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07-11-2019
भोजपुरी फिल्म

नई दिल्ली। भोजपुरी फिल्म 'संघर्ष' ने सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। यूट्यूब पर इस फिल्म को तीन दिन में 1.2 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है। वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स लिमिटेड की इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं को भोजपुरी फिल्म अभिनेता खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी मेन लीड रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म के निर्माता रत्नाकर कुमार ने इसकी सफलता पर कहा है कि भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में पहली बार यूट्यूब पर किसी फिल्म को इतने लोग देख रहे हैं। भोजपुरी सिनेमा के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी का मर्मस्पर्शी किरदार जहां मन को भावुक कर देता है, वहीं अवधेश मिश्रा का चरित्र समाज को सीख देता है। अवधेश मिश्रा ने लीक से हटकर किरदार निभाया है।

उन्होंने कहा, "फिल्म 'संघर्ष' के साथ पूरे परिवार संग देखने लायक एक मर्मस्पर्शी सिनेमा का निर्माण किया गया है। एक्शन और फैमिली ड्रामा से भरपूर यह फिल्म बेटियों के महत्व के बारे में समाज के हर वर्ग को एक अच्छा संदेश देने का काम कर रही है।" उल्लेखनीय है कि हाल ही में सबरंग भोजपुरी फिल्म अवॉर्ड में भी अलग-अलग कैटेगरी के एक दर्जन अवार्ड फिल्म 'संघर्ष' के नाम रहे। इसके अलावा विकास सिंह वीरप्पन द्वारा आयोजित भोजपुरी सिनेमा स्क्रीन एंड स्टेज अवार्ड्स 2019 में फिल्म 'संघर्ष' को सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर, क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्टोरी एंड स्क्रीनप्ले राईटर इत्यादि कैटेगरी के बेस्ट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया है।

 

02-07-2019
पानी के लिए तरस रहे पसान बस स्टैंड के रहवासी, विभाग नहीं दे रहा ध्यान

पसान। वनांचल ग्राम पसान बस स्टैंड के लोग पानी की जरूरत पूरा करने संघर्ष कर रहे हैं। पंचायत के बस स्टैंड मुहल्ले के निवासी पीने और घर की अन्य जरूरतों के लिए पानी लेने एक किलोमीटर दूर जा रहे हैं। पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत पसान जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित है।  पसान बस स्टैंड मोहल्ला है, जहां इन दिनों पेयजल की उपलब्धता को लेकर काफी मुश्किल स्थित निर्मित हो रही है। केवल पानी ही नहीं, यह मोहल्ला अन्य कई मूलभूत सुविधाओं को मोहताज है। चिलचिलाती धूप में मशक्कत की इस मजबूरी से राहत पाने कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनकी समस्या का हल तो दूर, उनकी समस्या सुनने तक की फुर्सत विभाग के पास नहीं है।

सिर्फ एक हैंडपंप, वह भी खराब
बस स्टैंड में करीब 15 परिवार निवास करता है। मोहल्ले में सिर्फ एक हैंडपंप स्थापित है, पर यह हैंडपंप गर्मी की शुरुआत होते ही बिगड़ गया और उसमें से पानी उगलना भी बंद हो गया। विवश होकर ग्रामीण दूर स्थित सूखने की कगार पर पहुंच चुके इस नाले का पानी लाने मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादा गर्मी पडऩे पर पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जमीनी पानी का स्तर पर भी नीचे चला जाता है, जिससे हैंडपंप में भी पानी निकालना काफी कठिन हो जाता है।

