प्रदर्शन होने के बाद कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गई हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (दिल्ली) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने सांकेतिक विरोध किया है। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी, पीएल पुनिया, अहमद पटेल, गुलाब नबी आजाद और अन्य कांग्रेस नेता प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, जामिया में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान महिला छात्रों पर कथित तौर पर हिंसा की गई। छात्राओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन पर हमला किया। इसके साथ ही कैंपस में आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश गुंडों की जागीर नहीं है।

23-11-2019
कांग्रेस ने आज के दिन को बताया महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास का काला दिन

मुंबई। महाराष्ट्र में अचानक सियासी पासा पलटने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा है कि यह राज्य के राजनीतिक इतिहास का काला दिन है। शिवसेना और एनसीपी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अलग से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अहमद पटेल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया गया, लेकिन राज्यपाल ने कांग्रेस को मौका नहीं दिया। जिस तरह समर्थन पत्र की पुष्टि की जानी चाहिए थी, वह नहीं हुई। अहमद पटेल ने राज्यपाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि जैसे ही शरद पवार दिल्ली में आए।

उनके घर दो बैठकें हुईं। सबकुछ तय हो गया था। कांग्रेस की तरफ से एक सेकंड की भी देर नहीं हुई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एनसीपी से कुछ लोग बाहर निकले। उन्होंने जाकर एक लिस्ट दे दी। इसकी वजह से यह घटना घटी। पटेल ने बीजेपी पर लोकतंत्रिक मयार्दा की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी ने बेशर्मी की इंतहा पार कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और शिवसेना के साथ आम सहमति बनाने में देरी करने के सवाल पर कांग्रेस को क्लीन चिट देते हुए पटेल ने सारा ठीकरा एनसीपी के माथे फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उद्धव ठाकरे का फोन आते ही सक्रिय हो गई।

20-11-2019
महाराष्ट्र सियासी हलचल : एनसीपी-कांग्रेस की अहम बैठक आज

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी गतिरोध जल्द खत्म होने का कोई संकेत नहीं है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक हो रही कवायद का अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। एनसीपी चीफ पवार की कांग्रेस के साथ मंगलवार को दिल्ली में होने वाली बैठक रद्द हो गई। अब बैठक बुधवार होगी। इसमें पवार के अलावा प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार रहेंगे। जबकि कांग्रेस से अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खरगे, पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण शामिल होंगे। दूसरी ओर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी विधायकों से मुलाकात की। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उम्मीद जताई है कि कांग्रेस के साथ बुधवार को होने वाली बैठक में शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने पर चर्चा हो सकती है।
इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार की ‘हां’-‘न’ के बीच शिवसेना नेताओं की झुंझलाहट भी दिखने लगी है। सरकार गठन पर पवार के बयान पर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, एनसीपी सुप्रीमो क्या कहते हैं, इसे समझने के लिए 100 बार जन्म लेना पड़ेगा। राउत ने कहा, आपको पवार और हमारे गठबंधन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द, दिसंबर की शुरुआत में शिवसेना नीत गठबंधन सरकार महाराष्ट्र में सत्ता में होगी। यह एक स्थिर सरकार होगी। सरकार गठन को लेकर सेना को कोई संदेह नहीं है।

13-11-2019
संजय राउत को मिली अस्पताल से छुट्टी, दिया यह बयान...

नई दिल्ली। शिवसेना नेता संजय राउत की अस्पताल से छुट्टी हो गई है। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही संजय राउत ने अपने चीर परिचित अंदाज में मीडिया से बातचीत भी की। संजय राउत ने साफ कर दिया कि प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार बनाने को लेकर एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत चल रही है, जल्द ही हम सरकार बनाने का दावा पेश कर देंगे। बता दें कि सुबह संजय राउत से अस्पताल में मिलने के लिए कांग्रेस नेता अहमद पटेल पहुंचे थे। इस दौरान दोने के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद ही संजय राउत के सुर एक बार फिर बदल गए हैं।

18-09-2019
गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल ने चिदंबरम से तिहाड़ जेल में की मुलाकात

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से तिहाड़ जेल में मुलाकात की है। इस बात की जानकारी सूत्रों दी है। जानकारी के मुताबिक इस दौरान दोनों नेताओं के साथ चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम भी थे। सूत्रों के अनुसार इन लोगों के बीच करीब आधे घंटे तक मुलाकात हुई है। इस बीच इन्होंने कश्मीर समेत देश की राजनीतिक स्थिति, आगामी चुनाव और देश की आर्थिक समस्या पर चर्चा की है। चिदंबरम पांच सितंबर से जेल में बंद हैं, उनपर आईएनएक्स मीडिया मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। वरिष्ट कांग्रेस नेता चिंदबरम ने अपना 74वां जन्मदिन सोमवार को ही मनाया है, उनकी सेहत भी ठीक है। 

 

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