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22-04-2020
तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी निलंबित,एसडीएम सरायपाली के दफ्तर में किया गया अटैच

महासमुंद। तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा को अंततः सस्पेंड कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली निर्धारित किया गया है। एसडीएम महासमुंद की जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद कलेक्टर सुनील जैन ने उक्त कार्रवाई की है।मिली जानकारी के अनुसार तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा 31 मार्च 2020 को बिना किसी सूचना के मध्यप्रदेश के ग्राम डबोरा प्रवास पर रही। दो अप्रैल को ग्राम डबोरा जिला रीवा से तुमगांव वापस आकर कार्यालय में कार्यालयीन कार्य संपादन किया। इसकी शिकायत के बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने जांच की। इसमें इस बात की पुष्टि हुई। सरोज मिश्रा को फार्मेट ए नोवेल कोरोना 2019 व सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म के अनुसार दो अप्रैल 2020 से होम क्वारंटाइन में रखा गया था तथा उनके आवास में क्वारंटाइन किए जाने के संबंध में नोटिस चस्पा किया गया था।

परंतु इनके द्वारा क्वारंटाइन अवधि में ही कार्यालय में उपस्थित होकर तीन अप्रैल, चार अप्रैल, सात अप्रैल, आठ अप्रैल व नौ अप्रैल को उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर अपने पदीय कर्तव्यों का अवहेलना एवं लापरवाही बरती गई। जिस पर कलेक्टर सुनील जैन ने माना कि नेत्र सहायक अधिकारी मिश्रा का कृत्य छग एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन्स 2020 की धारा 14 के अंतर्गत कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जारी निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है तथा भारतीय दंड संहिता 1860-45- की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। लिहाजा कलेक्टर जैन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एक दो तीन के विपरीत होने से सरोज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में सरोज मिश्रा का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली निर्धारित किया गया है।

एफआईआर नहीं होने पर उठाया जा रहा सवाल
इधर इस मामले में आज नेत्र सहायक अधिकारी का निलंबन तो हो गया लेकिन एफआईआर नहीं होने पर सवाल उठाया जा रहा है। उक्त अधिकारी का कृत्य छग एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन्स 2020 की धारा 14 के अंतर्गत कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जारी निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है तथा भारतीय दंड संहिता 1860-45- की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में एफआईआर क्यों नहीं कराई गई। जबकि कुछ इसी तरह के एक मामले में कटघोरा से आई एक महिला भृत्य के खिलाफ पटेवा पुलिस ने बकायदा मामला दर्ज किया है।

बीएमओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी
तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा के निलंबन के बाद अब बीएमओ के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ भी उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।

20-10-2019
मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना :  साढ़े सात हजार से अधिक मरीजों का उपचार

जांजगीर। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत जांजगीर-चांपा जिले में अब तक 7,607 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर और उन्हें नि:शुल्क दवाइयां वितरित कर उनका उपचार किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बंजारे से मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न विकासखंडों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर तक जिले के 207 हाट-बाजारों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। जिले के दूरस्थ गांवों में पूर्व में 59 शिविरों के आयोजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य में 41 गांवों की वृद्धि कर अब जिले के दूरस्थ कुल 100 ग्रामों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन गांवों में जिले के सभी विकासखंडों के चयनित गांव शामिल हैं। इनमें अकलतरा विकासखंड के 12, पामगढ़ 9, नवागढ़ 13,बम्हनीडीह 10, बलौदा 8 सक्ती 17, जैजैपुर 8, मालखरौदा11 और डभरा विकासखंड में 11दूरस्थ अंचल के ग्राम शामिल हैं। हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सक, सहायक चिकित्सा अधिकारी, पर्यवेक्षक, महिला, पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानीन, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट,नेत्र सहायक, आदि अधिकारियों, कर्मचारियों की आवश्यकता अनुसार इन शिविरों में ड्यूटी लगाई जा रही है। हाट-बाजार क्लीनिक योजना से जिले के दूरस्थ गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

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