 पानी टंकी तो है लेकिन सप्लाई बंद
 बस स्टैंड में पानी की भारी किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। 150000 लीटर क्षमता वाला टंकी बने होने के बाद भी एक एक बूंद पानी के लिए बस स्टैंड वालों को तरसना पड़ता है। सरकार द्वारा अनेक नल जल योजना लाई गई है  फिर भी बस स्टैंड पसान में पानी की समस्या दूर नहीं  हो पाई है। यहां टंकी के अलावा एक बोर है जिससे बस स्टैंड और आसपास के मोहल्ले में पानी सप्लाई होता था वो भी पिछले 1 हफ्ते से बंद पड़ा है। टंकी के मेंटनेंस भगवान भरोसे है। टंकी चालू बंद करने के लिए कोई ऑपरेटर भी नहीं है ।

बस स्टैंड के ग्रामीण परेशान
इस संबंध में बस स्टैंड के ग्रामीण नितेश, आकाश, गौरव, अभिषेक, संजय, शुभम, पप्पू खान व कान्हा आदि ने बताया कि आए दिन पानी की समस्या से जूझना पड़ता हैं ग्रामीणों ने बताया कि हमारी पेयजल समस्या की ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। ऐसे में हमें खासी परेशानी उठाना पड़ रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं न ही अफसरों को हमारी समस्या के निराकरण कराने में कोई रुचि है ।

16-05-2019
थोवारी माला भूमि संघर्ष के गिरफ्तार साथियों की नि:शर्त रिहाई की मांग

राजिम। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव कॉमरेड तेजराम विद्रोही ने कहा है कि केरल के वायनाड जिले में थोवारी माला की जमीन पर भूमि संघर्ष समिति ने दखल कर उस पर आदिवासियों और भूमिहीनों का अधिकार स्थापित किया है। भूमिहीन किसानों ने  21 अप्रैल 2019 को आवास और कृषि भूमि के लिए आंदोलन खड़ा किया है। एक हजार से ज्यादा भूमिहीन किसान परिवारों ने थोवारी माला में अपनी झोपड़ी खड़ा कर भूमि संघर्ष का बिगुल फूंका है और 250 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा किए हैं। तेजराम विद्रोही ने कहा कि केरल में अच्युत मेनन की सरकार ने 1970 में थोवारी माला की इस जमीन का बहुराष्ट्रीय कंपनी हैरिसन मलयालम प्लांटेशन से अधिग्रहण किया था, परंतु अब तक किसी भी सरकार ने इसका भूमिहीन परिवारों के बीच बंटवारा नहीं किया। तेजराम विद्रोही ने आरोप लगाया कि केरल में पिनरायी विजयन की सरकार हैरिसन प्रबंधन के साथ सांठगांठ कर इस जमीन को फिर हैरिसन कंपनी को देने का प्रयास कर रही है जिसे पिछले पचास वर्षों से अतिरिक्त भूमि घोषित किया गया है। सरकार द्वारा नियुक्त कई आयोगों ने कहा है कि हैरिसन ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर केरल के सात जिलों में एक लाख एकड़ से अधिक जमीन पर गैरकानूनी कब्जा कर रखा है। छह कंपनियों का करीब सवा पांच लाख एकड़ जमीन पर कब्जा है। वायनाड में आदिवासी आबादी 17 प्रतिशत है जो भूमिहीन और बेहद गरीब है। लेकिन राज्य की अब तक की किसी भी सरकार ने इसका वितरण नहीं किया है जबकि इस पर आदिवासियों को वैध अधिकार है। इस दौरान भूमि संघर्ष का अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के संयुक्त सचिव और केरल राज्य इकाई के सचिव कॉमरेड एम पी कूंहिकनारान, राजेश अप्पाट और मनोहरन को गिरफ्तार कर कन्नूर सेंट्रल जेल में डाल दिया गया है। 6 मई से  जेल में ही कॉमरेड एम पी कूंहिकनारान ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से आंदोलन जारी रखा है।  केरल सरकार की इस दमनात्मक कदम का अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा ने निंदा की  है और गिरफ्तार साथियों को नि:शर्त रिहा करने तथा थोवारी माला की जमीन को गरीब, भूमिहीन, आदिवासी किसान परिवारों को वितरित करने की मांग की है। 

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